Mon 26 Oct 2026
Breaking News Exclusive
गोवर्धन में सजेगा गिरिराज जी का दिव्य छप्पन भोग दरबार, तैयारियां तेज शरद पूर्णिमा पर भक्ति की बयार, पीताम्बरा महायज्ञ की सफलता के लिए गूंजे जयकारे डांडिया की धुन पर थिरके कदम, मारुति फॉरेस्ट में छाया दीपावली उत्सव का उल्लास शरद पूर्णिमा पर श्री प्रेमनिधि मंदिर में सजा महारास का अलौकिक दरबार शरद पूर्णिमा पर रजत अलंकरण और श्वेत पुष्पों से सजे खाटू श्याम बाबा, दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु शतरंज-कैरम में दिमागी कौशल का प्रदर्शन, दौड़ में दिखाया दम; रचनात्मक प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बिखेरे रंग श्री कृष्ण लीला महोत्सव समिति ने पार्वती घाट पर किया यमुना मैया का पूजन, चुनरी अर्पित कर की निर्मल धारा की कामना रमन वाटिका में आज सजेगी डांडिया की महफिल, ‘रास-ए-नवरात्रि नाइट्स’ में झूमेंगे शहरवासी चूड़ियों की खनक और डांडिया की थाप पर झूमीं महिलाएं, करवा चौथ उत्सव में बिखरी सोलह शृंगार की छटा ‘हेलो-हाय छोड़ो, भक्ति से नाता जोड़ो’ का संदेश देकर छाए छह वर्षीय बाल संत भक्त भागवत

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: विश्व सुलेखन दिवस पर साधना कला केंद्र में सिखाई गयी कैलिग्राफी

Pragya News 24

Fri, Aug 16, 2024
Post views : 54

Agra. विश्व सुलेखन दिवस हर साल 14 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है, सुलेख और कैलीग्राफी को प्रोत्साहन देना। आज इसकी झलक सदर स्थित साधना कला केंद्र में देखने को मिली। साधना कला केंद्र में बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावक भी कैलीग्राफी सिखाते हुए नजर आए। साधना कला केंद्र में सभी लोगों ने मिलकर आज विश्व सुलेखन दिवस यानी वर्ल्ड कैलीग्राफी डे को मनाया।

कैलीग्राफी सीख रही एक पेरेंट्स की मां ने बताया कि हम सबको याद है कि जब स्कूल में पढ़ते थे तो टीचर हमारी लिखाई को बेहतरीन बनाने पर जोर देते थे। कहते है लिखाई से व्यक्ति का व्यक्तित्व झलकता है। सुलेख और श्रुतलेख का तब खास महत्व था। सुलेख यानि जो दिया है उसे सुंदर अक्षरों में लिखना, और श्रुतलेख का अर्थ है जो टीचर बोल रहे है, उसे अच्छे अक्षरों में लिखना। हम सब की लिखाई को इसी तरह गढ़ा गया।
पर आज तो हाथ के पंजे में समा जाते छोटे से मोबाइल में टाइप की भी जरूरत नहीं रही, बोलते जाओ छपता जायेगा। इसीलिए शायद विश्व सुलेखन दिवस मनाना जरुरी है। इसके माध्यम से बच्चों को बेहतरीन तरीके से लिखने के तरीके पर जोर दिया जाता है।

साधना कला केंद्र में मौजूद एक छात्रा ने बताया कि आज कैलीग्राफी पूरी तरह एक आर्ट है और इसको सीखने में हर व्यक्ति रुचि भी दिख रहा है। वहीं कैलीग्राफी सीख रही रूपाली ने बताया कि कैलीग्राफी दो तरह की है एक मॉडर्न और एक असिएंट। पुराने समय में हमारे जितने भी ग्रंथ और वेद लिखे गए वह भी कैलीग्राफी आर्ट का ही नतीजा है आप जितने अच्छे से कैलीग्राफी करेंगे उतना ही आपका लेखन सुंदर बनेगा। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि हर कुछ कंप्यूटर पर ही टाइप नहीं होता बल्कि जब हम उसे लिखते हैं तभी वह प्रकाशित होता है। इसीलिए लेखन जरूरी है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन