: भजन संध्या में साईं की भजनों पर झूमे भक्तजन, स्वामी लीलाशाह दर्शन फिल्म देख जाना साईं का व्यक्तित्व
Thu, Apr 4, 2024
आगरा। सांई लीलाशाह की भक्ति के स्वर बिखरे तो मानों सम्पूर्ण वातावरण और हर भक्त का मन पावन हो गया। भजन संध्या में कहीं झूमते, कहीं गाते तो कहीं बंद आंखों से सांई क स्मरण करते भक्तों में भक्ति का भाव नजर आया। संत सिरोमणी सांई लीलाशाह के 144वें जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर भजन संध्या का आयोजन किया गया। शाहगंज श्रीकृष्ण गौशाला में आयोजित भजन संध्या में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साह व श्रृद्धा के साथ भाग लिया।
भजन संध्या का शुभारम्भ श्रीकृष्ण गौशाला के अध्यक्ष गिरधारी लाल भगत्यानी, लता भगत्यानी, हेमन्त भोजवानी, मनीष हरजानी ने सांई लीलाशाह की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। भजन गायक हेमन्त सिकरवार ने अपने भक्तिमय मधुर स्वरों से सजे भजनों में सांई की महिमा गाई तो हर भक्त मंत्रमुग्ध हो गया। सर्वप्रथम हरे राम हरे कृष्णा… संकीर्तन गुरु वन्दना हे मेरे सद्गुरु प्रणाम बार-बार… की गई। मेरे सद्गुरु तेरी नौकरी सबसे बढ़िया सबसे खरी…, सद्गुरु की महिमा सुनाते चलो, हरिओम हरिओम गाते चलो…, हम हैं दिवाने लीलाशाह के, सिर पर हाथ रखा है उनका कोई नहीं परवाह…, के साथ राधा-कृष्ण के भजनों की प्रस्तुति भी दी। इसके उपरान्त साईं लीलाशाह की जीवनी पर आधारित एक घंटे की फिल्म (स्वामी लीलासाह दर्शन) श्रद्धालुओं को दिखाई गई, जिसमें साईं के जन्म से लेकर सम्पूर्ण वर्णन था।
श्रीकृष्ण गौशाला के अध्यक्ष गिरधारी लाल भगत्यानी ने सभी अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत किया व एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है सतगुरु… भजन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से सचिन महेश मंगरानी, पूरनचंद, सुनील करमचंदानी, भगवान अवतानी, हरीश होतचंदानी, तरुण हरजानी, सोनू मदनानी, कपिल पंजवानी, कुनाल जेठवनी, डॉ अक्षय गलानी, श्याम भोजवानी, जे के अर्जुनदास, मुरलीधर पहलाजानी, ज्ञानचंद्र मूलानी, विकास गुप्ता, अनूप भोजवानी, नारायण दास पारवानी, तुलजाराम, लाल मोटवानी, चंद्रप्रकाश सोनी, सूर्यप्रकाश, नरेश लखवानी, उमेश पेरवानी, रिया हरजानी, पूजा भोजवानी, वर्षा धर्मानी, कीर्ति भगत्यानी आदि उपस्थित थे।
: रेहावली में उटंघन नदी पर बांध बनाने को सिचाई विभाग करेगा सर्वे
Thu, Apr 4, 2024
बांध बनाकर जल संचय को सिंचाई विभाग का अनुसंधान एवं नियोजन खंड करेगा सर्वेक्षण
सिविल सोसायटी ऑफ आगरा ने उपलब्ध जानकारियां देकर प्रोजेक्ट की बहु उपयोगिता पर की चर्चा
आगरा। यमुना नदी के मानसून कालीन उफान को फतेहाबाद तहसील के रेहावली गांव में सैल्यूस गेट युक्त स्ट्रक्चर (मिनी बांध) बनाकर संचित किया जा सकता है और अक्टूबर महीने में मानसून समाप्त हो जाने के बाद इसे रेग्युलेट कर फतेहाबाद, शमशाबाद विकासखंड के गांवों और नगर पालिका क्षेत्रों में पाइप लाइन सप्लाई के लिये उपयोग में लाया जा सकता है। यह विपुल जलराशि बाह, पिनाहट विकास खंडों के जलभित्ती तंत्र (एक्यूफर सिस्टम) को संतृप्त करने के लिये भी उपयोगी होंगी। उपरोक्त आंकलनों को आधार मानकर, बांध बनाये जाने की संभावनाओं के अनुकूल आंकलित कर उ प्र सिंचाई विभाग रेहावली में उटंगन नदी पर सर्वेक्षण करवायेगा।
सिंचाई विभाग के अलीगढ़ स्थित अनुसंधान एवं नियोजन खंड के अधिशासी अभियंता श्री अशोक सारस्वत ने सहायक अभियंता प्रथम ,अनुसंधान एवं नियोजन खंड अलीगढ़ को आगरा जनपद की फतेहाबाद तहसील के रेहावली और बाह तहसील के रीठे गांव के बीच उटंगन नदी के यमुना नदी में गिरने के स्थल पर गेटिड स्ट्रक्चर या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था बनाने हेतु अनुसंधान कर आख्या उपलब्ध करवाने को कहा है।
अनुसंधान एवं नियोजन खंड को अनुसंधान कर आख्या उपलब्ध करवाने को अधिशासी अभियंता लोअर खंड आगरा नहर के द्वारा पत्र लिख कर अनुरोध किया गया था। पूर्व में अधिशासी अभियंता आगरा नहर लोअर खंड से जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ मंजू भदौरिया रेहावली गांव में बांध बनाए जाने के लिये कार्ययोजना बनाये जाने के लिये आवश्यक कार्यवाही करने को कहा था।
सैकड़ों गांवों का भूजल स्तर सुधरेगा
उल्लेखनीय है कि राजस्थान के करौली जनपद की विंध्य पहाड़ी श्रृंखला से उटंगन नदी का उद्गम होता है और यूपी में फतेहपुर सीकरी से 12 कि मी दक्षिण पूर्व में स्थित सिरौली गांव से उ प्र में प्रवेश करती है। जनपद के फतेहपुर सीकरी, जगनेर, खेरागढ, शमशाबाद, सैया, पिनाहट, बाह और फतेहाबाद विकास खंडों से होकर रेहावली (फतेहाबाद) और रीठे (बाह) गांवों के बीच यमुना नदी में समाती है। राजस्थान के द्वारा नदी स्वाभाविक बहाव और स्वाभाविक ढलानों के माध्यम से पानी आना रोक रखा गया है, लेकिन इसके बावजूद अब भी लोकल कैचमेंट एरिया और स्थानीय नालों व नदियां को पानी आना अनवरत जारी है। आगरा कैनाल के टर्मिनल से निकलने वाली जनपद की सबसे बडी नहर ‘टर्मिनल रजवाह’ की टेल नदी में ही नगला बिहारी के पास अवशेष पानी का योगदान देती है। इस अपस्ट्रीम से आने वाले पानी के साथ ही यमुना नदी के लो फ्लड लेवल पर पहुंचते ही उटंगन में पानी बैक मारने लगता है। यह बैक अक्सर बीहडी इलाके में विस्तार पाता है और पूरे मानसून काल में अरनौटा के रेलवे ब्रिज से भी दो कि मी आगे नगला बिहारी तक नदी में भरपूरता के साथ ठहराता है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने की हुई है प्रबल संस्तुति
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ मंजू भदौरिया ने लगभग 600 करोड़ घन मीटर की इस जलराशि को बांध बनाकर रोकने को बहु उपयोगी मानते हुए रेग्युलेट करने के लिये बांध बनाए जाने को व्यवहारिक माना है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी के 25 दिसंबर, 2023 को हुए जन्म दिवस कार्यक्रम के अवसर पर बटेश्वर में प्रोजेक्ट संबंधित तथ्य पत्र भी दिया था। वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी के नेता श्याम सुंदर शर्मा ने भी कई बार प्रोजेक्ट को समर्थन दिया है। शर्माजी का फतेहाबाद राजनीतिक क्षेत्र रहा है, वह पानी की समस्या से पूर्ण रूप से अवगत हैं।
यू पी का पहला मॉड्यूल प्रोजेक्ट
सिविल सोसायटी ऑफ आगरा ने जनपद के भूजल स्तर में सुधार और स्थानीय जलापूर्ति में सुधार के लिये उटंगन नदी में रेहावली गांव पर गेटिड स्ट्रक्चर युक्त बांध बनाया जाना आवश्यक माना है। सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने कहा कि बांध बनाये जाने की जरूरत और उपयोगिता स्वतः सत्यापित जरूरतें हैं। यह बांध अगर बन गया तो मानसून काल में उफनने वाली बडी नदियों के पानी को संचित रखने का उ प्र का पहला मॉड्यूल प्रयोग होगा।उन्होंने कहा कि अलीगढ़ में सिंचाई विभाग के अनुसंधान एवं नियोजन खण्ड के अधिकारियों के साथ सार्थक चर्चा हुई।
जर्नलिस्ट राजीव सक्सेना ने कहा है कि सर्वेक्षण पूर्व जो भी आधार भूत सूचनायें बांध बनाए जाने के लिये किये जाने वाले अनुसंधान को संभव थी उपलब्ध करवा दी गयीं। फिलहाल जनपद में जल संचय से संबंधित एक भी ऐसा प्रोजेक्ट नहीं है जिसको पूरा कर नदी की तलहटी को करोडो घन मीटर पानी से भरपूर रखा जा सके। अलीगढ में अधिकारियों से मिलने गये सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधि मंडल में फोटो जर्नलिस्ट असलम सलीमी भी थे। उन्होंने 2023 मानसून के महीनों में रेहावली गांव से लेकर अरनौट के रेलवे पुल तक यमुना नदी के उफान के रूप में पहुंचे पानी के खींचे गये फोटो अनुसंधान शाखा के इंजीनियरों के समक्ष प्रस्तुत किये।
: बदलते मौसम (हीटवेव-लू) पर स्वास्थ्य विभाग ने किया अलर्ट
Wed, Apr 3, 2024
शहरी व ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार की समुचित व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग के समस्त स्टॉफ को किया गया है प्रशिक्षित
आगरा, 03 अप्रैल 2024। ग्रीष्म ऋतु का आगमन हो गया है, ऐसे में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने हीटवेव (लू) के प्रति लोगों को अलर्ट किया है। इस मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव व नियंत्रण के आवश्यक उपाय स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे हैं। साथ ही समस्त स्टॉफ को सक्रिय रहने व विपरीत परिस्थितियों में तत्काल राहत देने के लिए प्रशिक्षित भी किया गया है। महामारी की स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का भी गठन कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अप्रैल, मई व जून माह में हीटवेव (लू) का असर रहता है। इससे संबंधित एडवाइजरी जारी की गयी है। मानव संसाधन को भी अलर्ट कर दिया गया है। इस मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव व नियंत्रण के आवश्यक उपाय स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि समस्त स्टॉफ को प्रशिक्षित किया गया।
सीएमओ ने बताया कि जनपद में हीटवेव (लू) के दृष्टिगत ब्लॉक स्तर पर इलाज की समुचित व्यवस्था के लिए ओआरएस एवं आईवी फ्ल्यूड का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध करा दिया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं की आपूर्ति भी सुनिश्चित करा दी गई है, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
नोडल अधिकारी डॉ. पीयूष जैन ने बताया कि जिले में लू के कारण अभी तक कोई अप्रिय घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। प्रतिदिन ग्रामीण व शहरी स्वास्थ्य केंद्रों से हीटवेव (लू) की रिपोर्ट संकलित कर शासन को प्रेषित की जाती है। साथ ही ब्लॉक स्तर के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का जल जनित बीमारी, निजी स्वच्छता और सफाई के प्रति संवेदीकरण किया गया है। इसके साथ ही मच्छरों से बचाव हेतु फागिंग व लार्वा स्प्रे नियमित रूप से किया जा रहा है। हीटवेव (लू) के कारण शरीर की कार्यप्रणाली प्रभावित हो जाती है जिससे जटिलताएं भी बढ़ सकती है।
एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की इंचार्ज डॉ. सलोनी ने बताया कि इस वक्त धूप में जरूरत होने पर ही निकलें। जब भी धूप में घर से बाहर निकले तो पानी पीकर और शरीर को पूरा ढकने वाले कपड़े पहन कर निकले। इसके साथ ही धूप में छाते का उपयोग करें। इस वक्त तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। तबीयत खराब होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर संपर्क करें।
ऐसे करें बचाव
अधिक से अधिक पानी पिएं
पसीना सूखने वाली फसलें व हल्के रंग के वस्त्र पहने
धूप में निकलते समय चश्मे, छाते व चप्पलों का प्रयोग करें।
खुले में कार्य करते है तो चेहरा, हाथ पैरों को गीले कपड़े से ढकी रहें और यदि संभव हो तो छाते का प्रयोग करें।
संभव हो तो दोपहर 11ः00 बजे से 4ः00 के मध्य धूप में निकलने से बचें।
घर में बने पेय पदार्थ लस्सी नींबू पानी छाछ इत्यादि का प्रयोग करें।
पेट में मरोड़, घमोरियां, शरीर में कमजोरी आना, चक्कर आना, सिर में तेज दर्द, उबकाई आना जैसे लक्षण सामने आए तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सीय सलाह लें।