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श्री महाकालेश्वर मंदिर : महाकालेश्वर धाम में श्रीराम जन्मोत्सव की छाई भक्ति, श्रीराम कथा और महारुद्राभिषेक में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Pragya News 24

Wed, Aug 5, 2026
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आगरा। यमुना तट स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर, बूढ़ी का नगला, दयालबाग में आयोजित नौ दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ, महारुद्राभिषेक एवं श्रीराम कथा महोत्सव के तृतीय दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य भगवान भोलेनाथ का महारुद्राभिषेक एवं श्री रुद्र महायज्ञ संपन्न हुआ, जबकि सायंकाल श्रीराम जन्मोत्सव के भावपूर्ण प्रसंग ने कथा पंडाल को पूरी तरह राममय कर दिया।

चित्रकूट धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित विमलेश त्रिवेदी ने श्रीराम जन्मोत्सव का मार्मिक एवं आध्यात्मिक वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान मानवता के कल्याण के लिए अवतार धारण करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, अध्यात्म और धर्म की आत्मा है, जहां से संपूर्ण विश्व को धर्म और मानवता का संदेश प्राप्त होता है।

कथा के दौरान भगवान श्रीराम के प्राकट्य का प्रसंग सुनते ही पूरा कथा पंडाल 'जय श्रीराम' के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भजन-कीर्तन के बीच भक्तिरस में सराबोर हो गए और श्रीराम जन्मोत्सव पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया।

पंडित विमलेश त्रिवेदी ने श्रीराम जन्म प्रसंग की आध्यात्मिक व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान ने राजा दशरथ के यहां अवतार लिया। 'दशरथ' वह है जिसने अपनी दसों इन्द्रियों पर विजय प्राप्त कर ली हो, जबकि 'दशानन' रावण उन इन्द्रियों के भोग-विलास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में दशानन नहीं, बल्कि दशरथ बनने का प्रयास करना चाहिए। जब मनुष्य अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण स्थापित कर लेता है, तभी उसके जीवन में भगवान का वास्तविक प्राकट्य होता है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम एवं उनके चारों भाइयों के जन्म से संपूर्ण अयोध्या आनंद और उल्लास से भर उठी थी। राजा दशरथ और माता कौशल्या को बधाई देने के लिए अयोध्यावासी उमड़ पड़े थे। इसी प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप की आरती उतारकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।

श्री महाकालेश्वर दरबार के महंत आचार्य पंडित सुनील वशिष्ठ ने रुद्राभिषेक की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव का रुद्राभिषेक अत्यंत पुण्यदायी एवं फलदायी माना गया है। उन्होंने कहा कि श्री महाकालेश्वर दरबार में आयोजित श्री रुद्र महायज्ञ, रुद्राभिषेक एवं श्रीराम कथा का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार, सद्भाव एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है।

इस अवसर पर पंडित रामचरण शर्मा, सुभाष गिरि, सरिता तिवारी, मोहित, दिव्यांश, प्रियंका अग्रवाल, प्रदीप द्विवेदी, नीलू पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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