: नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शहर की झुग्गी-झोपड़ी, मलिन बस्तियों, घुमंतू परिवार पर होगा ज़ोर
Thu, Apr 25, 2024
नगर में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर हुई कार्यशाला
जागरूकता के लिए धर्मगुरु व प्रभावशाली व्यक्तियों का लिया जाएगा सहयोग
टीकाकरण के लिए आवश्यक है मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, साथ में जरूर लाएं
आगरा। जनपद आगरा में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संचालन के उद्देश्य से नियमित टीकाकरण माइक्रोप्लान को लेकर दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन एक निजी होटल में हुआ । अपर निदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण आगरा मंडल (एडी) डॉ.चंद्रशेखर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरूण श्रीवास्तव के निर्देशन में कार्यशाला का आयोजन डब्ल्यूएचओ के सहयोग से किया गया। कार्यशाला में नगर के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, इम्यूनाइजेशन ऑफिसर (आईओ), ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम), स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर संयुक्त निदेशक (जेडी) डॉ. ज्योत्सना ने कार्यशाला के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी अपने कार्य क्षेत्र में छूटे हुए बच्चों व गर्भवती का शत प्रतिशत टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें।
कार्यशाला में सीएमओ ने कहा कि गांवों की तुलना में नगरीय इलाके में व्यवस्थित व बेहतर रणनीति बनाने की बेहद आवश्यकता है। नगर की सभी पीएचसी, वार्ड व मोहल्ला के अनुसार एएनएम का क्षेत्र तय किया जाएगा। घर-घर जाकर हेड काउंट सर्वेक्षण होगा। उसके बाद प्रत्येक गांव, मजरा, टोला, शहरी क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड और मोहल्लों का माइक्रोप्लान तैयार किया जाएगा । इसके बाद बच्चों व गर्भवती की ड्यू लिस्ट तैयार की जाएगी। टीकाकरण से छूटे बच्चे व गर्भवती ट्रैक किए जाएंगे। बुधवार व शनिवार को होने वाले नियमित टीकाकरण सत्र व छाया नगरीय स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण दिवस (यूएचएनडी) और ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्रों तक बच्चों व गर्भवती को लाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर भ्रमण कर एवं पारस्परिक संपर्क कर सूचना दी जाएगी। हाई रिस्क वाले क्षेत्र जैसे मलिन बस्तियों, झुग्गी झोपड़ी, घुमंतू परिवार, निर्माण क्षेत्र, प्रवासियों आदि स्थलों पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा। बाल सुधार गृह, बाल मठ, विधवा गृह, मदरसा आदि स्थानों की सोशल मैपिंग कर टीकाकरण किया जाएगा।
शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेश्वर श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीण से नगर में आए क्षेत्रों का घर-घर सर्वेक्षण कर ड्यू लिस्ट तैयार की जाएगी। टीकाकरण के लिए रोटरी इंटरनेशनल , सिविल डिफेंस और डूडा का भी सहयोग लिया जाएगा। साथ ही समुदाय को जागरूक करने के लिए धर्मगुरु, प्रभावशाली व्यक्तियों, जन प्रतिनिधियों, महिला आरोग्य समिति के सदस्यों का भी सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद व ब्लॉक स्तर पर स्थापित कोल्ड चेन प्वोइंट की क्रियाशीलता सुनिश्चित कर ली जाए। कोल्ड चैन प्वाइंट वैक्सीन के भंडारण तथा तापमान का प्रभारी चिकित्सा अधिकारी स्वयं निरीक्षण करें और इसकी जानकारी लॉग बुक में पंजीकृत करें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन (डीआईओ) ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकोला, पिनाहट, नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनी मंडी और नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहामंडी द्वितीय नियमित टीकाकरण में आइडियल की तरह कार्य कर रहे । नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनी मंडी में सबसे अच्छा आरआई माइक्रोप्लान, कार्य क्षेत्र से संबंधित मैपिंग बहुत अच्छे से की गई है, पूर्ण प्रतिरक्षित बच्चे की संख्या 94% है। नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहामंडी द्वितीय 90% से अधिक है । इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खंदौली का आरआई माइक्रोप्लान बहुत अच्छा है । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगनेर वीपीडी सर्विलांस में बहुत अच्छा कार्य किया जा रहा है। सभी को इनसे से प्रेरणा लेनी चाहिए ।
डब्ल्यूएचओ एसएमओ डॉ. महिमा चतुर्वेदी ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत ‘पाँच साल सात बार, छूटे न टीका एक भी बार’ पर विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही माइक्रोप्लान किस तरह तैयार करें, किन बिन्दुओं पर विशेष ज़ोर दिया जाए आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। आउटब्रेक व प्रतिकूल प्रभाव के प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी। मिजल्स-रूबेला (एमआर), वैक्सीन से रोके जा सकने वाले रोग (वीपीडी) निगरानी, डिप्थीरिया और जीरो डोजर वैक्सीनेशन के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कराई गई । यूनीसेफ के जिला यूनिट कोऑर्डिनेटर राहुल कुलश्रेष्ठ ने सामुदायिक संचार गतिविधियों को बेहतर बनाने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने टीकाकरण सत्र पर हर एक लाभार्थी को दिये जाने वाले चार प्रमुख संदेश के बारे में चर्चा की। इसमे पहला कौन सा टीका दिया गया और वह किस बीमारी से बचाता है। दूसरा अगले टीकाकरण के लिए कब और कहाँ आना है। तीसरा मामूली प्रतिकूल प्रभाव क्या है और उन्हें कैसे दूर करें। चौथा मातृ एवं शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड को सुरक्षित रखें और अगले टीकाकरण पर जरूर लेकर आयें।
यूएनडीपी के वीसीसीएस शिव तिवारी द्वारा कार्यशाला में वैक्सीन से संबंधित ई-विन और यू-विन ऑनलाइन ऐप के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी प्राप्त कराई । इस मौके पर डीपीएम कुलदीप भारद्वाज अपर शोध अधिकारी एस.पी सत्संगी सहित विश्व स्वास्थ्य संगठन के फील्ड मॉनिटर उपस्थित रहे
: समय से पहचान और इलाज से ठीक हो जाता है मलेरिया
Wed, Apr 24, 2024
पाँच वर्षों में 7.3 लाख लोगों की जांच में मिले 184 मलेरिया रोगी हुए स्वस्थ
एकत्रित हुए पानी की साफ सफाई और मच्छरों से बचाव के उपाय में सामुदायिक सहयोग जरूरी
आगरा, 24 अप्रैल 2024 । मलेरिया के लक्षण दिखने पर शीघ्र जांच और इलाज से यह पूरी तरह से ठीक हो जाता है । जिले में वर्ष 2019 से लेकर 23 अप्रैल 2024 तक की अवधि में करीब 7.3 लाख लोगों की मलेरिया की जांच करवायी गयी, जिनमें से 184 लोग मलेरिया की बीमारी से पीड़ित मिले। सभी का इलाज किया गया और सभी ठीक भी हो गये। शीघ्र हस्तक्षेप के कारण इस अवधि में इस बीमारी के कारण कोई मौत रिपोर्ट नहीं हुई । यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि घर के बाहर और भीतर एकत्रित हुए पानी की साफ सफाई और मच्छरों से बचाव के उपाय में विभागीय प्रयासों के साथ साथ सामुदायिक सहयोग आवश्यक है। इसे बढ़ाने के उद्देश्य से ही प्रति वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वर्ष के दिवस की थीम रखी है-‘‘अधिक न्यायोचित विश्व के लिए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में तेजी लाना ।’’
वेक्टर बोर्न डिजीज के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में भी मलेरिया का उन्मूलन करना है और इस कार्य के लिए समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर है । लोगों को ‘‘हर रविवार, मच्छर पर वार’’ के नारे को साकार करना होगा और इस दिन घर के आसपास एकत्रित पानी को साफ करना पड़ेगा। कूलर और अन्य पात्रों के पानी की भी साफ सफाई जरूरी है। इस बीमारी का मच्छर साफ पानी में एकत्रित होता है और सुबह शाम काटता है । बारिश का मौसम शुरू होने से पहले पानी के टैंक, गमले, पशु पक्षियों के पीने के पानी के पात्र, नारियल के खोल और बोतल जैसी सामग्री में पानी को इकट्ठा होने से रोकने के लिए उपाय करने हैं या फिर निष्प्रयोज्य सामग्री को नष्ट कर देना है ।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि संक्रमित मादा एनाफिलिज मच्छर के काटने से यह बीमारी होती है । मच्छर के काटने के तेरहवें से चौदहवें दिन में इसके लक्षण आते हैं। नियमित अंतराल पर तेज बुखार के साथ ठंड लगना, कमजोरी, पसीना होना, बार बार उल्टी होना, पेशाब में जलन, मूत्र का कम आना, लाल मूत्र आना और खाना खाने में असमर्थता इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। इसके रैपिड डॉयग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) की सुविधा आशा कार्यकर्ता से लेकर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक में उपलब्ध है । स्लाइड से जांच की व्यवस्था सभी सरकारी अस्पतालों में मौजूद है और इसकी सभी दवाएं भी वहां उपलब्ध है।
तीन दिन में ठीक हो जाता है जानलेवा मलेरिया
सहायक मलेरिया अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि मलेरिया के दो प्रकार प्लाजमोडियम वाईबैक्स (पीबी) और प्लाजमोडियम फैल्सीफोरम (पीएफ) प्रमुख तौर पर हमारे अंचल में पाए जाते हैं। पीएफ मलेरिया का समय से इलाज न करने पर जटिलताएं अधिक बढ़ सकती हैं और इसके कई मामलों में रक्तस्राव का भी होने लगता है। अगर इसकी समय से पहचान कर इलाज हो तो महज तीन दिन की दवा से ठीक हो जाता है । वर्ष 2024 में अभी तक मलेरिया का एक मरीज मिला है, वह भी उपचार के उपरांत पूरी तरह स्वस्थ है।
किट से पहचान होने पर बनती है स्लाइड
मलेरिया इंस्पेक्टर योगेश चौधरी ने बताया कि जब कोई आशा कार्यकर्ता किसी संभावित मरीज का किट से जांच करती है और उसमें मलेरिया की पुष्टि होती है तो लैब टेक्निशियन की मदद से स्लाइड जांच भी करायी जाती है। समय समय पर एलटी, सीएचओ और आशा का इस संबंध में संवेदीकरण भी किया जाता है ।
: मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई पंचायती राज विभाग आगरा मंडल की समीक्षा बैठक
Tue, Apr 23, 2024
आगरा. 23/04/2024. आज मंगलवार को मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी की अध्यक्षता में पंचायती राज विभाग आगरा मंडल की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। सर्वप्रथम पिछली मासिक मंडलीय समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन की आख्या प्रस्तुत की गई। ग्राम पंचायत सचिवालय की प्रवृत्ति की समीक्षा की गई। आगरा मंडल में कुल 2298 ग्राम पंचायत हैं, सभी में ग्रा.पं. सचिवालय संचालित व क्रियाशील है। जनपद आगरा और फिरोजाबाद के कुछ सचिवालय में रोस्टर का अंकन नहीं किया जा रहा है तथा शिकायत व निरीक्षक पंजिका मेंटेन नहीं की जा रही है। मंडलायुक्त ने चारों जनपदों में टीम लगाकर सभी ग्राम पंचायत सचिवालय में सभी व्यवस्थाओं का सत्यापन कराने एवं कमियों को दूर करते हुए शत प्रतिशत सुविधाओं को क्रियाशील बनाए जाने के निर्देश दिए। तीन माह से अधिक विलंबित मानदेय भुगतान वाले सभी पंचायत सहायकों को भुगतान करने को कहा गया।
आगरा मंडल के ग्राम पंचायतों में संचालित जनसेवा केंद्र की समीक्षा की गई। मंडल के चारों जनपदों में प्रति केंद्र पर कुल प्रदान की गई औसत सेवा की संख्या पर नाराज़गी व्यक्त की गयी। अब तक आगरा में प्रति केंद्र कुल 39, फिरोजाबाद में 31, मैनपुरी में 22 और मथुरा में 64 औसत सेवा की गई है। इस पर असंतोष जताते हुए मंडलायुक्त ने प्रति केंद्र पर कम से कम 100 की संख्या में प्रतिमाह सेवा प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया। लक्ष्य पूर्ण न करने पर जिम्मेदार को निष्काषित करने के निर्देश दिये। सामुदायिक शौचालय की प्रगति की समीक्षा की गई। जिन जनपदों में शौचालय बनने बाकी हैं, वहां टीम से दौरा कराकर जमीन उपलब्ध करवाने एवं शेष बचे सामुदायिक शौचायलयों को बनाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि पानी, विद्युत, सफाई इत्यादि से जुड़ी जो भी कमियां हैं उन्हें दूर कर सभी सामुदायिक शौचालयों को पूर्ण क्रियाशील बनाया जाए।
ओडीएफ प्लस घोषित राजस्व ग्राम की समीक्षा में मथुरा जनपद को छोड़कर बाकी जनपदों की स्थिति खराब पाई गई। वर्तमान वर्ष के अलावा पिछले वर्ष 2022-23 में लक्षित लगभग 404 राजस्व ग्राम को भी अभी तक ओडीएफ प्लस घोषित नहीं किया गया। लक्षित राजस्व ग्राम में बैठकर लगवा कर जून माह तक पूर्ण लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश दिये। इसके अलावा मॉडल ओडीएफ, व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, 15वें वित्त आयोग और पंचम वित्त आयोग में चारों जनपदों की रैंकिंग में लगातार गिरावट आने और खराब रैंकिंग पर कड़ी नाराजगी जताई गई। अंतिम चेतावनी देते हुए रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
मॉडल ग्राम पंचायतों में कायाकल्प के अंतर्गत सभी 19 पैरामीटर से संतृप्त किये जाने वाले लगभग 60 प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। निर्देश दिये गए कि सभी चिन्हित ग्राम पंचायत में सभी पैरामीटर्स से विद्यालयों को शत प्रतिशत संतृप्त किया जाए। प्रत्येक मॉडल ग्राम पंचायत की संपूर्ण जानकारी के साथ एक डिजिटल डायरी होनी चाहिए और इसका पूरा डाटा संबंधित वेबसाइट पर भी अपलोड होना चाहिए। इसके अलावा आगरा मंडल के सभी ब्लॉक में लगभग 215 और ग्राम पंचायतों को चिन्हित कर आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में जुलाई माह तक संतृप्त किए जाने के निर्देश दिये। विद्यालयों के अलावा गौशाला, आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी अस्पताल इत्यादि सरकारी भवनों का भी कायाकल्प करने को कहा गया। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से एक विशेष/उत्कृष्ट उत्पाद को तैयार कर उसकी बिक्री करवाने हेतु स्थान/स्टाल की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
राष्ट्रीय/राज्यीय राजमार्गों के किनारे सफाई अभियान, विशेष संचारी रोग रोकथाम अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त महोदया ने निर्देश दिए कि चारों जनपदों में अगले महीने तक पूरी टीम लगाकर सभी ग्राम पंचायत क्षेत्र की सफ़ाई की जाए। सभी मुख्य सड़कों और ब्लॉक कनेक्टिविटी सड़कों की एंड टू एंड सफ़ाई होनी चाहिए। कहीं भी कूड़े के ढेर नहीं दिखने चाहिए।