: शिक्षा के मंदिर बंद, मधुशाला को बढ़ावा, योगी सरकार के खिलाफ आम आदमी पार्टी का जोरदार विरोध प्रदर्शन
Tue, Jul 15, 2025
उत्तर प्रदेश सरकार के 27,000 स्कूलों के विलय और 27,000 से अधिक शराब की दुकानें खोलने के फैसले के खिलाफ आम आदमी पार्टी का जोरदार विरोध
आगरा। आम आदमी पार्टी (आप) उत्तर प्रदेश सरकार के उस जनविरोधी फैसले का पुरजोर विरोध करती है, जिसमें 27,000 से अधिक परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को बंद कर उन्हें अन्य स्कूलों में विलय करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही, सरकार ने 27, 308 नई शराब की दुकानें खोलने का लाइसेंस जारी किया है, जो बच्चों के भविष्य और समाज की प्रगति के लिए बेहद खतरनाक और शर्मनाक कदम है। इस नीति के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने 15 जुलाई 2025 को आगरा के कबीज़ प्राथमिक विद्यालय के सामने एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन में आप नेताओं, कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला शिक्षा के अधिकार अधिनियम और बच्चों के मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, जो यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया था, यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक बच्चे को एक किलोमीटर के दायरे में स्कूल उपलब्ध हो। लेकिन योगी सरकार का यह कदम न केवल शिक्षा की पहुंच को सीमित कर रहा है, बल्कि गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के बच्चों के भविष्य को अंधेरे में धकेल रहा है।
2024 में सरकार ने 27,308 नई शराब की दुकानें खोलने की अनुमति दी, और अब 27,000 से अधिक स्कूलों को बंद करने की योजना बनाई जा रही है। यह एक विडंबना है कि एक तरफ सरकार शिक्षा के मंदिरों को बंद कर रही है, वहीं दूसरी तरफ समाज को नशे की ओर धकेलने का काम कर रही है। क्या यही है सरकार का ‘रामराज्य’? क्या उत्तर प्रदेश के युवाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने की जगह शराब और नशे की लत में धकेलना सरकार का लक्ष्य है?
कबीज़ प्राथमिक विद्यालय, आगरा में विरोध प्रदर्शन
आगरा के कबीज़ प्राथमिक विद्यालय के सामने आयोजित विरोध प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार की इस नीति के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने ‘मधुशाला नहीं, पाठशाला दो’ और ‘हमें चाहिए कलम और पट्टी, नहीं चाहिए दारू भट्टी’ जैसे नारे लगाए। स्थानीय अभिभावकों और बच्चों ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया और स्कूल बंद करने के फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की।
आप के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा, यह सरकार बच्चों की शिक्षा को नष्ट करने और समाज को नशे की गर्त में धकेलने की साजिश कर रही है। दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाया है, जहां निजी स्कूलों के बच्चे भी पढ़ने आ रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में सरकार शिक्षा के मंदिरों को बंद कर रही है। यह गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हम इस फैसले के खिलाफ सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे।
महानगर उपाध्यक्ष प्रांजल भारद्वाज ने बताया उत्तर प्रदेश में पहले से ही एक लाख से अधिक शिक्षक पद खाली हैं। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं जैसे शौचालय, पीने का पानी और बिजली का अभाव है। इसके बावजूद, सरकार स्कूलों को बंद करने का फैसला ले रही है, जिससे बच्चों को लंबी दूरी तय कर स्कूल जाना पड़ेगा। यह खासकर बालिकाओं के लिए असुरक्षित और मुश्किल होगा, जिससे ड्रॉपआउट दर बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा, स्कूल बंद होने से लाखों शिक्षकों, शिक्षामित्रों, रसोइयों और अन्य कर्मचारियों की नौकरियां भी खतरे में पड़ जाएंगी।
आम आदमी पार्टी की मांग
उत्तर प्रदेश सरकार तत्काल 16 जून 2025 के उस शासनादेश को रद्द करे, जिसमें 27,000 स्कूलों के विलय की बात कही गई है।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम का सम्मान करते हुए प्रत्येक बच्चे के लिए एक किलोमीटर के दायरे में स्कूल सुनिश्चित किया जाए। स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने और बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाने की नीति पर रोक लगाई जाए और समाज को नशामुक्त करने की दिशा में काम किया जाए।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
आम आदमी पार्टी इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। अगर सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो आप पूरे उत्तर प्रदेश में उग्र आंदोलन शुरू करेगी। हम शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर इस नीति का विरोध करेंगे। हमारा संदेश स्पष्ट है, हमें चाहिए पाठशाला, नहीं चाहिए मधुशाला।
इस कार्यक्रम में भारी संख्या में सभी आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुख्य रूप से वरिष्ठ नेता कपिल बाजपेई, ब्रज प्रांत अध्यक्ष डॉ. हृदेश चौधरी, जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ चतुर्वेदी, महानगर अध्यक्ष दिलीप बंसल व अन्य सभी साथी मौजूद रहे।
: ललित कला संस्थान के रजत जयंती समारोह 'ललितोत्सव' में मुखरित होंगी ललित कलाएं
Thu, Jun 19, 2025
संस्थापक निदेशक प्रो. (डॉ.) चित्रलेखा सिंह के 80 वें जन्मदिवस पर आयोजित 'चित्रांजलि' प्रदर्शनी में उनके चित्रों में मुखर होगी रचनात्मकता और कल्पना संसार।
आगरा। डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा के ललित कला संस्थान के पच्चीसवें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में रजत जयंती समारोह 'ललितोत्सव' का आयोजन संस्कृति भवन स्थित संस्थान सभागार में 20 जून 2025 को सांय 4.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक किया जा रहा है। इस भव्य समारोह में आगरा के अलावा बाहर से भी कला मर्मज्ञ, कला समीक्षक और कलाकार पधार रहे हैं। मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी होंगी। विशिष्ट अतिथियों में मेवाड़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. अशोक कुमार गदिया और निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल, पूर्व सांसद डॉ. महेश चंद्र शर्मा, आईजी (बीएसएफ) मनोहर बाथम, चितकारा यूनिवर्सिटी के डीन डॉ. रंजन मलिक शामिल होंगे। स्वागत ललित कला संस्थान के *निदेशक प्रो. संजय चौधरी करेंगे।
शुरुआत दीप मल्लिका से होगी। इसके बाद 'चित्रांजली' का शुभारंभ होगा, जो ललित कला संस्थान की संस्थापक निदेशिका प्रो. (डॉ.) चित्रलेखा सिंह की जीवन यात्रा की एक गुंफित कला माला है। इससे संबंधित कैटलॉग भी लॉन्च किया जायेगा। उनकी एक "वेबसाइट का शुभारंभ* भी होगा। रसोत्सव कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) चित्रलेखा सिंह के ऊपर कनाडा के फिल्मकार मुनीर मानी निर्देशित 'सोल ऑफ़ कलर्स' डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म की स्क्रीनिंग होगी। 'मेरे सहयात्री मेरे पथ प्रदर्शक' नामक पुस्तक का विमोचन भी होगा। अभिनंदन ग्रंथ 'रंगों और रेखाओं की मेघा प्रो.(डॉ.) चित्रलेखा' के प्रकाशन की घोषणा होगी। जिसका संपादन डॉ. महेश चंद्र धाकड़ द्वारा किया जायेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम 'रसोत्सव' में हरिओम गंधर्व और साथी कलाकारों द्वारा 'पधारो म्हारे देश' संगीतमयी प्रस्तुति दी जाएगी। कुंजलता मिश्रा के निर्देशन में कलाकारों द्वारा राधा-कृष्ण पर केंद्रित ओडिसी नृत्य पेश किया जायेगा। प्रवीण परिहार द्वारा सुमिता शर्मा के निर्देशन में 'काव्य कथक नृत्य' की प्रस्तुति होगी। सोनू पहाड़िया का विशेष नृत्य और देवादित्य चक्रवर्ती का सितार वादन होगा। प्रो. राजेश सैनी द्वारा मूक अभिनय किया जाएगा।
प्रो. (डॉ.) चित्रलेखा सिंह ने बताया, "उन्होंने जीवन के 80 वर्षों की यात्रा को ललित कलाओं के लिए समर्पित किया है। आसपास के अनुभवों और संवेदनाओं को रचनात्मकता और कल्पना संग समेटा है, जो 'चित्रांजलि' प्रदर्शनी में प्रदर्शित चित्रों में महसूस होगा। ललित कलाओं को समर्पित 'विलेज ऑफ आर्ट' नए स्वरूप में कार्यों की शुरुआत करेगा, जो उनकी अब एक खास पहचान है।"
पोस्टर विमोचन कार्यक्रम में संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार, संस्कार भारती के वरिष्ठ पदाधिकारी नंद नंदन गर्ग, वरिष्ठ कलाकार डॉ. वंदिनी सकारिया भी थे।
: अनएकेडमी में श्योर सक्सेस नहीं तो आधी फीस वापस
Tue, May 20, 2025
अनएकेडमी सेन्टर में स्कॉलरशिप प्रोग्राम के बाद विद्यार्थियों के लिए शुरु किया श्योर सक्सेस प्रोग्राम
नीट और जेई में एडमीशन न होने पर होगी आधी फीस वापस
आगरा। नीट और जेई की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अनएकेडमी सेंटर का श्योर सक्सेस प्रोग्राम एक बेहतर मौका लेकर आया है। सभी क्लास अटेंड करने व टेस्ट देने के बाद भी यदि विद्यार्थी का सलेक्शन नहीं होता तो आधी फीस वापस कर दी जाएगी। जिससे विद्यार्थी को अगले वर्ष और बेहतर तैयारी करने व सलेक्शन होने में आर्थिक मदद मिल सके। यह जानकारी एनएच-2 स्थित एसआरके मॉल के पास अनएकेडमी सेन्टर के एकेडमिक हेड वैभव सिंह ने आज आयोजित वर्कशॉप में दी।
कई बार विद्यार्थी पहली बार में नीट व जेई जैसी परीक्षा क्लीयर नहीं कर पाते। ऐसे में उनकी तैयारी बाधित न हो और अगले वर्ष के लिए वह और बेहतर कर सके, इसी उद्देश्य के साथ श्योर सक्सेस प्रोग्राम शुरु किया गया है। शर्त यह है कि विद्यार्थी ने सभी क्लास अटेंड की हो व सभी टेस्ट दिए हों। 100 मेधावी विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप प्रोग्राम पहले से चल रहा है। बताया कि अनएकेडमी के देश के 50 शहरों में 75 से अधिक सेन्टर चल रहे हैं, जहां बेहतर शिक्षा प्रदान करने के साथ सामाजिक दायित्व भी निभाए जा रहे हैं। उद्देश्य है कि सिर्फ आर्थिक वजह से मेधावी विद्यार्थियों की शिक्षा में रूकावट न हो। वर्तमान मे संस्थान में 500 से अधिक बच्चे ऑफलाइन क्लास ले रहे है ।
इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रवण कुमार, वंदना आनन्दी, दीपक सिंह, पुनीत चौधरी आदि उपस्थित थे।