: आगरा के विज दंपति ने स्पेन में चल रही 5वीं वर्ल्ड रिमफायर चैंपियनशिप में बजाया भारत का डंका
Sun, Sep 15, 2024
स्पेन वेलेनसिया में वर्ल्ड बेंचरेस्ट शूटिंग फेडरेशन ने आयोजित की है चैंपियनशिप
दुनिया के विभिन्न देशाें से 93 प्रतिभागियों ने लिया है चैंपियनशिप में भाग
.22 बेंचरेस्ट शूटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं हिना और रजत विज
आगरा। सारी दुनिया में क्रॉसबो खेल में भारत को विश्व विजेता बनाने के बाद आगरा के विज दंपति स्पेन में चल रही 5वीं वर्ल्ड रिमफायर चैंपियनशिप में अपनी निशानेबाजी का लोहा मनवा रहे हैं।
स्पेन के वेलेनसिया में वर्ल्ड बेंचरेस्ट शूटिंग फेडरेशन द्वारा वर्ल्ड रिमफायर चैंपियनशिप का आयोजन किया गया है। चैंपियनशिप में दुनिया भर के विभिन्न देशाें से 93 प्रतिभागी भाग लेने पहुंचे हैं। भारत का प्रतिनिधित्व नार्थ इदगाह कॉलोनी, आगरा निवासी हिना और रजत विज कर रहे हैं। रजत और हिना विज इससे पूर्व वर्ल्ड क्रॉसबो चैंपियनशिप में विश्व विजेता बन चुके हैं। विगत वर्ष आगरा में भी उन्होंने वर्ल्ड क्रासबो चैंपियनशिप का आयोजन करवाया था। रजत विज ने बताया कि .22 बेंचरेस्ट शूटिंग स्पोर्ट्स है। निशाना हाथ को एक बैंच पर रखकर बारीकी से लगाना होता है।
निशानेबाजी का ये खेल आत्मविश्वास और एकाग्रता को बढ़ाता है। भारत में ये खेल अभी अधिक लोकप्रिय नहीं है। बेंचरेस्ट चैंपियनशिप में रजत विज ने अभी तक 750 में से 720 स्कोर किया है वहीं हिना विज का स्कोन 660 है। रजत विज इंडिया क्रॉसबो एंड बेंचरेस्ट शूटिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष और हिना विज उपाध्यक्ष हैं।
वर्ल्ड बेंचरेस्ट शूटिंग फेडरेशन के अध्यक्ष फ्रेकोइस लुसियानी ने हिना और रजत के कौशल की सराहना की और भारत में इस खेल के प्रचार के लिए आग्रह भी किया है।
: पराक्रम में दिखेगी शहर के डॉक्टरों की खेल प्रतिभा
Sat, Aug 31, 2024
आईएमए द्वारा दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता में 300 से आधिक डॉक्टर परिवार सहित लेंगे भाग
श्रीराम सेन्थेनियल स्कूल दयालबाग में 1 सितम्बर को होगा शुभारम्भ।
आगरा। देश विदेश में चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले शहर के डॉक्टर अब खेलकूद में अपना हुनर दिखाएंगे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आगरा द्वारा दो दिवसीय पराक्रम खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन 31 अगस्त व 1 सितम्बर को किया जा रहा है। जिसके तहत 31 अगस्त को दयालबाग स्थित खेलगांव में फुटबॉल मैच व 1 सितम्बर को दयालबाग स्थित श्रीराम सेन्थेनियल स्कूल में दोपहर 1 बजे से शाम 8 बजे तक लगभग 9 खेलों की विभिन्न वर्गों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जिसमें 300 से अधिक डॉक्टर अपने परिवार के साथ हिस्सा लेंगे।
तोता का ताल स्थित आईएमए भवन में आयोजित आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा टीशर्ट, मेडल व प्रमाण पत्र का लोकार्पण किया। अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल व सचिव डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि चार कैटेगरी में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। पहली कैटेगरी में 13 वर्ष से कम दूसरी में 13 वर्ष से अधिक, तीसरी में 45 वर्ष से कम व चैथी कैटेगरी में 65 वर्ष से अधिक उम्र के डॉक्टर व उनके परिवारीजन भाग ले सकेंगे। सभी विजेता प्रतिभागियों को मेडल व सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। उद्घाटन 1 सितम्बर को शाम 6 बजे एसएन मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. प्रशान्त गुप्ता एवम आईपीएस श्री केशव चैधरी करेंगे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अशांक गुप्ता व डॉ. विक्रम अग्रवाल ने बताया कि खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन करने का उद्देश्य समाज को स्वस्थ और तंदरुस्त रहने के लिए फिजिकल एक्टीविटी के लिए प्रेरित करना है। साथ ही शहर के सभी डॉक्टरों के लिए एक ऐसा मौका उपलब्ध कराना है, जिससे वह मरीजों के स्वास्थ्य के साथ अपनी फिटनेस का भी खयाल रखने के लिए प्रोत्साहित होंगे। 1 सितम्बर को 100, 200 व 400 मीटर की दौड़, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, ओपन चेस, स्वीमिंग, टेबल टेनिस, कैरम, लॉन टेनिस की प्रतियोगिताएं होंगी।
इस अवसर पर डॉ. अरुण जैन भी मौजूद थे।
: आगरा की महिला पहलवान श्वेता पारस का SAI में हुआ चयन
Sat, Jun 1, 2024
Agra. कुश्ती में आगरा को अंतरराष्ट्रीय पटल पर अलग पहचान दिलाने और आगरा का नाम रोशन करने का सपना संजोकर कुश्ती के मैदान में उतरने वाली आगरा की श्वेता पारस आखिरकार स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के रीजनल सेंटर लखनऊ पहुंच गई है और उसने यहां पर दाखिला भी ले लिया है। जहां वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहलवानी की तकनीकियों को सीखेंगी और अपनी प्रतिभा को भी निखार सकेगी। वहां वह सबसे कम उम्र की महिला पहलवान हैं। देश के विभिन्न जनपदों से आईं महिला पहलवानों के साथ प्रशिक्षक के दिशा-निर्देशों में अभ्यास करेंगी। उम्मीदों से लबरेज श्वेता का कहना है कि आगरा की कुश्ती को अंतरराष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने का उनका सपना है।
पिता से मिला है लड़ने का जज्बा
श्वेता पारस रहती है कि लड़ने का जज्बा उन्हें पिता से मिला है। पिता गरीब असहाय लोगों के साथ साथ बच्चों के हक के लिए लड़ते हैं तो उसने भी लड़ने को ही अपना कैरियर और सपना चुन लिया। इसलिए उसने कुश्ती खेल को चुना और आगरा के साथ-साथ भारत को कुश्ती में अंतरराष्ट्रीय पटेल पर पहचान दिलाने के लिए कवायद शुरू कर दी। पिता के मार्गदर्शन और सहयोग से आज उस साई (SAI) में भी एडमिशन मिल गया।
पुरुष पहलवानों के साथ की शुरुआत
श्वेता के पिता सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस कहते हैं कि शुरुआत में श्वेता की कुश्ती को लेकर लोगों ने आलोचना की थी। कहा था कि यह मर्दों का खेल है लड़की नहीं खेल पाएगी। इसके हाथ-पैरों में चोट लग जाएगी तो जीवन बर्बाद हो जाएगा, लेकिन श्वेता ने इस चुनौती को स्वीकार किया और पुरुष पहलवानों के बीच कुश्ती सीखना शुरू किया। आठ महीनों के अभ्यास में ही उन्होंने जिले से लेकर राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में छह गोल्ड मेडल झटक कर अपने इरादों को जता दिया कि यह तो अभी सिर्फ शुरुआत भर है, मंजिल तो अभी दूर है। श्वेता के प्रदर्शन से प्रभावित होकर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के रीजनल सेंटर लखनऊ में प्रशिक्षण के लिए उनका चयन हो गया। नरेश पारस कहते हैं कि हमारी छोरी छोरों से कम नहीं है। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए उत्सावर्धन की बहुत अधिक आवश्यकता है। श्वेता से प्रेरणा लेकर निश्चित ही अन्य लड़कियां कुश्ती के खेल में आगे आएंगी।
उन्होंने कहा कि लड़कों को काबिल बनाने के लिए हर कोई दूध, घी और बादाम खिलाता है लेकिन लड़कियों को पर कोई ध्यान नहीं देता है। नरेश पारस ने श्वेता को ड्राई फ्रूट्स खिलाने के साथ-साथ वह उसे अभ्यास कराने के लिए खुद हर रोज एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम ले जाते थे। पुरुषवादी सोच को बदलने का प्रयास किया।
कुश्ती प्रेमियों ने जताया हर्ष
श्वेता का चयन होने पर कुश्ती प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। आगरा की कुश्ती को उम्मीदों के नए पंख मिल गए हैं। श्वेता के चयन पर जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष नितेश शर्मा, सचिव नेत्रपाल सिंह चाहर, प्रशिक्षक पुष्पेंद्र सिंह, एमडी खान, अजय चाहर, रवि चाहर एवं दुर्गेश बघेल ने हर्ष जताते हुए कहा है कि श्वेता निश्चित तौर पर पूरे देश में कुश्ती के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगरा का नाम रोशन करेगी। इससे शहर वासियों को बहुत उम्मीदें हैं।