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बाल संत भक्त भागवत : ‘हेलो-हाय छोड़ो, भक्ति से नाता जोड़ो’ का संदेश देकर छाए छह वर्षीय बाल संत भक्त भागवत

Pragya News 24

Sat, Oct 24, 2026
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आगरा। महज छह वर्ष की उम्र में भक्ति और सनातन संस्कृति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की पहल कर रहे बाल संत भक्त भागवत जी शनिवार को कमला नगर स्थित महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में आयोजित भक्ति वेव संस्था के ‘भक्ति एवं सनातन संस्कृति का दिव्य उत्सव’ में आकर्षण का केंद्र रहे। कई टीवी शो में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके बाल संत ने ‘हेलो-हाय छोड़ो, भक्ति से नाता जोड़ो’ का संदेश देकर बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और संस्कारों से जुड़ने की प्रेरणा दी। उनकी भक्ति भावना और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार से जुड़ी सक्रियता ने समारोह को विशेष पहचान दी। संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बाल संत भक्त भागवत जी की प्रशंसा की है।

‘भक्ति वेव—सेवा, प्रसार, सनातन’ की ओर से आयोजित समारोह में बाल संत का स्वागत किया गया। उनके संदेश में भक्ति को जीवन का हिस्सा बनाने, संस्कारों को व्यवहार में उतारने और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर रहा। संस्था का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक सेवा के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाना और नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति के मूल्यों से परिचित कराना है।

‘भक्ति से सेवा, सेवा से परिवर्तन’ संस्था का मूल मंत्र
भक्ति वेव का ध्येय वाक्य ‘भक्ति से सेवा, सेवा से परिवर्तन’ उसकी मूल विचारधारा को दर्शाता है। संस्था का मानना है कि भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति में संवेदनशीलता, सदाचार, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का माध्यम भी है। इसी उद्देश्य से संस्था धार्मिक, सामाजिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों के जरिए विभिन्न वर्गों को जोड़ने तथा बच्चों और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए प्रयासरत है।

संस्था के संस्थापक संचित गोयल, अध्यक्ष जितेंद्र गोयल, महामंत्री तुषार गोयल और कोषाध्यक्ष हरीश गोयल ने बताया कि भक्ति वेव की स्थापना का विचार मित्रता दिवस पर चार मित्रों के बीच हुई चर्चा से जन्मा। उद्देश्य था कि सनातन संस्कृति, सेवा और समाजहित को केंद्र में रखकर ऐसी पहल की जाए, जो लोगों को आपस में जोड़े और आने वाली पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से परिचित कराए। इसी सामूहिक सोच से भक्ति वेव संस्था की नींव पड़ी। उन्होंने कहा कि संस्था अब एक परिवार का रूप लेती जा रही है और भक्ति, संस्कार व सेवा को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।

संगीतमय सुंदरकांड से गूंजा परिसर, बताई दीपावली पूजन की विधि
समारोह का शुभारंभ पंडित सुभाष चंद्र शास्त्री के सान्निध्य में संगीतमय सुंदरकांड पाठ के साथ हुआ। श्रीराम के गुणगान और भक्ति संगीत से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। इसके बाद पंडित सुभाष चंद्र शास्त्री ने दीपावली पूजन की विधि, मंत्रोच्चारण के महत्व और सनातन परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की जानकारी दी। उन्होंने श्रद्धालुओं को दीपावली के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व से भी परिचित कराया।

इसके पश्चात बाल संत भक्त भागवत जी ने अपने प्रेरक संदेश के माध्यम से बच्चों और युवाओं को भक्ति से जुड़ने, संस्कारों को अपनाने और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान का भाव विकसित करने का आह्वान किया।

समारोह में धारावाहिक ‘महाभारत’ में गुरु द्रोणाचार्य की भूमिका निभाने वाले अभिनेता सुरेंद्र पाल सिंह भी आकर्षण का केंद्र रहे। इस अवसर पर भक्ति वेव परिवार के सदस्यों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर भोजन प्रसादी वितरित की गई।

परिवार को बताया संस्कारों की पहली पाठशाला
समारोह में बच्चों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने में परिवार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि परिवार बच्चों की पहली पाठशाला है और घर में मिलने वाले संस्कार उनके व्यक्तित्व, आचरण तथा सामाजिक व्यवहार की नींव रखते हैं। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से बच्चों को परंपराओं से परिचित कराना और समाजसेवियों को सम्मानित करना सेवा भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इनकी रही सहभागिता
कार्यक्रम में मार्गदर्शक नंदकिशोर गोयल, राजकुमार अग्रवाल, सलाहकार राजीव अग्रवाल, दिनेश मंगल, जितेंद्र अग्रवाल, रविकांत श्रोतिया, सौरभ जैन एडवोकेट, देवांश गोयल, महेंद्र गुप्ता, अंजली गोयल, प्रियंका गोयल, शालिनी गोयल, रूबी गोयल और विनीता अग्रवाल सहित अन्य लोगों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का संचालन दीपक जैन ने किया।

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