: सेवा सुरक्षा संवेदना के तहत पर्यटन पुलिस ने मात्र 40 मिनट में पर्यटक का पर्स ढूंढा
Wed, May 1, 2024
आगरा। कर्नाटक से अपने परिवार के साथ ताजमहल घूमने आए हुए पर्यटक भुवन आर. डी. पुत्र दिलीप कुमार आर. टी. माता का नाम शोभा जैन निवासी शिवकृपा निलय ट्रेचर्स कॉलोनी प्रथम चरण बी.कट्टी हॉल हसन, कर्नाटक का ताजमहल से पूर्वी पार्किंग आते समय गोल्फ कार्ट से उपरोक्त पर्यटक का पर्स गिर गया था जिसमें पर्यटक के 10,000 रुपए व जरूरी कागजात थे। थाना पर्यटन पुलिस द्वारा पर्यटकों की ‘सेवा सुरक्षा संवेदना’ के तहत थाना पर्यटन प्रभारी नीलम राणा की टीम ने द्वारा 40 मिनट के अंदर पर्यटक के पर्स को गोल्फ कार्ट ड्राइवर की मदद से उपरोक्त पर्यटक के पर्स को खोजकर पर्यटक के सुपुर्द किया गया। अपना पर्स व रुपए पाकर पर्यटक व उसका परिवार बहुत खुश हुआ। उपरोक्त पर्यटक व उसके समस्त परिवार द्वारा थाना पर्यटन पुलिस व आगरा पुलिस की भूरि भूरि प्रशंसा कर धन्यवाद किया गया।
प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट
: सतगुरु मेरा सदा दयाला मोहें दीन को राख लिया
Wed, May 1, 2024
आगरा। गुरुद्वारा दशमेश दरबार शहीद नगर विभव नगर आगरा पर धन धन साहिब श्री गुरु अर्जुन देव जी के प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष घर घर बाबा गाविए - कीर्तन समागम में गुरु रूप साध संगत ने परिवार सहित पहुंचकर साहिब श्री धन धन गुरु ग्रंथ साहिब जी को शीश नवाया वह गुरु की पावन पवित्र गोद में कीर्तन समागम का माण लिया।
भाई साहब भाई हरजोत सिंह समूह सेवक जत्था संत बाबा सुरेंद्र सिंह गुरुद्वारा मिठ्ठा खुह वालों द्वारा गुरु की अमोलक शब्द गुरवाणी कीर्तन कथा से गुरु अर्जुन देव साहिब जी की उपमा का वर्णन कर गुरु की सच्ची राह पर चलने की प्रेरणा दी। शब्द, तू मेरो प्यारो ता कैसी भूखा तू मन वसेया लगे ना दुखा,,,, जपियो जिन अर्जन देव गुरु फिर संकट जोन गर्भ ना आओ,,, ज्ञानी जी द्वारा अरदास हुकुमनामा के साथ सभी गुरु रूप गुरु प्यारी संगत ने लंगर पाकर गुरु का शुकराना किया।
लंगर की सेवा में विशेष रूप से भाई हरजिंदर सिंह सुखमनी सेवा सभा, मुख्य रूप से भाई हरपाल सिंह प्रधान, राजू सलूजा, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, मलकीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह लवली, गुरजिंदर सिंह, देवेंद्र सिंह जुल्का, पिंकी वीर, सुरेंद्र सिंह लाडी, हरजोत सिंह, हरजिंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।
: भक्ति ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी है श्रीमद्भागवत महापुराण - आचार्य हरिओम
Wed, May 1, 2024
आगरा। शिव बाटिका, शमसाबाद रोड, आगरा में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में सरस कथा व्यास आचार्य हरिओमजी महाराज व्याकरणाचार्य जी ने बताया श्रीमद् भागवत महापुराण की पवित्र कथा भक्ति ज्ञान और वैराग्य की त्रिवेणी है।
आज दूसरे दिन श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा का वर्णन करते हुए आचार्यजी ने भगवत शब्द की व्याख्या करते हुए बताया कि भा माने भक्ति माने ज्ञान व माने वैराग्य और तो माने बिस्तार। आचार्यजी ने बताया व्याकरण में तो विस्तारे धातु है अतः जिस ग्रंथ में भक्ति ज्ञान और वैराग्य का विस्तार से वर्णन किया जाए उसी को श्रीमद् भागवत कहते हैं।
प्रख्यात कथा व्यास आचार्य श्री रामनजर जी महाराज (पूज्य श्रीहरि जी महाराज) के सानिध्य में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में सरस कथा व्यास आचार्य श्री हरिओम जी महाराज जी ने आगे भागवत की उत्पत्ति की कथा का वर्णन किया उन्होंने बताया की श्रीमद्भागवत कथा नारायण से ब्रह्मा को प्राप्त हुई ब्रह्मा जी से नारद जी को प्राप्त हुई नारद जी से व्यास जी को प्राप्त हुई और व्यास जी से सुकदेव जी महाराज को प्राप्त हुई सुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सुने इस प्रकार क्रम पूर्वक श्रीमद् भागवत महापुराण हम लोगों को धरती पर सुनने को प्राप्त हुई और श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से भारतवर्ष अपने देश के साथ-साथ विदेशों में भी श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का प्रचार हो रहा है।
श्री वृंदावन धाम से पधारे महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री हरि शरण दास जी महाराज रामू बाबा ने आज कथा का श्रवण किया और कथा में आए हुए श्रोताओं को आशीर्वचन दिया। समाजसेवी श्याम भोजवानी ने बताया श्रीमद् भागवत कथा में प्रतिदिन दोपहर 2 से 6 तक आप अपने परिवार साथ आकर पुण्य कमाए।