: जाँच रिपोर्ट में दवा के 39 सैंपल फ़ेल, दोषी फर्म मालिकों सहित कंपनियों के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज
Thu, May 23, 2024
Agra. आगरा में नकली एवं मापदंडों के विपरीत दवाएं भारी मात्रा में खपाई जा रही हैं। यह खुलासा तब हुआ जब नकली एंटीबायोटिक दबाव और खांसी के सीरप सहित अन्य दावों की सैंपल जांच के लिए लिए गए। इन सभी की जब लैब में जांच कराई गई तो 39 सैंपल फेल हो गए। 39 सैंपल फेल होने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। अब लैब रिपोर्ट आने के बाद औषधि विभाग की ओर दोषी फर्म के संचालकों के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इसके साथ ही 45 दवा विक्रेताओं के लाइसेंस भी निरस्त किए गए हैं। जिससे दवा कारोबारियों में अफरा -तफरी मची हुई है।
गौरतलब है कि आगरा दवा कारोबार में देश की बड़ी मंडियों में से एक है। आगरा नकली और प्रतिबंधित दावाओं का बाजार बन चुका है। यहां पर यह नकली एवं प्रतिबंधित दावाओं का कारोबार करने वालों का कॉकस हावी है। जिसकी वजह से राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड के साथ ही हरियाणा और दिल्ली की पुलिस छापेमारी करती रहती है। अब औषधि विभाग की ओर से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिससे, औषधि विभाग के साथ ही दवा विक्रेताओं में दहशत का माहौल है। बीते वित्तीय वर्ष में नामी कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं बाजार में बिकने की शिकायत पर मिली तो औषधि विभाग ने छापा मार कार्रवाई की थी। शिकायत में बाजार में नकली एंटीबॉयोटिक के साथ ही खांसी के सीरप समेत अन्य दवाओं की जानकारी दी गई थी। औषधि विभाग ने अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक विभिन्न थोक की दवा दुकानों, दवा विक्रेताओं की दुकानों से दवाओं के 39 सैंपल लिए थे जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया था। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
औषधि विभाग के असिस्टेंट ड्रग कमिश्नर अतुल उपाध्याय ने बताया, कि भेजे गए सभी 39 सैंपल की लैब से रिपोर्ट मिल गई है जिसमें 20 प्रकार की एंटीबायोटिक टेबलेट, पांच तरह के गैस संबंधी विकार के कैप्सूल, 14 प्रकार के खांसी के सीरप के सैंपल जांच में फेल हुए हैं। इस पर औषधि विभाग ने दोषी फर्म मालिकों सहित कंपनियों के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इसके साथ ही 45 दवा विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं।
औषधि विभाग के असिस्टेंट ड्रग कमिश्नर अतुल उपाध्याय ने बताया, कि प्योर एंड क्योर हैल्थ केयर, हिमालया मेडिटेक, अल्फा प्रोडक्ट, केडला हेल्थकेयर, एकम्स, स्माइलेक्स हेल्थकेयर, वीके लाइफ साइंसेज, अबॉर्ट हेल्थकेयर, रैक्क्सत्यूस, विंग्स सहित कई नामी कंपनियों के नाम से नकली दवाएं आगरा में बनाकर खपाई जा रही थीं। औषधि विभाग की ओर से नकली दवाओं के लिए लगातार दवा बाजार और दवा विक्रेताओं के याहां पर छापेमारी की जाती है।
औषधि विभाग के असिस्टेंट ड्रग कमिश्नर अतुल उपाध्याय ने बताया, कि जिस तरह से आगरा में नकली दवाएं मिल रही हैं। उससे जनता से अपील है कि दवा खरीदते वक्त सतर्क रहें। दवाएं खरीदने के बाद हमेशा बिल लें। इतना ही नहीं, दवा के रैपर पर बने क्यूआर कोड को स्कैन करके दवा की असलियत की जांच जरूर करें। जहां भी दवा में संदेह मिले, तो तत्काल विभाग को सूचना दें।
यहां बताना आवश्यक हो जाता है कि औषधि विभाग ही नहीं कई राज्यों के तमाम डिपार्टमेंट ने भी आगरा के दवा बाजार में छापे मार कार्रवाई की है और नकली एवं प्रतिबंधित दावाओं के जखीरे बरामद किए हैं। यह सिलसिला आगरा के दावा बाजार में पिछले कई वर्षों से चल रहा है। अब उत्तर प्रदेश के औषधि विभाग ने भी इस पर अपनी मुंहर लगा दी है।
: कांग्रेस प्रत्याशी की विद्युत विभाग के जेई से हुई तकरार
Thu, May 23, 2024
Agra. थाना खेरागढ़ के गांव नगला ऊदैया में देर रात आगरा फतेहपुर सीकरी से कांग्रेस प्रत्याशी और विद्युत विभाग के जेई आपस में भिड़ गए। दोनों लोग एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी रामनाथ सिकरवार स्थानीय लोगों के साथ धरने पर बैठ गए।
पूरा मामला खेरागढ़ के गांव नगला ऊदैया गांव का है। जानकारी के मुताबिक विद्युत विभाग के जेई
नितेश कुमार बिजली चेकिंग करने के लिए पहुंचे थे। देर रात लोगों के घरों में चेकिंग से लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने इस घटना की सूचना कांग्रेस के फतेहपुर सीकरी से प्रत्याशी रामनाथ सिकरवार को दी। सूचना मिलते ही कांग्रेस प्रत्याशी भी मौके पर पहुंच गए। इस बीच जेई वहाँ से चले गए। रामनाथ सिकरवार की बिजली विभाग के जेई नितेश से फोन पर वार्ता हुई तो दोनों के बीच फोन पर जमकर तकरार हो गई।
रामनाथ सिकरवार ने जेई से कहा कि आप रात को लोगों के घरों में घुसे है। यह गलत है। इस बीच जेई ने कहा कि आप मेरे यहां से एक करोड़ रुपए ले गए। रामनाथ सिकरवार स्थानीय लोगों के साथ धरने पर बैठ गए हैं। रामनाथ सिकरवार ने 7 साल से एक ही जगह जमे होने का जेई पर आरोप लगाया है।
: सावधान ! नामचीन कंपनी का लोगो लगाकर बची जा रही डुप्लीकेट ई बाइक
Thu, May 23, 2024
Agra. अगर आप उत्तर प्रदेश के आगरा शहर या आसपास के रहने वाले हैं और आप इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने जा रहे हैं तो आपके लिए यह खबर बहुत महत्वपूर्ण है। आगरा में नामचीन कंपनी के नाम से खिलवाड़ किया जा रहा है। लोकल कंपनी की ई बाइक को ब्रांडेड कंपनी का लोगो लगाकर बेचा जा रहा है। फेरेंजा इलेक्ट्रिक व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ को शिकायतें मिल रही थीं कि आगरा में उनके नाम से इलेक्ट्रिक बाइक बड़ी संख्या में बेची जा रही हैं। इसको लेकर उन्होंने पड़ताल की तो पता चला कि आगरा के चावला एंड संस के यहाँ उनकी कंपनी की इलेक्ट्रिक बाइक बेची जा रही है। जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की। वह पुलिस के साथ चावला एंड संस के शोरूम पर पहुंच गए। उनके सामने ही उनकी कंपनी का एक इलेक्ट्रिक व्हीकल बेचा जा चुका था।7 इलेक्ट्रिक व्हीकल को पुलिस ने जब्त कर लिया। थाना रकाबगंज पुलिस इस मामले में शिकायत के बाद कार्रवाई में जुट गई है।
थाना रकाबगंज क्षेत्र अंतर्गत फेरेंजा इलेक्ट्रिक व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड इलेक्ट्रिक बाइक भारी संख्या में डुप्लीकेसी कर बेची जा रही थी। कंपनी के सीईओ रितेश बंसल को पिछले एक डेढ़ माह से शिकायतें मिल रही थी कि उनकी कंपनी की डुप्लीकेट इलेक्ट्रिक व्हीकल बड़ी संख्या में बेची जा रही है। बुधवार को सीईओ रितेश बंसल आगरा पहुंचे और उन्होंने पुलिस के साथ बालूगंज स्थित चावला एंड संस के यहां छापामार कार्रवाई की। करवाई में रकाबगंज पुलिस को 7 इलेक्ट्रिक व्हीकल मिले जिन पर फेरेंजा इलेक्ट्रिक व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड की छाप लगी हुई थीं। पुलिस ने शोरूम से प्रबंधक को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। पुलिस अपने साथ ऐसे 07 वाहनों को जब्त कर थाने उठा लाई।
फेरेंजा इलेक्ट्रिक व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ रितेश बंसल का कहना है कि हमने इस मामले में आगरा पुलिस को अपनी शिकायत दर्ज करा दी है। जिसमें हमने चावला एंड संस के सुरेंद्र चावला, गोविंद चावल और सुरेंद्र सिंह को आरोपी बनाया है। उन्होंने बताया कि कस्टमर की लगातार शिकायतें आ रही थी कि उनके इलेक्ट्रिकल वाहन मापदंडों के अनुकूल नहीं है। यही नहीं कई ऐसे वाहन भी हमें बाजार में मिले जो मॉडल हम बनाते ही नहीं हैं। जिससे साफ है कि हमारे ब्रांड की डुप्लीकेसी की जा रही थी और कंपनी का नाम खराब किया जा रहा है। एक तरफ जहां कंपनी की साख पर बट्टा लग रहा है तो वहीं कंपनी को आर्थिक क्षति भी पहुंच रही है।