: जन कवि नजीर पर पहला आयोजन शीरोज हैंग आउट में
Fri, Apr 5, 2024
आगरा। आगरा को गंगा यमुनी संस्कृति से धनी करने वालो मे नजीर अकबराबादी का विशिष्ट महत्व है, अपने समय की वह एक जीवंत शख्सियत थे, लेकिन अब तो उनको भुला सा दिया गया है जो न तो संस्कृति और नहीं साहित्य की दृष्टि से सही है। इस स्थिति को समाप्त करने के लिए नजीर के साहित्य और स्मृतियों को समर्पित आयोजनो का सिलसिला आगरा में शुरू होने जा रहा है। अमृत विद्या एजुकेशन फार इम्मोर्टालिटी और एसिड अटैक पीड़िताओं के द्वारा संचालित ‘शीरोज हैंग आऊट’ की मूल संस्था छांव फाउंडेशन के द्वारा इसके लिए संयुक्त प्रयास शुरू किया जा रहे हैं। अमृत विद्या एजुकेशन फार इम्मोर्टालिटी और छांव फाउंडेशन (एसिड अटैक पीड़िताओं के द्वारा संचालित शीरोज हैंग आउट की मूल संस्था ) ने नजीर की गजल, शायरियों, नज्म आदि को समर्पित आयोजित करने का निश्चय किया है।
संयुक्त प्रयास से वर्ष में कई बार होने वाले आयोजनों के सिलसिले का पहला आयोजन 5 अप्रैल 2024 को फतेहाबाद रोड स्थित शीरोज हैंग आउट में आयोजित किया गया ‘ एक दिन बन्धन मुक्त नजीर अकबराबादी के नाम’। इस प्रयास में प्रख्यात एडवेंचर स्पोर्ट मैन हरविजय सिंह वाहिया और देश विदेश में ख्याति प्राप्त गजल गायक श्री सुधीर नारायण मुख्य सहयोगी हैं जबकि इतिहासविज्ञ डॉ आर सी शर्मा आगरा की ऐतिहासिक संस्कृति में नजीर के रहे योगदान को आयोजनों के अवसर पर सामने लाने को प्रयासरत हैं। डा शर्मा ने आगरा की संस्कृति पर शोध पत्र प्रस्तुत किया है, जिसे कि राष्ट्रीय उच्च स्तर पर काफी महत्व मिला है। इस शोध पत्र में नजीर के द्वारा अपनी रचनाओं में उल्लेखित बृज के त्योहारों के विवरण, परंपरा के उल्लेखों को ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और सांस्कृतिक इतिहास का आधारभूत स्रोत के रूप में आंकलित किया गया है।
इतिहासकार डॉ आर सी शर्मा ने अपने व्यखान मे कहा कि नजीर ने त्योहारों, स्थानीय बाजारों, आयोजन, त्योहारों आदि का जो विवरण अपनी रचनाओं में प्रस्तुत किया है, वह अत्यंत सटीक एवं संस्कृति के ऐतिहासिक साक्ष्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। नजीर की अभिव्यक्ति की परिपक्वता का अहसास जीवन संध्या के उस पक्ष से साक्षात्कार करवाने के प्रयास से होता है जो कि जीवन की नियति है। दरअसल उनकी रचना ‘लाद चलेगा बंजारा’ अपने आप में एक जीवन दर्शन है।
श्री हरविजय वाहिया ने नजीर को मानवीय संवेदनाओं को झंकृत करने वाला साहित्य सृजक बताया है।
सुधीर नारायण नजीर की रचनाओं को प्रेरक मानते है और उन्होंने आगरा ही नहीं आगरा के बाहर भी इनको अपने अंदाज में प्रस्तुत कर लोगों में मानवीय मूल्यों और जाग्रत किया है। सुधीर नारायण ने प्रोग्राम की शुरुआत नजीर द्वारा लिखे कृष्ण भजन -क्या कहो कृष्ण कन्हैया का बाल पान’ बसंत जो नजीर के लिए बसंता है पर गीत गया, देख बहारें होली की, लध चलेगा बंजारा, अगरे का है, प्रोग्राम का समापन ‘हैं दो जहां के सुल्तान हजरत सलीम चिस्ती’
सेक्रेटरी अमृत विद्या एवं छांव फाउंडेशन के एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य अनिल शर्मा का कहना है कि नजीर अकबराबादी को जनकवि के रूप में मान्यता दी जाती है किंतु उनकी महत्ता को कभी भी सही रूप में नहीं आका जा सका। बसंत पर्व पर होने वाले परंपरागत कार्यक्रम में भी होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने वालों की संख्या उतनी नहीं होती जितनी की अपेक्षित की जाती है। हमारा प्रयास होगा कि बसंत पर्व सहित साल में कम से कम दो तीन आयोजन नजीर की स्मृति में होना चाहिये। उर्दू की समझ रखने वाले और शहरवासियों के सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध सिविल सोसायटी ऑफ आगरा का मानना है कि शहर की जीवंतता के लिये नजीर आज भी उतने ही प्रासंगिक है जितने कि ढाई सदी पूर्व।
छांव फाउंडेशन के डायरेक्टर आशीष शुक्ला का कहना है कि एसिड अटैक की घटनाएं सड़क पर किया जाने वाला ही एक अपराध है,नजीर की रचनाओं में आम आदमियों में जागरूकता का प्रयास किया गया है। उन्हें विश्वास है कि किसी भी सकारात्मक पहल का असर जनजीवन पर पडता है, निश्चित रूप से एसिड अटैक की घटनाओं को रोकने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं।
आज के आयोजन का संचालन अनिल शर्मा और धन्यवाद आशीष शुक्ला ने दिया। आज के प्रोग्राम में इतिहासकार डॉ आर सी शर्मा, विशाल रियाज, सीमांत साहू, शिव राज साहू, ब्रिग विनोद दत्ता, डॉ महेश धाकर, प्रो. एस पी सिंह प्रिन्सिपल सैंट जॉन्स कॉलेज, डॉ संजना चन्द्रा, डॉ एस के चन्द्रा, संजीव शर्मा,आरिफ तॅमूरी बजमे नजीर, योगेश अघनोत्री, सी बी सिंह , विजय शर्मा, ज्योति खंडेलवाल, विशाल झा, शशिन्द्र शर्मा, डॉ मधु भारद्वाज, धर्मेंद्र सिंह चैहान, दिलीप रघुवंशी आदि मौजूद रहे।
: जगदीशपुरा भूमि प्रकरण में षड्यंत्रकारियों की सच्चाई आए सामनेः सुभाष ढल
Fri, Apr 5, 2024
जगदीशपुरा भूमि मामले की हो निष्पक्ष जांच, दोषियों पर हो करवाई
समाजसेवी सुभाष ढल ने उठाई आवाज, नहीं मिला न्याय तो मिलेंगे मुख्यमंत्री से
जीवित व्यक्ति का बन गया मृत्यु प्रमाण पत्र, फर्जी वारिसान, जिला प्रशासन करे जांच
केयरटेकर रवि कुशवाहा ने किसके कहने पर दी फर्जी गवाही जांच का विषय - ढल
आगरा। चर्चित जगदीशपुर भूमि प्रकरण पर भूमि के कथित मालिकों में से एक टहल सिंह के द्वारा स्वयं उपस्थित होकर प्रशासन और अदालत में जो बयान दिए गए हैं। उसे एक बात स्पष्ट होती है कि राजनीतिक नेता और उनसे जुड़े भूमि के व्यवसायी किसी उमा देवी को टहल सिंह की पुत्रवधू बताकर और उसका वारिस बनाकर जिस रवि कुशवाहा को बिगत 40 वर्षों से टहल सिंह का उस भूमि पर केयरटेकर बनाकर सहानुभूति बटोर कर जो खेल खेला जा रहा था उसका पर्दाफाश हुआ है। टहल सिंह के जिंदा होने और उनके बयानों ने उन साजिशें की पोल खोल दी है जो एक षड्यंत्र के तहत रचे गए थे। यह कहना है समाज सेवी आगरा कॉलेज बोर्ड ऑफ ट्रस्ट के मेंबर सुभाष ढल का। पुलिस लाइन स्थित होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सुभाष ढल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ जिला प्रशासन से दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग उठाई। उन्होंने कहा किसी भी जीवित व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनना एक अपराध है। अदालत और प्रशासन के समक्ष टहल सिंह ने उपस्थित होकर अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र दिया है अब प्रश्न यह उठता है कि उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र किन के इशारों पर कथित पीड़ित केयरटेकर रवि कुशवाहा की गवाही पर बना था?
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा जब टहल सिंह ने यह बता दिया कि उनके तीनों पुत्र जीवित हैं और वह पंजाब में रहते हैं तो उनके एक फर्जी जसवीर सिंह को उनका पुत्र बताते हुए उसका भी फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र केयर टेकर रवि कुशवाहा ने किसके इशारे पर बनवाया। उन्होंने कहा जब टहल सिंह ने स्पष्ट बोल दिया ना तो वह किसी उमा देवी को जानते हैं और ना ही उमा देवी उनकी पुत्रवधू है तो उमा देवी का फर्जी वारिसान प्रमाण पत्र और उस भूमि के फर्जी निवास प्रमाण पत्र किसके इशारे पर और किसने बनवाई और इसमें गवाह कौन है यह जांच का विषय है।
ढल ने प्रशासनिक कार्यवाही पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा राजस्व अभिलेखों में किस तरह दर्ज हुआ जब कि राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराना एक लंबी प्रक्रिया है इस पूरे मामले में किसका दबाव था।
उन्होंने कहा अभी तक तहसील प्रशासन ने किसी राजनीतिक और आर्थिक दबाव के तहत उमादेवी और उसके साथियों के विरुद्ध कूट रचित दस्तावेजों को असली के रूप में प्रस्तुत करते हुए जो अपराधिक कृत्य किया है उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं की।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि फर्जी उमा देवी ने जो अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगी है अपनी तरफ से कमल चैधरी आदि के विरुद्ध जगदीशपुरा थाने में एफआईआर किसके दबाव में की थी। कूट रचित दस्तावेज के आधार पर मालिक बनी उमा देवी का आगरा पुलिस ने किस कानून के अंतर्गत उस भूमि पर कब्जा कराया। जब उमा देवी को टहल सिंह ने फर्जी पुत्र वधू सिद्ध कर दिया एवं जिस कथित केयरटेकर रवि कुशवाहा को टहल सिंह ने अपना केयरटेकर होने से इनकार करते हुए स्पष्ट कहा कि वह उसे नहीं जानते तो कूट रचित दस्तावेजों एवं फर्जी तथ्यों को असली बताते हुए उमा देवी और रवि कुशवाहा ने जो अपराधिक कृत्य किया उस पर पुलिस की कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं हो रही।।
उन्होंने कहा जिस कथित केयरटेकर का भाजपा सांसद राजकुमार चहर पीड़ित बताकर सहयोग कर रहे थे ऐसा सहयोग करने के पीछे उनकी मनसा क्या थी । इस पूरी साजिश को रचने के पीछे और कमल चैधरी और अन्य लोगों को बदनाम कर फर्जी लोगों को फर्जी दस्तावेज के सहारे कब्जा कराने के पीछे किसकी मंशा थी। यह सब जांच का विषय हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। आगर जिला प्रशासन पूरे मामले में निष्पक्ष जांच नहीं करता है तो उत्तर प्रदेश सरकार के न्याय प्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पीड़ितों को न्याय और दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास करेंगे।
: नवसंवत्सर मेला में लघु उद्योग भारती करेगी नारी को सलाम, नारी को सम्मान
Fri, Apr 5, 2024
राष्ट्र सेविका समिति द्वारा लगने जा रहे नवसंवत्सर मेला में लघु उद्योग भारती कर रही सहयोग
कोठी मीना बाजार में लगने जा रहा है तीन दिवसीय मेला, 7 को लघु उद्योग भारती के होंगे चार कार्यक्रम
स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का मिलेगा लाभ, उद्यमी महिला का स्वरोजगार विषय पर होगी कार्यशाला
सायंकाल सम्मान समारोह संग होंगे लोकमंचीय कार्यक्रम भी, 12 महिलाओं का होगा सम्मान
आगरा। सनातन धर्म के नववर्ष का स्वागत और अभिनंदन शक्ति वंदन के साथ करते हुए लघु उद्योग भारती 7 अप्रैल को नवसंवत्सर मेला में नारी को सलाम, नारी का सम्मान समारोह का आयोजन करने जा रही है।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव एवं कार्यक्रम समन्वयक मनीष अग्रवाल (प्रबंधक रावी इवेंट) ने बताया कि हिंदू नववर्ष से वित्तीय वर्ष भी आरंभ होता है इसलिए हर उद्यमी के लिए ये पर्व विशेष है। उन्होंने बताया कि राष्ट्र सेविका समिति द्वारा कोठी मीना बाजार में तीन दिवसीय नवसंवत्सर मेला का आयोजन किया गया है। आयोजन में लघु उद्योग भारती द्वारा 7 अप्रैल 2024, दिन रविवार को चार कार्यक्रम होंगे। जिनका शुभारंभ सायं चार बजे निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर से होगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से लगने जा रहे स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में शहर के एक दर्जन से अधिक चिकित्सक निःशुल्क परामर्श देंगे एवं आवश्यक जांचें भी की जाएंगी। शिविर का लाभ महिला, बच्चे एवं बुजुर्ग विशेष रूप से ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश का विकास तभी संभव है जब नारी उद्यमशीलता को भी आगे बढ़ाया जाए। शक्ति वंदन भी तभी सार्थक होता है। नारी सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ते हुए उद्यमी महिला का स्वरोजगार विषय पर कार्यशाला सायं 6 बजे से होगी। कार्यशाला रोजगार भारती के सहयोग से होगी, जिसमें विशेषज्ञ महिला उद्यमिता के क्षेत्र में नवीन संभावनाएं एवं चुनौतियों पर चर्चा करने के साथ मार्गदर्शन भी देंगे। सायं 7ः30 बजे से नारी एक रूप अनेक थीम पर नारी के सलाम, नारी का सम्मान समारोह होगा। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रस्तुत करने पर 12 महिलाओं का सम्मान किया जाएगा। सायं 8 बजे से एकता सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक संध्या होगी। लोक मंचीय कार्यक्रम में देवी के नौ रूपों के साथ भगवान श्रीकृष्ण, श्रीराम और शिव के रूप सज्जा होगी।
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने बताया कि अपने-अपने क्षेत्र में स्वयं को स्थापित कर दूसरों के लिए प्रेरणा बनने वालीं 12 महिलाओं का सम्मान उन्हीं के समान प्रेरणादायिक महिलाओं द्वारा करवाया जाएगा।
ये रहेंगे कार्यक्रम के संयोजक
स्वास्थ्य शिविर के संयोजक लघु उद्योग भारती के जिला उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता एवं आइएमए के सचिव डा. पंकज नगायच, महिला उद्यमिता कार्यशाला के संयोजक लघु उद्योग भारती के महासचिव राजीव बंसल एवं रोजगार भारती के विभाग संयोजक नितिन बहल और पल्लवी महाजन, महिला सम्मान समारोह के संयोजक साहित्यकार एवं शिक्षाविद् श्रुति सिन्हा एवं लघु उद्योग भारती के उपाध्यक्ष शैलेष अग्रवाल और सांस्कृतिक संध्या के संयोजक लघु उद्योग भारती के उपाध्यक्ष शैलेष अग्रवाल एवं एकता सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था की अध्यक्ष एकता जैन होंगी। कार्यक्रमों के संरक्षक लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री राकेश गर्ग, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, ब्रज संभाग अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल, संपूर्ण कार्यक्रम समन्वयक मनीष अग्रवाल एवं विजय गुप्ता हैं।