Tue 23 Jun 2026
Breaking News Exclusive
ऑटिज्म ग्रसित बच्चों के लिए योग है वरदान, दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान ‘कफन’ फिल्म ने दिया मानवता, एकता और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश कमला नगर में वरिष्ठ नागरिकों को मिली बड़ी सौगात, बहुद्देश्यीय हॉल और ई-लाइब्रेरी का हुआ शिलान्यास ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी नहीं थमा योग का उत्साह, प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर रिकॉर्ड सहभागिता भारत विकास परिषद् नवज्योति शाखा ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित किया विशाल योग शिविर डॉ. हेडगेवार महानाट्य में जीवंत हुआ संघ स्थापना का इतिहास, राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रहा सूरसदन क्षत्रिय समाज की एकता का संकल्प, राजपुर चुंगी शाखा के पदाधिकारियों ने ली शपथ पिता के समर्पण को मिला सम्मान: बेस्ट फादर अवार्ड-2026 में आठ प्रेरणादायी पिताओं का अभिनंदन खाटू श्यामजी ग्लोबल सोसाइटी के रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर में 62 यूनिट रक्तदान जूता मार्केट में एनओसी की अंतिम तिथि बढ़कर 10 जुलाई, दलालों से सावधान रहने की अपील

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: पोएट्री लिखने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती, सही मार्गदर्शन मिले तो लिखना सीखा जा सकता है

Pragya News 24

Sun, May 12, 2024
Post views : 27

आज शिरोस हैंगआउट कैफ में अमृता विध्या-एजुकेशन फॉर ईम्मोर्टलिटी और छांव फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित ‘‘इंग्लिश पोइट्रि अड्डा’’ का दूसरा सत्र सम्पन्न हुआ। पूर्व निर्धारित दिन, महीने के हर दूसरे शनिवार को आयोजित कार्यक्रम, का पहला सेशन 13 अप्रैल 2024 को ‘‘खंडेलवाल पोएटिक प्रोसैस’’ किताब के लॉंच से शुरू हुआ था। यह शुभारंभ डॉ एस पी सिंह, प्रिन्सिपल सैंट जॉन्स कॉलेज, जो प्रिन्सिपल बनने से पहले इंग्लिश के प्रोफेसर हैं। इंग्लिश पोएट्री अड्डा का संचालन राजीव खंडेलवाल के निर्देशन में किया जा रहा है।

सत्र की शुरुआत राजीव खंडेलवाल ने ‘इंट्रोड्यूसिंग पोएट्री फॉर बिगनर्स’ का पीपीटी प्रेजेंटेशन से किया। उन्होंने बताया के पोएट्री को ग्रीक में पोयाओ कहते हैं, इसका मतलब आई क्रिएट होता है। आप क्या क्रिएट करते हैं? आप पोइट्रि में पढ़ने वाले या सुनने वाले को शब्दों का समूह, जिसमें कल्पना (विचार), भावना (भाव) और कहानी प्रस्तुत करते हैं। उन्होनें कहा कि, बिगनर्स के मन में विचार आ सकता है, कि पोइट्रि लिखने से क्या होगा? समझते हुए उन्होंने कहा के अगर आप पोएट्री लिखने में प्रेरित होंगे तो आप की पर्सनालिटी में चार चीजों में सुधार आयेगा - 1. श्रवण करना 2. बोलना 3. पठन 4. लेखन। यह अच्छी पोएट्री लिखने के मूल जरूरत हैं।

इंग्लिश पोएट्री अड्डा में सहभागिता और प्रतिभागियों की भागीदारी उत्साहवर्धक थी । कुछ के पास कल्पना द्वारा लिखी कविता थीं , कुछ लिखना चाहते थे , उनको उत्सवर्धन और मार्गदर्शन की जरूरत थी । राजीव खंडेलवाल जो की इंजीनियर हैं, ने अपना उदाहरण देते हुए कहा के उन्होने कविता लिखना स्टेप बाइ स्टेप सीखा है। शुरुआत अल्फाबेट पोयम से करनी चाहिए - पहले A लें और A से शुरू कर कुछ लिखें , फिर B लें वर्णमाला के कुछ अल्फाबेट या अंत तक एक कविता का रूप ले लेगी। वो कथनात्मक या मुक्त छंद हो कर भी एक कविता का आकार ले लेगी।लिखी कविता में सुधार शब्दों के चयन और लिखने वाले की कल्पना से किया जा सकता है। नियमित अभ्यास से कविता लिखने में सुधार आयेगा।

कविता लिखने के अगले अभ्यास में अक्षरबद्ध कविता (Acrostic Poem) जैसे माँ (MOM) , पिता (DAD/Father), दोस्त का नाम आदि। उदाहरण के लिए MOM(माँ) के M से शुरू कर दूसरी लाईन O से शुरू करें फिर अंत में M से। यह कविता लिखना शुरू करने वाले के लिए अपने करीब और प्रिये के लिए व्यक्तिगत गिफ्ट होगा । राजीव खंडेलवाल को भरोसा है के इस तरहा के लेखन अनुभव, शुरुआती कविता लिखने वाले की कल्पना और विचारों को सुव्यवस्थित करेगा। इस के लिए उनके पास अभ्यास करने की पद्धति है, जो शब्दों के चयन करने और आगे लिखने में मदद करेगी ।

अनिल शर्मा - सेक्रेटरी अमृता विद्या - एजुकेशन फॉर इम्मोर्टालिटी का कहना है कि अभी तक दोनों सेशन बहुत उत्साहवर्धक रहे हैं। ऑफ लाइन सत्र के साथ ऑनलाइन सत्र आयोजित करने की मांग भी आयी है। हम संभावनाओं पर गौर कर रहे हैं और जल्दी ही शुरू करेंगे। हम ऑनलाइन सत्र के लिए फीस रखेंगे, जो छांव फाउंडेशन को देय होगी, हमारा मकसद एसिड अटैक पीडिताओं के विकास कार्य में सपोर्ट करना है ।

आशीष शुक्ला, डायरेक्टर छांव फाउंडेशन ने कहा कि कविता लिखना और पढ़ना सुकून के साथ विचार प्रक्रिया को व्यविस्थित करता है। हम देश के कई हिस्सों में एसिड अटैक पीडिताओं से मिल रहे हैं, उनको उनके घर से बाहर लाना चुनोतीपूर्ण है। पीडिताओं के बहुत से सपने थे, हम पूर्व रूप में लाने के लिए प्रयासरत हैं। पोएट्री सेशन, हमारी मैनेजमेंट टीम के लिए अनुभव से परे सोचने में मदद करेगा। हम चाहेंगे के इंग्लिश पोएट्री अड्डा का विस्तार देश और विदेश में हो।

प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और सीख को साझा करते हुए बताया
सैंट पीटर्स कॉलेज के छात्र आहिल ने कहा के वो दूसरी बार आये हैं, उनको पढ़ने का शौक है, राजीव खंडेलवाल द्वारा स्टेप बाइ स्टेप एक्ससरसाइज करवा कर बहुत ही सरल तरीके से बता कर इंग्लिश पोइट्रि लिखने के लिए प्रेरित किया है। पहला सेशन में आने पर वो उत्साहित हुए और दूसरे को एट्ट्ण्ड करने के लिए बेसबरी से इंतजार कर रहे थे।
पोएट्री लिखने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती, इस बात को साबित किया डॉ महेश शर्मा, डॉ वेद त्रिपाठी ने, पहली बार पोएट्री लिखने का प्रयास किया और माना के अगर कोई गाइड करे तो सीखा जा सकता है। युवा सहभागी अचिंत्य शर्मा, आशीष प्रसाद, प्रतीक राठौर, क्षैतिज सिंह और अंचित चैहान ने भी पहली बार कविता लिखने का प्रयास कर अपने आप को आनंदित महसूस किया। सब को प्रयासरत देख एसिड अटैक पीड़िताओं ने भी प्रयास किया।
आज के कार्यक्रम में असलम सलीमी, मधु भारद्वाज, सीमा खंडेलवाल, दीपक प्रहलाद अग्रवाल, रीता भट्टाचार्य, अनिल शुक्ला, नवाबुद्दीन, योगेश कौशल आदि उपस्थित रहे।
संचालन अनिल शर्मा ने किया और सारा अरेंजमेंट एसिड अटैक पीड़िताओं ने किया।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन