Sat 02 May 2026
Breaking News Exclusive
अग्रवाल महासभा ने महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा की पूजन कर मनाया स्थापना दिवस शमसाबाद में भव्यता से निकली भगवान परशुराम शोभायात्रा, ढोल-नगाड़ों व जयकारों से गूंजा नगर सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएगा प्रचार रथ, भाजपा ध्वज फहराकर किया आगरा लोकसभा के विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना शब्द स्वर वंदन में उठा आत्ममंथन का स्वर, युवा पीढ़ी को धर्म से जोड़ने पर जोर झूलेलाल मेले में सिंधी कला, संस्कृति और खान-पान के संगम संग बिखरे कला और संस्कृति के रंग नितेश अग्रवाल बने अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष और महामंत्री बने सतेन्द्र अग्रवाल गौ माता को राष्ट्र माता' बनाने के संकल्प के साथ तहसील पर उमड़ा आस्था का जन-सैलाब! एमएसएमई उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में पीएनबी का मेगा आउटरीच कार्यक्रम आमंत्रण और ध्वज यात्रा के साथ हुआ मां पीतांबरा महोत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ प्रेलुडिएस्टा सिल्वर जुबली जिला स्कूल शतरंज टूर्नामेंट 2026 का भव्य आगाज

सूचना

Pragya News 24 is News Blog to Providing all over News of World.

: सुदामा चरित्र, भगवान का गोलोक गमन, परिक्षित मोक्ष के साथ हुआ सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम

Pragya News 24

Sat, Mar 2, 2024
Post views : 54

आगरा। सुदामा इंद्रियों के बंधनों से मुक्त थे, वास्तव में यही मोक्ष है। इंद्रियां हमें अपने वश में न रखें बल्कि इंद्रिया हमारे अनुसार काम करें। यही वजह है कि धन का अभाव होने पर भी सुदामा दरिद्र नहीं थे, धनहीन थे। क्योंकि धनहीन के पास सिर्फ धन नहीं होता, जबकि दरिद्र हमेशा असन्तुष्ट और तृष्णा से पूर्ण होता है। श्रीहरि सत्संग समिति द्वारा विजय नगर कालोनी स्थित स्पोर्टबज में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में आज कथा व्यास पूज्य श्री मृदुल कान्त शास्त्री ने कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र, भगवान की गृहस्थी का वर्णन, जरासंध वध, शिशुपाल वध, यदुवंशियों को शाप, भगवान का गोलोक गमन, परिक्षित मोक्ष की कथा के साथ कथा को विश्राम दिया।

शास्त्रीजी ने बताया कि पहले राजा व प्रजा ऋषि मुनियों व संतों का सम्मान करते थे। आज आडम्बर का सम्मान है। पहले ब्राह्मण राजा के सामने हाथ नहीं फैलाते थे। सुदामा चरित्र के वर्णन में कहा कि जो सच्चा मित्र होगा, उसके सामने आपको मांगने की आवश्कता नहीं होगी। सच्चा मित्र अपने सखा के मन की व्यथा को समझ सकता है। कहा आज के असुर ज्यादा घातक है क्योंकि उनमें आसुरी गुणों के साथ नास्तिकता भी है। जो राम के अस्तित्व पर प्रश्न करते हैं, श्रीकृष्ण को नकारते हैं। जबकि पहले असुरों में नास्तिकता नहीं थी, वह शिव महादेव और मां दुर्गा के भक्त होते थे। कैलाश पर उत्सव में श्रीकृष्ण ने अतिथियों की झूठी पत्तलें उठाई। ऐसी सेवा ठाकुर जी ने स्वीकार की। ऐसा प्रेम हमें ठाकुर जी से हो जाए तो भगवान हमारे घर के उत्सव में भी ऐसी सेवा स्कीकार कर सकते हैं। वह भगवान इसलिए हैं क्योंकि वह छोटे बनकर रहते हैं। हम इंसान भी नहीं बन पाते क्योंकि हम छोटे रहकर बड़े बनना चाहते हैं। अपना नाम और सम्मान चाहते हैं।

श्रीकृष्ण के 8 विवाह और भौमासुर से मुक्त कराई गईं 16 हजार सौ कन्याओं से विवाह के प्रसंग के साथ बताया कि अष्ठधा प्रकृति ही परमात्मा की आठ पत्नियां हैं। आरती के उपरान्त सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। विनती यही है राधा रानी, कृपा बरसाए रखना…,चले श्याम सुन्दर से मिलने सुदाना… जैसे भजनों पर श्रद्धालुओं ने खूब नृत्य किया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से अध्यक्ष शांति स्वरूप गोयल, महामंत्री उमेश बंसल, संयोजक संजय गोयल, रमेश मित्तल, भगवानदास बंसल, अनिल अग्रवाल, संजय मित्तल जितेन्द्र बंसल, उमेश कंसल, मुख्य यजमान पदमचंद अग्रवाल व रेखा अग्रवाल राकेश शरद, प्रमोद अग्रवाल, अंशु अग्रवाल, मधु गोयल, शशि बंसल, मीनू त्यागी, हरि शंकर अग्रवाल, श्याम सुन्दर अग्रवाल, गोपाल गुप्ता, सतीश मांगलिक, सुरेश चंद गर्ग, वाईके गुप्ता, अजय अग्रवाल आदि उपस्थित थीं।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन