श्रीकृष्ण लीला महोत्सव के नौंवें दिन हुआ कंस वध, मिली ब्रजवासियों को अत्याचारों से मुक्ति
आकर्षक आतिशबाजी देख राेमांचित हुए लोग, 70 फुट के कंस के पुतले काे देखने का रहा उत्साह
आगरा। पहले पूतना को मारा, फिर कंस को संहारा। सृष्टि की रक्षा करने वो तारणहार बार− बार आया। श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण, हे वासुदेवा की गूंज के साथ बल्केश्वर गौशाला परिसर गूंज उठा और कंस के वध के साथ हर भक्त उल्लास से रोमांचित हो गया।
श्रीकृष्ण लीला समिति के तत्वावधान में चल रहे श्रीकृष्ण लीला शताब्दी महोत्सव के नौंवे दिन अक्रूर गमन और कंस वध की लीला हुई। रंगबिरंगी आकर्षक आतिशबाजी, भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष और कंस के 70 फुट ऊंचे पुतले का दहन। यह माहौल द्वापरकाल को जैसे जीवंत कर रहा था।
मुख्य अतिथि विधायक विजय शिवहरे थे। शनिवार को कंस के वध और आतिशबाजी को देखने के लिए अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रही। लीला में दिखाया कि राजा कंस ने अपने भांजे श्रीकृष्ण का वध करने के लिए कागासुर, बकासुर, नागासुर, बगुलासुर आदि राक्षसों को भेजा, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने सभी का वध कर दिया। श्रीकृष्ण को राजा कंस ने अपने महल बुलाया और उनके वध के लिए हाथी को मंगाया। श्रीकृष्ण ने उस हाथी को भी मार दिया। उसके बाद कंस और श्रीकृष्ण में मल्ल युद्ध हुआ उसमें श्रीकृष्ण को खरोंच तक नहीं आई। अंत में भगवान श्रीकृष्ण कंस का वध कर देते हैं। कंस वध होते ही पंडाल में श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी के जयकारे गुंजायमान होने लगे।
बल्केश्वर गौशाला में चल रहे श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में लीला का मंचन करते कलाकार।
कंस वध की लीला के बाद आकर्षक आतिशबाजी हुई, जो लगातार एक घंटे तक चली। जिसमें श्रीकृष्ण और गाय का चित्र भी दिखाया गया। नाचता मोर, झूला झूलते राधा-कृष्ण के चित्र भी आतिशाबाजी से प्रदर्शित किए गए। आतिशी फुहारे, आकाश से गिरते सितारे भी मनमोहक रहे। श्रीकृष्ण लीला समिति भी आतिशबाजी से लिखा हुआ दिखा था।
बल्केश्वर गौशाला में चल रही श्रीकृष्ण लीला शताब्दी समारोह में लीला का मंचन आनंद लेते शहर के गणमान्य।
आतिशबाजी होते ही कंस के पुतले के पास भीड़ एकत्र हो गई। भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप ने अग्नि बाण से पुतले में आग लगा दी। पहले तो पुतला हंसता हुआ दिखा और बाद में उसके हाथ में लगी चरखी चली और पुतली भी चलती हुई दिखाई दी। थोड़ी ही देर में पुतला जल कर राख हो गया। इस दौरान सभी दर्शक जयघोष करते रहे। इस अवसर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, विजय रोहतगी, अशाेक गोयल, शेखर गोयल, ब्रजेश अग्रवाल, उत्तम चंद्र, कृष्ण कन्हैया अग्रवाल, संजय गुप्ता, संजीव गुप्ता, विष्णु अग्रवाल, राजेंद्र, संजय चेली, डीके चौधरी, रेणु गोयल, मनीष बंसल, नीलिमा, सुजाता, संजय गर्ग, नीरज अग्रवाल, अशाेक हरियाणा, दीपक अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
कृष्ण-बल्देव शोभायात्रा आज
गौशाला में हो रही श्रीकृष्ण लीला में रविवार को श्रीकृष्ण-बलराम शोभायात्रा निकाली जाएगी। अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया शोभायात्रा गौशाला, वाटर वर्क्स से शाम 6ः30 बजे शुरू होगी। इसमें करीब 55 झांकी होंगी, जो विभिन्न देवी-देवताओं की होंगी। यह शोभायात्रा जीवनीमंडी, बेलनगंज, कचहरी घाट, छत्ता बाजार, दरेसी नं.2, रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, जौहरी बाजार, कसेरट बाजार, किनारी बाजार, सेव का बाजार, फुलट्टी, छिलीईंट घटिया, सिटी स्टेशन रोड, धूलियागंज, पथवारी, बेलनगंज तिकोनिया होती हुई गौशाला वापस आएगी।