: जीवन के वास्तविक ख़ज़ाने की कराएगी पहचान “ख़ज़ाना ए मिस्ट्री” वेबसीरीज
Tue, Jan 14, 2025
दाऊजी फिल्म्स एण्ड एंटरटेनमेंट एवम् ओड इवन फिल्म्स की वेबसीरीज की हुयी लॉन्चिंग एवं स्क्रीनिंग
जिसने देखा वो कह उठा, जीवन संदेश का खजाना छुपा है खजाना ए मिस्ट्री में
आगरा के कलाकारों का दमदार अभिनय, फिल्म के निर्देशक अंकित सारस्वत आगरा के निवासी
आगरा। ख़ज़ाना, नाम सुनते ही मन में उम्मीद जागती है बहुत सारे पैसे की, आभूषणों की। यदि जीवन में एक बार खजाने का नाम भर सुन लें तो जीवन को दांव पर लगाकर भी खजाने की खाेज में जुट जाते हैं लेकिन जीवन का वास्तविक खजाना हमारे कितने निकट है ये जान ही नहीं पाते। जीवन के उसी खजाने को तलाशने की कहानी है ख़ज़ाना ए मिस्ट्री वेबसीरीज। मंगलवार को संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में दाऊजी फिल्म्स एण्ड एंटरटेनमेंट एवं ओड इवन फिल्म्स की वेबसीरीज की लॉन्चिंग एवं स्क्रीनिंग हुई। मुख्य अतिथि पीएल शर्मा ने दीप प्रज्जवलन कर वेबसीरीज की लॉन्चिंग की।
वेब सीरीज की कहानी रोमांच, रहस्य और एक्शन के साथ ही कॉमेडी का रंग लिये हुए है। साथ ही जीवन के वास्तविक खजाने यानी संस्कार और संस्कृति का संदेश भी फिल्म में बहुत ही रोचकता और गुदगुदाते अंदाज़ में दर्शाया गया है। ख़ज़ाना ए मिस्ट्री को अंकित सारस्वत ने निर्देशित किया है। लेखन हर्ष श्रीवास्तव का है। अंकित और हर्ष दोनों आगरा निवासी हैं और मुंबई एवं दुबई में कार्य करते हैं।
निर्देशक अंकित सारस्वत ने बताया कि वेबसीरीज की कहानी दादा जी के खजाने की खोज से शुरु होती है। जिसे पाने के लिए परिजन जमीन आसमान एक कर देते हैं लेकिन पैसे और आभूषणों के खजाने की खोज एक रोमांचक मोड़ पर आकर समाप्त होती है। जीवन में संस्कारों के मूल्यों की महत्वता को वेबसीरीज में दिखाया गया है। उन्होंने बताया कि वेबसीरीज की पूरी शूटिंग आगरा में ही हुयी और इसके सभी कलाकार भी आगरा के ही हैं ,वेब सीरीज़ का पोस्ट प्रोडक्शन का काम मुंबई और (काठमांडू) नेपाल के प्रोफेशनल्स ने किया है। फ़िल्म को अनिल जैन, जीतेश आसीवाल, तन्वी सोलंकी, रंजीत गुप्ता, अंकुर सारस्वत, चंद्र शेखर शर्मा, सुधीर शर्मा, रोहित दंडेातिया, अक्षांश शर्मा ने अभिनय से सजाया है। डीओपी आदित्य पटेल, एडिटर मदन घिमिरे हैं।
लेखक हर्ष श्रीवास्तव ने बताया कि वेबसीरीज यूट्यूब पर उपलब्ध है और अब तक 1 लाख से अधिक व्यूज़ इसके ट्रेलर को मिल चुके हैं। और साथ ही इन्ही की एक और फ़िल्म “498” भी रिलीज़ हुई जिसके डीओपी तुषार खन्ना हैं व डायरेक्टर शिव तिवारी हैं, अभिनय किया है शुभम सिंह, राहुल अचलेश गुप्ता, सोनिया सोलंकी, सोमा जैन, डीएस रघुवंशी, बृजेश यादव ने।
वेबसीरीज की स्क्रीनिंग के अवसर पर डॉ रुचि चतुर्वेदी, एड कुलदीप शर्मा, इंजी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, शशांक पालीवाल, ममता शर्मा, अनीता पुजारी, अनिल जैन, सूरज तिवारी, उमाशंकर, स्वाति श्रीवास्तव, पीयूष श्रीवास्तव, राकेश निर्मल आदि उपस्थित रहे।
: मकर संक्रांति की शुभकामनाओं के साथ किया खिचड़ी वितरण
Tue, Jan 14, 2025
आगरा। अग्रवाल संगठन रामबाग द्वारा मकर संक्रांति पर्व के उपलक्ष्य में नुनिहाई स्थित शिवशक्ति वाटिका में खिचड़ी वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संगठन की अध्यक्ष निशा सिंघल ने सभी अतिथियों को मकर संक्रांति पर्व का महत्व बताते हुए शुभकामनाएं दीं। कहा सामाजिक एकता का संदेश देता है खिचड़ी पर्व।
कार्यक्रम का शुभारम्भ भाजपा महानगर उपाध्यक्ष नीरज गुप्ता, मुख्य संरक्षक विनोद अग्रवाल, भगवती प्रसाद मित्तल ने महाराजा अग्रसेन जी की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके परान्त सबी श्रद्धालुओं व राहगीरों को खिचड़ी वितरण किया गया। अतिथियों ने कहा कि शुभफलदायक है मकर संक्रांति का पर्व। बच्चों से लेकर संगठन के सभी सदस्यों की सहभागिता रही है। युवाओं का इस पर्व से जुड़ना और सहयोग करना युवा पीढी में सनातन संस्कृति के प्रति नई दिशा प्रदान करेगी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से संयोजक राजेश अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, रवि अग्रवाल, सीताराम ग्रवाल, नीरज अग्रवाल, नरेन्द्र, विनय ग्रवाल, सोनू ग्रवाल, मोनू अग्रवाल, साहिल सिंघल आदि उपस्थित थे।
: सत्कर्म के रास्ते में आऐंगे विघ्न, घबराएं नहीं आगे बढ़ते जाएं
Tue, Jan 14, 2025
आगरा। कमला नगर स्थित होटल सेलीब्रेशन में श्रीधाम वृंदावन से पधारे पूज्य डॉ. संजय कृष्ण ‘सलिल’ जी महाराज जी ने श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस के प्रवचन में कहा कि हमारे सभी ग्रंथ पुराण एवं वेद यही बताते हैं कि हम सभी को उपासना करनी चाहिए। हमारे जो इष्ट हैं उनकी हम उपासना पूजा पाठ ध्यान करते हैं। यह सभी साधन उनके अंग हैं। उपासना का सीधा अर्थ है आगे बढ़ना हर परिस्थिति में आगे बढ़ना।
वासना से उपासना की ओर आगे जाना। आगे महाराज जी ने बताया जब साधक सत्कर्म की ओर अग्रसर होता है तो अनेक विघ्न आते हैं जो हमें विचलित करते हैं ऐसे समय में हमारे प्रभु हमारी सहायता के लिए संत गुरु के रूप में आकर हमें स्थिति से जूझने का मार्ग दिखाते हैं और हमें धकेल कर ठाकुर के चरणों तक पहुंचा देते हैं।
दक्ष यज्ञ विध्वंस की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जब राजा दक्ष प्रजापति ने यज्ञ का आयोजन किया तो उन्होंने भगवान शिव को छोड़ सभी को आमंत्रित किया तब देवी सती ने हठ किया कि पिता ने यज्ञ में नही बुलाया तो क्या हुआ वो अपने पिता के घर बिना बुलाए जा सकती हैं। तब शिवजी ने कहा कि बिना बुलाए कहीं नहीं जाना चाहिए लेकिन देवी सती हठ कर अपने पिता के घर चली जाती हैं। जहाँ दक्ष द्वारा शिवजी का अपमान किया जाता है पति का अपमान सहन न होने पर देवी सती यज्ञ कुण्ड में कूदकर अपना शरीर त्याग देती हैं। जब यह बात महादेव जी को पता चलती है तो वो अपने गणों के साथ जाकर यज्ञ का विध्वंश कर देते हैं। आगे की कथा में महाभारत के भीष्म कथा का मार्मिक वर्णन कर भक्तों को भाव विभोर कर अश्रुधारा से ओत-प्रोत कर दिया।
कथा में मुख्य रूप से सुरेश चंद अग्रवाल, अनिल मित्तल, अरुण मित्तल,नीतू बंसल, ऋषिक मांगलिक आदि उपस्थित थे।