: श्रीमनःकामेश्वर मंदिर के भंडारे में दिखी सद्भावना
Tue, Oct 31, 2023
मिटाया जाति-धर्म, ऊंच-नीच, अमीर-गरीब का भेद, एक ही पंगत में ग्रहण किया प्रसाद
आगरा। श्रीमनःकामेश्वर मंदिर, रावत पाड़ा द्वारा आयोजित बेमिसाल भंडारे में सोमवार को सामाजिक, धार्मिक सद्भवना प्रदर्शित हुई। विभिन्न धर्म, जाति और वर्ग के श्रद्धालुओं ने एक ही पंगत में बैठ कर प्रसाद ग्रहण किया।
दरेसी पर सड़क पर सोमवार को बड़ा ही मनमोहक और प्रेरक माहौल था। सड़क के दोनों छोरों पर बैरियर लगा कर रास्ता रोक दिया गया था। सड़कके दोनों ओर कुर्सी और टेबल लगाई गई थी, जिन पर वहां पहुंचे सभी लोगों को प्रसाद ग्रहण कराया गया। हालत यह थी कि सुबह से शुरू हुए इस भंडारे में देर शाम तक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कुर्सियों के पीछे खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए।
ट्रालियों से परोसा भोजन
खीर, पूड़ी, सब्जी आदि को ट्रालियों में भर-भर कर परोसा गया। इसके लिए स्वयं मठ प्रशासक हरिहर पुरी जुटे हुए थे, उनके साथ अन्य सहयोगी भी थे। श्रीमहंत योगेश पुरी और मठ प्रशासक हरिहर पुरी के अनुसार इस भंडारे में लगभग 20 कुंतल दूध, 30 कुंतल आटा, 40 कुंतल सब्जी, 10 कुंतल मालपुआ आदि वितरित किया गया।
उन्होंने बताया कि 3 नंवबर उनके पूज्य पिताजी मंदिर के महंत उद्धवपुरी जी महाराज ब्रह्मलीन हुए थे। इसलिए उनकी स्मृति में तीन नवंबर के आस पास के सोमवार को भंडारा करा देते। दिगनेर में रामलीला महोत्सव और गंगा स्नान के पश्चात आज भंडारा कराया है, जिसमें लगभग 30 हजार लोगों की प्रसादी ग्रहण की है।
सभी धर्मों के अनुयायी पहुंचे
कैथोलिक समाज के विद्यार्थियों के अलावा फादर मून लाजरस, मौलाना उजेर आलम, गुरुनाम सिंह, फादर क्रिस्टोफर, असलम सैफी के अलावा अनूप यादव, पवन समाधिया, उपमा गुप्ता, नवीन गौतम, डा.डीवी शर्मा, मंजू भदौरिया, बबिता चौहान, बबिता पाठक, बंटी ग्रोवर सहित शहर के अनेक समाजसेवी, पत्रकार, राजनीतिक जन मौजूद रहे।
दरेसी पर स्थापित किए बाबा
भंडारा स्थल पर पर ही बाबा मनःकामेश्वर की झांकी को सजाया गया था। श्रद्धालु बाबा की ओर सजल नेत्रों से निहार रहे थे।
स्वच्छता का पूरा ध्यान
गंदगी का नामोनिशान नहीं था। आमतौर पर भंडार होता है तो चारों और गंदगी छितरा जाती है। हजारों लोगों की उपस्थिति होने पर भी स्वच्छता देखते ही बनती थी।
: युग सृजेता समारोह झांसी का रज भूमि पूजन एवं प्रबुद्ध वर्ग गोष्ठी के साथ शानदार आगाज़
Mon, Oct 30, 2023
प्रज्ञा न्यूज 24… झांसी। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्त्वावधान में पैरामेडिकल कॉलेज में युग सृजेता समारोह के उपलक्ष्य में रज-कलश पूजन और प्रबुद्ध वर्ग संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में 10 रज कलशो के विधिवत पूजन अर्चन से हुई। मुख्य अतिथि विधान परिषद के सभापति मानवेंद्र सिंह ने कहा कि व्यक्ति समाज और राष्ट्र निर्माण का कार्य गायत्री परिवार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युग निर्माण की गतिविधियों को 50 सालों से अधिक समय से वह देख रहे हैं, पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने एक अनुशासित संगठन खड़ा किया है। कहा कि शिक्षा की ओर रुचि बढ़ाना, संगठित होना जरूरी है।
शांतिकुंज के सुरक्षा प्रभारी नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि 2 से 4 दिसंबर तक झांसी में होने वाले युग सृजेता समारोह - युवा जागृति सम्मेलन में प्रदेश के 10000 से अधिक युवा शामिल होंगे जो देश को एक नई दिशा देंगे। गायत्री मंत्र का जाप करने से निडरता आती है, व्यक्ति का बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास होता है।
पैरामेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ अंशुल जैन ने कहा कि शिक्षा केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं, धार्मिक शिक्षा भी जरूरी है। इंजीनियर विनोद शर्मा ने व्यसन मुक्ति का संकल्प दिलाया।
इस दौरान स्थानीय जोन समन्वयक उमेश कुलश्रेष्ठ, उपजोन झाँसी समन्वयक आशाराम कुशवाह, हरिकृष्ण पुरोहित, जिला समन्वयक आदित्य श्रीवास्तव, बीजेपी महानगर अध्यक्ष हेमंत परिहार, रामतीर्थ सिंगल, जयदेव पुरोहित, सुशील दुबे, संजय चतुर्वेदी, अचल सिंह चिराग, एसके गोयल, डॉक्टर मोनिका गोस्वामी, देशबंधु तिवारी, कैलाश नारायण अग्रवाल, वैभव तिवारी, सतीश चौरसिया, सूर्या कुशवाहा मौजूद रहे
: शरद पूर्णिमा पर प्रेमनिधि मंदिर में दिए ठाकुर जी ने रास लीला के दर्शन
Fri, Oct 27, 2023
आगरा। श्वेत चंद्रमा जहां गगन में आकर्षित कर रहा था वहीं दूसरी ओर उससे भी कहीं अधिक श्याम बिहारी जी अपनी छवि से भक्तों को निहाल किये जा रहे थे।
कटरा हाथी शाह, नाई की मंडी स्थित पुष्टिमार्गीय प्रेमनिधि मंदिर में शरदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। ठाकुर जी का विशेष रूप से श्वेत पोशाक में श्रंगार किया गया था जिसमें अधरों पर मुरली और कांचनी का विशेष श्रंगार धारण कर वे गोपियों संग महारास कर रहे थे। श्वेत घटा के अलौकिक दर्शन कर भक्त निहाल हो गए।
मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि शनिवार को शरद पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण लगने के कारण एक दिन पूर्व ही शरदोत्सव मनाया गया है। दिनेश पचौरी ने बताया कि शरदोत्सव के अवसर पर ठाकुरजी को महारास के पद सुनाये गए। पंडित सुनीत गोस्वामी ने बताया कि बल्लभ संप्रदाय के अनुसार ज्ञान मार्ग, योग मार्ग, कर्म और भक्ति मार्ग से महारास के दिव्य दर्शन का रसपान करते हैं।