: गोद लिए गए बच्चे को सभी अधिकार व पारिवारिक परिवेश मिले, जाने बच्चा गोद लेने के क्या हैं नियम
Thu, Oct 19, 2023
आगरा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 16 से 22 अक्टूबर के मध्य एडॉप्शन वीक मनाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को यूनिसेफ के सहयोग से एक वेबनॉर का आयोजन किया गया। जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग, यूनिसेफ, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग सहित विभाग के मंडलीय अधिकारी, विभिन्न जिलों के जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाल कल्याण समिति, महिला सशक्तीकरण केंद्र, चाइल्ड हेल्पलाइन, किशोर न्याय बोर्ड, सहित वन स्टॉप सेंटर व बाल देखरेख संस्थाओं के प्रतिनिधियों और मीडिया कर्मियों ने प्रतिभाग किया।
इस मौके पर विभाग की निदेशक संदीप कौर ने बताया कि विभाग द्वारा 16 से 22 अक्टूबर के मध्य एडॉप्शन वीक का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान लोगों को बच्चों को गोद लेने की कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी देकर उन्हें जागरूक करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें कई बार रेलवे और बस स्टेशन, झाड़ियों में नवजात बच्चे मिलते हैं जिन्हें देर हो जाने पर बचाना मुश्किल हो जाता है। जो लोग बच्चों को नहीं पालना चाहते हैं, वह उन्हें अस्पताल, शिशु गृह या फिर किसी सुरक्षित संस्था के सुपुर्द कर दें अथवा 1098 निशुल्क नंबर पर चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें। इसके लिए अस्पतालों और शिशु गृह में पालना लगाए जाने चाहिए, लोग उसी पालने में अपने बच्चे को छोड़ सकते हैं, जिससे बच्चा सुरक्षित हाथों तक पहुंच सके।
महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक पुनीत मिश्रा ने बताया कि बच्चों को गोद लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था है। कोई भी परिवार कहीं से भी cara.wcd.gov.in वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। बाल अधिकारों के विशेषज्ञ और यूनिसेफ इंडिया के विशेषज्ञ प्रभात कुमार ने कहा कि गोद लेने वाले परिवार और हम सभी का यह दायित्व है कि बच्चे को इस तरह का संरक्षण दे कि बच्चे को सभी अधिकार मिले, उन्हें पूरी तरह से पारिवारिक परिवेश मिले और बच्चे के साथ भेदभाव न होने पाए। उन्होंने कहा कि गोद लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने की जरूरत है, साथ ही इसमें जो भी विभाग संबंद्ध हैं, उन्हें भी शीघ्रता करने के साथ पारदर्शिता से काम करने की जरूरत है।
बाल संरक्षण विषय विशेषज्ञ करूणा नारंग ने कहा कि बेटे की चाह में कई परिवारों में बच्चों की संख्या बढ़ती जाती है। ऐसे में बच्चों को अकेला छोड़ देने की बजाय महिलाओं को जागरूक किया जाना चाहिए कि इधर-उधर फेकने के बजाए बच्चों को जिला बाल संरक्षण इकाई या बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर सकते है, जिससे बच्चे को किसी परिवार को गोद दिया जा सके।
परिचर्चा के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र रखा गया, जिसमें विभिन्न जिलों से प्रतिभागियों ने अपनी प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर विशेषज्ञों द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का संचालन विभाग के राज्य परामर्शदाता नीरज मिश्र ने किया।
यह हैं गोद लेने के नियम -
यदि कोई सिंगल महिला किसी बच्चे को गोद लेना चाहती है तो वह बेटा या बेटी किसी को भी गोद ले सकती हैं।
यदि कोई सिंगल पुरुष बच्चे को गोद लेना चाहता है तो उसे केवल बेटा ही गोद दिया जाता है, बेटी नहीं।
परिवार में दो बच्चे होने के बाद भी यदि कोई बच्चा गोद लेना चाहे तो उसे कोई सामान्य नहीं बच्चा गोद लिया जाएगा।
यह हैं जरूरी दस्तावेज -
गोद लेने वाले दंपति का निवास का प्रमाण, आधार कार्ड।
यदि खुद का बच्चा है और उसकी उम्र पांच साल से अधिक है, तो उस बच्चे की सहमति जरूरी है।
गोद लेने वाला व्यक्ति यदि शादीशुदा है तो शादी का प्रमाण-पत्र।
गोद लेने वाला व्यक्ति यदि तलाकशुदा है तो उसका प्रमाण-पत्र।
: तेहि छन मध्य राम धनु तोरा, भरे भुवन धुनि घोर कठोरा…
Thu, Oct 19, 2023
श्रीमनःकामेश्वर बाल विद्यालय, दिगनेर में चल रही है श्रीराम लीला
चतुर्थ दिन लीला में हुआ धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर और परशुराम संवाद लीला मंचन
गुरुवार को दिगनेर गांव में पहली बार निकाली जाएगी राम बरात
आगरा। जैसे ही भगवान श्रीनारायण के अवतार श्रीराम ने शिव धनुष तोड़ा हर ओर, हर कोई पुलिकित− हर्षित हो उठा। गढ़ी ईश्वरा, ग्राम दिगनेर, शमशाबाद रोड स्थित श्रीमनः कामेश्वर बाल विद्यालय में चल रहे बाबा मनःकामेश्वरनाथ रामलीला महोत्सव के चतुर्थ दिन धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर और परशुराम संवाद प्रसंग का मंचन हुआ।
प्रसंग में जनकपुर में निवास कर रहे राम, लक्ष्मण व मुनि विश्वामित्र को राजा अपने मंत्री सतानंद को भेज स्वयंवर में आने का निमंत्रण भेजते हैं। मुनि विश्वामित्र के साथ पहुंचे, श्रीराम व लक्ष्मण की शोभा स्वयंवर में उपस्थित समस्त राजा आश्चर्य से देखते हैं। रंग भूमि में उपस्थित राक्षस राज रावण, बांणा सुर सहित अनेक राजा धनुष उठाने में असमर्थ होकर चले जाते हैं। वहीं कुछ अपना बल पौरुष दिखाकर लोगों के हंसी का पात्र भी बनते हैं।
राजा जनक परेशान होकर एक टिप्पणी कर देते हैं , जिसे सुन लक्ष्मण क्रोधित हो जाते हैं।
मुनि विश्वामित्र के आज्ञा पाकर श्रीराम धनुष उठाने चलते हैं। सखियां श्रीराम को हाथों धनुष टूटने की भगवान गणेश से प्रार्थना करती हैं।
महारानी सुनयना एक बालक के हाथों धनुष तोड़े जाने में संदेह जताती हैं। शर्त रखने के लिए राजा जनक को कोसती हैं। सीता मन ही मन स्तुति करती हैं। इस बीच धनुष की प्रत्यंचा खिंचते ही वह तीन खंडों में विभक्त हो जाता है। लेत चढ़ावत खैंचत गाढ़ें, काहुं न लखा देख सबु ठाढें। चौपाई गूंजती है और मंगल गीत के बीच सीता जयमाला लेकर रंगभूमि में आती हैं। उधर शिव के धनुष टूटने की सूचना से परशुराम क्रोधित होकर जनकपुर पहुंचते हैं। लक्ष्मण− परशुराम संवाद होता है। विश्वामित्र परशुराम का क्रोध शांत कराते हुए श्री राम जी को नारायण का अवतार कहते हैं।
यह सुन परशुराम श्रीराम को अपना रमापति धनुष देकर उसकी प्रत्यंचा चढ़ाने को कहते हैं। श्रीराम के प्रत्यंचा चढ़ाते ही परशुराम का संशय दूर हो जाता है वे श्रीराम की स्तुति कर लौट जाते हैं। और इसके साथ ही श्रीराम सीता के विवाह की तैयारियां जनकपुर में आरंभ हो जाती हैं।
इससे पूर्व स्वरूपों की आरती आज श्रीमहंत योगेश पुरी, उत्तम सिंह (ब्लाक प्रमुख, बरौली), जितेंद्र सिंह ( प्रधान , नगला नाथू) और हरेन्द्र सिंह (प्रधान, दिगनेर) ने उतारी।
गुरुवार को निकलेगी राम बरात
मठ प्रशासन हरीहर पुरी ने बताया कि अब तक गांव से लोग शहर राम बरात देखने जाते थे किंतु ये पहली बार होगा कि श्रीराम की भव्य बरात दिगनेर की सड़कों और गलियों में निकलेगी। गुरुवार को श्रीराम वरयात्रा की तैयारियां पूर्ण कर ली गयी हैं। हर गली, सड़क को दोनों ओर से सजा दिया गया है। पुष्पवर्षा के मध्य द्वार− द्वार आरती की जाएगी। ग्रामीणों में उत्साह अथाह है। भगवान की बरात में जाने के लिए बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं तैयारी की योजना बना रहे हैं तो युवा बरात की अगवानी के लिए रूपरेखा बनाने में जुटे हैं। श्रीराम वरयात्रा में विभिन्न झांकियां भी निकाली जाएंगी। आगरा शहर से बड़ी संख्या में लोग आयोजन में भाग लेने के लिए पहुंचेंगे। आयोजन का लाइव प्रसारण श्रीमनःकामेश्वर मंदिर सहित शहर के विभिन्न चौराहाें और विदेशाें तक में किया जा रहा है।
: पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले अपराधियों की संपत्ति को किया जप्त कर किया कुर्क
Wed, Oct 18, 2023
पुलिस ने 11 लाख 45 हजार की संपत्ति को कुर्ककर की कार्रवाई
आगरा/बाह। देश के कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाकर लोगों से हेलोगैंग चलाकार ऑनलाइन ठगी करने वाले अपराधियों पर पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई देखने को मिली है। 2 वर्ष पूर्ण हैलोगैंग के मामले में कई अपराधियों को जैतपुर और चित्राहाट पुलिस द्वारा कार्रवाई करके जेल भेजा गया था साथ ही पुलिस द्वारा अपराध करते हुए अवैध संपत्ति अर्जित करने वाले कमलेश पुत्र मलखान सिंह निवासी तडहेता थाना जैतपुर के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट धारा 14/1 उत्तर प्रदेश ग्रूबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के अनुपालन में कार्रवाई की गई थी। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट आगरा डॉक्टर प्रीतिंदर सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे हैं अभियान के कठोर करवाई निर्देशन में माननीय न्यायालय आयुक्त महोदय के आदेश पर मंगलवार को एसीपी बाह रविंद्र कुमार एवं थाना प्रभारी चित्राहाट महेंद्र सिंह भदोरिया ने पुलिस फोर्स के साथ तड़हेता गांव पहुंचे और अपराधी की संपत्ति को कुर्क करने के लिए लाउडस्पीकर द्वारा गांव में मुनादी कराई गई। पुलिस द्वारा गैंगस्टर के अपराधी के मकान, जमीन संपत्ति खेती की करीब 11 लाख 45 हजार 428 रुपए की संपत्ति को जप्त कर कुर्क किया गया है। पुलिस द्वारा मकान को सील कर कार्रवाई की गई है। इन अपराधी की संपत्ति को सील करने के बाद कोई भी क्रय विक्रय नहीं करेगा यदि कोई भी व्यक्ति क्रय विक्रय करते हुए पाया जाता है तो उसके वृद्धि कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी चित्राहाट महेंद्र सिंह भदोरिया ने बताया कि हेलो गैंग गैंगस्टर के आरोपियों पर आगे भी कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है जल्द ही देखने को मिलेगी।