: कौशल विकास ही बन सकती है शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की कड़ीः स्वाति जैन
Mon, Oct 16, 2023
लीडर्स आगरा ने आयोजित की शिक्षा एवं रोजगार विषय पर विचार गोष्ठी
वक्ता बोले, प्रतिभा पलायन रोकना है जो नौकरी करने से ज्यादा नौकरी देने वाले बनें
आगरा। प्रतिभा की पलायन यदि अपने शहर से रोकना चाहते हैं तो बच्चाें को उच्च शिक्षा दें किंतु स्वयं का उद्योग करने के लिए भी प्रेरित करें। शिक्षा रोजगार तभी दे सकती है जब उसमें कौशल विकास का आधार शामिल हो। यह कहना था मुख्य वक्ता डॉ स्वाति जैन (वरिष्ठ प्रोफेसर, सुबोध महिला महाविद्यालय, जयपुर) का।
रविवार को आवास विकास स्थित होटल शिवम इन में लीडर्स आगरा द्वारा शिक्षा एवं रोजगार विषय पर चिंतन− मंथन विचार गोष्ठी का आयाेजन किया गया।
गोष्ठी का आरंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और प्रो. आशु रानी (कुलपति, डॉ बीआर आंबेडकर विवि), कार्यक्रम अध्यक्ष पूरन डावर, अध्यक्ष डॉ पार्थ सारथी शर्मा, महामंत्री सुनील जैन ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल ने समान शिक्षा की अवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारी और चपरासी के बच्चे जब एक ही कक्षा में पढ़ेंगे तभी समाज में समानता आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सवर्णों की आयु सीमा प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ा देनी चाहिए।
मुख्य वक्ता स्वाति जैन ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के बीच की कड़ी कौशल विकास है, जिसे अब तक अनदेखा किया गया था किंतु नई शिक्षा नीति में कौशल विकास पर अधिक जोर दिया जा रहा है। लेकिन सफर बभी बहुत लंबा है इसमें सरकार, छात्र, शिक्षक आदि सभी को साथ मिलकर कार्य करना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूरन डावर ने कहा कि शिक्षा सिर्फ नौकरी का साधन नहीं है। और न ही कोई भी कार्य छोटा होता है। शिक्षा का प्रयोग आर्थिक स्वतंत्रता के लिए कीजिए। नंबरों के फेर में न उलझे बल्कि काबिलियत को देखें।
युवा अपना स्टार्ट अप आरंभ करने के लिए उनके पास आकर सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। स्वयं को स्थापित करने के लिए स्वयं की प्रतिभा पर विश्वास करना आवश्यक है। प्रो. आशु रानी ने विवि द्वारा संचालित रोजगार परक कोर्स एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में चर्चा की।
संस्था के अध्यक्ष डॉ पार्थ सारथी शर्मा ने कहा कि परिवार को यदि जोड़े रखना चाहते हैं तो युवा पीढ़ी को पैतृक काम से जाेड़ें। उन्हें पारंपरिक व्यवसाय का आधुनिकरण करने दें। तभी वे अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए महामंत्री सुनील जैन ने कहा कि अभिभावक संतान के जन्म के साथ ही उसकी शिक्षा और फिर सरकारी नौकरी प्राप्त करने को ही ध्येन बना लेते हैं। यही सोच का बीज वे बच्चों में रोपते हैं। जबकि सरकारी नौकरियां सीमित मात्रा में होती है। नतीजन बेराेजगारी बढती है। चिंतन का उद्देश्य है कि बच्चे नौकरी करने वाले से अधिक नौकरी देने वाले बनें। अपने पारिवारिक व्यवसाय से उन्हें जोड़ें ताकि प्रतिभा पलायन के साथ परिवारों का विघटन रुके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए ऋण एवं योजनाओं का लाभ अपने उद्योग में ले सकते हैं। महिला समूह योजना से महिला स्वालंबन बढ़ रहा है।
लघु उद्योग भारती ब्रज संभाग अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने कहा शिक्षा ऐसी हो जो रोजगार ही नहीं स्वरोजगार की ओर ले जाए।
इसी कड़ी में डॉ अनंत प्रकाश प्रकाश गुप्ता (विभागाध्यक्ष राजस्थान विद्यापीठ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, उदयपुर), जेल अधिक्षक फतेहगढ़ भीमसेन मुकुंद, संजय मिश्रा, भास्कर शर्मा, स्वागत अध्यक्ष मनोज बघेल ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर (प्रो) डॉ. अनंत प्रकाश गुप्ता की पुस्तक एलेंस किनोट्स का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में अंजलि गुप्ता, डॉ अशोक कुशवाह, श्रीकांत शर्मा, राहुल जैन,निर्मला शर्मा, ओमप्रकाश, राहुल वर्मा, आयुषी गुप्ता, एस. के बग्गा, नवीन चंचल, राजू सविता, राहुल जैन, विजय जैन, धीरज जैन, अरुण गंगोत्री, रीतेश प्रजापति, जवाहर चौधरी, मोहिनी शर्मा, ओमप्रकाश गोला, श्यामवीर सिंह, मनीषा चौधरी, सिंपल अग्रवाल, सुधीर चौधरी, पार्षद निरंजन सिंह कैंप, बबली धाकड़, अंशु भटनागर आदि उपस्थित रहे।
https://youtu.be/JHlHAr3Xxo4आवास विकास कॉलोनी स्थित होटल शिवम इन में लीडर्स आगरा द्वारा आयोजित गोष्ठी में विचार रखते केंद्रीय मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल।
साथ हैं मनचसीन पूरन डावर, प्रो आशु रानी, सुनील जैन, डॉ पार्थ सारथी शर्मा व अन्य
: लघु उद्यमी पॉलीटेक्निक-ITI के छात्रों को दें प्रशिक्षण, यूपी में 1.10 करोड़ रोजगार का होगा सृजन
Thu, Oct 12, 2023
आगरा। आज लघु उद्योग भारती उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश उद्यमी महा अधिवेशन के तृतीय सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे। मुख्यमंत्री का बुके देकर, गणेश प्रतिमा भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने भारत माता तथा चित्रगुप्त के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित यूपी के 60 जिलों के 1500 उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे लघु उद्योग भारती के साथ तीन महीने में तीसरी बार जुड़ने का सौभाग्य मिला। इससे पूर्व ग्रेटर नोएडा के ट्रेड शो में भी लघु उद्योग भारती सहयोगी थी। जिसमें 500 विदेशी उद्योगपति भी मौजूद थे और उद्योग के क्षेत्र में पूरी दुनियां ने यूपी की सामर्थ्य देखी।मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। कम खर्च, कम स्थान पर्यावरण के सभी मानक पूर्ण कर ज्यादा रोजगार का सृजन और ज्यादा परिवारों को रोजगार व आर्थिक स्वावलंबन देना, ये लघु उद्योग के माध्यम से ही हो सकता है।
सीएम योगी ने कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही लघु उद्यम का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद और प्रेरणा से पुनर्जीवित करने का काम ओडीओपी के माध्यम से किया गया जिसमें डिजाइन, तकनीकि, पैकिंग, मार्केट उपलब्ध कराने का सरकार द्वारा प्रयास किया गया। जिसके अच्छे परिणाम देखने को मिले, और 5 वर्ष में ढाई सौ गुना एक्सपोर्ट बढ़ा। उत्तर प्रदेश जैसे बीमारू राज्य को हमने आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया।
सीएम योगी ने यूपी की नई एमएसएमई पॉलिसी का जिक्र करते हुए कहा कि आज जब कोई उद्यमी नया उद्योग खोलता है तो उसे 01 हजार दिनों तक कोई एनओसी नहीं लेनी। वह पहले अपना उत्पाद तैयार कर सकता है, हमारी सरकार ने अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर दिया है और इस क्षेत्र में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स प्रारंभ किया और 38 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले जिससे यूपी के युवाओं को 1 करोड़ 10 लाख रोजगार का सृजन होगा। हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर सबसे बड़ी आबादी के प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं, ईज ऑफ डूइंग बिजनस के अंतर्गत सभी सहूलियतें दे रहे हैं।
सीएम योगी ने प्रदेश सरकार की अपराध के प्रति जीरो टालरेंस की नीति की नीति पर बोलते हुए कहा कि आज यूपी की कानून व्यवस्था नजीर बनी है, हम सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे, चाहे वो कोई भी हो। अगर किसी ने खिलवाड़ किया तो उसका खामियाजा भुगतना पडे़गा। 2023 के चुनाव में पहली बार हुआ कि कानून व्यवस्था चुनावी मुद्दा बने और जनता प्रदेश सरकार के साथ खड़ी दिखे, हमें जनता का कानून व्यवस्था पर अपार समर्थन मिल रहा है।
सीएम ने उद्यमियों से कहा कि आप उद्योग लगाना चाहते हैं या लगाया है तो आप किसी स्थानीय संस्थान से आईटीआई, पॉलीटेक्निक आपका टाईअप हो जाए तो वहां के बच्चे आपको मैन पावर की सुविधा उपलब्ध करा सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान जिन बच्चों को रखेंगे, जिस दौरान से काम करेंगे, अगर इनका सीएम इंटर्नशिप स्कीम के तहत रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो आधा मानदेय सरकारी देगी। इससे फायदा होगा कि हमारे पास अनुभवी लोगों की टीम खड़ी होगी। अपने युवाओं को अधिक से अधिक प्रशिक्षित करते हैं तो इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे।
मुख्यमंत्री ने लघु उद्यमियों को प्रेरित करते हुए कहा कि साफ नीयत, बेहतर संवाद के साथ व्यवसाय के लिए आगे बढ़ें, उद्योग के क्षेत्र में यूपी को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता। डबल इंजन की सरकार बचनबद्ध तथा पूरी प्रतिबद्धता के साथ आपके साथ खड़ी है, आपकी सुरक्षा, संरक्षा हेतु सरकार आपके साथ है।
: मिड डे मील में बच्चों को खिलाया जा रहा है कीड़े वाला खाना
Wed, Oct 11, 2023
Agra: सरकारी विद्यालयों में मिड डे मील के नाम पर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। खाने की गुणवत्ता को बिना चेक किये ही खाना बनाया जा रहा है। कीड़े वाला खाना विद्यालयों के छात्रों को परोसा जा रहा है। ताजा मामला मलपुरा के एक प्राथमिक विद्यालय का है।
बच्चों को कीड़े वाला खाना परोसा जाने पर बच्चों के खाने में बड़ी मात्रा में कीड़े पड़े थे। अभिभावकों ने हंगामा कर स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
मामला थाना मलपुरा के गांव नगला ढाका के प्राथमिक विद्यालय का है। मिड डे मील के नाम पर छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया। छात्रों को कीड़े वाला खाना खाने को दिया जा रहा है। छात्रों को जो भोजन दिया गया उसमें बड़ी मात्रा में बड़े-बड़े कीड़े पड़े हुए थे। बच्चों ने जब इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी तो बच्चों के अभिभावक मौके पर पहुँच गए। उन्होंने जमकर हंगामा काटा। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुँची पुलिस ने भोजन को देखकर जांच की और गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए।
अभिभावकों का आरोप लगाया कि स्कूल में भोजन की गुणवत्ता खराब है। बच्चों को कीड़े वाला खाना खिलाया जा रहा है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।