: मंगल कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ 24 कुंडिया गायत्री महायज्ञ
Tue, Dec 3, 2024
आगरा। मनुष्य में देवत्व का उदय धरती पर स्वर्ग का अवतरण, हम बदलेंगे यह बदलेगा, हम सुधरेंगे युग सुधरेगा, ऐसे ही नारों के साथ जब महिलाएं पीत वस्त्र पहन कर सिर पर मंगल कलश धारण कर क्षेत्र में आमंत्रण देने निकली। यह नजारा देखने को मिला शास्त्रीपुरम क्षेत्र में आयोजित होने जा रहे 4 दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिन की कलश यात्रा में।
शांतिकुंज हरिद्वार से आए प्रतिनिधियों ने शास्त्रीपुरम तिकोनिया माता मंदिर पर मंत्र चरण से कलश पूजन कर कलश यात्रा का शुभारंभ किया गया। ढोल नगाड़ों के साथ कलश यात्रा में सर्वप्रथम पुरुष सिर पर सद्ग्रंथ रख कर चल रहे थे। उसके बाद नशा नाश का दूजा नाम तन मन धन तीनों बेकाम, प्रदूषण करते को टोकों जल को माल बनने से रोको, राष्ट्रीय चेतना की यही पुकार मार भगाओ भ्रष्टाचार, मां गंगा की यही पुकार जल जंगल का करो सुधार, पान मसाला जर्दा गुटखा खाते ही कैंसर का झटका आदि जैसे स्लोगन को लेकर बच्चे कलश यात्रा के आगे आगे चल रहे थे। उसके बाद माताऐं - बहने सिर पर मंगल कलश सिर पर धारण कर चल रही थी।
कार्यक्रम आयोजक सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम चार दिवसीय है जिसके प्रथम दिन में आज मंगल कलश यात्रा का को क्षेत्र में भ्रमण कर सभी क्षेत्रवासियों को यज्ञ के अलिए आमंत्रित किया गया है।
कलश यात्रा में अजय यादव, कन्ही सिंह, विजय पाल बघेल, उमेश कुशवाहा, गौरीश सक्सेना, अंकित, अनुराग कुशवाह आदि उपस्थित रहे।
: होम्योपैथिक में विश्व पटल पर आगरा की धाक, नेमिनाथ हॉस्पिटल को जर्मनी ने दिया उत्कृष्ट कार्य का सम्मान
Tue, Dec 3, 2024
कैंसर रोग के इलाज में विशिष्ट कीर्तिमान स्थापित करने के लिए नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रदीप गुप्ता हुए सम्मानित
होम्योपैथिक चिकित्सा के जनक डॉ सैमुअल हैनिमैन को समर्पित संस्था इंटरनेशनल हैनिमैन जेंट्रम टोरगो की टीम ने दिया सम्मान
आगरा। जिस बीमारी से पूरी तरह छुटकारा दिलाने के लिए सारी दुनिया के चिकित्सक वर्षाें से गहन शाेध में जुटे हुए हैं, उस बीमारी से राहत और सफल इलाज का कीर्तिमान बनाने वाले आगरा के डॉ प्रदीप गुप्ता को जर्मनी की संस्था ने उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। मंगलवार को कुबेरपुर स्थित नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन से हुआ।
होम्योपैथिक के जनक डॉ सैमुअल हैनिमेन की विरासत को संभालने वाली संस्था इंटरनेशनल हैनिमैन जेंट्रम टोरगो, जर्मनी की चेयरपर्सन कैरोला शुएरेन ने नेमिनाथ होम्योपैथिक कॉलेज को द बेस्ट होम्योपैथिक टीचिंग हॉस्पिटल इन इंडिया सम्मान से सम्मानित किया। ये सम्मान कॉलेज के प्रचार्य डॉ प्रदीप गुप्ता को प्रदान किया गया।
कैरोला शुएरेन ने कहा कि आधुनिक विज्ञान आज भी कैंसर से पूरी तरह से जीत नहीं पाया है किंतु पूरे विश्व में कैंसर बीमारी को हराने में बहुत अधिक सफल हुए डॉ प्रदीप गुप्ता भारत सहित पूरे विश्व के लिए सम्मान के पात्र हैं। कॉलेज ने अपने शाेध एवं चिकित्सा पद्वति से सैंकड़ों लोगों को कैंसर बीमारी और उसके दुष्प्रभावों में राहत दी है। उनके द्वारा किये गए शाेध आज होम्योपैथिक चिकित्सा में नये कीर्तिमान बन चुके हैं। वाइस चैयरमेन एंड्रियास जंग और एंजेलिका ने कहा कि क्रिटिकल मरीजों को भर्ती करने की डॉ प्रदीप के हॉस्पिटल में सुविधा है और मरीज ठीक भी होते हैं।
डॉ प्रदीप गुप्ता ने बताया कि होम्योपैथिक चिकित्सा जगत में जर्मनी देश का बहुत विशेष योगदान है। इस देश से सम्मान प्राप्त करना अपने आप में गौरवांवित कर रहा है और चिकित्सा सेवा की प्रेरणा दे रहा है। उन्होंने कहा कि नेमिनाथ हॉस्पिटल में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय तकनीकों से कैंसर का इलाज किया जाता है। इसमें सफलता का अनुपात सकारात्मक है। होम्योपैथिक तकनीक द्वारा कैंसर रोग के इलाज में एलोपैथी की अपेक्षा मरीज को कम शारीरिक परेशानी होती है।
इस अवसर पर जर्मन टीम ने हॉस्पिटल में मरीजों से भेंट कर उनका हालचाल जाना और उनके ठीक होने पर संतोष व्यक्त किया।
: एचआईवी मरीजों में टीबी का खतरा अधिक, बचाव की दवा खाना जरूरी
Sun, Dec 1, 2024
एड्स जागरुकता रैली निकाल लोगों को किया जाएगा जागरूक
रैली के उपरांत गोष्ठी, हस्ताक्षर अभियान, जांच शिविर का होगा आयोजन
आगरा। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से दो दिसंबर को सुबह साढ़े दस बजे रैली का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात गोष्ठी होगी, साथ ही हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। एसएन मेडिकल कॉलेज में लोगों को जागरूक करने और एचआईवी,एड्स की जांच करने के लिए शिविर आयोजित किया जाएगा ।
यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि विश्व एड्स दिवस प्रत्येक वर्ष एक दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिवस एड्स (एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम) के बारे में जागरूकता फैलाने और एड्स पीड़ित लोगों के प्रति सहानुभूति और समर्थन प्रदर्शित करने के लिए मनाया जाता है। विश्व एड्स दिवस का उद्देश्य एड्स के बारे में जागरूकता बढ़ाना, एड्स पीड़ित लोगों के अधिकारों की रक्षा करना और एड्स के खिलाफ लड़ने के लिए वैश्विक प्रयासों को मजबूत करना है।
सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक एचआईवी मरीज को छह माह तक टीबी से बचाव की दवा खाना अनिवार्य है। यह इसलिए है क्योंकि एचआईवी से पीड़ित लोगों में टीबी होने का खतरा अधिक होता है। टीबी एक गंभीर संक्रमण है जो फेफड़ों को प्रभावित करता है और अगर इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह जानलेवा हो सकता है। एचआईवी से पीड़ित लोगों में टीबी का खतरा अधिक होने के कई कारण हैं। एक कारण यह है कि एचआईवी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है, जिससे शरीर टीबी जैसे संक्रमणों से लड़ने में असमर्थ हो जाता है। इसके अलावा, एचआईवी से पीड़ित लोगों में टीबी के लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं और इसका इलाज अधिक कठिन हो सकता है। इसलिए, एचआईवी से पीड़ित लोगों को टीबी से बचाव की दवा खाना अनिवार्य है। यह दवा टीबी के संक्रमण को रोकने में मदद करती है और एचआईवी से पीड़ित लोगों को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
जिला क्षय रोग व एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष 442 एचआईवी मरीजों को टीबी से बचाव की दवा खिलाई गई। जिन टीबी मरीजों को एचआईवी भी है, उनके टीबी का इलाज पूरा होने के बाद उन्हें भी छह माह तक टीबी से बचाव की दवा खिलाते हैं। लेकिन अगर ऐसे मरीज ड्रग रेसिस्टेंट टीबी मरीज हैं तो उन्हें बचाव की दवा नहीं खिलाई जाती है।
जिले में एचआईवी के 5149 सक्रिय मरीज
डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि इस समय जनपद में एचआईवी के 5149 सक्रिय मरीज हैं। इस वित्तीय वर्ष में 420 नये एचआईवी मरीज पंजीकृत किये गये। इलाज के दौरान 13 एचआईवी मरीजों की मौत भी हुई है। इस वित्तीय वर्ष 27181 टीबी मरीज खोजे गए सभी की एचआईवी की जांच कराई गई जिस में से ऐसे 88 एचआईवी मरीज पंजीकृत किये गये हैं जिनमें टीबी की भी बीमारी निकली है। इन मरीजों को दोनों प्रकार की दवाएं साथ- साथ खिलाई जा रही हैं।
एचआईवी और एड्स में अंतर
डॉ.सुखेश गुप्ता ने बताया कि जब कोई व्यक्ति कई वर्षों तक एचआईवी वायरस से पीड़ित रहता है और उसका उपचार नहीं होता है तो वह एड्स मरीज बन जाता है ।यदि एचआईवी मरीज एड्स का रोगी बन जाता है, तो उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली रोगाणुओं से अच्छी तरह से नहीं लड़ पाती। यही वजह है कि एड्स से पीड़ित लोगों को अक्सर गंभीर संक्रमण और स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।
एचआईवी के लक्षण
• वजन का कम होना
• एक महीने से अधिक बुखार आना
• एक महीने से अधिक का दस्त
एड्स के लक्षण
• लगातार खांसी
• चर्म रोग
• मुंह एवं गले में छाले होना
• लसिका ग्रंथियों में सूजन एवं गिल्टी
• याददाश्त खोना
• मानसिक क्षमता कम होना
• शारीरिक शक्ति का कम होना
टीबी के लक्षण
• दो सप्ताह से अधिक की खांसी
• पसीने के साथ बुखार
• अत्यधिक कमजोरी
• भूख न लगना
• बलगम में खून आना
• सीने में दर्द