: संगीत सुनना और गुनगुनाने से बढ़ती जिंदगी में ‘हैप्पीनेस’
Sun, May 19, 2024
प्रोग्राम की शुरुआत विक्रम शुक्ला और एसिड अटैक सुर्वीवोर्स- जीवन के दिन छोटे सही, हम भी बड़े दिलवाले हैं।
श्वांस प्रक्रिया सहित मानव के इन्द्रीय तंत्र पर भी संगीत का अनुकूल प्रभाव - वाहिया
संगीत का मानव जीवन में सदैव महत्व और सकारात्मक योगदान रहा है। लोक संगीत और पुरातन वाध्ययंत्र इसके साक्ष्य हैं। संगीत के इसी पक्ष को स्वयं समझ कर अन्यों को भी समझाने को प्रयास रत हैं हरविजय सिंह वाहिया। स्थापित एक्सपोर्टर, प्रख्यात फोटोग्राफर और कार रैली ड्राइवर के रूप में राष्ट्रीय पहचान रखने वाले श्री वाहिया जो कि फतेहाबाद रोड टूरिस्ट कांप्लेक्स में एसिड अटैक पीड़िताओं के द्वारा संचालित शीरोज हैंगआउट कैफे में आयोजित ‘म्यूजिक और हैप्पीनेस प्रोग्राम को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे, ने कहा कि संगीत सुखात्मक अनुभूति देने के साथ ही मानव स्वास्थ्य के भी अनुकूल है।
संगीत का स्वास्थ्य से सीधा संबंध
श्री वाहिया ने कहा कि संगीत का श्रवण, स्वर और श्वांस से सीधा संबंध है, ये तीनों ही मानव शरीर से जुड़ी स्वाभाविक प्रक्रियायें हैं ।चाहे संगीत गायन के रूप में हो या फिर वाद्य यंत्र का श्वांस और श्रवण तंत्र को प्रभावित करता है। भजन, गीत, कविता या शास्त्रीय ग्रंथों के श्लोक हो अगर सस्वर गाये जाते हैं ये गाने वाले के साथ ही श्रोता के शरीर के इन्द्री तंत्र को प्रभावित करते है। जो एक स्वास्थ्य अनुकूल प्रक्रिया है।
श्री वाहिया ने कहा कि अपने कॉलेज के दिनों में साथियों के लिये संगीत कार्यक्रमों के आयोजनों में सहयोगी रहने की स्मृतियां अब भी हैं। किताब लिखने और फोटोग्राफी करने के उनके शौक से भरपूर उनकी जिंदगी में रहने वाली व्यस्ताओं के बीच जब भी मौका मिलता है संगीत सुनते हैं और स्वयं भी गाना गुनगुनाने से नहीं चूकते हैं।
संगीत से बढ़ती है ‘हैप्पीनेस’
एसिड फेंक कर ताजिंदगी कभी न भुलाने वाली काली करतूत की घटना से पीड़िताओं में से दो गाने का अभ्यास करने वाले ग्रुप में शामिल हो गयीं। इन दोनों ने ही महसूस किया कि संगीत कार्यक्रमों में सहभागी बनने से उनके जीवन में ‘हैप्पीनेस‘ की वृद्धि हुई है। इनमें से एक नगमा ने कहा है कि उसका शौक राहतकारी रहा है, उसने ताज महोत्सव में इस साल अपने ग्रुप के साथ गायिका के रूप में भाग लिया था। यह अवसर उसके लिये सुखान्वित करने वाला था। वह चाहेगी कि इस प्रकार के आयोजनों की संख्या में बढ़ोतरी हो जिससे उस म्यूजिक और सिंगिंग ग्रुपों को अधिक अवसर मिल सकें।
संगीत से जीवन जीने को मिलती है जरूरी ऊर्जा
अमृत विद्या एजुकेशन फार इम्मोरलिटी के सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने कहा कि संगीत न केवल अनेक दुखों से उभारता है, अपितु आत्मिक तौर पर सुखद अनुभूति भी देता है। जो अपने आप में जीवन जीने की ऊर्जा है। उन्होंने ग्रुप सिंगिंग पर चर्चा करते हुए कहा कि जब भी कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनायी जायें तो उसमें संगीत प्रस्तुतियां भी शामिल हों। संगीत सभी के द्वारा पसंद किया जाता है, जहां वरिष्ठ अपने बीते दिनों की स्मृतियों को ताजा करते हैं, वहीं युवा वर्ग जिनमें एसिड अटैक की कूर घटना से पीडिताये भी हैं अपने तमाम तनावों और चुनौतियों को भूल कर मानसिक रूप से तनाव मुक्त होता है।
सामूहिक आयोजनों से बढ़ती है आपसी समझ
आशीष शुक्ला ने कहा कि समूह के रूप में जब कोई गतिविधि करते हैं तो परस्पर समझ के अवसर बढते हैं। यह छठवां कार्यक्रम है।उन्होंने कहा कि सोसायटी के किसी भी वर्ग का व्यक्ति हो मानव स्वभाव के अनुरूप उसके एक दो शौक या बृत्तियां जरूर होती हैं।जिनमें गाना और अपने से जुडा इतिहास के प्रति रुचियां भी हैं।
प्रशिक्षण की पेशकश
इस अवसर में श्री विक्रम शुक्ला ने कहा कि अगर एसिड अटैक प्रभावितों में से कोई सिंगिंग का शौक रखती हों तो वह उन्हें निशुल्क संगीत का प्रशिक्षण देना प्रस्तावित करते हैं। कार्यक्रम के दौरान कई संगीत प्रस्तुतियां भी हुई और आयोजकों के द्वारा कहा गया कि संगीत के माध्यम से जनजीवन में ‘हैप्पीनेस ‘ बढ़ाने वाले आयोजनों के इस क्रम को आगे भी जारी रखने का प्रयास होगा।
आज के प्रोग्राम में असलम सलीमी, राम मोहन कपूर, कॉल शिव कुंजरू, राजीव खंडेलवाल, सीमा खंडेलवाल, कांति, बीके शर्मा, अशोक अगरवाल, विवेक जैन, रोज मेरी शुक्ला, संदीप देवरानी, विशाल रियाज, पूजा देवरानी, मनोज तेंगुरिया, नवबुड्डीन, डॉ एस के चंद्रा, सुमिता रॉय, मेघा दूबे, मधुकर चतुर्वेदी, जसपाल, कल्पना शुक्ल, रफीक अहमद, स्पर्श मितल, रोशनी, प्रदीप, लता दौलतानी, वेद त्रिपाठी, ज्योति खंडेलवाल, विशाल झ, डॉ रश्मि त्रिपाठी, योगेश शर्मा, अमित रॉय आदि उपस्थित रहे।
: सफेद शर्ट पहनो, लेकिन उसको दाग रहित मेन्टेन रखो - जयगोपाल अग्रवाल
Sun, May 19, 2024
विद्या देकर बनाए शहर मे अनगिनत रत्न
शिक्षाविद पूर्व प्राचार्य जयगोपाल अग्रवाल का किया लीडर्स आगरा ने सम्मान
आगरा। विद्या के रत्न और तमाम गुरुमन्त्र दे कर शहर मे अनगिनत रत्न बनाने वाले शिक्षाविद् एवं नगर के प्रमुख शिक्षण संस्थान एम.डीजैन इंटर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य 95 वर्षीय जयगोपाल अग्रवाल के देशभर में शिष्य हैं और महत्वपूर्ण पदों पर आसीन है। वे महावीर दिगंबर जैन इंटर कालेज (एमडी जैन इंटर कालेज) के डिप्टी प्रिंसिपल थे, और यही प्राचार्य नियुक्त हुए। आज भी विद्यार्थियों के बीच में काफी लोकप्रिय हैं। उनके सम्मान की खबर सुन, उनके कई शिष्यों ने फोन कर लीडर्स आगरा को साधुवाद दिया।
रविवार को लीडर्स आगरा ने “चलें शहर को समर्पित, बुजुर्ग विभूतियों के घर, उनका अभिनंदन एवं चरण वंदन करने” अभियान के तहत अग्रवाल का उनके आवास 21 टीचर्स कॉलोनी, जयपुर हाउस पर जाकर अभिनंदन किया। अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा को माता सरस्वती की उपासना माना और कालेज को विद्या का मंदिर। उन्होंने बच्चो को कहा ‘‘सफेद शर्ट पहनो-लेकिन उसको दाग रहित मेन्टेन रखो, इसी भावना से उन्होंने विद्यार्थियों को विद्याधन प्रदान किया। आज उनके द्वारा पढ़ाये विद्यार्थी देश के विभिन्न नगरों में उच्च पदों पर हैं।
लीडर्स आगरा के महामंत्री एवं पूर्व पार्षद सुनील जैन ने कहा कि जयगोपाल अग्रवाल जी शिक्षा के क्षेत्र में एक गौरवाशाली नाम है। उन्होंने अपनी अद्भुत कार्यशैली और परिश्रम से कालेज में शिक्षा की जो नींव रखी, उसी से आज तक वह शहर के प्रमुख और यशश्वी कालेज में शामिल हैं। जहां शिक्षा ग्रहण करके विद्यार्थी अपने आप को गौरवान्वित समझता है। 95 वर्षीय श्री अग्रवाल ने कालेज बहुत उंचाइयों तक पहुंचाया, इसलिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है।
पदाधिकारियों ने श्री अग्रवाल को शाल ओढ़ा कर प्रशस्ति एवं अभिनन्दन पत्र प्रदान किया। लीडर्स आगरा परिवार ने अपनी बहुचर्चित इलायची की माला इनके गले मे पहनाई, इस मौके पर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी कार्यालय के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी मोती लाल जैन के अलावा लीडर्स आगरा के महामंत्री सुनील जैन, आदर्श नंदन गुप्ता, डॉ अशोक कुशवाह, रीनेश मित्तल, विकास सिकरवार, एस. के बग्गा, रवि गिड़वानी, रेनू यादव, राहुल जैन, राजदीप ग्रोवर, राजू सविता आदि मौजूद रहे।
: 40 जोड़ों ने एक साथ किया एकादशी उद्यापन
Sun, May 19, 2024
अग्रवाल महासभा बल्केश्वर द्वारा आयोजित किया गया सामूहिक एकादशी उद्यापन समारोह
40 जोड़ों ने किया उद्यापन, यज्ञ के साथ कल होगा समापन
आगरा। एकादशी महारानी के जयकारों संग 26 कथाएं और श्रीहरि का सत्संग। हर तरफ भक्तिमय आनन्द और उत्साह। कुछ ऐसा ही दृष्य था वाटर वक्र्स स्थित अग्रवन में, जहां अग्रवाल महासभा, बल्केश्वर द्वारा तीसरे सामूहिक एकादशी उद्यापन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें आगरा सहित विभिन्न स्थानों (उत्तराखण्ड, बरेली, मथुरा, टूंडला, फिरोजाबाद आदि) के 40 जोड़ों ने भाग लिया।
सर्वप्रथम विधि विधान के साथ श्रीफल अर्पित कर चैकी पूजन किया गया। इसके उपरान्त ओमकार शास्त्री के नेतृत्व में 26 ब्राह्मणों द्वारा 60 जोड़ों ने एकादशी उद्यापन की 26 कथाओं का श्रवण किया। प्रत्येक माह में कृष्ण व शुक्ल पक्ष व अधिक मास की दो कथाओं सहित 26 कथाओं के महात्म्य को समझाया। पूजन के उपरान्त ब्रह्म भोज हुआ। जिसमें यजमानों सहित उनके परिजनों व समिति के सदस्यों ने श्रद्धा भाव के साथ भाग लिया। कल गऊदान के साथ पूर्ण आहूति के साथ यज्ञ किया जाएगा।
इस अवसर पर श्रीराम अग्रवाल, रामरतन अग्रवाल, कौशल किशोर सिंघल, गिरीश अग्रवाल, पवन अग्रवाल को महासभा की ओर से माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से संस्थापक बंगाली मल, मुख्य संयोजक मुरारीप्रसाद अग्रवाल, विनय आगरी, महेश ग्वाला, मनीष गर्ग, राजकुमार बॉबी, महेश जौहरी, अध्यक्ष नीलम अग्रवाल, पूनम गोयल, अनिता, दीपा, अंजू, शालिनी, गीता, प्रियंका, शगुन, रुचि, अंजली, मनीषा, प्रीति, माधवी, नीतू आदि उपस्थित थीं।
मोहिनी एकादशी पर नारायण ने मोहिनी रूप किया था धारण
ब्राह्मणों द्वारा मोहिनी एकादशी का महत्व समझाते हुए बताया कि वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। क्योंकि आज ही के दिन भगवान विष्णु ने दैत्यों से मुक्ति दिलाने के लिए मोहिनी रूप धारण किया था। इसलिए आज के दिन भगवान विष्णु के मोहिनी रूप का पूजन किया जाता है। इस व्रत को करने से मन की अशांति और जीवन के क्लेश दूर होते हैं। परिवार में सुख सम्वृद्धि और शांति आती है। सीता माता के वनवास जाने पर मन शांत रहने पर श्रीराम ने भी अपने कुल गुरु ऋषि वशिष्ठ के कहने पर एकादशी का व्रत श्रीराम ने भी किया। ऋषि वशिष्ठ ने श्रीराम को और श्रीकृष्ण ने अर्जुन को मोहिनी एकादशी का महत्व समझाया था। एकादशी का व्रत करने वालों को हमेशा सत्य बोलना चाहिए।