: कमजोर गर्भाशय में भी मिल सकेगा मां बनने का सुख
Mon, Oct 6, 2025
विश्व में पहली बार कोचीन के डॉ. हाफिज रहमान ने कमजोर गर्भाशय में जाली (मेश) लगाकर मजबूत कर पांच महिलाओं की कराई सफल डिलीवरी
आगरा ऑब्सट्रेटिकल एंड गायनेकोलॉजी सोसायटी के नेशनल व यूपी चैप्टर व डॉ. कमलेश टंडन हॉस्पीटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेन्टर द्वारा आयोजित कार्यशाला सम्पन्न, 25 शोधपत्र हुए प्रस्तुत
आगरा। अब कमजोर गर्भाशय को मेश (जाली) लगाकर मजबूत बनाए जाने से ऐसी महिलाओं को भी मां बनने का सुख मिल सकेगा, जो गर्भ धारण नहीं कर पाती थीं। कोचीन के डॉ.हाफिज रहमान ने हर्निया में लगाई जाने वाली जाली (मेश) को गर्भशय पर लगाकर ऐसी पांच महिलाओं की डिलीवरी करवाई है, जो मां बनने की उम्मीद छोड़ चुकी थीं। विश्व में पहली बार ऐसी सफलता भारत में डॉ. हाफिज की इजाद तकनीक (मेश प्लास्टी ऑफ यूट्रस) से मिली है। आगरा के डॉ. अमित टंडन ने भी एक ऐसी महिला की डिलीवरी करवाई जो गर्भाशय कमजोर होने के कारण उनके पास गर्भपात के लिए आई थी। परन्तु मेश लगाकर उसके गर्भशय को मजबूत किया गया तो डिलीवरी सम्भल हो सकी।
आगरा ऑब्सट्रेटिकल एंड हायनेकोलॉजी सोसायटी के नेशनल व यूपी चैप्टर व डॉ. कमलेश टंडन हॉस्पीटल ड टेस्ट ट्यूब बेबी सेन्टर द्वारा ताज होटल एंट कनवेन्शन सेन्टर में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में डॉ. हाफिज रहमान ने अपने व्याख्यान में बताया कि अक्सर गर्भाशय कमजोर होने पर महिलाओं को बार-बार गर्भपात होने से मां बनने का सुख से वंचित रह जाती थी। कार्यशाला में सूचरिंग (टांके लगाने की) हैंड ऑन वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया।
मैट्रो सिटि में 50 फीसदी तक हो रही सिजेरियन, मां बनने का सुख तो चाहिए परन्तु बिना पीड़ा के
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अमित टंडन ने बताया कि गर्भाशय के कमजोर होने का एक कारण सिजेरियन और बार-बार गर्भपात भी हो सकता है। परन्तु आज के दौर में महिलाएं मां बनने का सुख तो चाहती हैं परन्तु बिना दर्द के। सिजेरियन डिलीवरी के अधिक होने का एक मुख्य कारण यही है। छोटे शहरों में लगभग 20-30 प्रतिशत वहीं माट्रो सिटी में 50 फीसदी तक सिजेरियन डिलीवरी हो रही हैं। गर्भावस्था के दौरान शारीरिक व्यायाम न होने से भी कॉम्पलीकेशन बढ़ सकते हैं। नवें महीने पर खूब काम करना चाहिए जिससे महिला की मांसपेशियां व हड्डियों में लचीलापन बना रहे और डिलावरी सामान्य हो सके।
डॉ. नूतन जैन, मुजफ्फरनगर (चेयरपर्सन, यूपी चैप्टर आईएजीई), मीनोपॉज से पहले और बाद में ब्लीडिंग कहीं सैंकर तो नहीं
यूपी चैप्टर ईएजीआई की चेयरपर्सन डॉ. नूतन जैन (मुजफ्फरनगर) ने बताया कि मीनोपॉज से पहले और कई वर्षों बाद होने वाली अधिकता में ब्लीडिंग रसौली या कैसंर का कारण हो सकती है। अक्सर महिलाएं 40 की उम्र में अधिक ब्लीडिंग होने की समस्या को मीनोपॉज समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। वहीं 60-65 की उम्र में भी महिलाएं ब्लीडिंग की समस्या लेकर पहुंचती हैं। 10-12 वर्ष तक रसौली रहने पर वह कैंसर भी बन सकती है। इसलिए जब भी अधिकता में ब्लीडिंग हो डॉक्टर से अवश्य चेकअप करवाएं। हर वर्ष गर्भाशय में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वस्थ रहने के लिए नियमित दिनचर्या, वजन को कंट्रोल में रखना और प्रतिदिन व्यायम करें। हर रोज सेलीब्रेटिंग डे के दौर में महिलाएं महिलाएं खुद के स्वास्थ्य पर ध्या नहीं दे रही हैं।
हर गायनेकोलॉजिस्ट के लिए जरूरी हिस्ट्रोस्कोपी
डॉ. मिलिंद तेलंग (पूना) ने कहा हिस्ट्रोस्कोपी पर अपने व्याख्यान में कहा कि हर गायनेकोलॉजिस्ट के लिए हिस्ट्रोस्कोपी की ट्रेनिंग आवस्यक है। जिससे 10-20 मिनट में सोनोग्राफी की तरह बिना किसी मेडिकेशन के गर्भाशय की स्पष्ट स्थिति को जाना जा सके। यह मरीज के स्वास्थ के लिए भी बहुत आवश्यक है। भारत में मात्र अभी एक प्रतिशत गायनेकोलॉजिस्ट ही इससे प्रशिक्षत हैं। सबी गायनेकोलॉजिस्ट के प्रशिक्षित होने पर गर्भाशय से सम्बंधिक समस्या के इलाज में काफी लाभ सम्भव है। इसके लिए कार्यशाला में भी डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया गया। 4 दिन के कोर्स से इसका प्रशिक्षण लिया जा सकता है।
नई सम्भावनाओं की उम्मीद क साथ सम्पन्न हुआ समापन समारोह
चिकित्सा क्षेत्र में नई सम्भावनाओं की उम्मीद के साथ दो दिवसीय कार्यशाला का समापन समारोह योजित किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अमित टंडन ने सभी सदस्यों को कार्यशाला की सफलता के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यशाला में 25 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजन समिति के सचिव डॉ. वैशाली टंडन, डॉ. संध्या अग्रवाल, डॉ. सरोज सिंह, डॉ. मधु राजपाल, डॉ. रिचा सिंह, डॉ. सुधा बंसल, डॉ. आकृष्टि, डॉ. नमिता, डॉ. रिचा सिंह, डॉ. निधि बंसल, डॉ. रचना अग्रवाल, डॉ. पूनम यादव, डॉ. मीनल जैन, डॉ. अभिलाषा प्रकाश, डॉ. अमिता मंगल आदि उपस्थित थीं।
: आईएमए के प्रसिडेंट इलेक्ट डॉ. हरेन्द्र गुप्ता का बचपन के सहपाठियों ने किया स्वागत
Sat, Oct 4, 2025
आगरा। इंडियन मेडिकल सोसिएशन (आईएमए) के प्रसीडेन्ट इलेक्ट का आज अग्रवाल महासभा व बचपन के सहपाठियों द्वारा गर्मजोशी के साथ स्वागत, सम्मान किया गया। महासभा के महामंत्री विष्णु विहारी गोयल के निवास शंकरपुरी कालोनी, शाहगंज में आयोजित सम्मान समारोह में अग्रवाल महासभा व आईएमए के सदस्यों के साथ डॉ. हरेन्द्र गुप्ता के सहपाठियों (अग्रवाल कालेज के 1974 बैच के साथियों) ने भी उत्साह के साथ भाग लिया।
डॉ. हरेन्द्र गुप्ता ने कहा कि विष्णु विहारी गोयल उनके बचपन के भी साथी हैं। उनके द्वारा सम्मान पाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है, मेरे पुरानी साथी आज भी मुझसे प्रेम करते हैं। 50 वर्ष पुराने दोस्तों ने मिलकर पुरानी यादों को ताजा किया। डॉ. गुप्ता ने कहा कि मरीज और डॉक्टर के बीत एक बेहतर सामन्जस्य व प्रेम का माहौल बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
अग्रवाल महासभा के महामंत्री विष्णु विहारी गोयल ने कहा कि मरीज और डॉक्टर के बीत एक बेहतर रिश्ता बनाने के लिए प्रयासरत आगरा आईएमए अपने प्रयासों में सफलता के आगे बढ़ता रहेगा। डॉ. सुरेन्द्र कुमार जैन ने डॉ. हरेन्द्र गुप्ता को एक जुझारू डॉक्टर बताते हुए उनके चयन पर खुशी जाहिर की।
आकाशवाणी दूरदर्शन के वरिष्ठ उद्घोषक देव प्रकाश शर्मा ने कहा कि हम सभी अग्रवाल कालेज 1974 के बैच के साथी हैं। हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि आज हमारे साथी आईएमए के अध्यक्ष चुने गए हैं।
इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. रजनीश सिंह, डॉ. आरएन गर्ग, सतेन्द्र अग्रवाल, राजकुमारी गर्ग, विजय कुमार गोयल, प्रदीप झा, हरिओम शर्मा, अनिल अग्रवाल, हरिकिशन अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, केके भगत, ओपी रंजन, अक्षय गोपाल, अजय अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
: एंडो-रोबो गायनी 2025 कार्यशाला में जुटेंगे देश विदेश के 400 से अधिक विशेषज्ञ
Wed, Sep 24, 2025
4-5 अक्टूबर को ताज होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा आयोजन
यूरोगायनेकोलॉजी व यूट्राइन एनोमलाइज विषय पर होगा मंथन
कार्यशाला स्थल से किए जाने वाले ऑपरेशनों का होगा लाइव प्रसारण
रोबोटिक टेली सर्जरी के साथ दी जाएगी ट्रेनिंग
आगरा। 4-5 अक्टूबर को ताज होटल एंड कन्वेंशन सेंटर, फतेहाबाद रोड, आगरा पर आयोजित होने जा रही दो दिवसीय एंडो रोबो गायनी 2025 कार्यशाला में देश विदेश के जाने माने 400 से अधिक विशेषज्ञ जुटेंगे। जो आगरा में पहली बार लाइव रोबोटिक, टेली सर्जरी करने के साथ ट्रेनिंग भी देंगे। लैप्रोस्कोपिक विधि से भी सर्जरी की जायेगी। रोबोटिक सर्जरी के लिए चिकित्सा क्षेत्र के नये आने वाले सर्जन को हैंड्स ऑन ट्रेनिंग दी जायेगी। इसके साथ ही बच्चेदानी में जन्मजात से बनावटी कमी व स्त्रियों में मूत्र रोग की समस्या (खांसने व छींकने में पेशाब का निकलना) के इलाज व नई तकनीकों पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे।
आयोजन अध्यक्ष डॉ. अमित टंडन ने आज बाग फरजाना स्थित डॉ. कमलेश टंडन नर्सिंग होम में आयोजित ब्रोचर रिलीज कार्यक्रम में यह जानकारी देते हुए बताया कि आगरा में ऑब्स्ट्रेटिकल एंड गायनेकोलॉजी सोसायटी के नेशनल व यूपीचौप्टर द्वारा संयुक्त रूप से एंडो रोबो गायनी कार्यशाला 2025 का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आपरेशन का लाइव प्रसारण कार्यशाला स्थल ताज होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा। अनियमित माहवारी की समस्या के साथ दर्द होना (एंडोमेट्रियोसिस) के आपरेशन की विशेषज्ञ बारीकियां बताएंगे, प्रश्नों के उत्तर देंगे। 4 अक्टूबर को ही सूचरिंग कॉम्पटीशन भी कराया जाएगा। दूसरे दिन 5 अक्टूबर को मास्टर क्लास के साथ ही महिलाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं व बच्चेदानी में जन्मजात से बनावटी कमी, स्त्रियों में मूत्र रोग की समस्या (खांसने व छींकने में पेशाब का निकलना), बच्चेदानी का कैंसर, लिंग का परिवर्तन (जेंडर अश्योरिंग सर्जरी), बच्चेदानी में दीवार (यूट्राइन सेप्टम), पेशाब की थैली में छेद व लेट्रिन के रास्ते में छेद, आईवीएफ, इनफर्टिलिटि जैसे विभिन्न विषयों के कारण, इलाज व नई तकनीकों पर मंथन होगा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. वैशाली टंडन, डॉ. अनुपम गुप्ता, डॉ. निधि बंसल, डॉ. अदिति सारस्वत, डॉ. रजनी गुप्ता, डॉ. अल्पना श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।
आपरेशन के लिए सम्पर्क करें
कार्यशाला में रियायती दरों पर ऑपरेशन कराने के इच्छुक मरीज डॉ. कमलेश टंडन हॉस्पीटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेन्टर, लाजपतकुंज में सुबह 10 से सायं 7 बजे तक सम्पर्क कर सकते हैं। सभी मरीज अपने पुराने पर्चे व जांच की रिपोर्ट साथ लेकर आयें।