: नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, नंद महोत्सव में संतों का हुआ आगमन
Thu, May 2, 2024
आगरा। शिव वाटिका शमशाबाद रोड पर चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में आज चैथे दिन सरस कथा व्यास आचार्य श्री हरिओम जी महाराज (व्याकरणाचार्य) जी ने कृष्ण जन्म नंद महोत्सव का वर्णन किया तो पूरा पंडाल, नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, इस धुन पर झूमने लगा। आज कथा में रेणुका धाम रुनकता से श्री श्री 1008 श्री स्वामी शिवानंद जी महाराज एवं वृंदावन धाम से महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री हरि शरण दास जी महाराज रामू बाबा जी श्री रामकिशन दास जी का भी दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
प्रख्यात कथा व्यास आचार्य श्री रामनजर जी महाराज (पूज्य श्री हरि जी महाराज) के सानिध्य में शिव वाटिका में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में आचार्य श्री हरिओम जी ने सर्वप्रथम गजेंद्र की कथा एवं वामन अवतार की कथा का वर्णन किया आगे भगवान श्री राम जी के चरित्र का वर्णन करते हुए आचार्य जी ने बताया भगवान श्री राम ने पग पग पर मर्यादा का पालन किया और राम कथा ऐसी कथा है जो हमें जीवन जीना सिखाती है पुत्र का पिता के प्रति क्या कर्तव्य होता है भाई का भाई के प्रति क्या कर्तव्य होता है मित्र का मित्र के प्रति क्या कर्तव्य होता है शत्रु का शत्रु के प्रति क्या कर्तव्य होता है यह सब हमें श्री राम कथा के माध्यम से ही पता चलता है आचार्य जी ने संक्षेप में ही राम कथा का वर्णन किया।
आगे आचार्यजी ने बताया जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है राक्षस लोग बढ़ते हैं अनीति करते हैं तो भगवान अवतार लेकर राक्षसों का संघार करके धरती पर धर्मराज की स्थापना करते हैं श्री कृष्ण के जन्म का वर्णन करते हुए आचार्य जी ने बताया भगवान कृष्ण का जन्म वासुदेव एवं देवकी के यहां अत्याचारी कंस के कारागार में मथुरा में हुआ भगवान के आदेश से वासुदेव जी रात ही रात में अपने पुत्र श्री कृष्ण को गोकुल नंद बाबा के यहां मैया यशोदा के बगल में छोड़कर वहां से योग माया को लेकर के वापस मथुरा चले गए। प्रातः काल जब नंद बाबा को पता चला कि मेरे यहां बालक का जन्म हुआ है नन्द बाबा ने बहुत प्रसन्नता व्यक्त की और अपने पुत्र के जन्म की खुशी में नंद महोत्सव मनाया आचार्य जी ने संगीत में वाणी में नंद महोत्सव का वर्णन किया। नंद घर आनंद भैया जय कन्हैया लाल की इस धुन पर फूलों की वर्षा मेवा मिष्ठानों की वर्षा खिलौने की वर्षा टोफियों की वर्षा होने लगी। भारी संख्या में आई हुई भक्त जनों की भीड़ में कृष्ण जन्म का बड़ा भारी आनंद लिया पंडाल में वृंदावन जैसा माहौल बन गया।
कथा में प्रतिदिन महान संतो के दर्शन का लाभ भी श्रोताओं का प्राप्त हो रहा है
अपार भीड़ के साथ आज कथा में पधारे ऋषि उपाध्याय, राजकुमार उपाध्याय, समाजसेवी श्याम चांदनी भोजवानी, हिमेश बित्थरिया, राजेश रावती, कौशल शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, संजय उपाध्याय, राम दत्त मुदगल, राम गोपाल बित्थरिया, हीमेश, पवन मिश्रा, जितेंद्र कुमार शर्मा आदि ने कथा श्रवण की। 3 मई को पंचम दिवस की कथा दोपहर 2 बजे से आरम्भ होगी।
: सतगुरु मेरा सदा दयाला मोहें दीन को राख लिया
Wed, May 1, 2024
आगरा। गुरुद्वारा दशमेश दरबार शहीद नगर विभव नगर आगरा पर धन धन साहिब श्री गुरु अर्जुन देव जी के प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष घर घर बाबा गाविए - कीर्तन समागम में गुरु रूप साध संगत ने परिवार सहित पहुंचकर साहिब श्री धन धन गुरु ग्रंथ साहिब जी को शीश नवाया वह गुरु की पावन पवित्र गोद में कीर्तन समागम का माण लिया।
भाई साहब भाई हरजोत सिंह समूह सेवक जत्था संत बाबा सुरेंद्र सिंह गुरुद्वारा मिठ्ठा खुह वालों द्वारा गुरु की अमोलक शब्द गुरवाणी कीर्तन कथा से गुरु अर्जुन देव साहिब जी की उपमा का वर्णन कर गुरु की सच्ची राह पर चलने की प्रेरणा दी। शब्द, तू मेरो प्यारो ता कैसी भूखा तू मन वसेया लगे ना दुखा,,,, जपियो जिन अर्जन देव गुरु फिर संकट जोन गर्भ ना आओ,,, ज्ञानी जी द्वारा अरदास हुकुमनामा के साथ सभी गुरु रूप गुरु प्यारी संगत ने लंगर पाकर गुरु का शुकराना किया।
लंगर की सेवा में विशेष रूप से भाई हरजिंदर सिंह सुखमनी सेवा सभा, मुख्य रूप से भाई हरपाल सिंह प्रधान, राजू सलूजा, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, मलकीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह लवली, गुरजिंदर सिंह, देवेंद्र सिंह जुल्का, पिंकी वीर, सुरेंद्र सिंह लाडी, हरजोत सिंह, हरजिंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।
: भक्ति ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी है श्रीमद्भागवत महापुराण - आचार्य हरिओम
Wed, May 1, 2024
आगरा। शिव बाटिका, शमसाबाद रोड, आगरा में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में सरस कथा व्यास आचार्य हरिओमजी महाराज व्याकरणाचार्य जी ने बताया श्रीमद् भागवत महापुराण की पवित्र कथा भक्ति ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी है।
आज दूसरे दिन श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा का वर्णन करते हुए आचार्यजी ने भगवत शब्द की व्याख्या करते हुए बताया कि भा माने भक्ति माने ज्ञान व माने वैराग्य और तो माने बिस्तार। आचार्यजी ने बताया व्याकरण में तो विस्तारे धातु है अतः जिस ग्रंथ में भक्ति ज्ञान और वैराग्य का विस्तार से वर्णन किया जाए उसी को श्रीमद् भागवत कहते हैं।
प्रख्यात कथा व्यास आचार्य श्री रामनजर जी महाराज (पूज्य श्रीहरि जी महाराज) के सानिध्य में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में सरस कथा व्यास आचार्य श्री हरिओम जी महाराज जी ने आगे भागवत की उत्पत्ति की कथा का वर्णन किया उन्होंने बताया की श्रीमद्भागवत कथा नारायण से ब्रह्मा को प्राप्त हुई ब्रह्मा जी से नारद जी को प्राप्त हुई नारद जी से व्यास जी को प्राप्त हुई और व्यास जी से सुकदेव जी महाराज को प्राप्त हुई सुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सुने इस प्रकार क्रम पूर्वक श्रीमद् भागवत महापुराण हम लोगों को धरती पर सुनने को प्राप्त हुई और श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से भारतवर्ष अपने देश के साथ-साथ विदेशों में भी श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का प्रचार हो रहा है।
श्री वृंदावन धाम से पधारे महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री हरि शरण दास जी महाराज रामू बाबा ने आज कथा का श्रवण किया और कथा में आए हुए श्रोताओं को आशीर्वचन दिया। समाजसेवी श्याम भोजवानी ने बताया श्रीमद् भागवत कथा में प्रतिदिन दोपहर 2 से 6 तक आप अपने परिवार साथ आकर पुण्य कमाए।