: यश, प्रगति और सम्पन्नता का मार्ग प्रशस्त करती है श्रीअग्र भागवत कथा
Sat, Oct 5, 2024
महाराजा अग्रसेन सेवा समिति व श्रीअग्रवाल संघ ट्रस्ट द्वारा महाराजा अग्रसेन भवन लोहामंडी में आयोजित की गई श्रीअग्रसेन कथा
कथा वाचक श्री उज्ज्वल जी ने समझाया भागवत का महत्व
आगरा। माता महालक्ष्मी प्रसन्न कर वरदान प्राप्त करने वाले भगवान अग्रसेन की कथा सुनने से संतोष व वैभव की प्राप्ति होती है। अग्र भागवत ही ऐसा जीवनात्मक ग्रंथ है जिससे सम्पन्नता, यश, प्रगति, उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। भगवान अग्रसेन की नियमित रूप से पूजा करनी चाहिए। सभी कष्टों को दूर करने वाले अग्रमहामंत्र का पाठ हर रोज करना चाहिए। महाराजा अग्रसेन सेवा सदन लोहामंडी में महाराजा अग्रसेन सेवा समिति व श्रीअग्रवाल संघ ट्रस्ट द्वारा श्रीअग्रकथा का आयोजन किया गया। जिसमें कथा वाचक श्री उज्ज्वल जी अग्रवाल ने भगवान अग्रसेन के जन्म से लेकर राज्याभिषेक, अग्र माधवी विवाह व चुनरी उत्सव के बारे में बताया। कहा कि अग्रसेन जी की कथा अकथनीय है। अग्रसेन जी के चरित्र को समझना हो तो श्रीअग्र भागवत शब्द का विश्लेषण कर लीजिए, जो सात अक्षरों से बना है। सप्ताह में सात दिन, इंद्र धनुष के रंग सात, धरती की और हमारी त्वचा की परतें सात होती हैं, विवाह में फेरे सात, संगीत की सुर सात, सप्त चिंरंजीवी, सप्त ऋषि होते हैं। इसलिए श्रीअग्र भागवत शब्द अपने आप में विशेष महत्व रखता है। श्री का अर्थ श्रम, अ से अर्थ, ग से ग्रहण, भ से भाग्य, ग गहन, व से व्रत और त से तपस्ता। अर्थात श्रम पूर्वक अर्थ ग्रहण, भाग्यवत गहन व्रत, तपस्या करने वाले भगवान अग्रसेन का गुणगान करना ही अग्र भागवत है।
कार्यक्रम में मौजूद कमिश्नर रितू माहेश्वरी, डीआईजी केशव चैधरी व आईपीएस अभिषेक अग्रवाल को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से समिति के महासचिव डॉ. बीडी अग्रवाल, अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष घनश्याम दास अग्रवाल, श्रीअग्रवाल संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकुल गर्ग, अनुराग मित्तल, नितिन जैन, आशीष गर्ग, अम्बरीष अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, पिंकी सिंघल, डिम्पल, दीपा गर्ग आदि उपस्थित थीं।
सिर्फ तीर्थ नहीं घर में भी पूजा पाठ करें।
हम काशी वृन्दावन सब हो आते हैं, पर घर के आंगन की तुलसी प्यासी रहती है…, इस कथन के साथ श्रीउज्ज्वल जी ने श्रद्धालुओं को तीर्थ करने के साथ अपने घर आंगन में भी पूजा पाठ करने के लिए प्रेरित किया। कथा में महाभारत युद्ध में योगदान, माता महालक्ष्मी की तपस्या, अग्रोहा राज्य का निर्माण, नागों से युद्ध, इंद्र पर विजय, समाजवाद की स्थापना जैसी प्रसंगों का भक्तिमय वर्णन किया।
कथा से पूर्व निकली कलश यात्रा
कथा प्रारम्भ होने से पूर्व जयपुर हाउस स्थित आर्य समाज मंदिर से महाराजा अग्रसेन भवन लोहामंडी तक बैंड बाजों के साथ भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने सज धज कर सिर पर कलश लेकर खूब नृत्य भी किया। कथा स्थल पर कलश स्थापना व भगवान अग्रसेन की आरती के उपरान्त कथा प्रारम्भ हुई। कथा स्थल पर कोलकाता विश्वविख्यात सजीव झांकियां भी सजाई गईं, जिन्हें श्रद्धालुओं द्वारा खूब सराहा गया। कुछ लोगों ने झांकियों संग सेल्फी भी खिंचवाई।
: रामबाग में धूमधाम से निकली महाराजा अग्रसेन जयन्ती शोभायात्रा
Sat, Oct 5, 2024
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बैंडबाजों संग निकली आकर्षक झांकियां, जगह-जगह पुष्प वर्षा कर हुआ शोभायात्रा का स्वागत
आगरा। अग्रवाल संगठन रामबाग द्वारा बैंड बाजों संग झूमते नाचते हुए महाराजा अग्रसेन जयन्ती की शोभायात्रा निकाली गई। महाराजा अग्रसेन व महारानी माधवी के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। आकर्षक झांकियों संग महाराजा अग्रसेन व महारानी माधवी की स्वरूप लाजपत अग्रवाल व निर्मला देवी भी रथ पर सवार होकर निकले।
बैंडबाजों संग सर्वप्रथम थी विध्नविनाशक भगवान गणपति की सवारी। उसके पीछे महालक्ष्मी, नाग कन्याओं व राजकुमारी की आकर्षक झांकियां बैंड बाजों संग निकली तो हर कोई उन्हें देखने के लिए ठहर गया। शोभायात्रा का शुभारम्भ कटरा वजीर खां रामबाग राधाकृष्ण मंदिर से हुआ। जहां सर्वप्रथम महाराजा अग्रसेन की झांकी की आरती अध्यक्ष निशा सिंघल द्वारा की गई। शोभायात्रा क्षेत्र में भ्रमण करते हुए ट्रांसयमुना फेस-1 पहुंची, जहां मंचीय कार्यक्रमों में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सभी राजकुमार व नाग कन्याओं के स्वरूप बच्चों को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष राकेश गर्ग, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, संयोजक राजेश अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण, विजय, गोपाल, भगवती प्रसाद मित्तल, ओमप्रकाश अग्रवाल, गौरव, मौनू, सोनू, मुकेश, मनीष, सुनीता, रानी, गीता, नेहा, प्रीति, जूही, नेहा, कोमल, रूबी, श्रद्धा, नीलम, लवी, रानी सुनीता, पूजा, श्रद्धा, निहारिका, नमिता पुष्पा पायल, कृष्णा, शैफाली, सीमा, मंजू, गुंजन, प्रियंका आदि उपस्थित थीं।
: शेषनाग अवतार लक्ष्मण ने किया दशानन की बहन सूर्पनखा का अंग-भंग
Sat, Oct 5, 2024
आगरा। रामलीला मैदान में आज मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का अत्रि ऋषि के आश्रम में आना, माता अनुसुइया का सीताजी को उपदेश देना, विराध कर, ऋषि संरभग में मिलन, ऋषि सुतीक्षण के आश्रम पधारना, पंचवटी में निवास करना, लंकेश की बहन सूर्पनखा द्वारा प्रभू श्रीराम व लक्ष्मण पर मोहित होना, मोहित होने के बाद दोनो भाइयों को अपनी राक्षसी माया से परेशान करने की लीला आदिं का मनमोहक मंचन हुआ।
आज की प्रमुख लीला मंचन में सूर्पनखा द्वारा की जा रही राक्षसी माया से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम परेशान होते है, परेशान होकर प्रभु राम द्वारा अपने अनुज भ्राता लक्ष्मण को सूर्पनखा के नाक-कान काटने की आज्ञा देते है। भ्राता लक्ष्मण द्वारा अपने प्रभु श्रीराम की आज्ञा का पालन करते हुए सुर्पनखा के नाक-कान काटने की लीला होती है। सूर्पनखा शेषावतार लक्ष्मणजी द्वारा अपने नाक-कान काट दिये जाने के बाद अपने भाई खर-दूषण के पास जाती है और अपने नाक कान काटे जाने की बात बताती है। बहन का घोर अपमान देख कर दोनों भाई खर और दूषण युद्ध के लिये श्री राम व लक्ष्मण को ललकारा जाता है। प्रभु श्रीराम व भ्राता लक्ष्मण का खर और दूषण से घनघोर युद्ध होता है। घनघोर युद्ध के बाद खर और दूषण दोनों भाई प्रभु श्रीराम के हाथों मारे जाते है।
समाज सेवी संस्था अन्नपूर्णा महिला समिति द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की गयी आरती। समिति की अध्यक्ष कांता महेश्वरी, उमा बंसल, साधना माहेश्वरी, करूणा माहेश्वरी, कीर्ति गोयल, अर्चना गर्ग, शिवानी जैन, ज्योति अग्रवाल, बबली बंसल, राधा गुप्ता, रजनी जैन राजरानी, पुष्मा जैन, काशा गुप्ता, माया कलची, मिनाक्षी कलची आदि सभी महिलाओं द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम भ्र्राता लक्ष्मण व जगत जननी मां जानकी की आरती की गयी।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, ताराचन्द्र अग्रवाल, मुकेश जौहरी, प्रकाश अग्रवाल, रामअंशु शर्मा, विकास, मीडिया प्रभारी राहुल गौतम, सुमित बंसल, आयुष बंसल सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।