: 11 भव्य झांकियों संग धूमधाम से निकलेंगी महाराजा अग्रसेन जयन्ती
Thu, Oct 5, 2023
आगरा। भव्य और आकर्षक 11 झांकियों संग बल्केश्वर में महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। 18 गोत्र के नाम से 18 स्वागत द्वार सजाए जाएंगे। बल्केश्वर महादेव मंदिर से वॉटर वर्क्स चौराहे तक आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। जिसमें आमंत्रण यात्रा, हवन, शोभायात्रा सहित महिलाओं व बच्चों के लिए आकर्षक व मनोरंजक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार और अग्र-माता पिता के रूप में समाज के बुजुर्ग दम्पत्ति का सम्मान किया जाएगा। इस अवसर पर महाराजा अग्रसेन व महारानी अग्रसेन बने सतीशचंद अग्रवाल व ऊषा अग्रवाल को साफा व माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
यह जानकारी वॉटर वर्क्स स्थित अतिथिवन में अग्रबंधु समन्वय समिति के सदस्यों ने पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में दी।
संस्थापक ताराचंद मित्तल, मार्गदर्शक वीके अग्रवाल, मुख्य संरक्षक संतोष कुमार गोयल, अशोक अग्रवाल, अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 13 अक्टूबर को सुबह 7 बजे बल्केश्वर महादेव मंदिर से आमंत्रण यात्रा निकालकर सभी को शोभायात्रा के लिए आमंत्रित किया जाएगा। 15 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से आईटीआई के सामने महाराजा अग्रसेन पार्क में हवन आयोजित किया जाएगा। 15 अक्टूबर को ही शाम 6 बजे बल्केश्वर महादेव मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें आकर्षक झांकियां होंगी। 16 अक्टूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम अग्रवन में आयोजित किए जाएंगे, जिसमें बच्चों व महिलाओं के लिए मेहंदी, सामान्य ज्ञान, चित्रकला, फैंसी ड्रेस, एकल नृत्य प्रतियोगिता आदि आयोजित की जाएंगी। साथ ही अग्र माता पिता का सम्मान, मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। रामप्रकाश अग्रवंश शिरोमणी सम्मान के साथ सभी पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अशोक अग्रवाल, मुरारीलाल गोयल, चंद्रेश गर्ग, रवि ग्रवाल, दिनेशचंद सिंघल, अमित अग्रवाल, सतीशचंद अग्रवाल, समीरनाथ अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, महिला इकाई की मुख्य संरक्षक मधुबाला अग्रवाल, रजनी अग्रवाल, रितु गोयल, आशा अग्रवाल, बेबी अग्रवाल, आशा गर्ग, नीनू सिंघल, बनवारी लाल जिंदल, हरेशचंद अग्रवाल, विनोद गोयल, विनोद अग्रवाल, रविन्द्र बंसल, पार्षद हरिओम गोयल, गिर्राज बंसल, रामप्रकाश अग्रवाल, प्रकाशचंद अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
: विपिन सचदेवा के भक्ति से सुरों से सजेगी जनकपुरी की शाम, स्थानीय कलाकार भी दिखेंगे मंच पर
Sun, Oct 1, 2023
आगरा। संजय प्लेस में आयोजित होने जा रहे श्रीजनकपुरी महोत्सव में 11-13 अक्टूबर को भक्ति के सुर भी बिखरेंगे। देश के जाने मानें भजन गायकों के साथ स्थानीय कलाकार को भी स्थान दिया जाएगा। साथ ही स्वरूपों के रूप में आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं को किसी धर्म स्थली में मौजूदगी का एहसास कराएंगी। यह जानकारी आज श्रीजनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के सदस्यों ने संजय प्लेस स्थित होटल मैट्रो में आयोजित पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में दी।
कार्यक्रम संयोजक व महोत्सव समिति के उपाध्यक्ष रंजीत सामा ने जानकारी देते हे बताया कि जनकपुरी महोत्सव में संध्या काल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए टोरन्ट पॉवर कार्यालय (ब्लॉक नम्बर एस-21, शू मार्केट पार्किंग) के पास मंच तैयार किया जा रहा है। स्वरूपों के रूप में सजी आकर्षक झांकियां शिव तांडव, राधा-कृष्ण का रास और मां काली का विध्नविनाशक रूप श्रद्धालुओं का आकर्षित करेगा। 11 अक्टूबर को सुप्रसिद्ध भजन गायक विपिन सचदेवा अपनी भक्तिमय आवाज से श्रद्धालुओं को श्रद्धाभाव के सरोवर में गोता लगवाएंगे।
महोत्सव के मीडिया प्रभारी गजेन्द्र शर्मा ने जानकारी दी कि 12 अक्टूबर को झांकियों के दर्शन के साथ सांस्कृतिक संध्या सजेगी। जिसमें डॉ. आशीष त्रिपाठी, ललिता करमचंदानी और श्रेया शर्मा अपने स्वरों में भक्ति के मोतियों को पिरोएंगे। 13 अक्टूबर को भजंनांजलि कार्यक्रम में चचंल उपाध्याय, सुजाता शर्मा अपने भक्तिमय गीतों से शाम को सजाएंगे।
मंच पर मुख्य रूप से श्रीजनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल, महासचिव अनिल वर्मा, राजा जनक पीएल शर्मा, उपाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, विजय सामा, कार्यक्रम समन्वय सूरज तिवारी कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्य रूप से केएन एग्निहोत्री, बीएस बघेल, आरएस सेंगर, पीएस मेहरा, मनीष बंसल, मोहित अग्रवाल, संजय दुबे, महेश धाकड़, विजय सहगल, यश गांधी, अजय दुबे, संजय कपूर, एसके बग्गा, प्रमोद वर्मा, प्रदीप सरीन, उमाशंकर, अनिल जैन, नीरज तिवारी, नारायण दास, रेनू गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
: मां भगवती की साधना जीवन को देती है ऊर्जा : बाल योगी पचौरी जी महाराज
Sat, Sep 30, 2023
आगरा: श्री महालक्ष्मी मन्दिर बल्केश्वर आगरा में चल रही श्रीमद देवी भागवत के नवम दिवस में व्यास पीठ से प्रवचन करते हुए श्री बाल योगी पचौरी जी महाराज ने कहा कि आदि शक्ति महामाया की उत्पत्ति नही होती है क्योंकि वह अनादि है। वह परा प्रकृति स्वरुपा देवी सर्व कारणो की भी कारण है। उनकी शक्ति सभी प्राणियों मे रहती है। मात्र शक्ति से रहित हो जाने पर जीव शव तुल्य हो जाता है।
देवताओं की कार्यसिद्धि के लिये ही उनका प्रागट्य और तिरोधान होता है। उस महामाया ने बह्मा की सरस्वती, विष्णुजी को महालक्ष्मी, शंकर जी को गिरिजा शक्ति देकर शक्तिशाली बनाया है अतः तीनो देवा उनकी सेवा करते हैं।
बाल योगी पचौरी जी ने कहा त्वष्टा का पुत्र विश्वरूपा का नाम त्रिशिरा भी है। उनके तीन सिर थे वह अपने तीनो मुखो से भिन्न-2 कार्य एक साथ करते थे। एक मुख से वेद पाठ, दूसरे मुख से मधपान, तीसरे मुख से सब दिशाओ को एक साथ देखना। जब इन्द्र ने छल से त्रिशिरा विश्वरूपा का सिर कटवा दिया तो तीनो मुखों से हजारो पक्षी एक साथ निकले। प्रथम मुख से तीतर जो वेदाध्ययन करते थे। दूसरे मुख से गौरैया जो मधपान करते थे। तीसरे मुख से कपिज्जल वैया पक्षी जो चारो दिशाओं को देखने वाला है।
माँ भगवती की साधना करने से मनुष्य को अपने जीवन की सभी खुशियां वापस मिलती है तथा मनुष्य ऊर्जावान होकर जीवन में संचार करता है।