: राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई आगरा कॉलेज आगरा ने निकाली अमृत कलश यात्रा
Tue, Oct 31, 2023
आगरा। आगरा कॉलेज आगरा की राष्ट्रीय सेवा योजना (रा०से०यो०) इकाई द्वारा आयोजित मेरी माटी, मेरा देश अभियान के अंतर्गत एक दिवसीय शिविर अमृत कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अवसर पर कॉलेज प्राचार्य की उपस्थिति में राष्ट्रीय शिविरार्थी शिवम सारस्वत ने स्वयंसेवकों को शपथ दिलाकर अमृत कलश यात्रा निकाली। आगरा कॉलेज से होते हुए सैंट जॉन्स चौराहा से घूमते हुए कलश यात्रा का समापन आगरा कॉलेज, आगरा के प्रांगण में हुआ।
अमृत कलश यात्रा के सु-अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अनुराग शुक्ला एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयोजक एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आनंद पांडेय, डॉ. बृजेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. श्यामगोविंद सिंह, डॉ. चंद्रवीर सिंह, डॉ. अनुराधा नेगी और डॉ. संध्या मान की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिविरार्थी शिवम सारस्वत, शुभम पाठक, शुभम सिंह व स्वयं सेविका संजना वर्मा के नेतृत्व में कार्यक्रम संचालित किया गया।
: छोटा परिवार सुखी परिवार का सुरक्षित विकल्प है गर्भनिरोधक इंजेक्शन ‘अंतरा’
Tue, Oct 31, 2023
अंतरा लगवाने पर लाभार्थी महिला और आशा कार्यकर्ता को 100 रुपये प्रति डोज देने का है प्रावधान
शादी के दो साल बाद ही बनायें पहले बच्चे की योजना, दो बच्चों के जन्म में तीन वर्ष का रखें अंतर
आगरा। परिवार नियोजन अपनाने वाले दंपति त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन ‘अंतरा’ इंजेक्शन को अपना कर खुशहाल दाम्पत्य जीवन जी रहे हैं। परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों में त्रैमासिक इंजेक्शन अंतरा को लाभार्थियों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है। आगरा मंडल में अप्रैल 2023 से अब तक 30073 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन का चुनाव किया है। अंतरा इंजेक्शन लगवाने पर प्रत्येक लाभार्थी महिला व आशा कार्यकर्ता को 100 रुपये प्रति डोज देने का प्रावधान भी है।
अपर निदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण आगरा मंडल डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि आगरा जिले में 7730, फिरोजाबाद में 7620, मथुरा में 8441 और मैनपुरी जिले में 6282 महिलाओं ने अंतरा इंजेक्शन अपनाया है। महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए अंतरा गर्भ निरोधक इंजेक्शन को महिलाओं ने विकल्प के तौर पर चुना है। अंतरा इंजेक्शन अनचाहे गर्भ को रोकने व दो बच्चों के बीच अंतर रखने का एक सुरक्षित अस्थायी गर्भनिरोधक विकल्प हैं। तीन माह के अंतराल में लगने वाला यह इंजेक्शन जिला महिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर व उप-केन्द्रों पर लगाया जाता है। नव विवाहित दंपति से अपील है कि वह शादी के दो साल बाद ही पहले बच्चे की योजना बनायें और दो बच्चों के जन्म में तीन वर्ष का अंतर रखें।
आगरा जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि परिवार नियोजन कार्यक्रम न केवल देश की तरक्की से जुड़ा है बल्कि मातृ शिशु स्वास्थ्य और पोषण से भी इसका गहरा सम्बन्ध है। यह दंपति के सुखमय जीवन के लिए भी एक महत्वपूर्ण तत्व है। इसके लिए त्रैमासिक गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा भी एक बेहतर विकल्प है। अंतरा इंजेक्शन की पहली डोज चिकित्सक, स्टॉफ नर्स, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) या प्रशिक्षित एएनएम द्वारा लाभार्थी की स्क्रीनिंग के बाद ही लगाई जाती है।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. पीके शर्मा ने बताया कि कि टॉल फ्री नंबर 104 के जरिए भी इंजेक्शन के बारे में पूरी जानकारी ले सकते हैं। टॉल फ्री नम्बर की सुविधा सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक उपलब्ध है।
लंगड़े की चौकी निवासी 35 वर्षीय रीना अंतरा इंजेक्शन की पांच डोज लगवा चुकी हैं। वह बताती हैं कि जब आशा कार्यकर्ता के साथ स्वास्थ्य केंद्र गईं तो उन्हें परिवार नियोजन के बॉस्केट ऑफ च्वाइस (सभी साधनों) के बारे में जानकारी दी गयी। उन्हें अंतरा इंजेक्शन की सेवा ठीक लगी लेकिन उनके मन में भय भी था। जब चिकित्सा अधिकारी डॉ मेघना से मिलीं तो उन्होंने समझाया कि यह सुरक्षित और असरकारक है। अंतरा इंजेक्शन लगने के बाद कुछ महिलाओं के मासिक धर्म पर प्रभाव पड़ता है, जो सामान्य हार्मोनल बदलाव है। जब रीना ने पहला डोज लगवाया तो उन्हें भी मासिक धर्म अनियमितता का सामना करना पड़ा। इस दौरान उनके पति ने भी पूरा सहयोग किया। दूसरी डोज के बाद से कोई दिक्कत नहीं हुई है और अब वह इस साधन के जरिये परिवार नियोजन अपना रही हैं।
पहली डोज लेने पर इन बातों का रखे ख्याल
डॉक्टर द्वारा उचित स्क्रीनिंग हो जाने पर गर्भ निरोधक इंजेक्शन को किसी भी समय चुना जा सकता है। पहली डोज लेने पर इन बातों का ख्याल रखना चाहिए।
नियमित मासिक धर्म के पहले से सात दिन के अंदर
प्रसव के 6 सप्ताह के बाद
गर्भपात के तुरंत बाद
इंजेक्शन लगाने के बाद इन बातों को न करें नज़रंदाज़
जहाँ इंजेक्शन लगा हो उस जगह मालिश न करें
इंजेक्शन की जगह पर गर्म सिकाई न करें
इंजेक्शन लगने के बाद 5-10 मिनट के लिए अस्पताल में ही रुके।
अंतराकार्ड पर दी गयी तारीख पर ही इंजेक्शन लगवाएं।
: सरदार पटेल की जयंती पर आगरा फोर्ट पर हुआ 'रन फ़ॉर यूनिटी' का आयोजन
Tue, Oct 31, 2023
Agra. देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को एनसीसी ग्रुप हैडक्वाटर ने राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया। लगभग 500 एनसीसी कैडेट्स, अधिकारी, ए एन ओ कैप्टन नीलम कांत और आगरा ग्रुप के कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ इस दौड़ में भाग लिया। आगरा कैंट में ब्रिगेडियर अरुण यादव, ग्रुप कमांडर एनसीसी ग्रुप मुख्यालय आगरा द्वारा एकता दौड़ को हरी झंडी दिखाई गई। इसका समापन ऐतिहासिक आगरा किला में हुआ। प्रो. वंदना अग्रवाल, बी जैन कॉलेज आगरा की प्राचार्या ने एनसीसी कैडेट्स को राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान के बारे में जानकारी दी ।
सरदार पटेल ने 1928 में बारडोली में अंग्रेजों के बढ़ाए गए जमीन के कर के खिलाफ किसानों को एक-जुट कर आंदोलन किया था। बारडोली में सुखा पड़ने की वजह से किसान कोई फसल नहीं उगा पाए थे और इस वजह से वे कर नहीं चुका सकते थे। अंग्रेजी सरकार से विनती करने पर भी वे कर माफ करने को राजी नहीं हुए। तब वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में बारडोली के किसानों नें आंदोलन शुरू किया, जिसे बारडोली आंदोलन के नाम से जाना जाता है। यह आंदोलन सफल हुआ और तब से वल्लभभाई पटेल को सरदार कहा जाने लगा।
ऐसे बने भारत के लौह पुरुष…
आजादी के बाद लगभग 500 से भी अधिक रजवाड़े, जो स्वतंत्र रूप से अपने क्षेत्र पर राज कर रहे थे, उन्हें सरदार पटेल ने भारतीय यूनियन में शामिल किया। वह भी बिना किसी प्रकार की हिंसा का सहारा लिए हुए। उनकी इस सराहनीय इच्छाशक्ति और भारत को एकजुट करने के दृढ़ संकल्प के कारण इन्हें भारत का लौह पुरुष (Iron Man of India) कहा जाता है।
2014 में हुई राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत
सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत का सम्मान करने के लिए भारत सरकार द्वारा 2014 में आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत की गई थी। पटेल एकजुट एवं मजबूत भारत के कट्टर समर्थक थे और उनके जीवन के कार्यों में यह समर्पण झलकता था। उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में नामित करने का सरकार का निर्णय उनके योगदान के महत्व को रेखांकित करता है।
43वीं जयंती पर भव्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
2018 में सरदार वल्लभभाई पटेल की 143वीं जयंती पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में नर्मदा नदी के पास स्थित भव्य स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उद्घाटन किया। पटेल का प्रसिद्ध नारा, "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" आज भी देश को प्रेरित करता है।