: माथुर वैश्य महासभा जयंती समारोह 13 अक्टूबर को, 137वीं जयंती को स्मरणीय बनाने का प्रयास
Sun, Sep 22, 2024
माथुर वैश्य मंडलीय परिषद ने सभी शाखा सभा, युवा दल और महिला मंडल के सदस्यों के साथ की बैठक
आर्य समाज मंदिर फ्रीगंज से फुव्वारा चौक तक निकलेगी जयंती की भव्य शोभायात्रा
आगरा। माथुर वैश्य मंडलीय परिषद द्वारा माथुर वैश्य महासभा जयंती समारोह को लेकर सभी शाखा सभा युवा दल और महिला मंडल के सदस्यों के साथ बैठक आहूत की गई। वाटर वर्क्स स्थित अतिथि वन में रविवार को बैठक संपन्न हुई। शुभारंभ दीप प्रज्वलन और ईश वंदना के साथ हुआ। अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा के अंतरिम अध्यक्ष अवनीश कांत गुप्ता ने घोषणा की कि 137 वीं माथुर वैश्य जयंती शोभायात्रा 13 अक्टूबर को निकलेगी। माथुर वैश्य मंडलीय परिषद के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने बताया कि शोभायात्रा फ्रीगंज स्थित आर्य समाज मंदिर से फुव्वारा चौक तक भव्यता के साथ निकाली जाएगी। शोभायात्रा में दर्जनों झांकियां होंगी, जोकि सनातन धर्म के साथ माथुर वैश्य समाज का प्रतिनिधित्व करेंगी। साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा का प्रचार भी करेंगी।
माथुर वैश्य महासभा के महामंत्री मनोज गुप्ता ने कहा कि जयंती समारोह दो दिवसीय होगा। प्रथम दिन शोभायात्रा के बाद अगले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। सांस्कृतिक आयोजनों में विविध प्रतियोगिताएं भी रखी जाएंगी। मंडलीय परिषद के मंत्री अचल गुप्ता ने बताया कि शोभा यात्रा के नगर आयोजक नीरा गुप्ता और दिनेश गुप्ता को बनाया गया है। आने वाली समय में होने वाली बैठकों में अन्य जिम्मेदारियां समाज के प्रमुख लोगों को दी जायेंगी।
संरक्षक बाबू रोशन लाल ने बताया कि सन 2000 में आगरा में जयंती निकालने की शुरुआत हुई थी, इससे पूर्व अन्य शहरों में महासभा द्वारा माथुर वैश्य जयंती निकाली जाती थी। बैठक में निश्चित हुआ कि पूरा समाज एकजुट होकर जयंती समारोह में सहभागिता करेगा। समाज के हर वर्ग हर घर तक जयंती समारोह का आमंत्रण पहुंचेगा। दूर दराज के समाजसेवियों से संपर्क भी किया जाएगा इस अवसर पर माथुर वैश्य महासभा के कोषाध्यक्ष संजय गुप्ता, मंडलीय परिषद के कोषाध्यक्ष मुकेश गुप्ता, संरक्षक बाबू रोशन लाल, विनोद सर्राफ, मुकेश इलेक्ट्रिक, नेशनल चैंबर के अध्यक्ष अतुल गुप्ता, दिलीप गिदोलिया, राकेश कांट्रेक्टर, देवेंद्र दौनेरिया, रघुनाथ प्रसाद, कुलदीप गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता, नीरा दिनेश, मुकेश गुप्ता, अशोक, विमल, अनिल, अवधेश, शालिनी, पदमा, उपमा, निशा, कल्पना, लता, तृप्ति, मृदुला, मनोरमा आदि उपस्थित रहीं।
: हर समस्या का समाधान है श्रीरामचरित मानसः डॉ. पारीक
Sun, Sep 22, 2024
राजा दशरथ निवास पर हुआ वृद्धजन सम्मान समारोह
भजन संध्या में गूंजी श्रीहरि की भक्ति की स्वरलहरियां
कल होगा रामलला का जन्म
आगरा। हर समस्या का समाधान श्रीरामचरित मानस है। समाज में जो अशांति और कलह बढ़ रही है उसका कारण संस्कारहीनता है। भौतिकवादी परम्पराओं की चकाचैंध में युवा पीढ़ी आकर्षित हो रही है और भागदौड़ व व्यस्त जीवनशैली के दौर में उन्हें परिवार से अच्छे संस्कार नहीं मिल पा रहे। बच्चे दिग्भ्रमित हो रहे हैं। पद्मश्री डॉ. आरएस पारीक ने यह वक्तव्य राजा दशरथ स्वरूप संतोष शर्मा निवास पर वृद्धजन सम्मान समारोह में दिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ संतोष शर्मा व उनकी धर्मपत्नी ललिता शर्मा ने सियाराम के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संतोष शर्मा ने अपने परिवार संग सभी वृद्धजनों को स्वागत माला पहनाकर व श्रीकृष्ण की मूर्ति संग श्रीरामचरित मानस भेंट कर किया। संतोष शर्मा ने कहा कि दशरथ बनने का सौभाग्य मिला है उसके साथ समाज में कुछ सकारात्मक करने का प्रयास है, जिससे आज की युवा पीढ़ी संस्कारित हो। अपने बड़ों से सीख सके कि जीवन को सही तरह से जीने की शैली। डॉ. पारीक ने कहा कि श्रीरामचरित हर घर में सामूहिक रूप से श्रीरामचरित मानस का पाठ पढ़ना चाहिए। अधिक नहीं तो प्रतिदिन 5 चैपाईयां अवश्य पढ़ें। सम्मानित होने वाले वृद्धजनों में डॉ. आरएस पारीक-गीता पारीक, रामलीला कमेटी के विष्णु दयाल बंसल, मोहनलाल, माया कलसी, एसके एडवोकेट, डॉ. सुरेश चंद चतुर्वेदी-आशा चतुर्वेदी, पुष्पा श्रीवास्तव, भगवान दास बंसल, यूसी सेठ, मीता टंडन थे।
भजन संध्या में बिखरे श्रीहरि की भक्ति के रंग
मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, राम आएंगे…, हनुमत डटे रहना आंगन में, जब तक कथा राम की होए… जैसे भजनों से आज दशरथ महल गूंज रहा था। ढोलक की थाप और मंजीरों की झंकार पर कभी राधा रानी को कभी श्रीहरि की महिमा के स्वर बिखरे तो अयोध्या की सखियों के नृत्य ने अपने भक्तिभाव से माहौल को और भी आनन्दित कर दिया। रानी कौशल्या स्वरूप ललिता शर्मा खुशी से गदगद थीं। मानों उनका घर सच में अयोध्या धाम बन गया। विध्नविनाशक श्रीगमेश की वंदना से प्रारम्भ हुई भजन संध्या में महिलाओं ने उत्साह व उमंग के साथ भाग लिया और रानी कौशल्या संग खूब नृत्य भी किया। वत्सला प्रभाकर, शीला बहल, श्रुति सिन्हा, रजनी शर्मा, युक्ति शर्मा, ममता शर्मा, अनुराधा, स्नेहा गुप्ता, पूजा भार्गव, गरिमा जैन, सीमा सिंघल, मेधा अग्रवाल, अंजू अरोरा, मोनिका अग्रवाल, कनिष्का शर्मा शशि गुप्ता, अदिति कात्यान, विनीता जादौन, अनीता राघव आदि उपस्थित थीं।
: आगरा में पहली बार मंच माला से दूर सेवा महोत्सव के रूप में मना रहे हैं अग्रसेन जयंती
Sun, Sep 22, 2024
101 मरीजों की जगह 151 मरीजों का होगा मोतियाबिन्द का ऑपरेशन
लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित चिकित्सा शिर में 1232 लोगों ने लिया लाभ
आगरा। महाराजा अग्रसेन सेवा समिति व श्रीअग्रवाल संध ट्रस्ट अब 101 के स्थान पर 151 मोतियाबिन्द के निःशुल्क ऑपरेशन कराएगा। यह निर्णय शिविर में पहुंचे जरूतमंद मरीजों की अधिक संख्या के कारण लिया गया। लोहामंडी महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित निःशुल्क शिविर में कुल 1232 मरीजों में से 628 मरीज आंखों का परीक्षण कराने पहुंचे। इसके अलावा पेट, त्वचा, नाक, कान, गला, स्त्री रोग, हड्डी, बच्चों व बुजुर्गों में सीजनल बुखार, खांसी जुकाम की समस्याओं को लेकर मरीज अपना परीक्षण कराने पहुंचे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि उप्र लघु उद्योग निगम लि. के अध्यक्ष राकेश गर्ग, डीआईजी केशव चैधरी, एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता, महाराजा अग्रसेन सेवा समिति के अध्यक्ष मोहनलाल, महासचिव डॉ. वीडी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष घनश्याम दास अग्रवाल, सरजू बंसल, प्रोफेसर एससी अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने महाराजा अग्रसेन की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया। कहा कि इतने बड़े स्तर पर जरूतमंद मरीजों की सेवा और उसे व्यवस्थित करना सराहनीय कार्य है। शिविर सुबह 8 बजे से प्रारम्भ होना था, लेकिन मरीज निर्धारित समय से पहले प्रातः 6 बजे से ही शिविर में पहुंचना प्रारम्भ हो गए। परचों के लिए 6 काउंटर सहित दवा वितरण, परीक्षण के कुल 32 काउंटर बनाए गए थे। खास बात यह रही कि 20 छोटे बच्चों में डायबिटीज की पहचान हुई। जिससे समय रहते उपचार की दिशा में कदम बढ़ाए जा सके। हेपेटाइटिस की जाँच एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉ. अंकुर गोयल और डॉ. सपना गोयल की देखरेख में की गई। डॉ. श्वेता अग्रवाल, बरेली ने मोतियाबिंद ऑपरेशनों के लिए 11,000 रुपये का योगदान दिया, जबकि डॉ. मयंक महाजन, आई सर्जन ने 732 रजिस्ट्रेशन किए।
250 मरीजों के फाइब्रोस्केन में 60 मरीजों को निकली लिवर की समस्या
शिविर में पेट सम्बंधित समस्या लेकर लगभग 335 मरीज पहुंचे। जिसमें से 250 का फाइब्रोस्केन किया गया। 60 मरीजों को लिवर से सम्बंधिक परेशानी थी। 25 मरीजों को लिवर सिरोसिस और बाकी ग्रेड 1-3 तक की फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे थे। चैकाने वाली बात यह ती कि इन्हें अपनी बीमारी के विषयमें पता ही नहीं। डॉ. दीपक बंसल ने बताया कि समस्या का मुख्य कारण शराब व इसके अलावा डायबिटीज, मोटापा, हिपेटाइसिस ए, बी, सी भी है। पहले लिवर फैटी होता है फिर सिकुड़ने से लिवर सिलोटिक हो जाता है, जिसे लिवर सिरोसिस कहते हैं। शुरुआत में पता लग जाए तो समस्या को ठीक किया जा सकता है। सिरोसिस होने स्टेज 4 तक की रिकवरी हो सकता है। फाइब्रोस्केन वैल्यू 15 से अधिक होने पर लिवर का रिवर्सेबिल होना मुश्किल हो जाता है।
24 डॉक्टरों ने दी शिविर में सेवाएं
शिविर में 24 ड़क्टरों की अनुभवी टीम ने स्वास्थ्य सेवाएं दीं। डेंटल सर्जन डॉ. रचना अग्रवाल ने 170 रजिस्ट्रेशन और डॉ. निखिल पुरुसनानी ने 190 रजिस्ट्रेशन किए। फार्माटेक कंपनी ने निःशुल्क दवाइयाँ प्रदान कीं और कपूर ऑप्टिकल्स द्वारा निःशुल्क चश्मों का वितरण किया गया। इस आयोजन में डॉ. वीके अग्रवाल, डॉ. अजय महाजन, डॉ. रिधिमा महाजन, डॉ. आकृति गर्ग, डॉ. ध्रुव महाजन, डॉ तिरूपति नाथ शर्मा, डॉ कुशल सिंघ समेत अनेक प्रतिष्ठित चिकित्सकों की उपस्थिति रही।
अध्यक्ष मुकुल गर्ग, कार्यकारी अध्यक्ष अनुराग मित्तल, गौरव मित्तल, राजकिशोर गर्ग, आशीष गर्ग, नितिन जैन, राजीव अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, रजनी अग्रवाल, सिंपल अग्रवाल, दीपा गर्ग, रीना सिंघल पायल गर्ग, डिम्पल अग्रवाल, सुनील विकल, चितरमल, समर्पण ब्लड बैंक के ब्रज मोहन अग्रवाल आदि ने भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। समर्पण ब्लड बैंक के सहयोग से 60 यूनिट लोगों ने रक्तदान किया है।