: आगरा के कवियों ने दी मां की ममता को काव्य श्रद्धांजलि
Fri, May 24, 2024
•
ममता देवी वर्मा की स्मृति में आयोजित हुआ काव्य श्रद्धांजलि एवं साहित्य सम्मान समारोह
•
राष्ट्रीय हास्य कवि लटूरी लट्ठ को प्रदान किया गया साहित्य रत्न सम्मान
आगरा। मां की ममता का न कोई सार है, मां के आंचल में बसा खुशियों का संसार है। समाज सेवी श्रीमती ममता देवी वर्मा की स्मृति में इन्हीं भावों के साथ आयोजित किया गया पंचम काव्य श्रद्धांजलि एवं प्रथम साहित्य रत्न सम्मान समारोह।
संजय प्लेस स्थित अवध बैंकट हॉल में हुए आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ विजय श्रीवास्तव(प्रधानाचार्य आरबीएस डिग्री कॉलेज), विशिष्ट अतिथि डॉ लवकुश मिश्रा(विभागाध्यक्ष पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन, विवि), संजय वर्मा(परियोजना निदेशक, एनएचएआई), राकेश शुक्ला(महासचिव महामना मालवीय मिशन संस्था), डॉ सुभाष सक्सेना(अध्यक्ष, श्रीचित्रगुप्त परिषद), डॉ रुचि चतुर्वेदी(अन्तरराष्ट्रीय कवि), विजेंद्र रायजादा(एडीओ, पंचायत विभाग) ने दीप प्रज्ज्वलित किया। कार्यक्रम संयोजक रामेंद्र प्रताप वर्मा और मोहित सक्सेना ने सभी का स्वागत किया। अतिथियों के कर कमलों द्वारा राष्ट्रीय हास्य कवि लटूरी लट्ठ का ममता देवी वर्मा प्रथम साहित्य रत्न सम्मान किया गया। इसके बाद मातृ दिवस के अवसर पर बही ममतामयी काव्य रसधारा। जिसमें जिन चरणों में आकर हमको स्वर्गधरा मिल जाती है… डॉ रुचि चतुर्वेदी, सुबह भाजपा में कटी शाम सपा के साथ, लेकिन जब पर्चा भरा चुनाव चिन्ह था हाथ… रमेश मुस्कान, जरा सा मुस्कुरा दो तुम तो मेरी शाम बन जाए, कदम रख दो तो मेरा आशियां भी धाम बन जाए…प्रीति त्रिपाठी, मां है जीती जागती स्वयं ममता की मूर्ति, मां से बड़ा कोई भगवान नहीं होता है…नीरज पाण्डेय (रायबरेली), जब हृदय में हुआ नेह का आगमन मिट गईं दूरियां, हट गया आवरण…मनोज मधुवन(सोरों), हम हदें पार करके देखेंगे, नींदें दुश्वार करके देखेंगे…हीरेंद्र 'हृदय',
बच्चों की खातिर बनते फौलाद हमारे बाबूजी,
अंत समय रह जाते बेऔलाद अभागे बाबूजी…
कवि मोहित सक्सेना, ताक में बैठे हैं बस्ती को जलाने वाले, लोग अब हैं ही कहां आग बुझाने वाले….
सतीश मधुप, सुध बुध भूल गए रिश्ते घर आंगन के ममता के द्वार को कपाट नहीं मिला है, इंच इंच टुकड़ों में खोज रही माई किन्तु, चूमने को लाल का ललाट नहीं मिला है…विष्णु उपाध्याय "विशु" (फिरोजाबाद), मेरे हाथ में सिर्फ इसलिए, कोई दुःख की रेखा नहीं है।
माता पिता के अलावा, मैने किसी भगवान को देखा नहीं है…लटूरी लट्ठ, श्रुति सिंह, संजय गुप्त, पदम् गौतम, राकेश निर्मल, चंद्रकांत त्रिपाठी, संजय वर्मा, सुरेंद्र बंसल, अभिषेक शर्मा, आरपी सक्सेना आदि ने काव्य पाठ कर उपस्थित सभा को मंत्रमुग्ध कर दिया। संचालन सतीश मधु ने किया।
: नौनिहालों ने लगाई मुद्रा ज्ञान की क्लास
Fri, May 24, 2024
आगरा। नन्हें− मुन्ने बच्चों की क्लास लगी, जिसमें शिक्षक भी बच्चे थे और छात्र भी नौनिहाल ही थे।
कमला नगर में राह आर्गेनाइजेशन द्वारा बच्चों की एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में बच्चों ने मुद्रा ज्ञान की पाठशाला में रुपयों की पहचान करना सीखा। इसके साथ ही सृजनात्मकता करते हुए बच्चों ने ही एक दूसरे को बीड्स से ब्रेसलेट बनाना भी सिखाया। कार्यक्रम की संयोजिका संचिता और सिमरन थीं। कमिका, नेहा, सुगंध, तनु, निकिता, शुभम, श्वेता, गुंजन, हर्षिता, रीया, कशिश, नंदिनी, निताशा आदि उपस्थित रहीं।
: स्काउट शिविर में विद्यार्थियों ने सीखा बिना आग के भोजन पकाना
Fri, May 24, 2024
आगरा। बीएड विभाग आगरा कॉलेज, आगरा मे पांच दिवसीय स्काउट गाइड शिविर के चौथे दिन तम्बू निर्माण एवं बिना आग के भोजन का निर्माण कराया गया। जिसका निरिक्षण मुख्य अथिति प्रो बसंत बहादुर सिंह, विभागाध्यक्ष, शिक्षा संकाय, आरबीएस कॉलेज, आगरा, विशिष्ट अतिथि डॉ अनिल वशिष्ट, आयुक्त स्काउट गाइड आगरा, डॉ रमा सिसोदिया विभागाध्यक्ष, शिक्षा संकाय, आगरा कॉलेज आगरा ने किया गया।
इस पांच दिवसीय शिविर में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं| प्रथम दिन विद्यार्थियों को स्काउट गाइड प्रार्थना, सिंहनाद आदि की जानकारी दी गयी, द्वितीय दिन विद्यार्थियों को प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी प्रदान की गई , तृतीय दिन विद्यार्थियों को हाइकिंग पर ले जाया गया और चतुर्थ दिन तंबू निर्माण एवं बिना आग के भोजन पकाने की कला का प्रदर्शन किया गया। जिसमें स्काउट्स /गाइडस ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कम से कम साधनों से किस प्रकार जंगल मे रहा जा सकता है, या अपने तम्बू निर्माण के द्वारा प्रदर्शित किया। बिना आग के भोजन निर्माण में भी उन्होंने विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनऒ का निर्माण किया।
कार्यक्रम में प्रो आरके श्रीवास्तव उपप्राचार्य, आगरा कॉलेज, प्रो केडी मिश्रा, प्रो केपी तिवारी, प्रीति माहेश्वरी, डा ममता सिंह, नीलम मिश्रा, डा प्रिया कुलश्रेष्ठ, सुषमा गोयल, डा रंजना, श्वेता पचोरी, डा विंध्यश्वरी प्रसाद सिंह, डा कल्पना शर्मा, आनंद शर्मा, राज सक्सेना आदि उपस्थित रहे। 25 मई 2024 को शिविर का अंतिम दिन होगा, जिसमें उत्कृष्ट स्काउट्स एवं गाइड्स को पुरस्कृत किया जाएगा।