: आई आई एच पी की दो दिवसीय राष्ट्रीय होमियोपैथिक सेमिनार फवरी माह 2024 में हैदराबाद में
Fri, Jan 5, 2024
आगरा। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होमियोपैथिक फिजिशियंस की दो दिवसीय राष्ट्रीय होमियोपैथिक सेमिनार हैदराबाद, तेलंगाना में आगामी 10 व 11 फरवरी 2024 को आयोजित की जा रही है
इस सेमिनार में देश, विदेश से कई होमियोपैथिक चिकित्सक भाग लेने वाले है। यह जानकारी आईआईएचपी के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव डॉ. राजेंद्र सिंह ने दी है। डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस सेमिनार में प्रख्यात होमियोपैथिक चिकित्सक अपने अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे जिस से आज के समय में वातावरण के बदलाव से कई प्रकार की नई नई बीमारियां पैदा हो रहीं हैं उन पर काबू पाया जा सके। साथ ही वहां पर होमियोपैथिक के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकत्सकों को सम्मानित भी किया जायेगा।
: आगरा में सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान में मिले 390 नये टीबी मरीज
Fri, Jan 5, 2024
जिले की 20 प्रतिशत आबादी में 23 नवंबर से पांच दिसंबर तक खोजे गए नये टीबी मरीज
अपने आसपास टीबी के लक्षण वाले मरीज दिखें तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर कराएं जांच
आगरा। भारत को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने क लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 23 नवंबर से पांच दिसंबर तक “एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान” ( सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान) चलाया गया। अभियान के दौरान 390 नये टीबी मरीज मिले हैं जिनका इलाज शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि अगर किसी के आसपास टीबी के लक्षणों वाले मरीज दिखें तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच अवश्य कराएं। टीबी संबंधी समस्त जांचे और इलाज सरकारी प्रावधानों के तहत उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने जनपदवासियों से कहा है कि एक क्षय रोगी का इलाज समय से शुरू न होने से वह साल भर में अपने सम्पर्क में आने वाले दस से पंद्रह लोगों क्षय रोगी बना सकता है । वहीं अगर क्षय रोगी का इलाज शुरू कर दिया जाता है तो तीन सप्ताह दवा खाने के बाद वह किसी अन्य व्यक्ति को संक्रमित नहीं करता है । दवा का कोर्स पूरा होने पर वह पूरी तरह से स्वस्थ हो जाता है । ऐसे में सभी लोग क्षय रोग के लक्षणों वाले व्यक्तियों को जाँच करने के लिए प्रेरित कर निकटतम सरकारी स्वास्थ्य इकाई ,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर भेजकर जिले को क्षय रोग मुक्त करने में अपना योगदान दें।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि एसीएफ कैंपेन के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित टीम द्वारा जनपद में 10.99 लाख लोगों की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की गयी। इस दौरान 6013 संभावित टीबी मरीजों के बलगम की जांच की गयी जिनमें से 390 लोग टीबी से ग्रसित मिले।
डीटीओ ने बताया कि मरीज में टीबी पुष्टि होने पर उसके परिवार के सदस्यों की भी टीबी की जांच कराई जाती है। परिवार के अन्य सदस्यों में टीबी न निकलने पर भी उनको टीपीटी(टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी) दी जाती है । इससे उन्हें भविष्य में टीबी होने की आशंका नहीं रह जाती । उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए इन मरीजों की एचआईवी और मधुमेह की भी जांच कराई जाती है । सभी मरीजों की ड्रग सेंस्टिविटी की भी जांच कराई जाती है । जो मरीज ड्रग सेंस्टिव मिलते हैं उनकी दवा छह महीने तक चलती है, जबकि ड्रग रेसिस्टेंट (डीआर) टीबी मरीजों का इलाज डेढ़ से दो साल तक चलता है । ड्रग सेंस्टिव टीबी के मरीज जब बीच में दवा बंद कर देते हैं तो उनके डीआर टीबी मरीज बनने की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए दवा पूरा किये बिना इलाज बंद नहीं होना चाहिए अन्यथा टीबी से जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
डीटीओ ने बताया कि टीबी मरीजों को ट्रीटमेंट के दौरान बेहतर पोषण की आवश्यकता होती है । इसलिए प्रत्येक टीबी मरीज को निक्षय पोषण योजना से जोड़कर 500 रुपए प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। इसके साथ ही निक्षय मित्रों के द्वारा भी टीबी मरीजों को उनकी सहमति पर गोद लिया जाता है और उन्हें पोषण संबंधी सहयोग के साथ साथ मानसिक संबल भी दिया जाता है । इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति, राजनेता, अधिकारी, जनप्रतिनिधि या स्वयंसेवी संस्था टीबी मरीज को गोद लेकर उन्हें हर माह पोषण सामग्री दे सकता है । साथ ही इलाज चलने तक मरीज को मानसिक संबल प्रदान करना है ताकि वह निराश न हो और बीच में दवा न बंद करे ।
टीम की मदद से मिली राह
ब्लॉक फतेहपुर सीकरी के नगला डंबर के निवासी 46 वर्षीय कुंवर सिंह (बदला हुआ नाम) बताते हैं कि उन्हें 15 दिनों से लगातार खांसी आ रही थी । इसके अलावा कोई परेशानी नहीं थी । इसलिए उन्होंने मर्ज की गंभीरता पर ध्यान नहीं दिया । 3 दिसंबर 2023 को को स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर आई और टीबी के लक्षणों के बारे में बताया । जब उन्होंने खांसी वाली परेशानी के बारे में टीम को बताया तो उनका बलगम जांच के लिए लिया गया। जांच के उपरांत पता चला कि उन्हें टीबी हो गया है । वह बताते हैं कि उन्होंने टीबी यूनिट फतेहपुर सिकरी जाकर डॉक्टर को दिखाया और दवाइयां प्राप्त की । डॉक्टर ने उन्हें नियमित दवा का सेवन करने की सलाह दी है । उन्होंने बताया, ‘‘अभी मैं अपनी नियमित रूप से दवाई का सेवन कर रहा हूं, ताकि मैं जल्द से जल्द स्वस्थ हो सकूं । सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सीमा द्वारा मुझे बताया गया कि आपको निक्षय पोषण योजना से भी जोड़ा जा चुका है । उपचार के दौरान तक 500 रुपये प्रतिमाह सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएंगे। मास्क लगाने और पौष्टिक आहार जैसे दूध, अंडा, पनीर, फल आदि का सेवन करने की भी सलाह दी गयी है ।’’
: आगरा ताज हाफ मैराथन में दौड़ेंगे देश भर से आए हजारों भारतवासी
Wed, Jan 3, 2024
आगरा स्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा आयोजित हॉफ मैराथन का 3 मार्च को एकलव्य स्टेडियम से होगा शुभारम्भ।
हाफ मैराथन से पूर्व नागरिकों के अभ्यास एवं जागरूकता हेतु तीन प्रोमो रन की जाएंगी आयोजित।
आगरा। आगरा स्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा आयोजित आगरा ताज हाफ मैराथन में देश भर से आए हजारों धावक दौड़ेंगे। हमारा उद्देश्य खेलों को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना एवं स्वस्थ समाज के निर्माण का है। अध्यक्ष डॉ. विकास मित्तल, सचिव डॉ. एनएस लोधी, अजय दीप सिंह एवं कोषाध्यक्ष आवेग मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि मैराथन में तीन कैटगरी 5 किमी, 10 किमी एवं 21 किमी हैं। सभी कैटिगरी के विजेताओं को नकद पुरस्कार प्रदान किए जायेंगे। सभी पार्टिसिपेन्टस को टी-शर्ट, मैडल, टाइमिंग चिप युक्त बिब दी जाएंगी। अभी इस प्रकार की मैराथन के लिए हमें अन्य बड़े शहरों में जाना पड़ता है। हम वही अनुभव आगरा एवं अन्य निकटवर्ती लोगों को देना चाहते हैं।
डॉ. संजय गुप्ता, महेश सारस्वत, दीपक नेगी एवं संदीप ढल ने बताया पांच किमी का प्रथम प्रोमो 14 जनवरी को खेलगांव से प्रारम्भ होकर पोहिया घाट होते हुए खेलगांव पर ही समापन होगा। दूसरा प्रोमो 10 किमी का होगा जो एकलव्य स्टेडियम से प्रारम्भ होकर लाल किला, ताजमहल, सर्किट हाउस मार्ग से होते हुए एकलव्य स्टेडियम पर ही समाप्त होगा। वहीं तीसरा प्रोमो वेलेन्टाइन थीम पर आयोजित किया जाएगा।
चारू कपूर, डॉ. रचना, डॉ. माला एवं सपना ने बताया कि महिलाओं के लिए साड़ी रन का आयोजन होगा, जिसमें महिलाएं साड़ी पहनकर दौड़ते हुए यह संदेश देंगी कि हर व्यक्ति दौड़ सकता है। 3 मार्च को सभी प्रतिभागियों के लिए फोटोग्राफ, हाइड्रेशन एवं स्वादिष्ट अल्पाहार की व्यवस्था की गई है।
कमल, भारत, तुशार एवं संकल्प ने बताया कि 5 किमी का कटऑफ टाइम एक घंटा, 10 किमी के लिए दो घंटा और 21 किमी के लिए कटऑफ टाइम साढ़े तीन घंटा होगा। 12 वर्ष की उम्र से अधिक हर व्यक्ति हॉफ मैराथन में हिस्सा ले सकता है। हॉफ मैराथन में भाग लेने के इच्छुक लोग ंहतंेचवतजेविनदकंजपवद.वतह पर रजिस्ट्रेशन एवं जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हमारी संस्था सभी प्रतिभागीयों कों अभूतपूर्व मैराथन अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध है।