: डोली भूमि गिरत दस कंधर, छुभित सिंधु सरि दिग्गज भूधर
Sun, Oct 13, 2024
श्रीमनः कामेश्वर नाथ रामलीला में दशानन दहन के साथ गूंजे जय श्री राम के घाेष
श्रीमनःकामेश्वर बाल विद्यालय, दिगनेर में चल रही है श्रीराम लीला
दसवें दिन लीला में हुआ लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध कुंभकरण− रावण वध लीलाओं का मंचन
आगरा। भूमि डोल गयी, समुद्र, नदियां, दस दिशाओं के हाथी और पर्वत क्षुब्ध हो उठे। वानरों और भालुओं की सेना को अपनी विशाल भुजाओं में दबाता हुआ रावण दो टुकड़ों में भूमि पर धराशाही हो गया। रावण के धरा पर गिरते ही जय श्रीराम, जय श्रीराम के जयघाेषाें से पूरा रामलीला पंडाल दिप्तिमान हो उठा। शनिवार को गढ़ी ईश्वरा, ग्राम दिगनेर, शमशाबाद रोड स्थित श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रही श्रीमनःकामेश्वरनाथ रामलीला के दसवें दिन लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ, कुंभकरण और दशानन वध की लीलाओं का भव्य मंचन हुआ।
महंतश्री योगेश पुरी ने बताया कि शक्ति आराधना के बाद श्रीराम ने रावण के वध की लिए धनुष उठाया। इसके पीछे समाज को संदेश दिया कि शक्ति बिना शिव अधूरे हैं, जब तब नारी शक्ति का साथ पुरुष को नहीं मिलता राम भी रावण वध के लिए तत्पर नहीं होते।
लीला मंचन में दर्शाया गया कि लंका दहन के बाद क्रोधित हुए दशानन ने अपने पुत्र मेघनाथ को रणभूमि में युद्ध के लिए भेजा। युद्ध भूमि में अपने रण कौशल से मेघनाथ ने लक्ष्मण जी को मूर्छित कर दिया। जैसे ही यह समाचार रामाकुल को प्राप्त हुआ प्रभु श्री राम की सेना के वानर भालू व्याकुल हो उठे। तभी जामवंत की आज्ञा पाकर हनुमान जी संजीवन बूटी लेने के लिए प्रस्थान कर गए। अपने छोटे भाई लक्ष्मण जी को मूर्छित देखकर प्रभु श्री राम विलाप करते हुए खुद को कोस रहे थे। इस प्रकार की मार्मिक लीला को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए। प्रभु श्री राम और उनकी सेना द्वारा मेघनाथ, कुंभकरण वध लीला हुयी। तत्पश्चात रणभेरी बजते ही प्रभु श्री राम और लंकापति रावण की सेना जैसे ही नजदीक आईं दोनों में भयंकर युद्ध हुआ। दोनों ओर से बाणों की वर्षा होते हुए युद्ध में दशानन की सेना क्षण भर में धराशाई हो गई। प्रभु श्री राम ने 31 बाणों से दशानन की नाभि में प्रहार किया। प्रभु श्री राम की इस अलौकिक शक्ति से रावण तीर लगते ही धू-धू करके जलने लगा। अपनी सेना के साथ लंकापति रावण के दहन पर आयोजन स्थल जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा। मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया श्रीमनःकामेश्वर राम लीला का रविवार को राज्याभिषेक के साथ समापन हो जाएगा।
: पीताम्बरा मंदिर, वजीरपुरा में सजी नवदेवियों की सजीव झांकी
Sun, Oct 13, 2024
सीताराम मंदिर, वजीरपुरा स्थित मां पीताम्बरा देवी मंदिर पर हुआ महानवमी का भव्य आयोजन
श्रीपीताम्बरा सेवा समिति ने किया कन्या पूजन, महाआरती और प्रसाद संग नवरात्र उत्सव का समापन
आगरा। शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता सहित सभी नव देवियों और मां बगलामुखी महाविद्या के विभिन्न स्वरूप जैसे एकसाथ उपस्थित थेI मां पीताम्बरा देवी मंदिर, सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में।
महानवमी के अवसर पर श्रीपीताम्बरा सेवा समिति की ओर से आयोजित नवरात्र उत्सव पर नवदेवियों की झांकी सजायी गयी। जिसमें पांच से 14 वर्ष तक की कन्याओं ने माता के विभिन्न स्वरूप धारण किये। भक्तों द्वारा सभी कन्याओं का पूजन किया गया। इसके बाद मां बगलामुखी की महंत अनंत उपाध्याय ने महाआरती की। प्रसादी वितरण के साथ दस दिवसीय नवरात्र उत्सव का समापन हुआ। कार्यक्रम की व्यवस्थाएं मुकेश शर्मा, मनीष अग्रवाल, अरुण उपाध्याय, अजय उपाध्याय, पंकज शास्त्री, मोहित, हनी, मोनू आदि ने संभालीं।
: सियाराम के जयकारों संग धूमधाम से निकली दशहरा शोभायात्रा
Sun, Oct 13, 2024
श्रीराम व लक्ष्मण के स्वरूपों की आरती कर किया शोभायात्रा का शुभारम्भ, जगह-जगह पुष्प वर्षा व आरती कर किया गया स्वागत
कालिया नाग का मर्दन करते श्रीहरि, गोवर्धन लीला, महाकाल और श्रीराम और रावण के बीच सजीव युद्ध की झांकियों ने किया सबसे अधिक आकर्षित
आगरा। शंखनाद और सियाराम के उद्घोष के साथ वीर हनुमान के गूंजते जयकारे। हाथों में आरती का थाल और स्वागत के लिए पुष्प लेकर अनुज लक्ष्मण संग विराजमान भगवान राम की आरती के लिए इंतजार करते श्रद्धालु। 500 वर्ष प्राचीन दशहरा शोभायात्रा (मंदिर श्रीराम चंद्र जी महाराज, जयपुरा-खातीपाड़ा लोहामंडी) आज 50 आकर्षक झांकियों संग ढोल नगाड़ों और बैंडबाजों संग धूमधाम से निकाली गई। शुभारम्भ भगवान राम व लक्ष्मण की आरती कर समाजसेवी सुरेशचंद गर्ग, मुकेश जैन, रिंकेश अग्रवाल, आयोजन समिति के अध्यक्ष विनय अग्रवाल ने किया।
श्रीराम की वानर सेना और रावण की राक्षस सेना का सजीव युद्ध। वहीं रथ पर अनुज लक्ष्मण संग विराजमान भगवान राम और रावण के बीच भीषण युद्ध की झांकी हर श्रद्धालु को आकर्षित कर रही थी। हाथ में तलवार और रक्त से भरा कटोरा लिए राक्षकों का वध करती मां काली, कालिया नाग मर्दन कर नृत्य करते श्रीकृष्ण, पंचमुकी हनुमान जी, नटराज स्वरूप में ताण्डव करते भगवान शिव, महाकाल, गोवर्धन लीला, मां वैष्णों देवी जैसी झांकियां के आगे हर श्रद्धालु शीश झुकाता नजर या। वहीं टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की शानदार जीत के साथ बेटी की शिक्षा और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए जारूक करने जैसी झांकिया भी थीं। अंत में था अनुज लक्ष्मण संग श्रीराम का डोला और वानर सेना जो रावण और रावण सेना से सुद्ध करते चल रहा थे। शोभायात्रा तोता का ताल, लोहामंडी बाजार, राजामंडी, एमजी रोड से होती हुई सेंट जोंस चैराहे पर पहुंची। जहां रावण दहन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अध्यक्ष विनय अग्रवाल, महेन्द्र खंडेलवाल, राहुल चतुर्वेदी, कार्यकारी अध्यक्ष तरुन सिंह, शरद चैहान, राजपाल यादव, हेमन्त प्रजापति, राजगद्दी प्रभारी कुमार गुरु कपूर, सर्व व्यवस्था प्रमुख रामदास कटारा, दीपक अग्रवाल, प्रेमा वर्मा, विक्रांत सिंह, दीपक सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, मौनी पारीक, टीटू पंडित, शिवम मिश्रा, उपाध्यक्ष अजय जैन, अरिहंत जैन, नवयुवक मण्डल संयोजक दीपक सिंह, रोहित शर्मा, संतोष अग्रवाल, तुषार दीक्षित, मुकेश राजपूत, लिली गोयल, आशीष जैन, हर्ष यादव, पंकज कुमार, देव शर्मा, शुभम सिंह, पुष्पेन्द्र चैधरी, प्रमोद सिंगल हरिओम मित्तल बृजेश कुमार अग्रवाल वीरेंद्र अग्रवाल विनोद अग्रवाल विजय अग्रवाल रॉबिन जैन कामता प्रसाद अग्रवाल प्रवीण उपाध्याय मुरारी लाल गोयल पार्षद अवधेश अग्रवाल जी डॉक्टर अशोक अग्रवाल पूर्व अध्यक्ष गौरव बंसल रितेश अग्रवाल अजय अग्रवाल बीएमजी पंकज गोयल राजीव जयराम अनिल जैन विनोद वर्मा मुरारी प्रसाद अग्रवाल कौशल सिंगल संदीप गोयल संजय सिंघल ने शोभायात्रा की व्यवस्थाओं को सम्भाला।