: ये रामायण है पुण्य कथा श्रीराम की… भजन संध्या में सियाराम की कथा सुन छलके श्रद्धालुओं के अश्रु
Sun, Oct 13, 2024
श्रीहरि सत्संग समिति के सहयोग से अग्रधाम सेवा सदन में विजय दशमी के उपलक्ष्य में आयोजित भजन संध्या में बही भक्ति की धारा
आगरा। कभी भक्ति भाव श्रद्धालुओं के होठों पर खुशी तो कभी आंखों में जलधारा को बहा लाए। भगवान राम की भक्ति जब स्वरों में सजकर भजनों के रूप में भक्तों के हृदय तक पहुंची तो हर तरफ श्रीहरि के जयकारे गुंजायमानन होने लगे। कुछ ऐसा ही नजारा था श्रीहरि सत्संग समिति के सहयोग से अग्रधाम सेवा सदन सेवला में आयोजित भजन संध्या में। जहां भजन गायक देवेश अग्रवाल व मंजरी शुक्ला ने अपनी भक्ति से सजे स्वरों में हर भक्त को खूब डुबकी लगवाई।
भजन संध्या का शुभारम्भ सियाराम के चित्र के समक्ष मुख्य अतिथि केन्द्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल, मधु बघेल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चैहान, विधायक जीएस धर्मेश, सुमन अग्रवाल, विशम्भर अग्रवाल ने सम्मलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। देवेश अग्रवाल व मंजरी शुक्ला ने जब अपनी भक्तिमय आवाज में सजा दो घर को गुलशन सा…, फूलों में सज रहे हैं श्रीवृन्दावन बिहारी…, रामा रामा रटते बीती रे उमरिया…, हम कथा सुनाते रामचंद्र भगवान की, ये रामायण है पुण्य कथा श्रीराम की…, राधिका गोरी से बृज की छोरी…, बड़ा नटखट है रे नंदकिशोर…, हमारे साथ हैं श्रीरधुनाथ, हमे डर किस बात का… जैसे भजन प्रस्तुत किए तो हर तरफ भक्ति रे रंग बिखरे नजर आए। अंत में सियाराम की भव्य आरती की गई। संचालन आरपी सक्सेना ने किया। इस वसर पर मुख्य रूप से सुभाष सक्सेना, धनवन्तरी पाराशर, मुकेश शुक्ला, भदवान दास बंसल, टीएन अग्रवाल, अंशु अग्रवाल, संजय गोयल, संजय मित्तल आदि उपस्थित थे।
: 70 फुट का रावण धू धू कर जल उठा, आतिशबाजी संग गूंजा चहुंओर राम नाम का जयघोष
Sun, Oct 13, 2024
42 वें दशहरा महोत्सव का शुभारंभ हुआ वृद्धजनों के सम्मान के साथ
रावण दहन के बाद हुआ भरत मिलाप, सांस्कृतिक संध्या ने किया मंत्रमुग्ध
दशहरा मेला स्वागत समिति, बाग मुजफ्फर खां ने किया भव्य आयोजन
आगरा। दशानन के दहन तो हुआ किंतु उससे पूर्व सम्मान कर आशीर्वाद लिया गया बुजुर्गों का। परंपरा का निर्वहन करते हुए दशहरा मेला स्वागत समिति, बाग मुजफ्फर खां द्वारा दो दिवसीय 42वें दशहरा महोत्सव का आयोजन किया गया।
वैश्य बोर्डिंग हाउस, सेंट जोंस चौराहा पर आयोजित दशहरा महोत्सव के अन्तर्गत 70 फुट रावण के पुतले का दहन किया गया। मुख्य संरक्षक हेमेन्द्र कुलश्रेष्ठ ने बताया कि दशहरा महोत्सव का उद्घाटन सुरेश चन्द गर्ग द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। अध्यक्ष राजीव कान्त लवानियों ने बताया कि मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और कैबिनेट मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने शहरवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं एवं समाज में फैली प्रदूषण, अराजतकता जैसी बुराइयों के नाश का संकल्प भी दिलाया।
मेला संयोजक जुगल चतुर्वेदी ने बताया कि रावण दहन से पूर्व महोत्सव में वृद्धजन सम्मान किया गया। विशम्भर दयाल वर्मा, शिवदेवी वर्मा, शान्ती बघेल का सम्मान कुमुद प्रभा अग्रवाल द्वारा किया गया।
स्वागताध्यक्ष रमन गुप्ता द्वारा मुरारी लाल गुप्ता की स्मृति में सेवा के क्षेत्र में नये आयाम कायम करने वाले डॉ. अरविन्द मिश्रा, कुलदीप मिश्रा, डॉ. पार्थ सारथी, कवि हरेश चतुर्वेदी, सुनील जैन एवं प्रियंका गौतम का सम्मान किया गया। संरक्षक पं. ओम शर्मा ने बताया कि एमएस डान्स स्टूडियो के पवन वर्मा, निकिता सिंह, राकेश नागर, दिनेश श्रीवास्तव द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गयी।
मेला प्रभारी विनय शर्मा एड. के अनुसार मेला प्रांगण में भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया गया एवं सीता जी की आरती समस्त पदाधिकारियों द्वारा की गयी। महामंत्री विनय जैन (नेताजी) ने बताया कि दशहरा शोभायात्रा जटपुरा लोहामण्डी से श्रीरामचन्द्र जी का डोला आयोजन स्थल पहुंचा, जहां श्रीराम के स्वरूप ने विशालकाय रावण के पुतले का दहन किया। इसके बाद मुख्य संरक्षक हेमेंद्र कुलश्रेष्ठ के निवास पर भरत मिलाप हुआ। मंच संचालन मुकेश शर्मा ने किया।
मीडिया प्रभारी मोहित चतुर्वेदी ने बताया कि रविवार को मेंहदी एवं रंगोली प्रतियोगिता के प्रतिभागियों का सम्मान, अतिशबाजी का प्रदर्शन एवं भव्य खाटू श्याम की भजन संध्या का आयोजन किया जायेगा। दशहरा महोत्सव आयोजन की व्यवस्था संरक्षक पं. दाऊ दयाल शर्मा, भगवान दास कुशवाह, नरेश जैन, शरत चन्द्रा, प्रदीप वाष्र्णेय, विजय गोयल, अनिल बृजवासी, ओम प्रकाश रौतेले, जय अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह, मनीष गर्ग, कपिल नागर, जसवन्त सिंह बघेल, उपाध्यक्ष श्याम सुन्दर शर्मा एड., विनोद गुप्ता, राकेश बघेल, संजय अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रविन्द्र मोहन बंसल (पप्पी भाई), सह संयोजक मुकुल कुलश्रेष्ठ, लेखाधिकारी प्रदीप सिंघल, सांस्कृतिक सचिव तरूणा अग्रवाल, दिनेश वर्मा, अखिल अग्रवाल, निखिल कुलश्रेष्ठ, आशीष लवानियां, मंत्री विशाल तौमर, सौरभ गुप्ता, राजू कुशवाह, सचिन सेठ, प्रमोद कुशवाह (खन्ना), सहमंत्री सुमित चतुर्वेदी, पिन्टू कुमार, लाला बघेल, सागर कुशवाह, सह मीडिया प्रभारी संस्कार गुप्ता आदि संभाल रहे हैं।
: डोली भूमि गिरत दस कंधर, छुभित सिंधु सरि दिग्गज भूधर
Sun, Oct 13, 2024
श्रीमनः कामेश्वर नाथ रामलीला में दशानन दहन के साथ गूंजे जय श्री राम के घाेष
श्रीमनःकामेश्वर बाल विद्यालय, दिगनेर में चल रही है श्रीराम लीला
दसवें दिन लीला में हुआ लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध कुंभकरण− रावण वध लीलाओं का मंचन
आगरा। भूमि डोल गयी, समुद्र, नदियां, दस दिशाओं के हाथी और पर्वत क्षुब्ध हो उठे। वानरों और भालुओं की सेना को अपनी विशाल भुजाओं में दबाता हुआ रावण दो टुकड़ों में भूमि पर धराशाही हो गया। रावण के धरा पर गिरते ही जय श्रीराम, जय श्रीराम के जयघाेषाें से पूरा रामलीला पंडाल दिप्तिमान हो उठा। शनिवार को गढ़ी ईश्वरा, ग्राम दिगनेर, शमशाबाद रोड स्थित श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रही श्रीमनःकामेश्वरनाथ रामलीला के दसवें दिन लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ, कुंभकरण और दशानन वध की लीलाओं का भव्य मंचन हुआ।
महंतश्री योगेश पुरी ने बताया कि शक्ति आराधना के बाद श्रीराम ने रावण के वध की लिए धनुष उठाया। इसके पीछे समाज को संदेश दिया कि शक्ति बिना शिव अधूरे हैं, जब तब नारी शक्ति का साथ पुरुष को नहीं मिलता राम भी रावण वध के लिए तत्पर नहीं होते।
लीला मंचन में दर्शाया गया कि लंका दहन के बाद क्रोधित हुए दशानन ने अपने पुत्र मेघनाथ को रणभूमि में युद्ध के लिए भेजा। युद्ध भूमि में अपने रण कौशल से मेघनाथ ने लक्ष्मण जी को मूर्छित कर दिया। जैसे ही यह समाचार रामाकुल को प्राप्त हुआ प्रभु श्री राम की सेना के वानर भालू व्याकुल हो उठे। तभी जामवंत की आज्ञा पाकर हनुमान जी संजीवन बूटी लेने के लिए प्रस्थान कर गए। अपने छोटे भाई लक्ष्मण जी को मूर्छित देखकर प्रभु श्री राम विलाप करते हुए खुद को कोस रहे थे। इस प्रकार की मार्मिक लीला को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए। प्रभु श्री राम और उनकी सेना द्वारा मेघनाथ, कुंभकरण वध लीला हुयी। तत्पश्चात रणभेरी बजते ही प्रभु श्री राम और लंकापति रावण की सेना जैसे ही नजदीक आईं दोनों में भयंकर युद्ध हुआ। दोनों ओर से बाणों की वर्षा होते हुए युद्ध में दशानन की सेना क्षण भर में धराशाई हो गई। प्रभु श्री राम ने 31 बाणों से दशानन की नाभि में प्रहार किया। प्रभु श्री राम की इस अलौकिक शक्ति से रावण तीर लगते ही धू-धू करके जलने लगा। अपनी सेना के साथ लंकापति रावण के दहन पर आयोजन स्थल जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा। मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया श्रीमनःकामेश्वर राम लीला का रविवार को राज्याभिषेक के साथ समापन हो जाएगा।