: आगरा दर्शन को हो जाइए तैयार, 5 HOHO बसों को मंडलायुक्त दिखाएंगी हरी झंडी
Sat, Nov 4, 2023
आगरा। शनिवार प्रातः 10 बजे आई लव आगरा सेल्फी प्वाइंट से कुल 05 HOP ON HOP OFF बसों का उद्घाटन मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी जी द्वारा किया जाएगा। ये बसें सिटी कंडक्टेड टूर हेतु अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं युक्त, पर्यटकों के लिए एकीकृत बस सेवा के रूप में ताज महल, आगरा फोर्ट, सिकंदरा, फतेहपुर सीकरी हेतु संचालित की जाएंगी। ये बसें पूर्णतः इलेक्ट्रिक, ऑटोमैटिक दरवाजे, जीपीएस युक्त 5 कैमरे, लाइव ट्रैकिंग ऑन 'चलो एप' पर, तथा पूर्णतः वातानुकूलित, जिसमें ई टिकटिंग, गाइड, रूट चार्ट डिस्प्ले बोर्ड, जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं को प्रदान किया गया है।
इन बसों हेतु रूट भी निर्धारित किए गए हैं। जिसमें रूट-1 आगरा कैंट से शिल्पग्राम, आगरा फोर्ट,एत्माद्दौला, सिकंदरा, गुरु का ताल, आईएसबीटी, आगरा कैंट होगा। रूट-2 आगरा कैंट, शिल्पग्राम, आगरा फोर्ट, एत्माद्दौला, गुरु का ताल, सिकंदरा से फतेहपुर सीकरी तक रहेगा। प्रति यात्री कीमत टिकट रु.250 रखी गई है। प्रथम दिन विशेष छूट 20% भी मिलेगी।
: बाजार में आया 'बंदर भगाओ यंत्र', आतिशबाजी में भी आता है काम
Thu, Nov 2, 2023
Agra. एक चीज कही जाती है जुगाड़, जो भारत में बहुत फेमस है और हर कहीं देखने को मिल जाती है। किसी का कोई काम ना बन रहा हो तो जुगाड़ कर लीजिए या फिर जुगाड़ से यह काम हो सकता है यह शब्द अक्सर सुनाई दे जाते हैं। भारत में जुगाड़ के माध्यम से ऐसी तकनीक सामने आ जाती हैं इसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते। अब बंदरों से निपटने के लिए जुगाड़ से एक हथियार बनाया गया है जो बंदर भगाओ यंत्र कहलाया जा रहा है।
तकनीक पुरानी, यंत्र नया
आपको बताते चले कि बंदर भगाओ यंत्र जो बनाया गया है, उसको बनाने के लिए तकनीक तो पुरानी है लेकिन जुगाड़ का प्रयोग किया गया है। उसके माध्यम से बंदर भगाओ यंत्र की संरचना कर दी गई है। इस तकनीक से पहले चिमटे के आकार का एक हथियार बनाया जाता था जिसमें गढ़ पटस भरकर लोग जमीन में मारते थे और तेज धमाका होता था। अक्सर उसका उपयोग दीपावली के दौरान किया जाता था। अब इस तकनीक को बंदर भगाओ यंत्र में तब्दील कर दिया गया है।
गुलेल-कट आउट से नहीं डरते बंदर
बंदरो को भगाने के लिये लोग पहले गुलेल का प्रयोग करते थे लेकिन बंदर कुछ दिन डरे और फिर गुलेल चलाने वाले पर ही हमला करने लगे। इसके बाद बंदरो के आतंक को खत्म करने के लिए जगह जगह लंगूर के कटआउट लगाये जाने लगे। शुरुआत में लंगूर के कट आउट देखकर बंदर भागने लगे लेकिन उनके स्थायी रहने पर वो समझ गए और वह प्रयोग भी फेल हो गया। अब बंदरों को भगाने के लिए तेज धमाके की जरूरत है। लोग आतिशबाजी कर बंदरों को भगा रहे हैं।
बाजारों में खूब बिक रहा बंदर भगाओ यंत्र
बंदरों के आतंक के चलते बाजार में बंदर भगाओ यंत्र खूब बिक रहा है। 350 से लेकर 500 रुपये तक इस यंत्र की कीमत है। लोग बंदरो के आतंक से छुटकारा पाने के लिए इसे खूब खरीद रहे है। इस यंत्र से दो फायदे है।
बंदरो के आतंक से कई लोगों की गयी जानें
बंदरों का आतंक किसी से छिपा नहीं है। जिधर नजर डालो वहीं से बंदरों के आतंक की खबर सामने आ जाती है। बंदरों का आतंक इतना है कि ताजमहल पर पर्यटक बंदरों का निशान बन रहे हैं तो शहर के कई लोग काल में समा गए हैं।
: एक पति के लिए दो पत्नियों ने रखा करवाचौथ का व्रत, बना चर्चा का माहौल
Thu, Nov 2, 2023
आगरा। करवाचौथ पर सुहागिन अपने पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए व्रत रखती है। क्या आपने एक साथ दो पत्नियों को अपने एक पति के लिए करवाचौथ का व्रत रखते हुए देखा है। वह भी जब दोनों महिलाएं आपस में मिल कर एक साथ पूजा करती है तो अलग ही बात है। आगरा में एक ऐसा ही मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
दो पत्नियों के पति रामबाबू निषाद जो कि उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के एक छोटे से नगला बिहारी गाँव के रहने वाले हैं, इनकी दो पत्नियां हैं। दोनों ने एक दूसरे को बहन मान लिया हैं। पहली पत्नी शीला देवी ने आठ साल पहले सामाजिक रीती रिवाज से शादी की थी। वह हर साल करवा चौथ का व्रत करती चली आ रही है तो वहीँ दूसरी तरफ तीन माह पहले मोहब्बत में किये वादे को निभाते हुए मन्दिर में शादी करके आई मन्नू देवी ने अपना पहला करवा चौथ का व्रत किया। दोनों सुहागिन ने एक साथ मिलकर अपने पति रामबाबू निषाद के लिए करवा चौथ का व्रत किया और लम्बी उम्र के लिए कामना की।
मन्नू देवी का कहना है कि हम दोनों ने एक दूसरे को अपनी बहन मान लिया है और आपस में ख़ुशी ख़ुशी रहते हैं। किसी से भी कोई गिला शिकवा नहीं है। वहीं शीला देवी ने भी कहा कि मुझे कोई एतराज नहीं है। आपस में बहने बनकर पारवारिक जीवन ख़ुशी ख़ुशी जियेंगे और एक मिशाल कायम करेंगे। कई जगह एक औरत अपने पति के साथ ख़ुशी से नहीं रह पाती। वहीँ हम दोनों बहने अपने पति के साथ रहकर दुनिया को दिखा देंगे कि जहां प्यार होता है वहां कोई झगड़ा नहीं होता।
आपको बताते चलें कि दोनों पत्नियां एक साथ रह रही हैं। दोनों पत्नियों की कोई ख्वाहिश नहीं है और कोई भी डिमांड नहीं है। शीला देवी के बच्चों को मन्नू देवी ने भी अपने बच्चे मान लिए हैं। सभी लोग हंसी-खुशी एक ही छत के नीचे अपना जीवन बिता रहे हैं। करवा चौथ के दिन दोनों बहनों ने व्रत किया और एक साथ चन्द्रमा की पूजा की। इसे देखकर लोगों में काफी चर्चा का माहौल बना हुआ है।