: एमएसएमई उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो रहा है आरएएमपी (रैंप) प्रोग्राम
Sat, Mar 1, 2025
यूपीएसआईसी द्वारा आयोजित रैंप की कार्यशाला में अधिकारियों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
जीरो इफेक्ट जीरो डिफेक्ट पर रहा जोर, उद्यमियों से कहा कौशल बढ़ाएं
आरएएमपी (रैंप) के तहत नए बाजारों में प्रवेश करने, निर्यात क्षमता बढ़ाने का मिल रहा मौका
एमएसएमई उधमियों को रैंप की कार्यशाला उद्योग विस्तार व नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए किया प्रेरित
आगरा। उप्र राज्य औद्योगिक निगम (यूपीएसआईसी) द्वारा शुक्रवार को हरी पर्वत स्थित होटल होलीडे इन में आयोजित कार्यशाला में एमएसएमई उद्यमियों रैंप (एमएसएमई प्रदर्शन को बढ़ाना और तेज करना) योजना और अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला का शुभारंभ यूपीएसआईसी के अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि राकेश गर्ग, प्रबंध निदेशक यूपीएसआईसी राज कमल यादव वरिष्ठ आईएएस, उपायुक्त उद्योग अनुज कुमार, एफमेक के अध्यक्ष पूरन डावर, लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष विजय गुप्ता, नेशनल चैंबर के अध्यक्ष अतुल गुप्ता, चैम्बर ऑफ़ फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला का संचालन श्रुति सिन्हा ने किया।
यूपीएसआईसी के चेयरमैन राकेश गर्ग ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार रैंप जैसी योजनाओं सहित विभिन्न सरकारी सुविधाओं की जानकारी सीधे जनता तक पहुंचा रही है। उन्होंने लघु एवं सूक्ष्म उद्यमियों से अपील की कि वे कौशल विकास करें और योजनाओं के प्रति जागरूक रहें ताकि योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि रैंप और अन्य योजनाओं के माध्यम से सभी को सौ प्रतिशत लाभ मिलेगा, जिससे लघु एवं सूक्ष्म उद्योग को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी।
कानपुर से आये यूपीएसआईसी के प्रबंध निदेशक राज कमल यादव ने कहा कि प्रदेश में अब तक कई एमएसएमई उद्यमियों को सब्सिडी का लाभ दिया जा चुका है। एमएसएमई नीति 2022 के तहत रैंप प्रोग्राम, टीयूएस, ईएसजी, जेडईडी और पीएलईडीजीई जैसी योजनाओं के माध्यम से उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और बाज़ार से जुड़ने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि एमएसएमई वन कनेक्ट पोर्टल के माध्यम से भी इन योजनाओं का संचालन किया जाएगा, जिससे एमएसएमई को सुविधाजनक तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
रैंप: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम
रैंप से शताक्षी मिश्रा (केजीएमपी) ने बताया कि रैंप प्रोग्राम को आत्मनिर्भर भारत के विजन के आधार पर विकसित किया गया है। यह विशेष रूप से उन उद्यमियों की मदद के लिए बनाया गया है, जो कोरोना काल में प्रभावित हुए थे। सरकार का उद्देश्य एमएसएमईएस को आर्थिक सहयोग, नई तकनीकों की जानकारी और कौशल विकास का लाभ देना है। यह योजना भारत सरकार और विश्व बैंक के आर्थिक सहयोग से संचालित हो रही है। इसके के तहत एमएसएमईएस को नए बाजारों में प्रवेश करने, निर्यात क्षमता बढ़ाने और वित्तीय संसाधनों तक पहुंचने में सहायता मिल रही है।
उद्यमियों में दिखा जबरदस्त उत्साह
कार्यशाला में उपस्थित एमएसएमई उद्यमियों ने सरकार की इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान कई उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार रैंप प्रोग्राम और अन्य सरकारी योजनाओं से उन्हें व्यापार को बढ़ाने में मदद मिल रही है। कार्यशाला के समापन पर यूपीएसआईसी अधिकारियों ने कहा कि आगरा अब एमएसएमई विकास की दिशा में और तेजी से कदम बढ़ाने के लिए तैयार है। सरकार का यह प्रयास देश के छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यावरण अनुकूलन पर विशेष ध्यान
यूपीएसआईसी और रैंप प्रोग्राम पर्यावरणीय अनुकूलन के लिए भी विशेष प्रयास कर रहे हैं। ईएसजी प्रमाण पत्र को उद्योगों के लिए एक मानक के रूप में लागू किया जा रहा है।
कार्यशाला के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि सरकार की योजनाओं और एमएसएमई की सक्रिय भागीदारी से औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है।
इस अवसर पर यूपीएसआईसी के सुप्रीटेंट इंजीनियर प्रभात बाजपाई जी, अधिशाषी अभियंता वाईपी सिंह, सहायक अभियंता सूयेश पांडेय, अवर अभियंता रंजीत सिंह एवं लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल जी की उपस्तिथि प्रमुख रही राजीव बंसल, अम्बा प्रसाद गर्ग, ओपेन्दर सिंह लवली, रजत अस्थाना, सीएस अनुज अशोक, संजीव जैन, संजय गोयल, इंजीनियर उमेश शर्मा, आगरा की एक दर्जन से अधिक औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिध मौजूद रहे लघु उद्योग भारती, नेशनल चैम्बर इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स, हेंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन, चैम्बर ऑफ़ फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, आगरा रेडीमेड गारमेंट संगठन, एफमेक, फाउंड्री ओनर्स एसोसिएशन, एफएएफ़एम, आगरा सोल एंड शूज कंपोनेंट्स एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, आगरा व्यापार मंडल आदि
: खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में हाथरस रखता है अलग पहचान, उद्योगपतियों को संगठित होकर करना होगा काम
Mon, Jan 20, 2025
फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के हाथरस चैप्टर ने आयोजित किया भविष्य की संभावना एवं चुनाैतियों पर विचार विमर्श कार्यक्रम
जिले में फूड पार्क स्थापना की उठायी गयी मांग, हींग, मिष्ठान और मसालों की दुनिया दीवानी, अब विश्व मंच पर देनी है पहचान
जिले के विकास से रफ्तार मिलेगी खाद्य प्रसंस्करण के उद्योग को, टेस्टिंग लैब स्थापना की सरकार से उद्यमियों ने की मांग
हाथरस। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग आर्थिक मजबूती का आधार बन रहा है, सरकार इस उद्योग की संभावनाओं को गंभीरता से ले रही है, इसी के चलते लगातार अनुदान की सौगातें मिल रही हैं। बस जरूरत है कि सरकार की नीतियों की सही जानकारी रखें और अपने उद्योग को नए आयाम दें। मुख्य वक्ता एवं संस्था के सरकारी नीतियों के आर्थिक विशेषज्ञ सीए आरके जैन ने खाद्य प्रसंस्करण नीति के बारे में यह जानकारी दी।
चैंबर आफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा सोमवार को भविष्य की संभावनाओं और चुनौतियों के साथ सरकार की नीतियों पर गहनता से विचार विमर्श किया गया। रामोजी रिसॉर्ट में संस्था द्वारा विचार विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ चैंबर आफ फूड प्राेसेसिंग इंडस्ट्री एसोएसिएशन आगरा चैप्टर के संरक्षक विष्णु कुमार गाेयल, अध्यक्ष राजकुमार भगत, महासचिव अनुज सिंघल, उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल (मुंशी पन्ना), सचिव विकास चतुर्वेदी, अवध अग्रवाल, हर्ष मित्तल, कीर्ति मेहरा, विशाल चाहर ने मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया।
कार्यक्रम संयोजक नितिन अग्रवाल (निदेशक सर्वेश्वर फूड) और नितिन वार्ष्णेय (निदेशक बीएमबी मसाले) ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए नितिन अग्रवाल ने कहा कि हाथरस बहुत तेजी से खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। यदि सरकार यहां फूड पार्क एवं टेस्टिंग लैब की स्थापना कर दे तो उद्योग को पंख लग सकते हैं।
नितिन वार्ष्णेय ने कहा कि प्रदेश में व्यापक तरीके से खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में तेजी से कार्य करने वाला जिला हाथरस आज बन चुका है। आज भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में हाथरस कन्फेंसरी, नमकीन, बेकरी, मसाले, घी, मिष्ठान और मेवे जैसे खाद्यों के प्रसंस्करण में बहुत तेजी से अपनी छाप बना रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संस्था के सरकारी नीतियों के आर्थिक विशेषज्ञ सीए आरके जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म एवं खाद्य प्रसंस्करण योजना के अंतर्गत सरकार 35 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। बैंक भी 90 प्रतिशत ऋण दे रही हैं। बहुत सारे उत्पाद हैं जिनपर सरकार छह प्रतिशत तक ब्याज में छूट भी रही है। सोलर प्लांट और निर्यात पर भी 25 प्रतिशत तक सब्सिडी सरकार उपलब्ध करा रही है। विगत 10 अक्टूबर के बाद सरकार ने ग्रामीण गोदाम पर महिलाओं और दिव्यांगों को अधिक से अधिक एक करोड़ तक का अनुदान प्रदान करने की नीति जारी कर दी है। यदि वर्तमान में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश किया जाए तो भविष्य सुनहरा हो सकता है।
संस्था के चीफ एडवाइजर मनीष अग्रवाल ने संगठन के विस्तार और उपयोगिता को लेकर उद्यमियों को जागरुक किया। कहा कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को महत्वपूर्ण दृष्टि से देखती है। इसकी असीम संभावनाओं को लेकर संगठित होकर आगे बढ़ना होगा। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े नये सदस्यों का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर धीरेंद्र कुमार वार्ष्णेय, अशाेक अग्रवाल, वैभव खंडेलवाल, राहुल शर्मा, सचिन अग्रवाल, सौरभ वार्ष्णेय, मुकेश बंसल, प्रमोद कुमार सालूजा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की व्यवस्थाएं एडमिनिस्ट्रेटर अपराक शर्मा और दिलीप कुमार ने संभालीं।
फूड फैक्ट 2025 की हुयी घाेषणा
कार्यक्रम में चैंबर आफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के चीफ एडवाइजर मनीष अग्रवाल ने आगरा में 22, 23 और 24 मार्च को आयोजित होने जा रहे फूड फैक्ट 2025 (फूड, आर्ट, चैन एंड टैक्नोलोजी एक्जिबीशन एंड कॉन्फ्रेंस) की घाेषणा की। उन्होंने हाथरस के उद्यमियों को आयोजन के लिए आमंत्रित किया और इसकी उपयोगिता को बताया।
ये जुड़े नये सदस्य
नितिन अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, वैभव खंडेलवाल, विशाल चाहर, सौरभ गुप्ता, तरुण अग्रवाल ने संस्था की सदस्यता ग्रहण की।
: आगरा में हो रही सोलर एनर्जी से बिजली की खेती
Mon, Jan 20, 2025
आगरा। आगरा के 678 परिवार सोलर एनर्जी से घरों में बिजली के खेती कर रहे हैं। और अपने बिजली के बिल को बचाकर अपने बजट को बेहतर बना रहे हैं। होटल होली-डे-इन में आज प्रधानमंत्री सूर्य ग्रह योजना के प्रति आमजन को जागरूक करने व सोलर एनर्जी को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम करने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से सोलर वन एनर्जी द्वारा गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अदानी सोलर के नार्थ ईस्ट हेड अरविन्द सेमवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। गणेश वंदना के साथ प्रारम्भ हुए कार्यक्रम में अरविन्द सेमवाल ने प्रधानमंत्री सूर्य ग्रह योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। योजना का उद्देश्य बताते हुए कहा कि लक्ष्य है कि हर घर अपनी बिजली खुद बनाए। एक बार पैनल सिस्टम लगाकर व्यक्ति लगभग 25 वर्ष तक मुफ्त बिजली पा सकता है। तीन किलोवॉट के सोलर पैनल से प्रतिमाह लगभग 350-400 यूनिट बिजली बनाई जा सकती है, जो एक परिवार के लिए पर्याप्त है।
सोलर वन एनर्जी के संस्थापक व निदेशक कपिल विधानी ने कहा कि भारत में एक करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री सूर्य ग्रह योजना का लाभ देने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री सूर्य ग्रह योजना का लाभ उठाने में उप्र भारत में चौथे नम्बर (50 हजार पैनल सिस्टम लग चुके हैं) पर है। सोलर वन एनर्जी के प्रशान्त जी ने बताया कि www.pmsuryaghar.gov.in पर या नेडा कार्यालय से लाभार्थी सभी जानकारी उपलब्ध कर सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्य रूप से नेडा के यूपी जोनल हेड संतोष वर्मा, चंचल कुमार, तुषार मिश्री आदि उपस्थित थे।
खेत, स्कूल व हॉस्पीटल भी ले सकते हैं सोलर एनर्जी का लाभ
एलएमबी-1, एलएमबी-5, एलएमबी-4 ए, एलएमबी 4बी, एचबी-1 कनेक्शन कैटेगरी के तहत लाभार्थी सरकार नेट मीटरिंग का फायदा ले सकते हैं।। उप्र में घरेलू बिजली की कीमत रु. 7 प्रति यूनिट है तो उक्त कनेक्शन के तहत अतिरिक्त बिजली बनने पर सरकार खरीद लेगी। वहीं अन्य कमर्शियल कनेक्शन पर उपभोक्ता 3 रुपए 58 पैसे में सरकार को प्रति यूनिट बिजली बेच सकता है।
3-10 किलोवॉट पर मिलेगा 30 फीसदी तक अनुदान
तीन किलोवॉट के घरेलू सोलर प्लांट पर 78 हजार का अनुदान प्रधानमंत्री सूर्य ग्रह योजना के तहत दिया जाएगा। प्रदेश द्वारा 30 हजार के अनुदान सहित साभार्थी 30 प्रतिशत तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। 3-10 किलोवॉट तक के घरेलू पैनल सिस्टम पर अनुदान दिया जाएगा।