भक्ति, प्रेम और आत्मसमर्पण का महासागर : महारास लीला में उमड़ा श्रद्धा का सागर, महारास लीला का अलौकिक, भावविभोर कर देने वाला मंचन
Pragya News 24
Mon, Feb 23, 2026
आगरा। श्री श्यामा श्याम भागवत आयोजन समिति द्वारा आयोजित श्री कृष्ण लीला रासोत्सव के चतुर्दश दिवस पर सोमवार को नवीन गल्ला मंडी परिसर भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा। भव्य पंडाल में सजी महारास लीला के दिव्य मंचन ने श्रद्धालुओं को ब्रज की अलौकिक रसमयता का साक्षात अनुभव करा दिया। पूरा वातावरण “राधे-राधे” और “श्याम प्यारे की जय” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मेयर हेमलता दिवाकर द्वारा ठाकुर जी एवं स्वरूपों की विधिवत आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष हरी चंद्र गर्ग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र गोयल, राजीव गुप्ता, देवेश शाह, जिग्नेश शाह, मंच व्यवस्थापक अनीश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
महारास लीला के मंचन में दर्शाया गया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन की पावन भूमि पर अपनी वंशी की मधुर तान छेड़ी, तो गोपियां सब कुछ त्यागकर उनके चरणों में पहुंच गईं। यह प्रसंग आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है, जहां भक्त पूर्ण समर्पण भाव से प्रभु की भक्ति में लीन हो जाता है। मंच पर वृंदावन की कुंज गलियों, यमुना तट और चंद्रमा की शीतल आभा का सजीव चित्रण प्रकाश एवं ध्वनि संयोजन के माध्यम से किया गया, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कलाकारों द्वारा राधा-कृष्ण और गोपियों की भावपूर्ण प्रस्तुति, मधुर पदावली एवं रास नृत्य ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही महारास का दिव्य दृश्य मंचित हुआ, श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर झूम उठे। पूरा पंडाल तालियों और जयघोष से गूंज उठा। भक्तों में ठंडाई का वितरण किया गया।
श्री रास बिहारी कृपा सेवा ट्रस्ट वृंदावन के स्वामी लक्ष्मण महाराज एवं प्रदीप कृष्ण ठाकुर ने कहा कि महारास लीला हमें निष्काम प्रेम, पूर्ण समर्पण और ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा का संदेश देती है। जब मनुष्य अहंकार और मोह का त्याग कर सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करता है, तभी उसे दिव्य आनंद की अनुभूति होती है।
मंच व्यवस्थापक अनीश अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को श्याम सगाई लीला प्रसंग मंचन होगा।
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