: "गीता के आलोक में महामना" विषयक संगोष्ठी का आगाज़, पोस्टर विमोचन से हुई शुरुआत
Fri, Jun 13, 2025
केंद्रीय हिंदी संस्थान में हुआ विमोचन, 15 जून को आगरा कॉलेज में होगा आयोजन
महामना मालवीय मिशन, आगरा संभाग एवं आगरा कॉलेज आयोजित करेगा संगोष्ठी
आगरा। महामना मालवीय मिशन, आगरा संभाग एवं आगरा कॉलेज, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली विशेष गीता संगोष्ठी "गीता के आलोक में महामना का जीवन और प्रेरणा" के प्रचार-प्रसार हेतु कार्यक्रम का पोस्टर विमोचन शुक्रवार को केंद्रीय हिंदी संस्थान में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर संगोष्ठी के अध्यक्ष एवं महामना मालवीय मिशन, आगरा संभाग के अध्यक्ष प्रो. उमापति दीक्षित ने पोस्टर का अनावरण करते हुए कहा कि “महामना पं. मदन मोहन मालवीय का जीवन गीता के आदर्शों का मूर्त रूप है। यह संगोष्ठी युवाओं को उनके विचारों से जोड़ने का माध्यम बनेगी।”
विमोचन कार्यक्रम में संगोष्ठी के संयोजक राकेश चन्द्र शुक्ला, महासचिव, महामना मालवीय मिशन, आगरा संभाग ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की और बताया कि यह संगोष्ठी 15 जून 2025, रविवार को सायं 5 से 8 बजे तक आगरा कॉलेज के सेमिनार कक्ष में आयोजित की जाएगी।
मुख्य अतिथि के रूप में पूरन डावर, सुप्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। प्रो. सी. के. गौतम, प्राचार्य, आगरा कॉलेज, विशिष्ट अतिथि होंगे। प्रभारी गीता प्रकोष्ठ प्रो. हरिवंश पाण्डेय और आचार्य प्रेम प्रकाश शास्त्री अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
पोस्टर विमोचन के अवसर पर कार्यक्रम के मूल उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए हेमंत द्विवेदी ने कहा कि “गीता भारतीय जीवन-दर्शन की कालजयी धरोहर है और महामना मालवीय का समूचा जीवन इसी ज्ञान के आलोक से अनुप्राणित था। यह संगोष्ठी न केवल श्रद्धांजलि है, बल्कि एक वैचारिक संवाद भी है, जो वर्तमान पीढ़ी को आत्मबोध और राष्ट्रबोध की दिशा में प्रेरित करेगी।”
प्रभारी गीता प्रकोष्ठ प्रो. हरिवंश पाण्डेय ने बताया कि श्रीमद् भागवत गीता को संगोष्ठी के माध्यम से हम प्रबोधन के रूप में प्रस्तुत करेंगे। गीता हमारे प्रत्येक कर्म में है। समाज में बदलाव तभी आएगा जब हम अंतर मन से गीता के हर श्लोक को आत्मसात करेंगे।
विमोचन कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार सिंह, वेद प्रकाश त्रिपाठी, प्रो लवकुश मिश्रा, हरिओम त्रिवेदी, डॉ भोजराज शर्मा, डॉ अशोकनाथ जैसल आदि उपस्थित रहे।
: भारत विकास परिषद 'अमृतम' ने दिया पर्यावरण सरंक्षण का संदेश, 500 कपड़े के थैले वितरित
Wed, Jun 4, 2025
आगरा। एक थैला बदल सकता है कल, पॉलिथीन नहीं, कपड़े का थैला अपनाएं। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद 'अमृतम' द्वारा “पॉलिथीन हटाओ, पर्यावरण बचाओ” अभियान की शुरुआत करते हुए ताज नगरी को स्वच्छ और हरित बनाने का संकल्प लिया गया। बुधवार को ताज नगरी स्थित पार्श्वनाथ पंचवटी अपार्टमेंट से पर्यावरण बचाने की ये संकल्प यात्रा शुरू हुई। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों के बीच 500 कपड़े के थैलों का वितरण किया गया। अपार्टमेंट में निवास कर रहे करीब 400 परिवारों को पर्यावरण की रक्षा का संकल्प दिलाया गया और यह संदेश दिया गया कि खरीदारी के समय पॉलिथीन की जगह कपड़े के थैले का उपयोग करें।
संस्था के अध्यक्ष कुलभूषण गुप्ता (राम भाई) ने बताया कि यह जागरूकता अभियान पूरे वर्ष विभिन्न स्थानों पर चलाया जाएगा। प्रत्येक स्थान पर 500 कपड़े के थैले वितरित किए जाएंगे ताकि पर्यावरण के प्रति जनमानस में चेतना जागे।
संस्थापक संरक्षक उमेश बाबू अग्रवाल ने कहा कि पॉलिथीन न केवल भूमि को प्रदूषित करती है, बल्कि वायुमंडल में जहर घोलती है। जलवायु परिवर्तन का एक बड़ा कारण प्लास्टिक और पॉलिथीन का अत्यधिक उपयोग है। हमें छोटे स्तर से ही सही, पर इसके बहिष्कार की पहल करनी होगी।
संस्था के सचिव राजीव गोयल ने जानकारी दी कि इस अभियान के अगले चरण में गुरुवार को फुव्वारा चौक पर ठंडे दूध व शरबत की प्याऊ के साथ-साथ पौधों एवं कपड़े के थैले का वितरण भी किया जाएगा, जिससे गर्मी में राहत के साथ हरियाली को भी बढ़ावा मिले।
इस अभियान में प्रमुख रूप से कोषाध्यक्ष मयंक जैन, महिला प्रभारी उपाध्यक्ष रेखा अग्रवाल, पर्यावरण उपाध्यक्ष विकास गोयल, संस्थापक/ संरक्षक उमेश बाबू अग्रवाल, विजय अग्रवाल, आर एस गुप्ता, गौरव बिंदल, मनीष अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, सत्यप्रकाश जैन, दीपक भार्गव,भावना भार्गव, सीए पीयूष गोयल ,विकास वर्मा , पारसनाथ पंचवटी अपार्टमेंट के सचिव हरीश आहूजा, गौरव बिंदल आदि उपस्थित रहे।
: “एक देश, एक चुनाव” समय की माँग - अरुण सिंह
Sat, May 3, 2025
डॉ. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल, अतुल्य भारत कल्चरल सेंटर में आयोजित हुई संगोष्ठी
संगोष्ठी में सैंकड़ों की संख्या में प्रबुद्धजनों ने लिया भाग, हुआ, मंथन
आगरा। डॉ. एमपीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा डॉ. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल, अतुल्य भारत कल्चरल सेंटर में शनिवार को “एक देश, एक चुनाव” विषय पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद अरुण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और विषय पर विचार व्यक्त किए।
अरुण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि "एक देश, एक चुनाव" की अवधारणा भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक सशक्त, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनावों के कारण प्रशासनिक मशीनरी प्रभावित होती है, विकास कार्यों में रुकावट आती है और देश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। समन्वित चुनावों से नीति निर्माण में निरंतरता बनी रहेगी, संसाधनों की बचत होगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी।
एक साथ चुनाव देश को ले जाएगा स्थायित्व और पारदर्शिता की ओर
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूरन डावर ने कहा कि एक साथ चुनाव भारत को स्थायित्व और पारदर्शिता की दिशा में ले जाएगा। विशिष्ट अतिथि डॉ. एमपीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरपर्सन स्क्वाड्रन लीडर ए.के. सिंह ने कहा कि यह कदम प्रशासनिक बाधाओं को कम करेगा और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावशाली बनाएगा, जबकि जगत सिंह फौजदार ने इस विचार को लोकतंत्र की आर्थिक मजबूती के लिए आवश्यक बताया।
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत पौनियां ने कहा कि यह व्यवस्था पंचायत से लेकर संसद तक चुनाव प्रणाली में सुधार लाएगी। जिला संयोजक श्याम भदौरिया ने इसे जनभागीदारी को सशक्त बनाने वाला निर्णय बताया। सांसद राजकुमार चाहर ने इस व्यवस्था को विकास कार्यों में निरंतरता लाने वाला बताया। प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकतांत्रिक सुधारों के विज़न का अहम हिस्सा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि देश को एक नई दिशा देने के लिए यह एक आवश्यक पहल है। विधायक रानी पक्षालिका सिंह ने जनता को बार-बार मतदान से राहत मिलने की बात कही, जबकि विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने इसे लोकतंत्र की दक्षता बढ़ाने वाला विचार बताया। विधायक छोटेलाल वर्मा ने कहा कि इससे प्रशासनिक प्रक्रिया में स्थायित्व आएगा और योजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने कहा कि इससे गांव से लेकर शहर तक एकरूपता आएगी और विकास में गति आएगी। मंच संचालन एवं व्यवस्था के सह संयोजक यशपाल राणा ने सभी दलों से इस विषय पर सकारात्मक चर्चा की अपील की, जबकि सह संयोजक मातेन्द्र धाकरे ने कहा कि समन्वित चुनाव आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुके हैं। वहीं जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रदीप भाटी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
विशेष रूप से रहे मौजूद
कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि, भारतीय जनता पार्टी के अधिकारी, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सुधीर गर्ग, रंजीत सामा, प्रमोद महाजन, अतुल गुप्ता, सहदेव शर्मा, सोनू (ब्लॉक प्रमुख), अमित बाल्मीकि, उत्तम सिंह, सत्यदेव दुबे, अशोक चाहर, सन्तोष कटारा, योगेन्द्र त्यागी, दिनेश गोयल, देवेन्द्र वर्मा, डॉ. रजनीश त्यागी, राहुल चौधरी, होरा सिंह, मानवेन्द्र राठौर, शिव कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।