: नव वर्ष के पहले दिन गुरुद्वारे में उमड़ा जन सैलाब, 70,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने टेका माथा
Wed, Jan 3, 2024
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सुबह 3 बजे से लेकर देर रात तक आते रहे श्रद्धालु, लंगर व प्रसाद के लिए हुई विशेष व्यवस्थाएं
आगरा। नव वर्ष 2024 के आगमन के पहले दिन गुरुद्वारा गुरु का ताल में माथा टेकने के लिए जन सैलाब उमड़ता रहा। जहां 31 दिसंबर की रात 12 के बाद गुरुद्वारे में काफी भीड़ उमड़ी तो वहीं सुबह 3ः30 बजे से ही संगत का आना शुरू हो गया। नए साल की शुरुआत हर व्यक्ति गुरु चरणों में माथा टेक कर अपने व अपने परिवार के लिए सुख समृद्धि व खुशहाली की अरदास के साथ कर रहा था सुबह से ही गुरुद्वारे में संगत की आवाजाही शुरू हो गई थी। दिन होते-होते यह भीड़ बढ़ती रही और आलम यह रहा की दरबार साहिब से लेकर पार्किंग स्थल तक माथा टेकने वालों की लंबी-लंबी लाइने लग गई । भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गुरुद्वारे के सेवादार भी व्यवस्थाओं में लगे हुए थे। माथा टेकने व लंगर प्रसाद ग्रहण करते समय किसी तरह की अव्यवस्था ना हो इसके लिए वेरीगेटिंग लगाकर भीड़ को नियंत्रित करते हुए माथा टेकने के लिए दरबार साहिब में अंदर भेजा जा रहा था।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से नव वर्ष के पहले दिन संगत की भारी भीड़ माथा टेकने के लिए आती है। जिसको देखते ही हुए पहले से ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई थी। सुबह 3 बजे से ही सेवादार व्यवस्थाओं को संभालने के लिए जुट गए थे। कड़ा प्रसाद के साथ-साथ पुलाव का विशेष इंतजाम किया गया था। गुरुद्वारा आने वाले श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार आटा दाल चावल फल मिठाई आदि की भेंट भी लेकर आ रहे थे।
संत बाबा प्रीतम सिंह ने यहां आने वाली सभी संगत के लिए गुरु महाराज के चरणों में अरदास की है कि गुरुद्वारा आने वाले हर व्यक्ति श्रद्धालु के परिवार में खुशियां संपन्नता व तरक्की आए और अपना शहर प्रदेश व देश बहुत तरक्की करें। इस दौरान गुरुद्वारे की व्यवस्थाए जत्थेदार बाबा राजेंद्र सिंह, बाबा अमरीक सिंह, ग्रंथी हरबंस सिंह टीटू सिंह, महंत हरपाल सिंह ने संभाली।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मीडिया प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि नव वर्ष के पहले दिन लगभग 70,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका व लंगर प्रसाद ग्रहण किया। 15 क्विंटल गोबी वह 10 कुंतल मटर के साथ पुलाव तैयार किया गया था जो पूरे दिन संगत में वितरित होता रहा।
प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट
: पशु चिकत्सा अधिकारी पर 5 करोड़ गवन के आरोप
Wed, Jan 3, 2024
स्लाटर हाउस व्यापारी एसोसियेशन ने लगाए आरोप, कहा नगर निगम को गुमराह कर 5 करोड़ किए भीतर
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा नगर निगम द्वारा संचालित पशु वधशाला को पिछले एक साल के भीतर तीन बार बंद कराया जा चुका है। व्यापारियों की समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है। स्लाटर हाउस को अचानक बंद कर दिया जाता है। व्यापारियों को स्लाटर बंद किए जाने की जानकारी नहीं दी जाती है। इससे पहले एलाना कंपनी को नगर निगम द्वारा संचालित पशु वधशाला का टैंडर दिया गया था। तब कमेलदारों से 425 रुपए प्रत्येक जानवर कटाई के लिए जाते थे। जिसकी रसीद व्यापारी को दी जाती थी। इस वर्ष अल सुभाना और उसकी सहयोगी कंपनी को टैंडर मिला। अल सुभाना ने पशु कटान का निर्धारित मूल्य एक साल के भीतर बड़ाकर 1100 रुपए कर दिया गया। जिसका व्यापारियों ने काफी विरोध किया था।
अब व्यापारियों का कहना है की उनसे 1100 रुपए प्रत्येक जानवर कटान का शुल्क लेने पर स्लाटर से रसीद नही मिल रही है। रसीद मांगने पर व्यापारियों को रसीद नही दी जाती है और उन्हें धमकाया जाता है। व्यापारियों का आरोप है की पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत गया ठेकेदार कम्पनी ने नगर निगम को पैसा जमा नही किया है। सदन में पार्षदों ने इसका मुद्दा उठाया था। तब मेयर ने स्लाटर की चाबी अपने पास ली है। 17 तारीख से पशु वधशाला को बंद कर रखा है। नगर निगम को रोजाना एक लाख बीस हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। इसका जिम्मेदार कौन है। वहीं व्यापारी भी परेशान हैं। शहर में मीट की आपूर्ति ठप है। व्यापारियों का आरोप है की पशु चिकित्सा अधिकारी अजय कुमार ने ठेकदार के साथ मिलकर नगर निगम के स्लाटर हाउस में 5 करोड़ से अधिक का गवन किया है। अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है।
आगरा स्लाटर हाउस व्यापारी एसोसियेशन के अध्यक्ष हाजी जाफर ने नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी अजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा। एसोसियेशन के अध्यक्ष की एंट्री स्लाटर में बंद कर दी गई है क्योंकि उन्होंने स्लाटर हाउस में पशुओं के छोटे बच्चों को काटा जा रहा है। जिसका एसोसियेशन ने विरोध किया। सरकार ने छोटे बच्चों के कटान पर सख्ती से रोक लगाई है। यूपी के किसी भी स्लाटर हाउस में छोटे बच्चों का कटान नही किया जाता है। पशु चिकित्सा अधिकारी से इसकी शिकायत की गई तब उन्होंने अनसुना कर दिया और छोटे पशुओं का कटान जारी रखने को कहा। उन्होंने कहा एक साल में 3 बार स्लाटर को बंद किया गया। अधिकारी और अल सुभाना व लाहम कंपनी ने मिलकर सरकार का करोड़ों का गवन किया है।
एसोसियेशन के महामंत्री इरशाद ने बताया कि पशु अधिकारी अजय कुमार ने स्लाटर के संबंध में मेयर को गुमराह किया है। उन्होंने मेयर को बताया गया की स्लाटर हाउस 3 साल से बंद है जबकि कमेलदार रोजाना प्रत्येक जानवर के कटान का 1100 रुपए शुल्क दे रहे हैं। जिससे नगर निगम को रोजाना लगभग डेढ़ लाख रुपए का आर्थिक लाभ मिलता है। लेकिन नगर निगम में ठेकेदार ने पिछले डेढ़ साल से नगर निगम का पैसा जमा नही किया है। डॉक्टर और ठेकेदार ने मिलकर नगर निगम को साढ़े 5 करोड़ रुपए का चूना लगाया है। नगर निगम से 500 जानवर कटान की अनुमति है। जबकि रोजाना 1200 जानवर काटे जा रहे हैं। अवैध तरीके से स्लाटर से मिली भगत कर धन अर्जित किया जा रहा है।
एसिसियेशन के उपाध्यक्ष नाजिम कुरैशी का कहना है। पूर्व में एलाना कंपनी को नगर निगम से ठेका मिला था। कमेलदार प्रत्येक जानवर 425 रुपए जमा किया करते थे। शुल्क जमा करने वाले लोगों को पर्ची दी जाती थी। अलसुभाना और उसकी सहयोगी कंपनी 1100 रुपए प्रत्येक जानवर के कटान का शुल्क लेती है। और रसीद मांगने पर कमेलदारो को धमकियां देते हैं।
गौरतलब है की नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। लेकिन उच्चाधिकारियों की खामोशी के बाद व्यापारी खामोश हो जाते हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी अजय कुमार की नगर आयुक्त जिलाधिकारी सहित अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। लेकिन शिकायतों का कोई असर नहीं हुआ है। बड़ा सवाल यह है सरकार के सख्त आदेश मिलने पर भी नगर निगम के पशु वधशाला में जानवरों के छोटे बच्चों का वध किया जा रहा है। जो की सरासर गलत है। यह आरोप कोई और नहीं बल्कि कमेलदारों ने लगाए हैं। जो स्लाटर हाउस के भीतर आते जाते हैं।
मीट व्यापारियों ने आज जिलाधिकारी को ज्ञापन के माध्यम से मांग की है स्लॉटर हाउस में पशु चिकित्सा अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए स्लाटर हाउस को खोला जाए।
प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट
: एस. एन. मेडिकल कॉलेज में पहली बार हार्ट सर्जरी की तरह से की गई पैर की बाईपास सर्जरी
Wed, Jan 3, 2024
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा के एस. एन. मेडिकल कॉलेज में 76 वर्षीय मरीज पैरों में दर्द, सुन्नपन एवं पर ठंडा रहने की समस्या लेकर आया। मरीज को यह दर्द पिछले तीन-चार साल से चलने पर था, परंतु पिछले तीन-चार महीने से दाएं पैर में बैठे हुए एवं सोते हुए भी तेज दर्द हो रहा था जिसकी वजह से ना तो वह चल पाता था ना ही सो पाता था। ओपीडी में आने पर मरीज का अल्ट्रासाउंड एवं सी. टी. एंजियोग्राफी करवाई गई, जिसमें पाया गया कि सीधे पैर की खून की नस पेट से जांघ तक पूरी तरह बंद थी, जिसकी वजह से खून का बहाव पैरों को नहीं मिल रहा था। शुरुआत में मरीज को खून पतला करने की दवाइयां पर रखा गया पर उससे मरीज को दर्द में राहत नहीं मिली थी।
सी. टी. वी.एस. सर्जन डॉ. सुशील सिंघल द्वारा पैर की नस की बाईपास सर्जरी करी गई जिसमें बाएं पैर की खून की नस का संचार दाएं पैर में बाईपास सर्जरी के द्वारा दिया गया। बाईपास सर्जरी के लिए जिस नस का प्रयोग किया गया था वह मरीज के बाएं पैर की खून की नस थी। यह जटिल ऑपरेशन करीब 2 से 3 घंटे चला। सर्जरी के बाद मरीज के दाएं पैर का दर्द ठीक हो ठीक हो गया है। सर्जरी के तीसरे चौथे दिन बाद मरीज बिना दर्द के चल एवं दौड़ पा रहा है वह बिना दर्द के सो पा रहा है। मरीज की छुट्टी कर दी गई है और मरीज अब स्वस्थ है।
सी. टी. वी. एस. सर्जन डॉक्टर सुशील सिंघल द्वारा यह ऑपरेशन किया गया और उन्होंने बताया कि यह जटिल ऑपरेशन एस. एन. मेडिकल कॉलेज में पहली बार हुआ है। सर्जरी टीम में डॉ. श्रेया श्रीवास्तव एवं डॉ. रेनू का सहयोग रहा। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि एस. एन. मेडिकल कॉलेज आगरा में जटिलतम ऑपरेशन सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर द्वारा किया जा रहा है जिससे आगरा एवं आसपास के मरीजों को बहुत लाभ हो रहा है।
प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट