: परशुराम जी का हुआ जनकपुरी में आगमन, सियाराम के विवाह का संतश्री विजय कौशल महाराज ने किया वर्णन
Wed, Dec 18, 2024
आगरा। आयोध्या से गाजे बाजे के साथ मिथिला आयी बारात में सजे धजे बाराती। भक्ति के उत्सव की ऐसी उमंग जिसे कोई उपमा देना असम्भव था। दूल्हा रूप में ब्रह्म स्वरूप श्रीराम और भक्ति स्वरूपा दुल्हन रूप में श्रंगारित सिया। आसन पर विराजमान गुरुजन, शरीरधारी बा्रह्मण रूप में उपस्थित चारों वेद। गुरु गांठ और वेद मंत्रों के पाठ के साथ हवन कुण्ड में अग्नि स्वतः प्रकट हो उठी। मिथिला के घर-घर में मंगल गीत गूंज रहे थे। ब्रह्म स्वरूप दूल्हा-दुल्हन को नजर न लगे इसके लिए राई और नमक उसारा जा रहा था। सिया रघुवर जी के संग पड़न लाहि भावरिया…जैसे गीतों पर हर भक्ति और प्रेम के रंग बिखरे थे।
मंगलमय परिवार द्वारा सीता धाम (कोठी मीना बाजार) में श्रीराम कथा में आज संत श्री विजय कौशल जी ने सियाराम के विवाह का वर्णन किया तो हर तरफ भक्ति का प्रेम बिखर गया। माण्डवी का भरत, उर्मिला का लक्ष्मण और श्रुतिकीर्ति का शत्रुघ्न के साथ विवाह सम्पन्न हुआ। वहीं सीता जी की विदाई के समय हर श्रद्धालु की आंखों से अश्रुधारा बहने लगी। मानों अपनी बेटी की विदाई की कथा सुन रहे हों। जानकी जी की विदाई पर समस्त मिथिला के साथ पशु पक्षी, पेड़ पौधे भी रोने लगे वहीं अयोध्या में मंगल शगुन होने लगे। संत श्रीविजय कौशल जी ने कहा कि नारायण के सभी दस अवतारों में दूल्हा सिर्फ श्रीराम ही बने। आरती के साथ कथा विश्राम के उपरान्त पर सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
मधु बघेल, रेखा अग्रवाल, पुष्पा अग्रवाल, बीडी अग्रवाल, लक्ष्मण प्रसाद गोयल, नितेश अग्रवाल, अनीता गोयल, संजय गुप्ता, अतुल गुप्ता, ब्रजमोहन अग्रवाल, अजय कंसल, डिम्पल अग्रवाल, वंदना गोयल, रितु अग्रवाल, पूजा भोजवानी, सुनीता अग्रवाल, सुनीता फतेहपुरिया, नीलू अग्रवाल, प्रतिभा जिन्दल आदि उपस्थित थीं।
राजनीति ने महापुरुषों को भी छोटा कर दिया
महापुरुष किसी समाज विशेष के नहीं बल्कि सम्पूर्ण समाज के होते हैं। परन्तु आज की राजनीतिक ने महापुरुषों को भी जातियों में बांट दिया है। न तो परशुराम ब्राह्मण थे और न ही श्रीराम क्षत्रिय। वह ब्रह्म थे। ब्रह्म की कोई जाति नहीं होती। जन्म तो किसी न किसी व्यवस्था में ही लेना होगा। देश का राजनैतिक वातावरण बहुत विषैला हो गया है। पूरी राजनीतिक जाति पर ही केन्द्रित हो गई है। राजनैतिक लोगों ने महापुरुषों को भी छोटा कर दिया है। परशुराम जी में ब्राह्मणवाद होता तो वह श्रीराम की स्तुति (जय रघुवंश बनजु वन भानु…) कर उनकी आराधना नहीं करते।
जो काम तलबार नहीं करती वह वाणी कर देती है
श्रीराम द्वारा शिवजी का धनुष तोड़ने के उपरान्त क्रोध में मिथिला पहुंचे परशुराम और लक्ष्मण के बीच हुए संवाद का वर्णन करते हुए संतश्री विजय कौशल महाराज ने कहा कि परशुराम का वाणी बहुत अशिष्ट थी। वाणी हमेशा श्रेष्ठ और मधुर होनी चाहिए। जो काम तलवार नहीं करती, वह वाणी कर देती है। जिनकी गोद में भक्ति महारानी बिटिया बनकर खेलने आयी, ब्रह्म बिना बुलाए जनकी जी के द्वार पर आए ऐसे सूर्य के प्रताप के समान ज्ञानी राजा जनक का भरी सभा में अपमान कर दिया। जीभ को रसना कहा गया है।
बच्चों को सुधारने के लिए पहले खुद अच्छी बातों का अनुसरण करें
सुखद परिवार का सूत्र देते हुए कहा कि बच्चों को सुधारने का प्रयास करने के बजाय खुद अच्छी बातों और वाणी का अनुसरण करें। बच्चे वही करते हैं जो बड़े करते हैं। कहा परिवार में मंत्रों से नहीं छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करने से शांति आती है। जब बच्चों का युग आ जाएं तो ज्यादा दखलअंदाजी बंद कर उनके साथ खड़े रहें। बच्चों की पीठ थपथपाएं, उत्साहित करें। आदेशात्मक नहीं सुझात्मक बात कहिए।
: रोटावायरस डायरिया से बचाव, स्वस्थ जीवन की ओर एक कदम
Wed, Dec 18, 2024
रोटावायरस से बचाव के लिए बच्चों को जरूर लगवाएं टीका
लक्षणों को पहचानकर तुरंत शुरू कर दें उपचार
आगरा। सर्दी की ठंडक के बीच, एक और खतरा हमारे बच्चों को घेर लेता है। रोटावायरस डायरिया, यह वायरस मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है, लेकिन वयस्कों को भी हो सकता है। नवंबर से फरवरी तक रोटावायरस डायरिया का अधिक प्रकोप रहता है अगर रोटावायरस डायरिया के लक्षण जैसे दस्त (पानी जैसे), उल्टी, बुखार, पेट दर्द, डिहाइड्रेशन ( अत्यधिक प्यास, निढाल हो जाना या बेहोश हो जाना, कमजोरी निर्जलीकरण के प्रमुख लक्षण है), थकान, भूख न लगना, पेट में क्रैम्प्स हैं तो सतर्क हो जाए और और अपने नजदीकी स्वास्थ्य इकाई पर संपर्क कर चिकित्सीय सलाह अवश्य लें। साथ ही तुरंत उपचार शुरू कर दें।
टीका जरूर लगवाएं
मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने नगर वासियों से अपील करते हुए कहा है बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का समय से टीकाकरण कराना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे उन्हें 11 जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकता है। जिसमें से रोटावायरस भी है। रोटावायरस टीकाकरण के लिए रोटावायरस टीके की पहली खुराक 6-8 सप्ताह के बच्चे को दी जाता है। उसके बाद एक-एक माह के अंतर पर दो या 3 खुराकें दी जाती हैं। टीका 85-98% प्रभावी होता है। यह टीका एक साल से कम के बच्चे को ही दिया जा सकता है इसलिए बच्चों को नियमित टीकाकरण के तहत समय से टीका अवश्य लगवाएं। यदि आपको या आपके बच्चे को रोटावायरस डायरिया के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि रोटावायरस डायरिया होने का मुख्य कारण रोटावायरस हैं। यह एक प्रकार का वायरल संक्रमण हैं, रोटावायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से, जैसे कि हाथों, डायपर, खिलौने, चेंजिंग टेबल, या दरवाज़े के हैंडल छूने से, खराब स्वच्छता के कारण, जैसे कि हाथों को साबुन से न धोना , दूषित पानी और भोजन आदि से फैलता है। रोटावायरस डायरिया से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और रोटावायरस टीकाकरण अवश्य कराए ।
जिला महिला चिकित्सालय (लेडी लॉयल) की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. खुशबू केसरवानी बताती हैं कि रोटावायरस डायरिया एक संक्रामक बीमारी है जो रोटावायरस नामक वायरस के कारण होती है। यह बीमारी मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करती है और छोटे बच्चों में इनफेक्शियस डायरिया का प्रमुख कारण है। रोटावायरस डायरिया 6 महीने से 5 वर्ष तक के बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले वयस्कों को भी हो सकता है। नवंबर से फरवरी तक रोटावायरस डायरिया के मामले अधिक होने के कारणों में मौसम संबंधी कारण, स्वच्छता संबंधी कारण, सामाजिक कारण और स्वास्थ्य संबंधी कारण शामिल हैं। इसके लक्षणों में दस्त, उल्टी, बुखार, पेट दर्द और डिहाइड्रेशन शामिल हैं। इस वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए टीकाकरण, स्वच्छता और सावधानी बरतना आवश्यक है।
रोटावायरस डायरिया के लक्षण:
दस्त (पानी जैसे)
उल्टी
बुखार
पेट दर्द
डिहाइड्रेशन (अत्यधिक प्यास, निढाल हो जाना या बेहोश हो जाना, कमजोरी निर्जलीकरण के प्रमुख लक्षण है)
थकान
भूख न लगना
पेट में क्रैम्प्स
रोटावायरस डायरिया का बचाव:
रोटावायरस टीकाकरण
स्वच्छ पानी पीना
हाथों की स्वच्छता बनाए रखना
संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाना
नियमित स्वास्थ्य जांच
रोटावायरस डायरिया का इलाज:
तरल पदार्थों का सेवन (ओआरएस)
आराम
डिहाइड्रेशन का इलाज
अगर मरीज को गंभीर निर्जलीकरण हो गया हो तो अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है
रोटावायरस टीकाकरण:
रोटावायरस टीके की पहली खुराक 6-8 सप्ताह के बच्चे को दी जाती है।
उसके बाद एक-एक माह के अंतर पर दो या 3 खुराकें दी जाती हैं।
टीका 85-98% प्रभावी होता है।
यह टीका 1 साल से कम के बच्चे को ही दिया जा सकता है
: दलितों की नगरी में बड़ा बदलाव, हाथी का दामन छोड़ केतली थामी
Mon, Dec 16, 2024
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सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अन्य दलों को छोड़ आजाद समाज पार्टी की ली सदस्यता
आगरा। उत्तर प्रदेश के राजनीति में दलितों की राजधानी कहे जाने वाले आगरा के कद्दावर बसपाइयों ने मान्यवर कांशीराम एवं बाबा साहब की नीतियों से भटक चुकी पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती की पार्टी बसपा छोड़कर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का दामन थाम लिया है।
आज आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) आगरा के तत्त्वावधान में नगीना सांसद एड० चन्द्रशेखर आजाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष की रीति व नीति से प्रभावित होकर बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी व अन्य राजनैतिक दलों को छोड़कर सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ के नेतृत्व में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण की।
इस मौके पर इं० शशांक बौद्ध जिलाध्यक्ष, विक्की आजाद ( मण्डल अध्यक्ष ), सविता सिंह प्रदेश सचिव, श्याम प्रकाश बोधी प्रदेश संगठन मंत्री, रामगोपाल प्रदेश संगठन मंत्री, मुकेश जाटव प्रदेश सचिव, अनिल कर्दम प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, रामपाल नेताजी मण्डल उपाध्यक्ष, राजू अंसारी, आकाश त्रिवेदी, अर्जुन दिवाकर, तोती आजाद एवं सतीश संगम, एड० योगेश गौतम, सोनू निगम एवं रंजीत सोनी आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
सदस्यता लेने वाले संतोष आनन्द (पूर्व जिलाध्यक्ष बसपा), सौरभ दयाल, विरेन्द्र कुमार वीरू, लाखन सिंह चक, डॉ० मनोज राजपूत, एड० शानू मोहम्मद, डॉ० रविन्द्र बघेल, लक्ष्मी नारायन, देवी सिंह जाटव, महाराज सिंह वर्मा, मोहम्मद जाहिद, डॉ० रिंकू, सफीक भाई, आकाश दिवाकर, भगवान दास सागर, विनोद कुमार डेनी, जितेन्द्र मणिक, बलवीर जाटव, मुकेश हितकारी, मोहन बघेल, जगमोहन जाटव, लल्लाबाबू, रामरूप बघेल एवं बन्टी बघेल, एडवोकेट सानू मोहम्मद, संजय कुशवाहा, प्रहलाद सिंह बघेल, सलीम खान, नेत्रपाल सविता, ओमेंद्र पाल दिवाकर, जगमोहन, रिंकू कुमार, सोनू बघेल, ज़र जोधन सिंह बघेल आदि सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ली।