: ताजमहल या तेजो महालय ?
Wed, Jan 3, 2024
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नोटिस की कार्रवाई पूरी कर ही दायर करें वाद, एएसआई को बनाया गया है प्रतिवादी; अब सुनवाई का इंतजार
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तेजोमहालय या ताजमहल को लेकर सोमवार को सिविल न्यायालय सीनियर डिवीजन में दायर वाद में पहले सिविल प्रक्रिया संहिता नोटिस की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगरा में लंबे समय से ताजमहल को लेकर विवाद चल रहा है। पहले भी कई बार इस मामले में कोर्ट में वाद दायर हो चुके हैं। अब एक बार फिर ताजमहल चर्चा में है। अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया, प्रतिवादी को नोटिस भेजकर दो महीने की समय सीमा के बाद दोबारा वाद दायर करेंगे। इसके पहले दायर प्रार्थना पत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा महानिदेशक नई दिल्ली, अधीक्षक आगरा सर्किल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग व पर्यटन निदेशालय द्वारा महानिदेशक पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार को लखनऊ को प्रतिवादी बनाया है। उन्होंने बताया, बाबर की पुस्तक बाबरनामा में ताजमहल के निर्माण का उल्लेख है। इसमें वर्तमान में ताजमहल में स्थित चारबाग (पैराडाइज गार्डन) गार्डन के निर्माण का उल्लेख चारबाग नाम से उल्लेख है। बाबरनामा में पानी के तंत्र बनाए जाने का उल्लेख है। कुआं बनाए जाने का उल्लेख है। वर्तमान में यह सभी ताजमहल में स्थित हैं। बाबरनामा में लिखा है कि बाबर को मृत्यु के बाद आरामबाग में दफनाया गया था जो कि ताज-ए-महल के विपरीत स्थित है।
दायर किए गए वाद में वादी पक्ष तेजो महादेव/तेजोलिंग महादेव, योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट, क्षत्रिय शक्तिपीठ विकास ट्रस्ट व अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह हैं।
अधिवक्ता सिंह ने बताया कि हुमायूंनामा में भी ताज का उल्लेख है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक माधोस्वरूप वत्स ने वर्ष 1946 के एनसेन्ट इंडिया के बुलेटिन में ताजमहल से संबंधित तथ्यों का वर्णन किया है जिसमें कहा है कि ताजमहल के शिल्पकार कौन है। यह विवादित तथ्य है। 1905 के आगरा गजेटियर में भी यह कहा गया है कि ताजमहल के शिल्पकार कौन है। यह विवादित तथ्य है। वर्ष 1910 के एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल के जर्नल में हू प्लान्ड द ताज में भी ताजमहल के निर्माण का तथ्य विवादित बताया गया है। वाद में ताजमहल को तेजो महालय मंदिर बताया है।
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया, वाद में ताजमहल को तेजो महालय मंदिर बताया है। शिव सहस्त्र नाम स्रोत में तेजो नाम भोलेनाथ का है। संस्कृत में महालय का अर्थ मंदिर होता है। विश्वकर्मा प्रकाश में भी तेजोलिंग निर्माण का वर्णन है। वर्ष 1194 के राजा परमारदेव चंदेल बटेश्वर शिलालेख में भी एक फिटकरी के समान शिव मंदिर के निर्माण का उल्लेख है।
ताजमहल के पश्चिमी ओर यमुना किनारे प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर है। जो एक स्वयंभू शिवलिंग है और लाल रंग का है। ठीक उसी से सटा एक कुआं है, जिससे होकर पानी ताजमहल तक जाता था। सोमवार को सिविल न्यायालय सीनियर डिवीजन में सुनवाई हुई जिसमें न्यायालय ने वादीगण को धारा 80 (1) सिविल प्रकिया संहिता नोटिस की कार्यवाही पहले पूरी करने को कहा अधिवक्ता ने बताया कि पहले धारा 80(1) सिविल प्रक्रिया संहिता के अधीन पहले नोटिस भेजकर दो महीने की समय सीमा के बाद पुनः वाद दायर किया जाएगा।
प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट
: पशु चिकत्सा अधिकारी पर 5 करोड़ गवन के आरोप
Wed, Jan 3, 2024
स्लाटर हाउस व्यापारी एसोसियेशन ने लगाए आरोप, कहा नगर निगम को गुमराह कर 5 करोड़ किए भीतर
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा नगर निगम द्वारा संचालित पशु वधशाला को पिछले एक साल के भीतर तीन बार बंद कराया जा चुका है। व्यापारियों की समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है। स्लाटर हाउस को अचानक बंद कर दिया जाता है। व्यापारियों को स्लाटर बंद किए जाने की जानकारी नहीं दी जाती है। इससे पहले एलाना कंपनी को नगर निगम द्वारा संचालित पशु वधशाला का टैंडर दिया गया था। तब कमेलदारों से 425 रुपए प्रत्येक जानवर कटाई के लिए जाते थे। जिसकी रसीद व्यापारी को दी जाती थी। इस वर्ष अल सुभाना और उसकी सहयोगी कंपनी को टैंडर मिला। अल सुभाना ने पशु कटान का निर्धारित मूल्य एक साल के भीतर बड़ाकर 1100 रुपए कर दिया गया। जिसका व्यापारियों ने काफी विरोध किया था।
अब व्यापारियों का कहना है की उनसे 1100 रुपए प्रत्येक जानवर कटान का शुल्क लेने पर स्लाटर से रसीद नही मिल रही है। रसीद मांगने पर व्यापारियों को रसीद नही दी जाती है और उन्हें धमकाया जाता है। व्यापारियों का आरोप है की पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत गया ठेकेदार कम्पनी ने नगर निगम को पैसा जमा नही किया है। सदन में पार्षदों ने इसका मुद्दा उठाया था। तब मेयर ने स्लाटर की चाबी अपने पास ली है। 17 तारीख से पशु वधशाला को बंद कर रखा है। नगर निगम को रोजाना एक लाख बीस हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। इसका जिम्मेदार कौन है। वहीं व्यापारी भी परेशान हैं। शहर में मीट की आपूर्ति ठप है। व्यापारियों का आरोप है की पशु चिकित्सा अधिकारी अजय कुमार ने ठेकदार के साथ मिलकर नगर निगम के स्लाटर हाउस में 5 करोड़ से अधिक का गवन किया है। अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है।
आगरा स्लाटर हाउस व्यापारी एसोसियेशन के अध्यक्ष हाजी जाफर ने नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी अजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा। एसोसियेशन के अध्यक्ष की एंट्री स्लाटर में बंद कर दी गई है क्योंकि उन्होंने स्लाटर हाउस में पशुओं के छोटे बच्चों को काटा जा रहा है। जिसका एसोसियेशन ने विरोध किया। सरकार ने छोटे बच्चों के कटान पर सख्ती से रोक लगाई है। यूपी के किसी भी स्लाटर हाउस में छोटे बच्चों का कटान नही किया जाता है। पशु चिकित्सा अधिकारी से इसकी शिकायत की गई तब उन्होंने अनसुना कर दिया और छोटे पशुओं का कटान जारी रखने को कहा। उन्होंने कहा एक साल में 3 बार स्लाटर को बंद किया गया। अधिकारी और अल सुभाना व लाहम कंपनी ने मिलकर सरकार का करोड़ों का गवन किया है।
एसोसियेशन के महामंत्री इरशाद ने बताया कि पशु अधिकारी अजय कुमार ने स्लाटर के संबंध में मेयर को गुमराह किया है। उन्होंने मेयर को बताया गया की स्लाटर हाउस 3 साल से बंद है जबकि कमेलदार रोजाना प्रत्येक जानवर के कटान का 1100 रुपए शुल्क दे रहे हैं। जिससे नगर निगम को रोजाना लगभग डेढ़ लाख रुपए का आर्थिक लाभ मिलता है। लेकिन नगर निगम में ठेकेदार ने पिछले डेढ़ साल से नगर निगम का पैसा जमा नही किया है। डॉक्टर और ठेकेदार ने मिलकर नगर निगम को साढ़े 5 करोड़ रुपए का चूना लगाया है। नगर निगम से 500 जानवर कटान की अनुमति है। जबकि रोजाना 1200 जानवर काटे जा रहे हैं। अवैध तरीके से स्लाटर से मिली भगत कर धन अर्जित किया जा रहा है।
एसिसियेशन के उपाध्यक्ष नाजिम कुरैशी का कहना है। पूर्व में एलाना कंपनी को नगर निगम से ठेका मिला था। कमेलदार प्रत्येक जानवर 425 रुपए जमा किया करते थे। शुल्क जमा करने वाले लोगों को पर्ची दी जाती थी। अलसुभाना और उसकी सहयोगी कंपनी 1100 रुपए प्रत्येक जानवर के कटान का शुल्क लेती है। और रसीद मांगने पर कमेलदारो को धमकियां देते हैं।
गौरतलब है की नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। लेकिन उच्चाधिकारियों की खामोशी के बाद व्यापारी खामोश हो जाते हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी अजय कुमार की नगर आयुक्त जिलाधिकारी सहित अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। लेकिन शिकायतों का कोई असर नहीं हुआ है। बड़ा सवाल यह है सरकार के सख्त आदेश मिलने पर भी नगर निगम के पशु वधशाला में जानवरों के छोटे बच्चों का वध किया जा रहा है। जो की सरासर गलत है। यह आरोप कोई और नहीं बल्कि कमेलदारों ने लगाए हैं। जो स्लाटर हाउस के भीतर आते जाते हैं।
मीट व्यापारियों ने आज जिलाधिकारी को ज्ञापन के माध्यम से मांग की है स्लॉटर हाउस में पशु चिकित्सा अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए स्लाटर हाउस को खोला जाए।
प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट
: ताजनगरी के लिए वर्ष 2024 लेकर आया उम्मीदों का नया सवेरा
Wed, Jan 3, 2024
आगरा। वर्ष 2024 की शुरुआत के साथ सोमवार को नया सवेरा होगा। शहर के विकास को प्रोजेक्ट पंख लगाएंगे। एसएन मेडिकल कालेज में हार्ट सर्जरी शुरू होने से मरीजों को सस्ता उपचार मिलेगा। आगरा मेट्रो ट्रैक पर दौड़ेगी तो हेलीकाप्टर पर्यटकों को लेकर स्मारकों के चक्कर लगाएगा। एयर डाइनिंग और हाट एयर बैलून की राइड पर्यटकों को लुभाएंगे।
सुपरस्पेशियलिटी विंग एसएन मेडिकल कालेज में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना में 200 करोड़ रुपये की लागत से सुपरस्पेशियलिटी विंग बनाई गई है। यहां ओपीडी शुरू हो चुकी है। एसएन के प्राचार्य डा. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मार्च, 2024 तक सुपरस्पेशियलिटी विंग में हार्ट सर्जरी, कैंसर, न्यूरो सर्जरी, पिडियाट्रिक सर्जरी, यूरो सर्जरी की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी।
सिविल एन्क्लेव के निर्माण को दिसंबर में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने अनुमति प्रदान कर दी। एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया द्वारा सिविल एन्क्लेव के भवन का डिजाइन तय करने को टेंडर किया जा चुका है। एयरपोर्ट के विस्तार को अभयपुरा, बल्हेरा व धनौली में 37 में से 35 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की जा चुकी है। इससे पूर्व 23 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की गई थी। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से पूर्व इसका शिलान्यास हो सकता है।
शहरवासियों और आगरा घूमने आने वाले पर्यटकों को नए साल के प्रारंभ में ही एयर डाइनिंग का आकर्षण लुभाएगा। यमुना किनारा रोड स्थित चंद्रशेखर आजाद पार्क में एडीए की एयर डाइनिंग की योजना परवान चढ़ चुकी है। हैदराबाद की कंपनी क्रेन की सहायता से 70 फीट ऊंचाई पर पर्यटकों को एयर डाइनिंग कराएगी। 15 जनवरी को इसका शुभारंभ होने की उम्मीद है। पर्यटक एयर डाइनिंग करते हुए ताजमहल, आगरा किला और मेहताब बाग देख सकेंगे। पर्यटकों के लिए यह बड़ा आकर्षण बनेगा।
पथौली ओवरब्रिज की एक साइड को जून माह में शुरू कर दिया जाएगा। जबकि दूसरी साइड में अभी समय लगेगा। एक साइड के ओवरब्रिज को शुरू होने से क्षेत्रीय लोगों को काफी राहत मिलेगी। इसके साथ ही यातायात का दबाव भी कम होगा। पेड़ काटे जाने की अनुमति लिए जाने में लगे समय के कारण निर्माण कार्य पूरा होने की समय सीमा से लगभग ढाई साल अधिक हो गया है। जल्द ही दूसरी साइड का भी कार्य शुरू हो जाएगा।
बिचपुरी ओवरब्रिज की एक साइड को 10 दिसंबर को शुरू कर दिया गया है। दूसरी साइड को शुरू किए जाने में निर्माण कार्य की बढ़ी कास्ट के कारण एस्टीमेट रिवाइज के लिए लोक निर्माण विभाग कार्यालय लखनऊ भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिल जाने के बाद शासन स्तर से स्वीकृति मिल जाने के बाद साल के अंत तक कार्य पूरा हो जाएगा। अनुमति मिल जाने के बाद पेड़ काटे जा चुके हैं। बिजली की लाइन शिफ्टिंग के बाद काम शुरू हो जाएगा।
यमुना नदी रेणुकाधाम पर बन रहे ओवरब्रिज का एस्टीमेट रिवाइज के लिए भेजा गया है। लोक निर्माण विभाग कार्यालय लखनऊ में उसका अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद कार्य शुरू होगा। साल के अंत तक कार्य पूरा होने की संभावना है। इसके बनने से आगरा और मथुरा के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी। आवागम सुगम होगा।
फरवरी में दौड़ सकती है मेट्रो
उप्र मेट्रो रेल कारपोरेशन फरवरी के अंत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों पहले चरण में छह किमी लंबे ट्रैक पर मेट्रो सेवा का शुभारंभ करा सकती है। इसमें से तीन किमी लंबा ट्रैक एलीवेटेड और तीन किमी लंबा ट्रैक अंडरग्राउंड होगा। पीएसी मैदान से टीडीआइ माल और पुरानी मंडी से मनःकामेश्वर तक मेट्रो शुरू हो सकती है। मेट्रो ने हाल ही में अंडरग्राउंड में अपलाइन ट्रैक पर ट्रायल शुरू किया है। डाउन लाइन पर शीघ्र ही ट्रायल शुरू होगा। मेट्रो पर्यटकों के लिए उपयोगी साबित होगी। गुरु का ताल से सिकंदरा तक बैलेंस एलिवेटेड सेक्शन के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी। जल्द ही इस भाग में निर्माण कार्य शुरू होगा।
हेलीकाप्टर से भ्रमण
एत्मादपुर मदरा में बने हेलीपोर्ट से मथुरा के गोवर्धन में बने हेलीपोर्ट के मध्य हेलीकाप्टर सेवा और हवाई दर्शन की योजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 दिसंबर को हरी झंडी दिखाई थी। विजिबिलिटी सही नहीं होने की वजह से अब तक हेलीकाप्टर की उड़ान नहीं हो सकी है और न पैकेज तय हो सके हैं। राजस एयरोस्पोर्ट्स एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर हुकुम सिंह ने बताया कि दो जनवरी को हेलीकाप्टर की उड़ान और पैकेज तय किए जा सकते हैं।
हाट एयर बैलून
पर्यटकों और शहरवासियों को फरवरी में हाट एयर बैलून की राइड का लुत्फ मिल सकता है। चयनित कंपनी हाट एयर बैलून की उड़ान को सर्वे कर लोकेशन चिह्नित करेगी। हाट एयर बैलून में लोगों को 20 किमी तक की उड़ान का मौका मिलेगा। इसका किराया 12 से 15 हजार रुपये प्रति व्यक्ति हो सकता है। हेलीकाप्टर सेवा की शुरुआत को करार करने वाली राजस एयरोस्पोर्ट्स एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड की भी हाट एयर बैलून की उड़ान कराने की योजना है।
प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट