बरात में दूल्हा बन निकले श्री राम
रात भर गूंजते रहे जयश्रीराम के उद्घोष
125 झांकियों में धर्म, संस्कृति और परंपराओं की प्रस्तुति
दोपहर 2 बजे हुआ राम बारात का शुभारम्भ
आगराः दूल्हा बने कौशल्या नंदन भगवान श्रीराम की छटा अद्भुत थी। मंगलमय, कल्याणमय और मनोवांछित फल देने वाले भगवान श्रीराम के जयघोष रातभर गूंजते रहे। श्रीराम बरात में करीब 125 झांकियों द्वारा राष्ट्रभक्ति, ईश्वर भक्ति, सामाजिक कार्यों के संदेश दिये गए।
श्रीराम लीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल एवं महामंत्री राजीव अग्रवाल ने दोपहर 2 बजे रावतपाड़ा तिराहे पर विघ्न विनायक गणेश जी की सवारी के आगे नारियल फोड़ कर बारात का शुभारंभ किया।
माता जानकी को ब्याहने जब प्रभु राम अपने भाइयों के साथ जनकपुरी की ओर चले तो मानो पूरा नगर साथ हो लिया। आगे देवी देवताओं के स्वरुपों और सामाजिक संदेश दे रही झांकियों ने बारात को अद्भतु बना दिया। शाम होते ही रावतपाड़ा अयोध्या में बदल गया। हर घर में खुशियों की बहार छाई हुई थी। श्रीराम की बारात में बाराती बन कर हर कोई आनंदित दिखा। ऐसा लग रहा था मानो देवी देवता स्वर्ग से उतर आए हों। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के स्वरूप सज धज कर रथ पर जैसे ही विराजमान हुए, पूरा शहर उनके साथ चल पड़ा।
राम बारात में सबसे आगे दो ऊँट थे और पीछे छह घोड़े थे। रामबारात में विघ्न विनाशक गणपति की सवारी के बाद राजा दशरथ अजय अग्रवाल, रानी कौशल्या कल्पना अग्रवाल (बीएन ग्रुप) बग्घी में सवार थे। मुनि विश्वामित्र और गुरु वशिष्ठ एक रथ पर विराजमान थे।
रामबरात की शोभा बारात में चल रही 125 झांकियों ने बढ़ाई। यह झांकियां शहर और आस पास के जिलों से भी मंगाई गई थी। आपरेशन सिंदूर की झांकी सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रही। प्रमुख झांकियों में देवी देवताओं की झांकी, श्रीनाथ जी की झांकी, वैष्णो दरबार, रावण की दुहाई का रथ, ड्रेगल का हमला के अलावा सामाजिक संदेश देने वाली झांकियां थीं, जिनमें स्वच्छता अभियान, गौ-हत्या पर रोक, पर्यावरण, रक्तदान, देहदान, नेत्रदान के अलावा अन्य मनमोहक झांकियां थीं। राम बारात रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल महामंत्री राजीव अग्रवाल के निर्देशन में निकाली गई।
रावतपाड़ा तिराहे पर झांकियों की व्यवस्था प्रकाशचंद्र अग्रवाल ने संभाली। संचालन प्रवीन स्वरूप ने किया उनके साथ आनंद मंगल, अंजुल बंसल, मुकेश जौहरी, राहुल गौतम आदि थे। श्रंगार व्यवस्था में मुकेश अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, मनोज अग्रवाल पोली ने संभाली।
राम बारात में श्रीरामलीला कमेटी ताराचंद अग्रवाल, टीएन अग्रवाल, विनोद जौहरी, रामकिशन, प्रवीन गर्ग, शालू, निक्की जौहरी, सौरभ गौतम, प्रदीप अग्रवाल, आयुष तार, संजय अग्रवाल, संजय तिवारी, महेश चंद, मनोज होजरी, मोहित, कन्हैया, सोनू, रवि, चिराग, अंकित, सुमित, तुषार आदि थे।
इन मार्गों पर उमड़ती रही भीड़
श्रीराम बारात रावतपाड़ा, सुभाष बाजार, दरेसी, छत्ता बाजार, कचहरी घाट, बेलनगंज, पथवारी होते हुए घटिया पहुंचीं। वहां पर बीपी ऑयल मिल्स पर रामबारात ने आधे घंटे विश्राम किया। इसके पश्चात फुलट्टी, फब्वारा, रावतपाड़ा तिराहा, पहुंच कर मनःकामेश्वर पर समाप्त हुई। गुरुवार को सुबह कार द्वारा भगवान के स्वरूप जनकपुरी (कमला नगर) पहुंचेंगे। दोबारा राम बारात जनकपुरी में सुबह नौ बजे शुरू होगी।
चांदी के रथ पर विराजमान थे विष्णु-लक्ष्मी के स्वरूप
चांदी के रथ पर भगवान विष्णु लक्ष्मी जी के साथ विराजमान थे। उसके बाद शत्रुघन, भरत और लक्ष्मण के रथ के बाद मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का रथ था। उनकी जगह-जगह आरती उतारी। शहर के बैंडों ने भजनों की धुन निकाली।
बारात के वीडियो बनाने की होड़
बारातियों ने भी इन अनूठे पल को मोबाइल में कैद किया। बारात का दिन भर होगा स्वागत सत्कार होता रहा।