: दैत्य और विक्षिप्त मानसिकता के हैं सनातन के विरोधी - जगतगुरु राम नंदाचार्य स्वामी
Mon, Sep 25, 2023
आगरा। श्री कामदगिरि पीठाधीश्वर श्रीमद् जगतगुरु राम नंदाचार्य स्वामी रामस्वरूपाचार्य महाराज ने आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनके सवालों के जवाब देते हुए कहा कि विडम्बना है कि आज दूसरे धर्म के नहीं बल्कि हिन्दू ही सनातम का विरोध और अपमान कर रहे हैं। यह विक्षिप्त और दैत्य मानसकिता के लोग हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य पहले अपने नाम से प्रसाद और मौर्य हटाएं फिर कहें कि हिन्दू कोई धर्म नहीं है। अपने पूर्वजों की सूची निकाले और पता करें कि वह किस धर्म के थे।
उन्होंने कहा कि पहले सनातन को जाने और समझे बिना उसके बारे में बात करना मूर्खता है। सनातन का विरोध आज ही नहीं हो रहा। यह सतयुग से हो रहा है। सतयुग में हिरणयाकश्यप, त्रैता में रावण और द्वापर में कंस ने विरोध किया। रावण कहां राम को मानता था। सब मिट गए, लेकिन सनातन आज भी है। देव और दैत्य दो संस्कृतियां हैं। सनातन का विरोध करने वाले दैत्य और समर्थन करने वले देव संस्कृति के हैं।
ढोल गंवार शूद्र पशु नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी…, दोहे का वास्तविक अर्थ समझाते हुए कहा कि विरोध करने वाले पहले यह बताएं कि किस डिक्शनरी में ताड़न का अर्थ पीटना लिखा। मात्र श्रीरामचरित मानस को देखकर या पढ़कर उसके मर्म को नहीं समझा जा सकता। ताड़न का अर्थ लालन, पालन, शिक्षा और संरक्षण से है। मानस को समझे बिना उस पर बोलने का किसी को अधिकार नहीं।
लगभग तीन हजार श्रीरामचरित मानस की प्रतियां कथा में बांटने का उद्देश्य बताते हुए कहा कि राम राज्य नारे लगाने से नहीं श्रीराम चरित मानस से पढ़ने से आएगा। हृदय परिवर्तन करने वाला यह सबका कल्याण करने वाला ग्रंथ है। अन्य ग्रंथ पढ़ने के लिए कुछ नियम है, परन्तु श्रीराम चरित मानस को आप कहीं भी कभी भी पढ़ सकते हैं। मोबाइल पर ही सही प्रतिदिन पांच चौपाई अवश्य पढ़े। संवैधानिक रूप से न सही परन्तु हिन्दुओं की संख्या अधिक होने के कारण भारत हिन्दू राष्ट्र है।
श्रीरामचरित मानस हस्ताक्षर अभियान के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. मदनगोपाल दास ने कहा कि श्रीराम चरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करना के लिए देश भर से अब तक 10 लाख से अधिक हस्ताक्षर हो चुके हैं। आगरा में आज से 1 अक्टूबर तक हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
इस अवसर पर नितिन उपाध्याय, अर्चना उपाध्याय, डॉ. राम पाठक, ऋषि त्रिवेदी, संजय जाट, राधेश्याम नामदेव, बृजेश भदौरिया, बॉबी मिश्रा, बीरेन्द्र मिश्रा, अनूप शास्त्री आदि मौजूद रहे।
: रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की उठी मांग, चलाया जा रहा हस्ताक्षर अभियान
Sun, Sep 24, 2023
Agra. पूरे देश में चल रही रामचरितमानस पर तमाम बहस के बाद अब हिंदूवादी संगठन रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग को लेकर सामने आए हैं। अखिल भारत हिंदू महासभा और बजरंग सेना ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने हेतु सतत अभियान चलाने की बात कही है। अखिल भारत हिंदू महासभा और जय बजरंग सेना ने संयुक्त रूप से रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने हेतु हस्ताक्षर अभियान चलाया है।
उन्होंने बताया कि कोठी मीना बाजार पर चल रही जगतगुरु राम स्वरूपानंद महाराज की रामकथा में अखिल भारत हिंदू महासभा रामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने के लिए जन संवाद कार्यक्रम और जन जागरूकता अभियान चला रही है। जिसके अंतर्गत 25 सितंबर को रामचरित मानस की 1100 प्रतियों को सनातनियों में वितरित किया जाएगा।
जय बजरंग सेना के संयोजक नितिन उपाध्याय ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि लगातार पूरे देश में सनातनियों के ऊपर तमाम तरह के वैचारिक प्रहार किया जा रहे हैं। जिसको लेकर सनातनियों में रोष व्याप्त है। रामचरितमानस को लेकर हो रही आपत्तिजनक टिप्पणियों के खिलाफ लगातार हिंदूवादी संगठन समय-समय पर अभियान चलाकर उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने का भी काम किया है। अब समय है कि रामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया जाए जिसको लेकर अखिल भारत हिंदू महासभा और बजरंग सेवा संयुक्त रूप से पूरे देश में अभियान चलाएगी।
अखिल भारत हिंदू महासभा और जय बजरंग सेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय जाट का कहना था कि पिछले दिनों मंत्री स्टालिन ने भी रामचरितमानस को लेकर टिप्पणी की थी तो वहीं सपा नेता स्वामी प्रसाद हमेशा से रामचरितमानस को लेकर टिप्पणी करते हुए नजर आए हैं। ऐसे लोगों के लिए आगरा के पागलखाने में बेड बुक कर दिया है और जल्द ही उनका इलाज भी यहां करवाया जाएगा।
संजय जाट का कहना है कि स्वामी प्रसाद मौर्य और स्टालिन को आगरा लाने के लिए हवाई जहाज की टिकट भेजी गई थी लेकिन दोनों नेता अपना इलाज करने के लिए आगरा नहीं आए हैं। अब आगरा नगर निगम की स्वान पकड़ने वाली गाड़ी को भेजा जाएगा जिससे उन्हें पकड़ कर आगरा के मानसिक चिकित्सालय में लाया जा सके।
: डोले में सवार होकर निकली राधारानी, कन्हैया संग हुआ अभिषेक
Sun, Sep 24, 2023
आगरा। सोलह श्रंगार कर सजी राधारानी डोले में सवार होकर निकली तो हर भक्त उनके प्रेम की डोर से बंध गया। राधारानी के अलौकिक रूप के दर्शन को व्याकुल भक्तों के नयन एकटक निहारते रहे किशोरी जी को। कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन मंदिर) में आज राधाष्टमी के उपलक्ष्य में राधारानी महामहोत्सव का आयोजन किया गया।
महामहोत्सव के प्रारम्भ में राधारानी के विशेष दर्शन के साथ उत्थापन आरती की गई। मृदंग और मंजीरों संग कीर्तन करते हुए मंदिर से राधा रानी की पालकी यात्रा निकाली गई। किशोरी जी के जयकारों संग नटखट गोपाल के जयकारों से परिसर गूंज उठा। जगमग रोशनी और पुष्पों से सजे पण्डाल तक पालकी पहुंची, जहां श्रीकृष्ण संग राधा-रानी का पंचामृत व पंचगव्य से इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविद प्रभु ने वैदिक मंत्रोच्चारण से अभिषेक किया गया। अभिषेक के उपरान्त श्रंगार कर महाभोग अर्पण किया गया। आज श्रीजगन्नाथ भगवान को राधारानी के प्रिय नीले रंग की पोशाक से श्रंगारित किया गया।
छप्पन भोग व फूल बंगला का भी आयोजन किया गया। भक्तों द्वारा दामोदर लीला नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। राधारानी महाआरती के उपरान्त विश्राम दर्शन हुए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से शैलेंद्र अग्रवाल, संजीव मित्तल, राहुल बंसल, आशु मित्तल, सुशील अग्रवाल, अखिल बंसल, विकास बंसल लड्डू, राजेश उपाध्याय, ओम प्रकश अग्रवाल, त्रिलोक चंद्र अग्रवाल, ऋषभ अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, संजय कुकरेजा, राजीव अनिल गुप्ता, राजीव महलोत्र आदि उपस्थित रहे।