: डांडिया उत्सव में सुर्ख परिधान व सोलह श्रंगार कर पहुंची सखियां
Mon, Oct 21, 2024
अग्रवाल संगठन रामबाग द्वारा आयोजित डांडिया व करवाचैथ उत्सव में बिखरी खुशिया
चंचल बनी करवाचैथ क्वीन व रेनू बनीं डांडिया क्वीन
आगरा। सुर्ख परिधान, सोलह श्रंगार कर दुल्हन बनकर पहुंची सखियां आज उत्साह और उमंग से भरी थीं। एक तरफ डांडिया का उत्सव था तो दूसरी ओर करवाचैथ क्वीन बनने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा। सौन्दर्य के साथ बौद्धिकता के समागम के साथ अग्रवाल महासभा रामबाग द्वारा वॉटर वर्क्स स्थित अतिथि वन में करवाचैथ व डांडिया उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें महासभा की सखियों ने उत्साह व उमंग के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि व समाजसेवी संगीता अग्रवाल नें मां सरस्वती व महाराजा अग्रसेन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर व माल्यार्पण कर किया। अध्यक्ष निशा सिंघल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी सखियों को करवाचैथ उत्सव की लिए शुभकामनाएं दीं। डांडिया क्वीन बनने के लिए जहां महिलाओं ने अपनी कलात्मकता को बखूबी प्रदर्शित किया वहीं करवाचैथ क्वीन के लिए सोलह श्रंगार के साथ रचनात्मकता व भारतीय संस्कृति व परम्परा से जुड़े सवालों के लिए अपनी बौद्धिकता का लोहा मनवाया। मस्ती और उमंग के साथ सभी सखियों ने उत्सव को खूब इंजॉय किया। रेनू गोयल डांडिया क्वीन, चंचल अग्रवाल करवाचैथ क्वीन, लकी ड्रा ग्रीष्मा अग्रवाल, पंच्वेलटी विनर प्रियंका अग्रवाल व गेम में कृष्णा अग्रवाल ने बाजी मारी। उपहार के रूप में सुहाग सामग्री व पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के संदेश के साथ गुलमोहर, पीपल, नीम जैसे पौधे भेंट किए गए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से गिरिषमा, ममता अग्रवाल, साक्षी, नेहा, स्वाती, चंचल, सुनीता, आरवी, ब्रजेश, अनुष्का, आयुषी दीक्षा, कृष्णा आदि उपस्थित थीं।
: आयोडीन नमक, गर्भवती और बच्चों के लिए वरदान
Mon, Oct 21, 2024
विश्व आयोडिन अल्पता विकार दिवस पर सीएचसी फतेहपुर सीकरी में हुई साप्ताहिक समीक्षा बैठक
एएनएम और आशा ने घर-घर जाकर गर्भवती और धात्री महिलाओं को आयोडिन नमक के बारे में दी जानकारी
आगरा। जिले में विश्व आयोडीन अल्पता विकार दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर सीकरी में ब्लॉक साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इसमें आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से संबंधित जागरूकता बढ़ाने की जानकारी दी गई।
21 अक्टूबर को मनाए जाने वाले विश्व आयोडिन अल्पता विकार दिवस पर आयोडीन के पर्याप्त उपयोग के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने और आयोडीन की कमी के परिणामों पर प्रकाश डालना उद्देश्य है। दिवस पर संडीगुड़ उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले कार्य क्षेत्र में एएनएम वैशाली तिवारी और आशा कार्यकर्ता क्षमारानी ने गृह भ्रमण करके गर्भवती और धात्री माताओं को आयोडीन युक्त नमक और आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में जागरूक किया । एएनएम और आशा कार्यकर्ता ने भ्रमण गतिविधि के माध्यम से गर्भवती और धात्री माताओं को आयोडीन के महत्व और इसकी कमी से होने वाली समस्याओं के बारे में बताया। उन्हें आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में जानकारी दी। साथ ही आयोडीन की कमी से होने वाले लाभ और हनिया के बारे में भी जानकारी दी के द्वारा गृह भ्रमण करके गर्भवती और धात्री को बताया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि आयोडीन नमक गर्भवती महिला और बच्चों के लिए वरदान है। आयोडीन की कमी से गर्भस्थ शिशु के विकास में समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि मानसिक और शारीरिक विकास में देरी, जन्म के समय कम वजन और गर्भपात का खतरा। आयोडीन युक्त नमक के सेवन से गर्भवती महिला और बच्चों में आयोडीन की कमी को दूर किया जा सकता है।
एसीएमओ आरसीएच/ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि आयोडीन एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जो मानव वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे मंदबुद्धि, मानसिक मंदता, बच्चों में संज्ञानात्मक विकास की गड़बड़ी और मस्तिष्क की क्षति, थायरॉयड ग्रंथि का बढ़ना, तंत्रिका-पेशी और स्तैमित्य, गर्भवती महिलाओं में समस्याएं, गर्भपात, नवज़ात शिशुओं का वज़न कम होना, शिशु का मृत पैदा होना और जन्म लेने के बाद शिशु की मृत्यु होना आदि। उन्होंने बताया कि आयोडीन युक्त नमक का सेवन करने से इन हानियों को रोका जा सकता है। आयोडीन युक्त नमक का सेवन करने से हमारे शरीर में आयोडीन की कमी नहीं होती है और हम स्वस्थ रहते हैं।
इस मौके पर अधीक्षक पीयूष अग्रवाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एसएमओ डॉ. महिमा चतुर्वेदी, एचईओ पंकज जायसवाल, बीपीएम सतेंद्रपाल सिंह, डब्ल्यूएचओ के फील्ड मॉनिटर नरेश कुमार, एएनएम सहित आशा कार्यकर्ता मौजूद रही ।
आयोडीन युक्त नमक का सेवन न करने से हो सकती कई हानियां :
गर्भवती महिलाओं में:
गर्भपात का खतरा
नवज़ात शिशुओं का वज़न कम होना
शिशु का मृत पैदा होना
जन्म लेने के बाद शिशु की मृत्यु
बच्चों में:
मानसिक मंदता
संज्ञानात्मक विकास की गड़बड़ी
मस्तिष्क की क्षति
शारीरिक विकास में देरी
: विजय को स्थायी करने के लिए उसका उत्सव जरूरी: राज्यपाल
Fri, Oct 18, 2024
ब्रज के दस रत्नों को मिला अवार्ड, बृज की संस्कृति-धरोहर को सहेजने का जिम्मा भी
इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन ने किया ‘ब्रज रत्न अवार्ड’ समारोह का आयोजन
आगरा। भारतीय, शास्त्रीय परंपराएं और कला मनोरंजन का साधन नहीं, अपितु कला वह है जो परमात्मा का साक्षात्कार कराने में समक्ष है। ज्ञान की धारा स्थायी है जबकि भौतिक विकास क्षणिक। यह कहना है इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन के ब्रज रत्न अवार्ड समारोह के आठवें संस्करण में बतौर मुख्य अतिथि पधारे केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान का। फतेहाबाद स्थित होटल जेपी पैलेस में गुरुवार को आयोजित समारोह में महामहिम ने कहा कि विजय को स्थायी करने के लिए उसका उत्सव जरूरी है।
राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान, इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन के चेयरमैन पूरन डावर, आयोजन समिति के स्क्वार्डन लीडर एके सिंह, किशोर खन्ना, राजेश गर्ग, शारदा यूनिवर्सिटी के चांसलर वाईके गुप्ता, रजत अस्थाना ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात चयनित अवार्डियों को बृज रत्न की ट्राफी देकर महामहिम ने सम्मानित किया।
ठान लिया जाए तो मनचाही मंजिल तक पहुंचना आसान
फाउंडेशन के चेयरमैन पूरन डावर ने सकारात्मकता से भरे शब्दों की माला पिरोकर अतिथियों का अभिनंदन किया तो समूचा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। स्वागत भाषण के अंत में उन्होंने ‘समय अभी रुका नहीं तो हम क्यूं रुक गए, अभी तो हम चले नहीं फिर क्यों थक गए…’ सुनाकर मौजूद दर्शकों में जोश भर दिया। साथ ही युवा पीढ़ी को संदेश दिया कि दुनिया में असभंव कुछ भी नहीं है… यदि ठान लिया जाए तो मनचाही मंजिल तक पहुंचा जा सकता है।
ताकि कामयाबी की नई इबारत लिखे युवा पीढ़ी
आयोजन समिति के स्क्वार्डन लीडर एके सिंह ने कहा कि यह सम्मान महज शख्सियत का नहीं, ब्रज की संस्कृति और धरोहर को सहेजने का भी है। निश्चित ही अवार्डियों ने ब्रज के गौरव रथ को आगे बढ़ाया है, लेकिन युवा पीढ़ी भी कामयाबी की नई इबारत लिखे इसके लिए ब्रज रत्न अवार्ड जैसे आयोजनों का होना जरूरी है।
जूते की संक्षिप्त कहानी और देशप्रेम
अवार्डी सुरेंद्र पाल ने अपने उद्बोधन में जूते की संक्षिप्त कहानी सुनाकर ऑडियंस में देशप्रेम की भावना जागृत की। पापा मैं आपसे बढ़ा हो गया… कविता से दर्शकों का दिल जीत लिया। अभिनेता यहीं नहीं रुके उन्होंने अपने मित्र सिनेस्टार राज बब्बर के साथ मुंबई में स्ट्रगल के किस्से सुनाकर खूब गुदगुदाया। बिना कहें ही आगरा और पागलखाने को जोड़ दिया। अंत में महाभारत सीरियल के द्रोणाचार्य का एक डायलॉग अपनी बुलंद आवाज में सुनाकर दर्शकों को ताली बजाने पर विवश कर दिया।
कला का सम्मान होना ही चाहिए
कार्यक्रम के अंतिम अवार्डी सिनेस्टार राज बब्बर ने कहा कि यह सम्मान मिलना उनके लिए गौरव की बात है। कला किसी भी फील्ड में हो, उसका सम्मान किया ही जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सम्मान जब अपने घर में और घरवालों की ओर से मिले तो उसके आनंद की महक जीवनभर सुगंधित करती है।
इन विभूतियों को मिला सम्मान
राष्ट्र गौरव सम्मान
- राज बब्बर, फिल्म अभिनेता
अमृत्व सम्मान (मरणोपरांत)
पं. रघुनाथ तलेगांवकर, ग्वालियर परम्परा के मूर्धन्य संगीतज्ञ
सुरेन्द्र पाल, फिल्म एवं टीवी अभिनेता
अतुल सभरवाल, फिल्म पटकथा लेखक एवं निर्देशक
डॉ. राजीव जैन, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री
डॉ. सदानंद ब्रह्मभट्ट, शास्त्रीय संगीतज्ञ
डॉ. संध्या अग्रवाल, वरिष्ठ चिकित्सक
बलराम श्रीवास्तव, साहित्यकार एवं कवि
रूचि शर्मा, कथक नृत्यांगना
सोनिया शर्मा, नेशनल राइफल शूटर
कार्यक्रम में डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, धनकुमार जैन, डॉ. वीना लवानिया, संजय अग्रवाल, मयंक जैन, नितिन गोयल, डॉ. मुकेश गोयल, डॉ. पकंज नगाइच, रोहित जैन, अभिनन्दन जैन, मुरारी प्रसाद अग्रवाल, कवि पवन आगरी, मोहित जैन, साकार जिंदल, डॉ. अरुण शर्मा, सचिन शंकर, दिवाकर शर्मा, सुरेश बरेजा आदि मौजूद रहे। संचालन तरुण शर्मा ने किया। व्यवस्थाएं इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन के महासचिव अजय शर्मा, संयोजक ब्रजेश शर्मा, मधुसूदन भट्ट ने संभालीं।
पूरन डावर की बायोग्राफी ‘अनस्टॉपेबल पर्सूट ऑफ प्रोग्रेस’ पुस्तक का राज्यपाल ने किया विमोचन
ब्रज रत्न अवार्ड के समारोह के दौरान डाबर ग्रुप के चेयरमैन पूरन डावर की बायोग्राफी ‘अनस्टॉपेबल पर्सूट ऑफ प्रोग्रेस’ पुस्तक का विमोचन केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने किया। एशियावन मैगजीन के सीईओ संदीप कुमार ने पुस्तक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई में भी पूर्व खेल एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एशियाई बिजनेस एंड सोशल फोरम (एबीएसएफ) के 24वें संस्करण में पुस्तक का विमोचन किया था। आगामी दिनों में कई देशों में यह पुस्तक विमोचित की जाएगी।