Thu 24 Sep 2026
Breaking News Exclusive
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन का शपथ ग्रहण समारोह 23 सितंबर को केंद्रीय विद्यालय-2 में विश्व पर्यटन दिवस पर दिखी भारत की सांस्कृतिक विविधता जनकपुरी केंद्रीय कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ मंजू भदौरिया ने की महाआरती कारोबार, तकनीक और वैश्विक साझेदारी के नए द्वार खोलेगा ‘मीट एट आगरा’ यूजीसी के विरोध में आगरा में तेज हुआ आंदोलन, ट्रैक्टर मार्च को लेकर बढ़ी हलचल जरूरतमंदों के लिए शुरू हुई एक रुपये में भरपेट भोजन की सेवा दान की राशि से जनसेवा का संकल्प, बालिका कॉलेज के दो कक्षों का जीर्णोद्धार वनवासी कल्याण आश्रम की 37 बालिकाओं ने लायंस क्लब प्रयास के साथ देखी हनुमान अंश, उत्साह से लिया आउटिंग का आनंद संत शिरोमणि दुर्बलनाथ के 165वें जन्मोत्सव पर निकलेगी भव्य शोभायात्रा जनकपुरी महोत्सव की तैयारियां तेज, 1 से 10 अक्टूबर तक होंगे भव्य आयोजन

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: कुअंरु कुअंरि कल भावंरि देहीं, नयन लाभु सब सादर लेहीं

Pragya News 24

Tue, Oct 8, 2024
Post views : 76
  • श्रीमनःकामेश्वर बाल विद्यालय, दिगनेर में चल रही है श्रीमनः कामेश्वरनाथ राम लीला
  • चतुर्थ दिन लीला में हुआ धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर और परशुराम संवाद लीला मंचन
  • मंगलवार को निकलेगी राम बरात, दुल्हन की तरह सजधज कर तैयार हुआ दिगनेर

आगरा। हर्षित हुए सब नर नारि, पुलकित हो उठी सृष्टि ही हर फुलवारी। श्रीहरि विष्णु नारायण के अवतार श्रीराम ने तोड़ा शिव धनुष, होने लगी देवलोक से पुष्प वर्षा अतुलित। गढ़ी ईश्वरा, ग्राम दिगनेर, शमशाबाद रोड स्थित श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रही श्रीमनःकामेश्वरनाथ रामलीला के चतुर्थ दिन सोमवार को धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर और परशुराम संवाद प्रसंग का मंचन हुआ। प्रसंग में जनकपुर में निवास कर रहे राम, लक्ष्मण व मुनि विश्वामित्र को राजा अपने मंत्री सतानंद को भेज स्वयंवर में आने का निमंत्रण भेजते हैं। मुनि विश्वामित्र के साथ पहुंचे, श्रीराम व लक्ष्मण की शोभा स्वयंवर में उपस्थित समस्त राजा आश्चर्य से देखते हैं। रंग भूमि में उपस्थित राक्षस राज रावण, बांणा सुर सहित अनेक राजा धनुष उठाने में असमर्थ होकर चले जाते हैं। वहीं कुछ अपना बल पौरुष दिखाकर लोगों के हंसी का पात्र भी बनते हैं।

राजा जनक परेशान होकर टिप्पणी कर देते हैं , जिसे सुन लक्ष्मण क्रोधित हो जाते हैं। मुनि विश्वामित्र के आज्ञा पाकर श्रीराम धनुष उठाने चलते हैं। सखियां श्रीराम को हाथों धनुष टूटने की भगवान गणेश से प्रार्थना करती हैं। महारानी सुनयना एक बालक के हाथों धनुष तोड़े जाने में संदेह जताती हैं। शर्त रखने के लिए राजा जनक को कोसती हैं। सीता मन ही मन स्तुति करती हैं। इस बीच धनुष की प्रत्यंचा खिंचते ही वह तीन खंडों में विभक्त हो जाता है। लेत चढ़ावत खैंचत गाढ़ें, काहुं न लखा देख सबु ठाढें। चौपाई गूंजती है और मंगल गीत के बीच सीता जयमाला लेकर रंगभूमि में आती हैं।

शिव के धनुष टूटने की सूचना से परशुराम क्रोधित होकर जनकपुर पहुंचते हैं। लक्ष्मण− परशुराम संवाद होता है। विश्वामित्र परशुराम का क्रोध शांत कराते हुए श्री राम जी को नारायण का अवतार कहते हैं। यह सुन परशुराम श्रीराम को अपना रमापति धनुष देकर उसकी प्रत्यंचा चढ़ाने को कहते हैं। श्रीराम के प्रत्यंचा चढ़ाते ही परशुराम का संशय दूर हो जाता है वे श्रीराम की स्तुति कर लौट जाते हैं।
लीला मंचन से पूर्व श्रीमहंत योगेश पुरी और मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने श्रीलक्ष्मी नारायण के स्वरूपों की आरती उतारी।

राम बरात के लिए सजी मिथिला नगरी दिगनेर
श्रीमहंत योगेश पुरी ने बताया कि अवधपुरी बना दिगनेर मंगलवार को जनकपुर की भांति शाेभित होगा। यहां मंगलवार को भव्य राम बरात निकाली जाएगी, जिसमें चारों भाइयों के स्वरूप होंगे। बरात की अगुवायी गुरु वशिष्ठ के स्वरूप में श्रीमहंत स्वयं करेंगे। राम बरात को लेकर उत्साहित स्थानीय लोगों ने हर सड़क, हर चौराहे को रंगोली और लाइटिंग से सजा दिया है। घरों की चौखटों पर महिलाओं ने तोरण लगा दिए हैं। त्रेता की सजीव झांकी की भांति इस वक्त दिगनेर का वातावरण बन चुका है। श्रीराम वरयात्रा में विभिन्न झांकियां भी निकाली जाएंगी। आगरा शहर से बड़ी संख्या में लोग आयोजन में भाग लेने के लिए पहुंचेंगे। आयोजन का लाइव प्रसारण श्रीमनःकामेश्वर मंदिर सहित शहर के विभिन्न चौराहाें और विदेशाें तक में किया जा रहा है।

30 वर्ष पूर्व बिजली को तरसता था दिगनेर
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि आज जहां श्रीराम लीला का मंचन हो रहा है, रंग बिरंगी रोशनी से पूरा क्षेत्र सजा हुआ है वहां करीब 30 वर्ष पूर्व 1993 में बिजली, महानगर बस सेवा, टेलिफोन, सड़क आदि संसाधन जुटाने के लिए स्थानीय लोगों ने आंदोलन की तैयारी की थी। सुविधा और विकास के लंबे अंतराल के बाद आज दिगनेर में श्रीराम की लीला का मंचन और शहरी क्षेत्र की भांति राम बरात का आयोजन होना संभव हो सका है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन