: शी विल संस्था का ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान, मेयर ने किया रुद्राक्ष और बेलपत्र का रोपण
Tue, Aug 5, 2025
आगरा। महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ शी विल संस्था द्वारा विजय नगर स्थित विजय क्लब में पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मेयर हेमलता दिवाकर रहीं, जिन्होंने रुद्राक्ष और बेलपत्र के पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की।
संस्था की संस्थापक अध्यक्ष राशि गर्ग ने बताया कि एक पौधा मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत कुल 51 पौधे लगाए गए, जिनमें फलदार, छायादार और औषधीय पौधों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य न केवल पौधे लगाना है, बल्कि उन्हें संरक्षित करना और मां की ममता जैसी देखभाल देना भी है।
मेयर हेमलता दिवाकर ने संस्था के प्रयास की सराहना करते हुए पौधों के संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा, जब हम लगाए गए पौधों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभाएं।
इस अवसर पर पूजा लूथरा, कृतिका, दिव्या गुप्ता, डॉ भास्कर ज्योति, आयुषी चौबे, डॉ अंशिका सरकार, कीर्ति, नूपुर, प्रिया, दिशा, तनु, रोली रस्तोगी, रुचि गुप्ता, अदिति मित्तल, आशिमा, नैना, डिंपल आदि उपस्थित रहीं।
: शूटिंग चैंपियनशिप 2025: सत्या चमके, शुभांशी, कैनेथ और नविका ने भी लहराया परचम
Sun, Aug 3, 2025
रिमफायर एंड एयर राइफल बेंचरेस्ट शूटिंग चैंपियनशिप 2025 का भव्य समापन
देशभर के 103 प्रतिभागियों ने दिखाया कौशल, कर्नल डीके मिश्रा ने किया सम्मानित
आगरा। एकाग्र दृष्टि, स्थिर सांसें और लक्ष्य पर केंद्रित उंगलियां, ताज नगरी आगरा इन दिनों सटीकता और संतुलन की परिभाषा बन गई, जब देशभर के 103 से अधिक युवा निशानेबाजों ने रिमफायर एंड एयर राइफल बेंचरेस्ट शूटिंग चैंपियनशिप 2025 में अपने हुनर का जबरदस्त प्रदर्शन किया। तीन दिनों तक चले इस रोमांचक मुकाबले का समापन रविवार को हुआ, जिसमें 470 अंकों के साथ सत्या ने ओवरऑल चैंपियन बनकर विजयी निशाना साधा। प्रतियोगिता ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि भारत के उभरते शूटिंग कौशल की नई तस्वीर भी पेश की।
तीन दिवसीय नेशनल रिमफायर एंड एयर राइफल बेंचरेस्ट शूटिंग चैंपियनशिप 2025 का भव्य समापन रविवार को 2 यूपी बटालियन एनसीसी, ताज रोड परिसर में हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कर्नल डीके मिश्रा ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए और अपने प्रेरक शब्दों से सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि बेंचरेस्ट शूटिंग जैसे खेल युवाओं में न केवल अनुशासन और आत्मनियंत्रण की भावना विकसित करते हैं, बल्कि यह मानसिक संतुलन और निर्णय क्षमता को भी मजबूती प्रदान करते हैं। इस तरह की प्रतियोगिताओं से देश को भविष्य के अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज मिलेंगे। इस प्रतियोगिता का आयोजन रिमफायर एंड एयर राइफल्स बेंचरेस्ट शूटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएबीएसएआई) द्वारा किया गया।
संस्था के अध्यक्ष रजत विज ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, कर्नाटक, उत्तराखंड और तमिलनाडु सहित 9 राज्यों से 103 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य भारत को बेंचरेस्ट शूटिंग में वैश्विक मानचित्र पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाना है।
महासचिव हिना विज ने बताया कि प्रतियोगिता को विभिन्न वर्गों में विभाजित कर तीन प्रमुख श्रेणियों में आयोजित किया गया अंडर-18, अंडर-40 और 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग, जिसमें प्रतिभागियों ने 250 और 500 पॉइंट्स लक्ष्य पर फायरिंग की। इसके अतिरिक्त फ्री हैंड श्रेणी भी आकर्षण का केंद्र रही।
प्रतियोगिता में ट्रेजैक्ट्रॉन एयर राइफल का विशेष तकनीकी सहयोग रहा। उनके विशेषज्ञ जेनुअल और हर्षद ने प्रतिभागियों को आधुनिक उपकरणों व शूटिंग तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रतियोगिता के दौरान बेंचरेस्ट शूटिंग के तकनीकी मापदंड, दृष्टि संतुलन, फायरिंग तकनीक और भारतीय तकनीकी नवाचार पर भी व्यावहारिक चर्चा हुई। समापन समारोह में ऋषि, स्वरूप, भावतेश, पीयूष, आयुष गर्ग आदि उपस्थित रहे।
विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं के परिणाम इस प्रकार रहे:
अंडर-18 (महिला):
शुभांशी वर्मा – 444
दिव्यंका विज – 417
शिविका जैन – 379
अंडर-18 (पुरुष):
कैनेथ बेंजामिन – 467
रजत – 452
संस्कार गर्ग – 430
अंडर-18 (फ्री हैंड) – महिला:
नविका सिंह – 218
वैष्णवी – 212
नैना – 202
अंडर-18 (फ्री हैंड) – पुरुष:
अद्विक – 223
वेद आर्य – 223 (संयुक्त स्थान)
ललित – 201
अंडर-40 (महिला):
कृष्णा – 221
नैंसी – 216
कुमकुम – 189
अंडर-40 (पुरुष):
आयुष कुशवाहा – 235
पुष्पेंद्र – 233
अनस – 215
अंडर-40 (महिला बेंचरेस्ट):
पियूषिका – 451
इफरा – 438
पारस बेन – 429
40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग:
सिद्धार्थ सिंह – 462
मधुकर यादव – 460
के महेश – 454
अंडर-40 डबल कार्ड श्रेणी:
सत्या – 470
पुनीत – 466
रेनुअल – 466
: अग्र माधवी महिला मंडल ने सावन में रचाया स्नेह का मायका
Sun, Aug 3, 2025
माधवी अग्र महिला मंडल ने अनाथ बेटियों को दिया स्नेह, सुरक्षा और सम्मान का अहसास
झूले, मेंहदी, राखी और “नानी तेरी मोरनी…” से महका दो दिवसीय आयोजन
समाजसेवियों ने अपनी कलाई पर बंधवाई नेह की डोर दिया रक्षा का वचन
आगरा। श्रावण मास की ममतामयी छांव में माधवी अग्र महिला मंडल द्वारा आयोजित वार्षिक कार्यक्रम “माधवी बेटियों का मायका” एक बार फिर भावनाओं, परंपरा और सामाजिक ज़िम्मेदारी का अद्भुत संगम बन गया। लोहा मंडी स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित इस विशेष आयोजन में हाथरस, अलीगढ़, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, ईटानगर आदि शहरों से उन अनाथ बेटियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया, जिनके विवाह इसी संस्था द्वारा कराए गए थे। अब विवाहित जीवन में आगे बढ़ रहीं इन बेटियों के लिए सावन के इस मौसम में यही घर, यही समाज मायके का रूप ले लेता है।
अध्यक्ष पुष्पा अग्रवाल, सचिव ऊषा बंसल, कोषाध्यक्ष आभा जैन, संयोजक नमित गोयल सह संयोजक श्वेता अग्रवाल ने तिलक लगाकर और आरती करके बेटियों का स्वागत ममतामई बाहें फैला कर किया। अध्यक्ष पुष्पा अग्रवाल ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम में बेटियों के हाथों में मेंहदी रचाई गई, झूले डाले गए, सावन गीतों की गूंज के साथ हंसी-मजाक और खेलों का आयोजन हुआ। संस्था की महिला सदस्याएं एक पूरी रात बेटियों के साथ बिताकर उनके सुख-दुख साझा करती हैं, और उन्हें मां के दुलार से सराबोर करती हैं।
रक्षाबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत बेटियों ने समाज के प्रबुद्ध पुरुषों को राखी बांधकर रक्षा, सम्मान और संरक्षण का वचन प्राप्त किया। मुख्य अतिथि नीतेश अग्रवाल, फूलचंद, उमा शंकर, ओम प्रकाश, सुरेश चन्द गर्ग, मोहनलाल अग्रवाल, बीडी अग्रवाल, सुमन प्रकाश जैन (मुंबई), सुरेश चन्द अग्रवाल, राकेश गर्ग ने अपनी कलाइयों पर रेशम की डोर बंधवाई।
इस मौके पर नितेश अग्रवाल ने कहा कि माधवी अग्र महिला मंडल द्वारा आयोजित 'बेटियों का मायका' कार्यक्रम न केवल समाज के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है, बल्कि यह दर्शाता है कि बेटियां कहीं की भी हों, यदि समाज उन्हें अपनाए, तो हर सावन उनका मुस्कुराता हुआ पर्व बन सकता है। मेरे लिए यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सच्ची सामाजिक क्रांति है। जिन बेटियों को कभी मां-बाप का साया नहीं मिला, आज उन्हें मायके का दुलार, बहनों की बातें और भाई की कलाई मिली, इससे बड़ा पुण्य समाज में और क्या हो सकता है।
सुरेश चंद गर्ग ने कहा कि बेटियों को मायके जैसा स्नेह देना, उन्हें राखी, मेंहदी, झूला और नानी का दुलार देना यह केवल परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान को पुनर्स्थापित करने का प्रयास है।
विदाई सोमवार को
सचिव ऊषा बंसल ने बताया कि 4 अगस्त, सोमवार को विदाई समारोह आयोजित होगा, जहां सभी बेटियों को स्नेह और आशीर्वाद के साथ उनके घरों को विदा किया जाएगा।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में ऊषा अग्रवाल, निर्मल अग्रवाल, संरक्षक सदस्य रजनी अग्रवाल, संगीता अग्रवाल आदि उपस्थित रहीं।