: मेरे सनातन को जो मिटा सके, अभी किसी मैं औकात नहीं…हिन्दू की हो रही दुर्दशा और हिन्दू ही अपराधी है
Tue, Sep 26, 2023
आगरा। भारत का गौरवशाली इतिहास, जहां श्रीराम की करुणा, भरत का त्याग और श्रीकृष्ण का प्रबंधन के साथ वर्तमान में सनातन के प्रभुत्व को पंक्तियों में ऐसा पिरोया कि श्रोता भी स्वर से स्वर मिलाने लगे। सनातम हिन्दू धर्म को मिटाने वालों को आज देश के अन्तरार्ष्ट्रीय कवियों ने श्रीराम कथा के मंच से आड़े हाथों लिया। राष्ट्रीय कवियत्री शिखा सिंह ने अपनी रचना हर वर्णों के कार्यों का मैं हृदय से सम्मान करती हूं, हां मैं हिन्दू हों और हिन्दुत्व पर अभिमान करती हूं… के साथ कहा कि हिन्दू की हो रही दुर्दशा और हिन्दू ही अपराधी है…।
अन्तराष्ट्रीय कवि शम्भू शिखर ने संचालन करते हुए मन के विकार दूर करो पुण्य मिलेगा, दीपक की तरह तुम भी जलो पुण्य मिलेगा… रचना प्रस्तुत की। हास्य कवि चेतन चर्चित ने अपने हास्यात्मक अंदाज में पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कभी पाकिस्तान भारत से कश्मीर मांगता था। आज आटा मांगने की नौबत आ गई। यदि पाकिस्तान में मंदिर और गुरुद्वारे न टूटते जो जनता का पेट लंगर और भंडारे ही भर देते। 'मुझ को बना लो आप दास निज चरणों का, मुझ पर भी कृपा श्रीराम की बनी रहे।
शिखा सिंह की रचना पांचाली के पीर बढ़ैय्या की जय हो, राधे राधे जपैय्या की जय हो… पर हजारों की संख्या में मौजूद श्राताओं के जयकारों से भी पण्डाल गूंजने लगा। हनुमान ना होते तो सुग्रीव को मित्र बनाता कौन, हनुमान ना होते तो सीता की खोज कराता कौन, हनुमान ना होते तो लंका में आग लगाता कौन और हनुमान ना होते तो सीने में राम बसाता कौन… रचना प्रस्तुत की।
विख्यात ओज कवि कमल आग्नेय ने कहा मेरे सनातन को जो मिटा सके, अभी किसी की औकात नहीं… रचना से हिन्दू विरोधी लोगों पर अपनी तीखी रचनाओं के खूब वाण छोड़े। साथ ही चंद्रयान से आगे बढ़कर सूर्ययान का बारत है, डर डर कर जीना चोड़ दिया अब स्वाभिमान का भारत है… प्रस्तुत की। योगी सूर्यनाथ ने जिसे सिवाजी सुनाते हैं उसी अविराम की महिमा, बनारस से सुनी हर पल अयोध्या धाम की महिमा… रचना प्रस्तुत की। रुचि चतुर्वेदी ने तन से भले न कर पाए हम घर से करें प्रणाम, मन से मिलकर पहुंचों सब अवधपुरी को प्रमाण… रचना प्रस्तुत की। रुचि चतुर्वेदी ने सर्वप्रथन सरस्वती वंदना का पाठ किया।
अंत में श्रीकामदगिरि पीठाधीस्वर श्रीमद् जगद्गुरु रमानंदाचार्य स्वामी श्रीरामस्वरूपाचार्य जी महाराज ने सभी कवियों को समृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कवि सम्मेलन के संयोजक विमल सोलंकी अक्षय कौशिक, रतनवीर सोलंकी, सुनील शर्मा थे। इस अवसर पर मुख्य रूप से बेबी शर्मा, आरती कौशिक, पूनम कौशिक, दीक्षा कौशिक, दुर्गेश देवी, सुमित सोलंकी, सचिन सोलंकी, दीपक चाहर आदि उपस्थित रहे।
: आज की युवा पीढ़ी भरत से सीखें अनुशासन, संयम और त्याग
Tue, Sep 26, 2023
आगरा। आज की युवा पीढ़ी भरत से सीखे जीवन में अनुशासन, समर्पण, संयम और त्याग। मात्र 27 वर्ष की उम्र में अयोध्या का राजपाठ मिलने के बावजूद उन्होंने सिंहासन नहीं बल्कि भाई के प्रेम को स्वीकार किया। नंगे पैर, पैदल भगवान को वापस लाने वन को गए। उनके साथ सभी गरुजन, माताएं और जनता चल पड़ी। आज राम राज्य के लिए नारों की नहीं बल्कि कौशल्या जैसी माताओं और श्रीराम व भरत जैसे पुत्रों की जरूरत है।
श्री कामतानाथ सेवा समिति द्वारा चित्रकूट धाम (कोठी मीना बाजार) में आयोजित श्रीराम कथा में आज श्री कामदगिरि पीठाधीश्वर श्रीमद् जगतगुरु राम नंदाचार्य स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज ने जेठ स्वामी सेवक लघु भाई, दिनकर कुल यह रीति सुहाई… दोहे के माध्यम से कहा कि भरत ने बड़े भाई श्रीराम को हमेशा स्वामी और खुद को सेवक माना। कहा कि आज की पीढ़ी शिक्षा में बेशक आगे हैं मगर संस्कारों में पीछे होती जा रही है। घर में शासन बेशक पुत्रों का हो मगर अनुशासन वृद्धों का होना चाहिए। देश में शासन किसी का भी हो मगर अनुसासन संतों का होना चाहिए। अनुसासन ही देश और व्यक्ति को महान बनाता है। जीवन में कर्तव्य पालन को स्वीकारें।
आपस में विवाद नहीं संवाद करें
भरत के श्रीराम को वन से वापस लाने के समय राजा निषाद द्वारा भ्रमवश भरत से युद्ध की तैयारी करने की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि संवादहीनता के कारण विवाद बढ़ते हैं। आपस में विवाद नहीं संवाद करिए आज पिता-पुत्र और सास-बहु में संवादहीनता है। समाज में संवादहीनता है। एक और नेक होकर रहिए, विवाद से मान प्रतिष्ठा और सम्पत्ति का नाश होता है।
कथा के प्रारम्भ में यज्ञाचार्य राहुल रावत ने यज्ञ सम्पन्न कराया। इस अवसर पर जगतगुरु घनश्यामाचार्य महाराज, विधायक जीएस धर्मेश, लक्ष्मी नारायण त्यागी, अध्यक्ष जय भोले, पिंकी त्यागी, दीनदयाल मित्तल, रामवीर सिंह चाहर, बनवारी लाल मित्तल, निदेशक जीएसटी प्रभाकर शर्मा, आनंद राय, अशोक फौजदार, किशोर लवानिया, अर्जुन त्यागी, सतेन्द्र पाराशर, सौरभ शर्मा, वेदांशू शर्मा, दिलीप शर्मा, अमित शर्मा, लवकेश चौधरी, रामदत्त त्यागी आदि उपस्थित रहे।
: सब सुख लहै तुम्हारी शरणा, तुम रक्षक काहू को डर ना…
Tue, Sep 26, 2023
आगरा। श्रीराम के उद्घोष और वीर हनुमान के जयकारों के साथ आज श्रीराम कथा में सुन्दर काण्ड का पाठ हुआ। अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायक अजय याग्निक ने भजनों के साथ सुन्दरकाण्ड की चौपाईयों को ऐसे पिरोया कि हर भक्त भक्ति में झूमने लगा। कुछ भक्त सुन्दरकाण्ड अपने साथ लेकर कथा स्थल पहुंचे, जहां अजय याग्निक से साथ सुन्दरकाण्ड में स्वर से स्वर मिलाया। भक्ति का ऐसा माहौल जहां जहां श्रीराम नाम के तरन खूब लूटे श्रद्धालुओं ने।
तू एक बार आजा हनुमान जी की शरण में…, हनुमान डटे रहो आसन पर, जब तक कथा राम की होवे… और केसर तिलक लगाएं मेरे राम जी… जैसे भजनों की भक्ति और सुन्दरकाण्ड के साथ श्रीराम और बजरंग बली की शक्ति मानों पंडाल में भक्तों को आर्शीवाद प्रदान कर रही थी। सुन्दरकाण्ड का आयोजन का संयोजन रविन्द्र सिंह पप्पू व स्वागत विमल सोलंकी ने किया।
श्री राम कथा कोठी मीना बाजार में संस्कार पाठशाला भोगीपुरा शाहगंज आगरा के बच्चों द्वारा श्री गणेश पंचरत्न श्री गणेश संकटनाशन स्तोत्र एवं शिव पंचाक्षर स्तोत्र द्वारा पादुका पूजन पोथी पूजन संपन्न हुआ। पीठाधीश्वर श्री महाराज ने बच्चों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।