: स्कूलों में मनमानी, अभिभावकों की शिकायत पर सांसद नवीन जैन ने डीएम को लिखी चिट्ठी
Sat, Apr 13, 2024
आगरा। स्कूलों में मनमानी की शिकायत पर सांसद नवीन जैन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिलाधिकारी आगरा, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
स्कूलों की मनमानी के बारे में अभिभावकों ने सांसद नवीन जैन से व्यक्तिगत भेंट की। साथ ही फोन पर भी अपनी पीड़ा बताई। उन्हें बताया गया कि स्कूल चिह्नित दुकानदारों से ही पाठ्य पुस्तक लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। अगली कक्षा में प्रमोट करने के लिए भी एडमिशन फीस ली जा रही है। साथ ही कोरोना काल की 15% फीस का समायोजन नहीं किया गया है।
सांसद नवीन जैन ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता करने का प्रयास किया लेकिन फोन लगा नहीं। इस पर उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अभिभावकों की समस्याओं से अवगत कराया है।
सांसद नवीन जैन ने पत्र में लिखा है, आगरा के कई निजी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों की बिक्री और फीस को लेकर मनमानी चल रही है। इसके खिलाफ पापा संस्था द्वारा स्कूलों के द्वार पर धरना-प्रदर्शन भी दिया जा रहा है। इस संबंध में अनेक अभिभावक मुझे फोन कर रहे हैं। कई अभिभावक व्यक्तिगत रूप से आकर मिले भी हैं।
सांसद नवीन जैन ने पत्र में 6 बिंदु उठाए हैं। ये हैं-
वार्षिक शुल्क में 14 हजार रुपये तक की वृद्धि की गई है, जो अभिभावकों पर असहनीय बोझ है। एडमिशन शुल्क में वृद्धि तत्काल वापस ली जाए।
एक बार किसी बच्चे ने स्कूल में प्रवेश ले लिया है तो अगली कक्षा में प्रमोट करने के लिए भी एडमिशन फीस ली जा रही है, जो गलत है। अगली कक्षा में प्रमोट तो बिना एडमिशन फीस के किया जाना चाहिए।
पुस्तकों के मूल्य में दोगुना तक वृद्धि कर दी गई है। आवश्यक है सभी स्कूलों में एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तकें लगवाई जाएं।
स्कूलों ने अभिभावकों से कहा है कि उनके द्वारा अधिकृत विक्रेता से ही पुस्तकें खरीदी जाएं। किताबों के साथ कॉपी खरीदने की भी बाध्यता है। इस व्यवस्था से स्कूल और विक्रेताओं की मिलीभगत उजागर है।
स्कूल की यूनिफार्म और पाठ्यक्रम में हर वर्ष बदलाव किया जाता है। यह भी अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ है। पाठ्यक्रम तो एक सा ही रहता है। हर वर्ष पाठ्यक्रम और यूनिफार्म बदलने के पीछे कमीशनखोरी की आशंका अभिभावकों ने जताई है।
कोरोना काल में बढ़ाई गई फीस बाद में माननीय कोर्ट के आदेश पर वापस हो गई थी। अनेक स्कूलों ने अभी तक इसका समायोजन नहीं किया है। फीस का समायोजन तत्काल कराया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा है कि स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाएं ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।
: ‘‘ऋषि का सद्ज्ञान मानव जीवन की गरिमा का बोध कराता है’’……..उमानंद शर्मा।
Tue, Apr 9, 2024
गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत ‘‘सेठ विश्म्भरनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी ब्रांच देवा, बाराबंकी, उ.प्र.’’ में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 406वाँ ऋषि वांड़मय की स्थापना कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। उपरोक्त साहित्य गायत्री परिवार की सक्रीय कार्यकर्त्री श्री एम.के. निरंजन जी ने अपने पूर्वजों की स्मृति में भेंट किया साथ-साथ उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं संकाय सदस्यों को भी एक-एक अखण्ड ज्योति पत्रिका भेंट की।
इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि ’’ऋषि का सद्ज्ञान मानव जीवन की गरिमा का बोध कराता है, श्री वी.के. श्रीवास्तव, श्री एम.के. निरंजन, संस्था के निदेशक डॉ. अर्पिता सिंह, ने अपने विचार व्यक्त किये। डॉ. विपिन बिहारी जी ने धन्यवाद ज्ञापन व्यक्त किया।
: देश भक्ति और ईश भक्ति के साथ दिया पर्यावरण स्वच्छता का संदेश
Sun, Mar 31, 2024
•
किडजी मानस नगर स्कूल के वार्षिकोत्सव में नन्हे मुन्नों ने बिखेरे खुशियों के रंग, विद्यार्थियों की प्रतिभा देख हर्षित हुए अभिभावक
आगरा। सरलता और मासूमियत से भरे नन्हे मुन्नों की प्रतिभा देख अभिभावकों के चेहरे पर बिखरी खुशी देखने लायक थी। लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित किडजी मानस नगर स्कूल के वार्षिकोत्सव में देश भक्ति के साथ श्रद्धा भाव भी नजर आया। एक ओर जहां विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों में राधा-कृष्ण का प्रेम और श्रीराम की मर्यादा और भक्त हनुमान की भक्ति थी तो वहीं विभिन्न प्रांतों की संस्कृति को समेटे भारत के सतरंगी रंग भी थे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉक्टर चीनू अग्रवाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सभी अतिथियों का स्वागत स्कूल के निदेशक विनय सिंघल ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया। गणेश वंदना के साथ प्रारम्भ हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में नन्हें मुन्नों ने प्रेम से हमको जीने दो… प्रस्तुति के माध्यम से बड़ों को पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने का संदेश दिया। यहां हर कदम-कदम पर धरती बदले रंग… ने भारतवर्ष की सुन्दरता और अनेकता में एकता का संदेश था तो वहीं केसरिया मौसम…, मैं निकला गड्डी ले के…, लुक छिप न जाओ जी…, मधुबन में जो कन्हैया किसी गोपी से मिले…, कीजो केसरी के लाल… जैसी मनमोहक प्रस्तुतियों ने अतिथियों व अभिभावकों की खूब तालियां बटोरी। संचालन जेशना कक्कड़ ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से विशिष्ट अतिथि डॉ. चीनू अग्रवाल, निदेशक विनय सिंघल, सेन्टर हेड अनुपम कक्कड़, उपनिदेशक लवी सिंघल, शिमी शिखा, मीनू कालरा, सुनील जैन आदि उपस्थित थे।