: आग लगने की घटनाओं पर अंकुश लगाने एवं जान-माल से बचाव हेतु आयोजित हुई कार्यशाला
Sun, Jun 2, 2024
Agra. आगरा में गर्मी से लोग बेहाल हैं, गर्मी के साथ-साथ आग की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। बढ़ती आग की घटनाएं जहां दमकल विभाग के लिए मुसीबत का सबब बन रही हैं, तो वहीं पुलिस-प्रशासन के लिए चिंताजनक हैं। अगर जिला अस्पताल एवं किसी अन्य अस्पताल में आग लग जाए तो आग के दौरान किस तरह खुद बचा जा सकता है और दूसरों को कैसे बचाया जा सकता है, इस पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग आगरा कार्यालय द्वारा जिला अस्पताल में एक कार्यशाला आयोजित की गई। दमकल विभाग की कार्यशाला में जिला अस्पताल के कर्मचारी एवं चिकित्सकों को बताया गया कि आग लगने की स्थिति में किस तरह बचाव किया जा सकता है। इस कार्यशाला में जिला अस्पताल के सभी विभागों के चिकित्सा एवं कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग से आए सेकंड अफसर ईदगाह ने बताया कि आग लगने की स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है, बस संयम एवं धैर्य के साथ यह देखें कि आसपास अपाहिज, बूढ़े एवं बच्चे तो नहीं हैं। आपको वह दिखाई दे तो सबसे पहले उन्हें बाहर करें। अगर आसपास अग्निशमक यंत्र से आग बुझाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि पहले खुद बचें बाद में दूसरों को बचाने का प्रयास करें। अग्निशमन अधिकारी ने इस दौरान चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को गैस सिलेंडर में आग जलाकर और उसे किस तरह बुझाया जाता है, इसका डेमो भी दिखाया। अग्निशमन विभाग के डेमो का हिस्सा एसआईसी डॉ. राजेंद्र अरोरा भी रहे।
अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि इस समय फायर सीजन चल रहा है, इसलिए आवश्यकता है कि अपने घर, प्रतिष्ठान, हॉस्पीटल, फैक्ट्री या अन्य कार्यदायी स्थलों पर एसी को 22 से 24 के मध्य रखें, इलेक्ट्रिक कटी-फटी वायर हैं उन्हें सही करवा लें। अगर संभव हो तो इलेक्ट्रिक ऑडिट करा लें। उन्होंने जिला अस्पताल या किसी भी अस्पताल को लेकर कहा कि अस्पताल के स्टॉफ को पता होना चाहिए कि कितने मरीज उनके यहाँ मौजूद हैं, कितने फायर एग्जिट हैं। इसकी पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। एक टीम जहाँ मरीजों को निकालने में जुटेगी तो वहीं दूसरी टीम आग बुझाने में जुटेगी।
जिला अस्पताल में दमकल विभाग द्वारा कर्मचारियों एवं चिकत्सकों को दी गई ट्रेनिंग को लेकर एसआईसी डॉ. राजेंद्र अरोरा ने उत्तर प्रदेश टाइम्स को बताया कि गर्मी बहुत अधिक है, आग की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। इसी को लेकर प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं का दिशा निर्देश था कि कर्मचारियों को अग्निशमन विभाग द्वारा ट्रेनिंग दी जाए एवं ऑडिट किया जाए। उन्हीं के दिशा निर्देशों के बाद यहाँ पर ट्रेनिंग का प्रोग्राम रखा। यहाँ दमकल विभाग ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जो भविष्य में काम आएँगी। उन्होंने कहा कि ऐसी छोटी छोटी बातें बताई हैं जिनसे बड़ी आग की घटनाओं को रोका जा सकता है।
एसआईसी डॉ.राजेंद्र अरोरा ने बताया कि अगर आग की घटना होती है तो सबसे पहले खुद को बचाया जाए, अगर कोई पूर्ण रूप से स्वस्थ है तो कम से कम एक व्यक्ति को तो बचा ही सकता है। उन्होंने कहा कि पहले ही जिला अस्पताल का फायर सिस्टम ठप है, जिसको लेकर कार्य किया जा रहा है। अगर कोई छोटी आग लगती है तो उसके लिए अग्निशमन यंत्र हैं। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार काम कर रहा है उसने स्प्रिंकलर लगाने के नाम पर जिला अस्पताल के पूरे फायर सिस्टम को ही ख़त्म कर दिया, उसने सभी पाईपों को काटकर अलग कर दिया है। जिसको लेकर ठेकेदार को नोटिस दिया गया है इसके साथ ही अतिरिक्त निदेशक को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।
: पानी ठहरेगा जहां, मच्छर पनपेंगे वहां
Sat, Jun 1, 2024
एंटी मलेरिया माह का आज से होगा शुभारंभ, सीएमओ ने टीमें गठित की
मलेरिया का रोगी मिलने पर आसपास के 50 घरों के लोगों की होगी जांच
आगरा। जनसमुदाय को मलेरिया रोग से बचाने के लिए एक से 30 जून तक जिले में एंटी मलेरिया माह का शुभारंभ होगा। अभियान के तहत मलेरिया से बचाव को लोगों को जागरूक किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एंटी मलेरिया माह को तीस जून तक चलाने के लिए निर्देशित किया है। इसमें आशा, एएनएम घर-घर जाकर बुखार के रोगियों की जांच कराएंगी। इसके साथ विभिन्न गतिविधियों को अयोजित करके मच्छरों से बचाव करने के लिए जागरूक किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में जनसहभागिता का भी ध्यान रखा जाएगा। सीएमओ ने बताया कि जांच में मलेरिया की पुष्टि होने पर रोगी के परिवार व आसपास के कम से कम 50 घरों में सर्वेक्षण कर बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की खोज व जांच की जाएगी, साथ ही मच्छरों के पनपने के स्रोत की खोज करेंगे। उन्होंने बताया कि समुदाय के लोगों को मलेरिया से बचाव के बारे में जागरुक करने व रोगियों की तलाश के लिए निर्देशित किया है। रोग नियंत्रण के लिए जनसमुदाय से सहयोग भी लेंगे। जिन इलाकों में अधिक रोगी मिले हैं। वहां दस प्रतिशत व्यक्तियों की जांच अवश्य की जाए। मध्यम प्रभावित लोगों में सात प्रतिशत की जांच कराएं। गर्भवती महिलाओं की मलेरिया की जांच कराई जाएगी। आशा, एएनएम, सीएचओ व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण का आयोजन कर लक्ष्य के सापेक्ष एबीईआर प्राप्त किए जाएगा। अंतविर्भागीय समन्वय समिति के अंतर्गत अन्य विभागों का सहयोग लेकर मच्छर रोधी गतिविधियां कराई जाएगी।
मच्छरों के प्रजनन वाले स्रोत भी तलाशेंगे
वेक्टर बोर्न रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि घरों के अंदर व आसपास, कूलर की टंकी, फ्रिज की ट्रे, गमलों के नीचे की प्लेट, अनुपयोगी बर्तन आदि से जल निकालकर साफ कराएंगे और जन सामान्य को मच्छरों के प्रजनन स्थलों के स्रोत को स्वास्थ्य कर्मी तलाश करेंगे।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि जनसमुदायों को मलेरिया रोग से बचाव व नियंत्रण के संबंध में जागरुकता पैदा की जाए, रोग नियंत्रण के लिए गतिविधियों को कराया जाएगा। डीएमओ ने बताया कि मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए अपने घरों के आसपास कहीं पानी इकट्ठा न होने दें। यदि जमा पानी खाली नहीं होता है तो इकट्ठे पानी में मच्छरों के लारवा पैदा हो जाते हैं जो बीमारियों का कारण बनते हैं.जहां मच्छरों के पैदा होने की आशंका है वहां कीटनाशक दवा का छिड़काव करें.जमे हुए पानी पर नीम का तेल एवं अन्य तेल डालकर पानी पर तेल की परत बना दें। रात में पूरी आस्तीन के कपड़े पहने.मच्छरों से बचाव के लिए उपयोग में लाई जाने वाली क्रीम को भी लगाया जा सकता है.सोते समय दरवाजे खिड़कियां इस प्रकार बंद करें कि मच्छर ना आ पाएं। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी सबसे आसान उपाय है.
इन बातों का रखें ध्यान
दरवाजों व खिड़कियों पर जाली लगवाएं
मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करें
अनुपयोगी वस्तुओं में पानी एकत्र न होने दें
पानी की टंकी पूरी तरह से ढक कर रख दें
पूरी बांह वाली कमीज और पैंट पहनें
घर और कार्य स्थल के आस-पास पानी जमा न होने दें
कूलर, गमले आदि को सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाएं
गड्ढों में जहां पानी एकत्र हो, उसे मिट्टी से भर दें
: छीपीटोला में सम्पन्न हुुआ दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर
Sat, Jun 1, 2024
आगरा। 21 मई से श्री क्षमासागर मैत्रीय महिला संगठन एवं सकल दिगम्बर जैन समाज छीपीटोला के तत्वावधान में आगरा के छीपीटोला स्थित श्री पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर के जैन भवन में आयोजित हुए दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का समापन 30 मई को हुआ। इस शिविर का सम्मान एवं पुरस्कार वितरण समारोह आगरा के छीपीटोला स्थित निर्मल सेवा सदन में आयोजित किया गया। जिसका शुभारंभ रूपेश जैन एलआईसी वाले एवं मनोज जैन बल्लो द्वारा समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं समाधिस्थ मुनिश्री क्षमासागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ किया। अनिल जैन रंगकर्मी के कलाकारों द्वारा नुक्कड़ लघु नाटिका का मंचन किया। इसके बाद मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद नवीन जैन द्वारा सभी प्रतिभागी बच्चें एवं बालक, बालिकाएं एवं महिलाओं को प्रतीक चिन्ह एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात आयोजक समिति द्वारा शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर छीपीटोला मंदिर कमेटी एवं समस्त महिलाओं मंडलों द्वारा राज्यसभा सांसद नवीन जैन जी को दुपट्टा एवं पगड़ी, माला पहनकर स्वागत सम्मान किया। इस दौरान महिलाओं ने फैशन शो किया और बच्चों और बालिकाओं ने नृत्य की प्रस्तुति दी। इस दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर में मेहंदी,डांस, क्राफ्टिंग, ढोलक, जूडो कराटे, पेंटिंग की क्लास लगाई गई। शिविर में करीब तीन सौ से अधिक बच्चों बालकों बालिकाओं एवं महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन भुवनेश जैन द्वारा किया गया। भगवान पाश्र्वनाथ एवं समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागरजी एवं मुनिश्री क्षमासागर जी महाराज के जयकारों से शिविर का समापन किया गया।
इस अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर के कार्यकारिणी मनोज जैन, प्रदीप जैन, मुरारीलाल जैन, प्रवेश जैन, दीपक जैन, अक्षय जैन, प्रवीन जैन, सत्येंद्र जैन, दीनाबाबू जैन एवं श्री क्षमासागर मैत्रीय महिला संगठन की अध्यक्ष मंजू जैन, मंत्री सरिता जैन, दीपाली जैन मुख्य संयोजिका स्मिता जैन,शैलवी जैन, सुषमा जैन, जोली जैन, मीना जैन, इंदु जैन, राखी जैन, प्रेमलता जैन, शालु जैन सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।