: नगर कीर्तन की तैयारी करने आगरा के जिलाधिकारी महोदय को पत्र सोपा
Wed, Jan 3, 2024
आगरा। सिक्ख समाज की धार्मिक नुमानंदा केंद्रीय संस्था श्री गुरु सिंह सभा माईथान के तत्वाधान मे 21 जनवरी को निकाले जा रहे नगर कीर्तन की तैयारी के सन्दर्भ में एक प्रतिनिधि मंडल ने आगरा के जिलाधिकारी भानु चंद गोस्वामी जी से उनके ऑफ़िस मे मुलाकात की और उनसे विगत वर्षाे की भांति इस वर्ष भी नगर कीर्तन से पूर्व सभी विभागों के साथ कलेक्टरी सभागार में होने वाली बैठक के लिए तिथि निर्धारित करने के लिए निवेदन किया। जिससे समय से पूर्व सभी कार्य संपन्न हो सके। ज्ञातव्य है नगर कीर्तन इस बार भी गुरुद्वारा माईथान (एम डी जैन इंटर कॉलेज) के पास से घटिया, फुल्लट्टी, फुब्बारा, हींग की मंडी, मीरा हुसैनी चौराहा, कलक्ट्री फ्लाई ओवर, एम जी रोड, छीपीटोला होकर गुरुद्वारा संत बाबा केहर सिंह सिंह पहुंचता है।
प्रतिनिधि मंडल मे प्रधान कंवल दीप सिंह, मुख्य ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह, समन्वयक बंटी ग्रोवर, चेयरमैन परमात्मा सिंह, पाली सेठी, राजीव लवानिया एवम बालूगंज गुरूद्वारे के मिठ्ठू जी के साथ अजीत सिंह पहुंचे।
: लापता की ट्रेन से कट हुई थी मौत
Wed, Jan 3, 2024
आगरा। कमला नगर के बल्केश्वर क्षेत्र से 29 दिसंबर को लापता युवक की उसी दिन मौत हो गई थी। ईदगाह रेलवे स्टेशन के आउटर के पास वह ट्रेन की चपेट में आया था। घरवाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं तो वहीं राजकीय रेलवे पुलिस इसे खुदकुशी बता रही है। सोमवार को जानकारी के बाद कमला नगर पुलिस पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। परिजनों को बुलाया। उन्होंने शव को पहचाना। इंस्पेक्टर कमला नगर आनंदवीर ने बताया कि 29 दिसंबर को बल्केश्वर निवासी शिवम लापता हुआ था।
उत्तर प्रदेश के आगरा के कमला नगर के बल्केश्वर क्षेत्र से 29 दिसंबर को परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजन भी उसकी तलाश में जुटे थे। सोमवार को परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहां उन्हें जानकारी हुई, कि 29 दिसंबर को राजकीय रेलवे पुलिस ने एक अज्ञात शव भेजा था। मरने वाले की उम्र करीब 20 साल थी। घरवालों ने शव देखा। शव दो टुकड़ों में था। परिजन देखते ही उसे पहचान गए, चीखपुकार मच गई। कमला नगर थाना पुलिस को सूचना दी। इंस्पेक्टर कमला नगर आनंदवीर पहले पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उसके बाद ईदगाह पहुंचे। घटना के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस को प्रारंभिक छानबीन में पता चला कि शिवम एक युवती से प्यार करता था। युवती की सगाई तय हो गई है। उसने उससे शादी से इनकार कर दिया था। घर छोड़ने से पहले शिवम का उस युवती से विवाद भी हुआ था।
इंस्पेक्टर कमला नगर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। घरवाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं मगर पुलिस को अभी तक हत्या जैसे कोई सुराग नहीं मिले हैं। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोद कुशवाह कि रिपोर्ट
: ताजमहल या तेजो महालय ?
Wed, Jan 3, 2024
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नोटिस की कार्रवाई पूरी कर ही दायर करें वाद, एएसआई को बनाया गया है प्रतिवादी; अब सुनवाई का इंतजार
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तेजोमहालय या ताजमहल को लेकर सोमवार को सिविल न्यायालय सीनियर डिवीजन में दायर वाद में पहले सिविल प्रक्रिया संहिता नोटिस की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगरा में लंबे समय से ताजमहल को लेकर विवाद चल रहा है। पहले भी कई बार इस मामले में कोर्ट में वाद दायर हो चुके हैं। अब एक बार फिर ताजमहल चर्चा में है। अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया, प्रतिवादी को नोटिस भेजकर दो महीने की समय सीमा के बाद दोबारा वाद दायर करेंगे। इसके पहले दायर प्रार्थना पत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा महानिदेशक नई दिल्ली, अधीक्षक आगरा सर्किल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग व पर्यटन निदेशालय द्वारा महानिदेशक पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार को लखनऊ को प्रतिवादी बनाया है। उन्होंने बताया, बाबर की पुस्तक बाबरनामा में ताजमहल के निर्माण का उल्लेख है। इसमें वर्तमान में ताजमहल में स्थित चारबाग (पैराडाइज गार्डन) गार्डन के निर्माण का उल्लेख चारबाग नाम से उल्लेख है। बाबरनामा में पानी के तंत्र बनाए जाने का उल्लेख है। कुआं बनाए जाने का उल्लेख है। वर्तमान में यह सभी ताजमहल में स्थित हैं। बाबरनामा में लिखा है कि बाबर को मृत्यु के बाद आरामबाग में दफनाया गया था जो कि ताज-ए-महल के विपरीत स्थित है।
दायर किए गए वाद में वादी पक्ष तेजो महादेव/तेजोलिंग महादेव, योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट, क्षत्रिय शक्तिपीठ विकास ट्रस्ट व अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह हैं।
अधिवक्ता सिंह ने बताया कि हुमायूंनामा में भी ताज का उल्लेख है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक माधोस्वरूप वत्स ने वर्ष 1946 के एनसेन्ट इंडिया के बुलेटिन में ताजमहल से संबंधित तथ्यों का वर्णन किया है जिसमें कहा है कि ताजमहल के शिल्पकार कौन है। यह विवादित तथ्य है। 1905 के आगरा गजेटियर में भी यह कहा गया है कि ताजमहल के शिल्पकार कौन है। यह विवादित तथ्य है। वर्ष 1910 के एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल के जर्नल में हू प्लान्ड द ताज में भी ताजमहल के निर्माण का तथ्य विवादित बताया गया है। वाद में ताजमहल को तेजो महालय मंदिर बताया है।
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया, वाद में ताजमहल को तेजो महालय मंदिर बताया है। शिव सहस्त्र नाम स्रोत में तेजो नाम भोलेनाथ का है। संस्कृत में महालय का अर्थ मंदिर होता है। विश्वकर्मा प्रकाश में भी तेजोलिंग निर्माण का वर्णन है। वर्ष 1194 के राजा परमारदेव चंदेल बटेश्वर शिलालेख में भी एक फिटकरी के समान शिव मंदिर के निर्माण का उल्लेख है।
ताजमहल के पश्चिमी ओर यमुना किनारे प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर है। जो एक स्वयंभू शिवलिंग है और लाल रंग का है। ठीक उसी से सटा एक कुआं है, जिससे होकर पानी ताजमहल तक जाता था। सोमवार को सिविल न्यायालय सीनियर डिवीजन में सुनवाई हुई जिसमें न्यायालय ने वादीगण को धारा 80 (1) सिविल प्रकिया संहिता नोटिस की कार्यवाही पहले पूरी करने को कहा अधिवक्ता ने बताया कि पहले धारा 80(1) सिविल प्रक्रिया संहिता के अधीन पहले नोटिस भेजकर दो महीने की समय सीमा के बाद पुनः वाद दायर किया जाएगा।
प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट