: लायंस क्लब आकाश ने गोद ली राधाकृष्ण गौशाला, किया सभी क्लबों से गोसेवा का आह्वान
Sat, Jul 13, 2024
लॉयंस क्लब आफ आगरा आकाश ने सेवा प्रकल्प में गोसेवा को रखा प्रमुखता से
डिस्ट्रिक्ट पीआरओ मनीष अग्रवाल बोले, आगरा के सभी 45 क्लब गोद लें एक-एक गौशाला
आगरा। सेवा प्रकल्पों में सबसे प्रमुख गोसेवा को रखते हुए लायंस क्लब आफ आगरा आकाश ने फाउंड्री नगर स्थित राधाकृष्ण गौशाला को गोद ले लिया है। शनिवार को मासिक सेवा प्रकल्प के अन्तर्गत राधाकृष्ण गौशाला में लायंस क्लब आफ आगरा आकाश की ओर से गोसेवा की गयी। जिसके अन्तर्गत 230 गायों के लिए 26 कुंतल हरे चारे का प्रबंध सदस्यों की ओर से किया गया। गोसेवा का आरंभ गो पूजन के साथ हुआ। अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने बताया कि गौशाला परिसर में 230 गाय एवं बछड़े रहते हैं, जिनमें से 18 गाय दृष्टिहीन हैं। गौशाला शहरवासियों की सेवा से सदैव से उपेक्षित रही है। गायों को दिनभर का भोजन भी बहुत बार उपलब्ध नहीं हो पाता। इसे देखते हुए क्लब ने गौशाला को गोद ले लिया है। उन्होंने कहा कि क्लब द्वारा गौशाला का सुंदरीकरण करवाया जाएगा साथ ही परिसर में टीन शेड लगवाकर खुले में रहने वाली गायों की सेवा की जाएगी।
फाउंड्री नगर स्थित राधाकृष्ण गौशाला में गोसेवा करते लायंस क्लब आफ आकाश के अध्यक्ष संजीव गुप्ता, डिस्ट्रिक्ट पीआरओ मनीष अग्रवाल, रीजन चेयरपर्सन मनोज गुप्ता, राजकुमार खन्ना, राजेंद्र गर्ग आदि
डिस्ट्रिक्ट पीआरओ मनीष अग्रवाल ने आह्वान किया कि आगरा जिले में सभी 45 लायंस क्लब शहर की एक− एक गौशाला को गोद लेकर गोसेवा का पुण्य कमाएं।
रीजन चेयरपर्सन एमजेएफ मनोज गुप्ता ने कहा कि गोसेवा सभी पुण्यों को देने वाली होती है। क्लब द्वारा एक सप्ताह में ये दूसरी बार गोसेवा की गयी है।
इस अवसर पर सचिव संगीता गुप्ता, कोषाध्यक्ष राजकुमार खन्ना, पूर्व अध्यक्ष एमजेएफ संजय गुप्ता, आरपी अग्रवाल, अनमोल गुप्ता, रोहित माहेश्वरी, गौरी शंकर, रमेश यादव, राजेंद्र गर्ग, पवन पैंगोरियाआदि उपस्थित रहे।
: मेधावियों का सम्मान कर, बताया शिक्षा और शिक्षक का महत्व
Sat, Jul 13, 2024
बृज डेवलपमेंट फाउंडेशन के प्रकल्प श्री नारायण बाला शिक्षा सहायता द्वारा किया गया मेधावियों का सम्मान
न्यू आगरा स्थित चंद्र बालिका विद्यापीठ की दसवीं और बारहवीं की छात्राएं हुईं सम्मानित
बृज डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने मेधावी छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा भी की
आगरा। शिक्षा तभी सार्थक है जब समाज को संदेश दे और सेवा भी तभी सार्थक है जब अशिक्षा के अंधियारे को दूर कर प्रतिभाओं को प्रोत्साहन एवं सहायता प्रदान करे। श्री नारायण बाला शिक्षा सहायता प्रकल्प के सयोंजक विजय अग्रवाल के इन शब्दों के साथ आरंभ हुआ मेधावी सम्मान समारोह।
शनिवार को न्यू आगरा स्थित चंद्र बालिका विद्यापीठ में बृज डेवलपमेंट फाउंडेशन के प्रकल्प श्री नारायण बाला शिक्षा सहायता संस्था द्वारा मेधावी छात्र सम्मान समारोह 2023− 24 का आयोजन किया गया।
मां शारदे के समक्ष माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गयी। सरस्वती वंदना को स्वर छात्रा साक्षी ने दिए एवं स्वागत गीत रजनी, श्वेता, कीर्ति, पलक और काव्या ने प्रस्तुत किया। कुशल संचालन छात्रा शिल्पा और वैष्णवी ने किया।
विशष्टि अतिथि के रूप में विजय गुप्ता वरिष्ठ उद्यमी एवं समाज सेवी ने कहा कि सभी मेधावी छात्र यदि चार सामान्य छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे तो वे भी मेधावी बन सकेंगे।
आयोजक विजय अग्रवाल ने बताया कि सम्मान समारोह में दसवीं और बारहवीं की 11 छात्राओं को सम्मान राशि प्रदान की गयी, जिसमें 5100, 3100, 2100 और 1100 रुपये के चैक, मेडल एवं प्रोत्साहन पत्र शुभकामनाओं के साथ छात्राओं को दिए गए। आगे कहा कि आज सभी डॉक्टर-इंजीनियर बनना चाहते हैं, माता पिता का भी यही सपना होता है किंतु शिक्षक बनना नहीं चाहते जबकि सनातन काल से शिक्षक को ईश्वर से भी उच्च स्थान दिया गया है।
बृज डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने घोषणा की कि जो भी मेधावी छात्राएं भविष्य में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहती हैं उनकी आर्थिक सहायता के लिए संस्था सदैव साथ खड़ी है। उपाध्यक्ष राहुल जैन ने कहा कि स्कूलों में नैतिक शिक्षा की कक्षा भी लगनी चाहिए, ताकि आज का छात्र कल का आदर्श नागरिक बन सके राष्ट्रहित की परिकल्पना छात्रों के बीच जरूर होनी चाहिए पर्यावरण संरक्षण के लिए भी छात्र जीवन से ही प्रयास की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष देवी सिंह नरवार ने रहीम का दोहा कहते हुए छात्राओं को शिक्षा दान का महत्व बताया, कहा कि देनहार कोउ और है, भेजत है दिन रैन।
स्कूल की अध्यक्ष शारदा गुप्ता ने संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा की शिक्षित बालिका एक नहीं दो परिवारों की शिक्षित करती है समापन पर प्रधानाचार्य श्रीमती रचना शर्मा ने आभार दिया।
इस अवसर पर रिजु, दिलीप, सागर, उज्जवल आदि उपस्थित रहे।
: एसएन में सर्वाइकल कैंसर से बचाव की पहल को मिली सराहना
Tue, Jul 2, 2024
प्रोफेसर डॉ. रुचिका गर्ग का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में हुआ अंकित
आगरा। महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर सर्वाइकल कैंसर है। इससे बचाव के लिए सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज में सराहनीय पहल की जा रही है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के मार्गदर्शन और सहयोग से सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता अभियान और वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए अभियान की जिम्मेदारी संभाल रहीं एसएन मेडिकल कॉलेज की गायनिक विभाग में प्रोफेसर डॉ. रुचिका गर्ग को इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में नाम अंकित किया गया है, उन्होंने सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन कैम्प का आयोजन कर अभी तक सबसे ज्यादा मेडिकल छात्राओं का वैक्सीनशन कराया है।
डॉ. रुचिका गर्ग ने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए दो विशाल कैंप का आयोजन किया गया l पहला कैम्प 3 मार्च 2024 को लगाया गया। दूसरा कैम्प 9 मई 2024 को लगाया गया। दोनों शिवर में 250 मेडिकल की छात्राओं ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाई l उन्होंने बताया कि डॉ. प्रशांत गुप्ता के द्वारा सर्वाइकल कैंसर की जागरूकता और बचाव के लिए यह पहल की गई है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग सर्वाइकल कैंसर के बारे में जानकारी और उसके बचाव के लिए आगे आए । डॉ. रुचिका गर्ग ने बताया कि जिन महिलाओं की इम्यूनिटी कमजोर होती है उनको कैंसर का रिस्क रहता है। इसलिए ऐसा जरूरी नहीं है कि जिस महिला में एचपीवी वायरस है उसको सर्वाइकल कैंसर भी हो जाएगा. लेकिन अगर सही समय पर एचपीवी वैक्सीन लगवा लें तो इस कैंसर से काफी हद तक बचाव मुमकिन है।
प्राचार्य डॉ. प्रशान्त गुप्ता ने बताया कि अब नर्सिंग की छात्राओं को भी सर्वाइकल कैंसर ( बच्चेदानी के मुँह का कैंसर) के लिए जागृत किया जाएगा । बच्चेदानी के मुँह के कैंसर का वैक्सीन 9 से 26 साल तक की उम्र में दिया जाता है। लेकिन डॉक्टर से सलाह करके गार्डासिल 45 साल तक भी दिया जा सकता है। जितनी कम उम्र में इसे लिया जाए उतना अच्छा होता है । डॉ. प्रशान्त गुप्ता सभी लोगों से अपील करते हुए कहा है कि भले यह वैक्सीन थोड़ी महंगी है और आपको स्वयं खरीद के लगवानी है लेकिन सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए और आपके स्वास्थ्य के लिए स्वयं विचार करें, जितनी जल्दी हो सके सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाएं ।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव की वैक्सीन
9 से 26 वर्ष महिलाओं को भारतीय सर्वावैक वैक्सीन 1400 रुपए पर डोज लगाई जाती है। 26 से 45 वर्ष की महिलाओं को गार्डासिल वैक्सीन 3100 रुपए पर डोज लगाई जाती है।
डॉ. रुचिका गर्ग ने बताया कि इससे पहले इस तरह का इनीशिएटिव नहीं लिया गया था। एक साथ 250 मेडिकल छात्राओं ने सर्वाइकल कैंसर से बच्चों के लिए वैक्सीन लगवाई। उन्होंने बताया कि इतनी ज्यादा बच्चों की काउंसलिंग करना कोई आसान काम नहीं था लेकिन सर्वाइकल कैंसर से महिलाओं को बचाने के जज्बे ने मुझे अपने लक्ष्य पर अग्रसर रखा। मेडिकल छात्रों को सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूक किया। साथ ही काउंसलिंग भी की। क्योंकि सर्वाइकल कैंसर के बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है लोगों को सर्वाइकल कैंसर के लिए जागरूक करना बहुत जरूरी है 9 से 26 वर्ष की महिलाओं को भारतीय सर्वावैक वैक्सीन लगाई जाती है और 26 से 45 वर्ष की महिलाओं को गायनोसिल वैक्सीन लगाई जाती है। नौ से 14 साल तक की किशोरियों को वैक्सीन की दो डोज दी जाती हैं 15 से ऊपर 45 साल तक तीन डोज एचपीवी की तीन डोज लगाई जाती है। यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से 98% बचाव करती है। पाँच जुलाई को एसएन मेडिकल कॉलेज में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए तीसरे कैम्प का आयोजन किया जाएगा
सर्वाइकल कैंसर के कारण जोखिम को बढ़ाते हैं
• ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (HPV) - यह एक यौन संचारित वायरस है, जिसके 100 से ज्यादा प्रकार में लगभग 14 प्रकार सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं।
• असुरक्षित यौन संबंध - एचपीवी से संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन
• संबंध बनाने से यह फैलता है। साथ ही जो महिलाएं एक से ज्यादा पार्टनर के साथ यौन संबंध बना चुकी हैं या जो कम उम्र में यौन संबंध बना चुकी है, उसमें सर्वाइकाल कैंसर का खतरा ज्यादा होता है।
• गर्भधारण - जो महिलाएं तीन या तीन से ज्यादा बच्चों को जन्म दे चुकी है, उनमें इस कैंसर का जोखिम ज्यादा होता है।
• गर्भनिरोधक गोलियां ज्यादा समय तक गर्भ निरोधक गोलियों का प्रयोग करने से भी कैंसर के जोखिम को बढ़ावा मिलता है।
• यौन संचारित बीमारियां सिफलिस, गोनोरिया या क्लैमाइडिया से संक्रमित हो चुकी महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का जोखिम ज्यादा होता है।
• धूम्रपान करना
• ज्यादा समय तक तनाव ग्रस्त रहना
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
• पैर में सूजन होना ।
• संभोग के दौरान दर्द महसूस होना।
• अनियमित पीरियड्स आना।
• ज्यादा रक्तस्राव होना।
• यूरीन पास करने में परेशानी होना।
• पैल्विक दर्द जो पीरियड्स से जुड़ा नहीं होता है।
• किडनी फेलियर।
• वजन कम हो जाना।