: राजा दशरथ धूमधाम से मिथिला नगरी ले जाएंगे श्रीराम की बारात
Fri, Aug 30, 2024
रामलीला कमेटी ने अग्रवन में किया राजा दशरथ स्वरूप बने संतोष शर्मा, रानी कौशल्या, राजा जनक प्रमोद वर्मा का स्वागत
आगरा। राजा दशरथ व रानी कौशल्या (संतोष शर्मा व ललिता शर्मा) अपने परिवार के साथ धूमधाम से मिथिला नगरी में श्रीराम सहित चारों भाईयों की बारात ले जाने की तैयारियों में जुट गए हैं। सैकड़ों बारातियों संग श्रीराम की बारात मिथिला नगरी पहुंचेगी। राम बारात व जनकपुरी महोत्सव के लिए चुने गए राजा दशरथ, रानी कौशल्या व राजा जनक का अभिनन्दन समारोह आज वॉटर वक्र्स स्थित अतिथि वन में रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित किया गया।
जहां राजा दशरथ (संतोष शर्मा) व राजा जनक (प्रमोद वर्मा) का स्वागत माला पगड़ी पहनाकर किया गया। राजा दशरथ संतोष शर्मा ने इस मौके पर कहा कि ईश्वर की कृपा के बिना कुछ सम्भव नहीं। यह मेरे व मेरे परिवार का सौभाग्य है कि उप्र की ऐतिहासिक व प्रसिद्ध राम बारात व जनकपुरी के लिए मुझे तीनों लोकों के स्वामी श्रीराम के पिता का स्वरूप बनने का मौका मिला है। मैं और मेरा परिवार इसे भक्तिभाव व उत्साह और उमंग के साथ निभाएंगे। उन्होनें बताया कि घर परिवार व रिश्तेदारों में अभी से घर में विवाह जैसा माहौल पैदा हो गया है। लोगों की बधाईयां मिल रहीं हैं। हर कोई बाराती बनकर वैदेही को ब्याहने श्रीराम की बारात में जाने के लिए उत्सुक है। कार्यक्रम में उनके पुत्र प्रखर शर्मा व पुत्री युक्ति शर्मा भी मौजूद थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने की। संचालन रामकिशन अग्रवाल ने किया।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल, गौतम सेठ, जनकपुरी आयोजन समिति के अध्यक्ष गौरव अग्रवाल, गौरव राजावत, संजय अग्रवाल, राहुल गौतम, भगवान दास बंसल आदि उपस्थित थे।
: जनकपुरी का हर घर सजाने को जिम्मेदारी निभाएंगी महिलाएं
Fri, Aug 30, 2024
मधु बघेल की अध्यक्षता में क्षेत्रीय महिलाओं की हुई बैठक
सीता जी के डोले का स्वागत और घर-घर सजाने की रणनीति पर हुई चर्चा
आगरा। वैदेही को ब्याहने के लिए श्रीराम मिथिलानगरी में आने वाले हैं। इसपर जनकपुरी को सजाने और संवारने की तैयारियां जोरों पर हैं। आज मधु बघेल व मेयर हेमलता दिवाकर की अध्यक्षता में क्षेत्रीय महिलाओं की बैठक हुई, जिसमें सीता जी के डोरे से लेकर सभी वैवाहित मंगल कार्यों को सम्पन्न कराने के लिए रणनीति बनाकर जिम्मेदारियां सौंपी गईं। रोशनी और पुष्पों से मिथिलानगर के घर-घर को सजाने की जिम्मेदारी महिलाओं को दी गई।
कोठी मीना बाजार के पास स्थित जनकपुरी महोत्सव कार्यालय में हर रोज की संध्या आरती के उपरान्त क्षेत्रीय महिलाओं की बैठक का आयोजन किया गया। मधु बघेल, मेयर हेमलता दिवाकर व राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित की मौजूदगी में जनकपुरी महोत्सव को भव्य व अलौकिक बनाने पर चर्चा हुई। कहा गया कि कोठी मीना बाजार से लोहामंडी चैराहे तक, दूसरी ओर नालबंद चैराहा, तीसरी और रूई की मंडी फाटक और चैथी ओर रामनगर की पुलिया तक हर घर फूलों और रोशनी से जगमगाएगा। क्षेत्रीय महिलाएं इसके लिए घर-घर जाकर चर्चा करेंगी। वहीं सीता जी के डोला निकलने वाले दिन विशेष तैयारियां होंगी, जिसमें जगह-जगह पुष्प वर्षा व आरती कर माता वैदेही का स्वागत किया जाएगा। विवाह की सभी रस्मों में महिलाएं श्रद्धाभाव व उत्साह उमंग के साथ भाग लेंगी। श्रीराम बारात का स्वागत भी इस बार कुछ अलग और विशेष होगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मधु बघेल, मेयर हेमलता दिवाकर, राज्य महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित, मंजू वर्मा, पलक अग्रवाल, आयुषी राजावत, पूजा खंडेलवाल, पूजा भोजवानी, सुनीता खंडेलवाल, स्वाती जादौन, प्रभा अग्रवाल, सुनीता शर्मा, रेनू गुप्ता, नेहा खंडेलवाल, वंदना सिंह, वर्षा रावत, अनीता गुप्ता, रेनू शर्मा, राधा, वर्षा, किरन आदि उपस्थित थीं।
: आगरा कैंट स्टेशन पर अवैध वेंडर बेच रहे पेठा, सांठगांठ से चल रहा कारोबार
Fri, Aug 30, 2024
आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर अवैध वैडरों की मनमानी से लाइसेंस धारी वेंडर बहुत परेशान है। शिकायत करने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस बारे में रेलवे और पुलिस को भी अनेक बार सूचित किया जा चुका है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
आगरा का पेठा और मथुरा का पेड़ा ब्रज की पहचान है लेकिन अवैध वेंडरों ने इसकी साख को बट्टा लगा दिया है। मिलावटी पेठा और पेड़ा सस्ते दामों पर बेचते हैं। इतना ही नही, ये वेंडर अनधिकृत रूप से खराब माल को चलती ट्रेन में बेचते हैं। इससे यात्री शिकायत तक नहीं कर पाते। लाइसेंस धारी वेंडरों का कहना है कि आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडर खुलेआम सस्ती दर् पर पेठा बेचते हैं। यह पेठा खराब क़्वालिटी का होता है। दूसरी और लाइसेंस धारी वेंडर रेलवे से लाइसेंस लेने के बाद भी अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
लाइसेंस धारी वेंडरों ने रेलवे और पुलिस के अधिकारियों से मांग की है कि स्टेशन पर अवैध रूप से सामान बेचने वालों पर अंकुश लगाया जाए, जिससे कि लाइसेंस धारी वेंडर अपना कार्य कर सकें।