• तीन दिवसीय फूड एक्सपो का भव्य समापन, 150 से अधिक स्टॉलों ने दिखाया नवाचार और उद्यमिता का नया मॉडल
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"ग्राहक नहीं, परमात्मा के लिए बनाएं उत्पाद" — नवरत्न अग्रवाल
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"किसान, युवा और उद्योग की समृद्धि से ही बनेगा विकसित भारत" — डॉ. मंजू भदौरिया
आगरा। उद्योग, नवाचार, उद्यमिता और भारतीय खाद्य परंपरा के संगम बने उत्तर प्रदेश फूड एक्सपो एवं कॉन्क्लेव-2026 का तीन दिवसीय भव्य आयोजन होटल जेपी पैलेस एंड कन्वेंशन सेंटर में संपन्न हुआ। समापन दिवस पर उद्योग जगत, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, कर विशेषज्ञों, निर्यातकों, किसानों और उद्यमियों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। सात राज्यों से आए 150 से अधिक स्टॉलों तथा तीन दिनों में 15 हजार से अधिक विजिटर्स की उपस्थिति ने इस आयोजन को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े फूड एवं एमएसएमई आयोजनों में शामिल कर दिया।
समापन दिवस पर खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, स्मार्ट पैकेजिंग, निर्यात, कर व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत विचार-विमर्श किया।
ग्राहक में परमात्मा देखें, गुणवत्ता अपने आप श्रेष्ठ होगी : नवरत्न अग्रवाल
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि एवं बीकानेरवाला फूड्स प्रा. लि. के डायरेक्टर नवरत्न अग्रवाल ने कहा कि व्यापार में सफलता का मूल मंत्र सेवा, गुणवत्ता और अध्यात्म का समन्वय है। उन्होंने कहा कि यदि उत्पाद इस भावना से बनाया जाए कि वह ग्राहक नहीं बल्कि परमात्मा के लिए तैयार किया जा रहा है, तो गुणवत्ता स्वतः सर्वोत्तम हो जाती है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनें। उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि मेहनत, गुणवत्ता और ग्राहक विश्वास ही किसी भी उद्योग की वास्तविक पूंजी है।
शुगर-फ्री आलू की खेती बढ़ाने पर जोर
चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संरक्षक एवं बीएन ग्रुप के चेयरमैन अजय अग्रवाल ने कहा कि आगरा क्षेत्र के किसानों को शुगर-फ्री आलू उत्पादन पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जिसकी मांग खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में तेजी से बढ़ रही है।
भुवेश अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा कोल्ड स्टोरेज ओनर्स एसोसिएशन ने किसानों को प्रोसेसिंग आधारित खेती अपनाने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे किसानों की आय और उद्योग दोनों को लाभ मिलेगा।
इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल से बन सकता है विमान ईंधन
उद्यमी सुशील वैष्णव ने बताया कि रसोई में बार-बार उपयोग किए गए खाद्य तेल से बायोफ्यूल तैयार किया जा सकता है, जिसका उपयोग विमानन क्षेत्र तक में किया जा रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन दोनों को लाभ मिलता है।
कोल्ड चेन, पैकेजिंग और सरकारी योजनाओं पर चर्चा
विशेषज्ञों ने "खेत से खपत तक", कोल्ड चेन, वेयरहाउसिंग, स्मार्ट पैकेजिंग, निर्यात संभावनाओं और सरकारी अनुदान योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। सीए आर.के. जैन ने विभिन्न अनुदान और वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए उद्यमियों को इनका लाभ उठाने का आह्वान किया।
जीएसटी और नए आयकर कानून पर मिली महत्वपूर्ण जानकारी
आईसीएआई आगरा शाखा के सहयोग से आयोजित सत्र में जीएसटी, नए आयकर कानून, वित्तीय प्रबंधन और अनुपालन संबंधी विषयों पर विशेषज्ञों ने उद्यमियों का मार्गदर्शन किया।
फूड प्रोसेसिंग देगा शहर को आर्थिक मजबूती : मनोज बंसल
नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स द्वारा आयोजित संगोष्ठी में अध्यक्ष मनोज बंसल ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग उद्योग वर्षभर रोजगार और व्यापार के अवसर उपलब्ध कराता है तथा ऐसे आयोजन शहर की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
महिला सशक्तिकरण और किसान समृद्धि का माध्यम है खाद्य प्रसंस्करण
समापन समारोह की मुख्य अतिथि डॉ. मंजू भदौरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार और किसान समृद्धि के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में यह क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हजारों व्यापारिक अवसरों का बना मंच
चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने बताया कि तीन दिनों में 15 हजार से अधिक विजिटर्स और हजारों व्यापारिक पूछताछ एवं ऑर्डर प्राप्त हुए। इससे उद्योग जगत के लिए नए निवेश और व्यापारिक अवसरों के द्वार खुले हैं।
महासचिव अनुज सिंघल ने कहा कि फूड एक्सपो ने उद्योग, सरकार, वित्तीय संस्थानों और उद्यमियों के बीच एक प्रभावी संवाद मंच उपलब्ध कराया है। मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल ने इसे खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और तकनीकी विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया।