: विश्वकर्मा जयंती और सृजन शक्ति सम्मान: आगरा के उद्यमियों का भव्य संगम
Wed, Oct 8, 2025
आगरा। लघु उद्योग भारती द्वारा विश्वकर्मा जयंती एवं सृजन शक्ति सम्मान समारोह का भव्य आयोजन स्थानीय होटल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। तत्पश्चात् लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए संगठन की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल एक संगठन नहीं, बल्कि उन लाखों उद्यमियों का परिवार है जो अपने कर्म, निष्ठा और सृजनशीलता से राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह संगठन पिछले एक दशक से यह परंपरा निभा रहा है कि उद्यमी अपने सहयोगियों को स्वयं सम्मानित करते हैं, जिससे कार्यस्थल पर प्रेरणा, आत्मीयता और समर्पण की भावना बढ़ती है।
समारोह में 11 विशिष्ट विभूतियों को ‘सृजन शक्ति सम्मान’ से अलंकृत किया गया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में समाज और राष्ट्र उत्थान में अनुकरणीय योगदान दिया। साथ ही 42 से अधिक सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी लगन, सृजनशीलता और निष्ठा के बल पर अपने उद्यम को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्य अतिथि, शैलेंद्र कुमार सिंह, कमिश्नर, आगरा मंडल ने कहा कि जब उद्यमी अपने ही सहयोगियों के योगदान को सम्मानित करते हैं, तो यह सम्मान केवल व्यक्ति का नहीं, बल्कि परिश्रम और समर्पण की भावना का होता है। उन्होंने आगरा के उद्योग जगत की संभावनाओं पर बल देते हुए कहा कि लघु उद्योग क्षेत्र क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन की दिशा में नई क्रांति ला सकता है।
अध्यक्षता उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने की। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल उद्यमिता को सशक्त नहीं कर रही, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की वास्तविक धुरी बन चुकी है। आगरा की धरती सदियों से सृजन और परिश्रम की प्रतीक रही है, और यह आयोजन उसी भावना का सजीव उदाहरण है। उन्होंने संगठन की कार्यशैली और उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का भी सम्मान किया गया जिन्हें हाल ही में राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर पर नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। राकेश गर्ग को राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री, दीपक अग्रवाल राष्ट्रीय सचिव और मनीष अग्रवाल प्रदेश सचिव को पुनः पद प्राप्त होने के लिए सम्मानित किया गया।
स्वागत अध्यक्ष रामसिया विकास गुप्ता और संयोजन एवं संचालन सीए नितेश गुप्ता तथा राजीव बंसल ने कार्यक्रम का संचालन किया। उद्यमियों ने भी अपने प्रेरक विचार साझा किए और संगठन के प्रति समर्पण व्यक्त किया।
धन्यवाद ज्ञापन दिनेश गुप्ता ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में संजीव जैन, अंकुर अग्रवाल, सौरभ गुप्ता, समक्ष जैन, सिविल जैन, पंकज अग्रवाल, नवदीप अग्रवाल, ऋषि नंद, प्रभात गुप्ता आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सृजन शक्ति सम्मान – विशिष्ट सम्मानित विभूतियाँ
इंजीनियर उमेश शर्मा –
पूर्व सदस्य, स्टेट एनवायरमेंटल कमेटी (SEA); औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन में उल्लेखनीय योगदान।
इंजीनियर अजीत फौजदार –
आगरा के औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संवर्धन में सक्रिय भूमिका।
डॉ. एस. सी. अग्रवाल –
वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी; दो अस्पतालों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में विशिष्ट योगदान।
डॉ. पुनीत गुप्ता (MCh) –
युवा कार्डियक सर्जन; दो वर्षों में 300 से अधिक सफल हृदय शल्यक्रियाएँ।
डॉ. अमृत गोयल –
प्रोफेसर, एस.एन. मेडिकल कॉलेज; चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान में योगदान।
आर्किटेक्ट नितिन गुप्ता –
औद्योगिक एवं शहरी वास्तुकला में आधुनिक दृष्टिकोण के प्रवर्तक।
आर्किटेक्ट सौरभ सक्सेना –
औद्योगिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक परियोजनाओं में नवाचार के अग्रदूत।
CA मनोज कुमार खुराना –
35 वर्षों के अनुभवयुक्त वित्तीय सलाहकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता।
CA नवनी भारतीया –
शिक्षिका एवं प्रशिक्षक चार्टर्ड अकाउंटेंट; ज्ञान एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में योगदान।
अरविंद शुक्ला –
समर्पित उद्यमी; भारतीय रेल हेतु उत्पादन सेवाओं में नवाचार का उदाहरण।
शैलेश अग्रवाल –
नवाचारशील उद्यमी; रेल उत्पादन क्षेत्र में गुणवत्ता और समयबद्धता के प्रतीक।
: छत्रपति शिवाजी महाराज की गाथा : भक्ति, नीति और पराक्रम का अद्भुत समन्वय
Wed, Oct 8, 2025
आगरा। कलाकृति कन्वेंशन सेंटर में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा प्रस्तुत ‘जाणता राजा’ महा नाट्य ने भारतीय इतिहास की उस गौरवगाथा को पुनर्जीवित किया जिसमें धर्म, नीति और राष्ट्रभक्ति का संगम झलकता है। मंच पर छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन की झांकी ने स्वराज और आत्मगौरव की भावना को प्रभावशाली रूप में साकार किया। बुधवार को पांचवें दिन की नाट्य प्रस्तुति में औरंगजेब के साम्राज्यिक वैभव के समक्ष शिवाजी महाराज की नीतिपूर्ण वीरता का प्रदर्शन दर्शकों के लिए भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव रहा। शक्ति और साहस से परिपूर्ण उस दृश्य में, जब औरंगजेब प्रतिशोध से भरा होने पर भी शिवाजी महाराज के शौर्य के आगे नतमस्तक होता है, सभागार में तालियों की गूंज और श्रद्धा का मौन एक साथ उपस्थित रहा।
अभिनय, संवाद और साज-सज्जा का समन्वय
कलाकारों के सशक्त संवाद, गंभीर अभिव्यक्ति और जीवंत प्रस्तुति ने हर दृश्य को इतिहास की सांसों से जोड़ दिया। युद्धभूमि, दरबार, और शिवकालीन समाज के दृश्य बारीकी से संयोजित किए गए। प्रकाश, ध्वनि और वस्त्राभूषण का उत्कृष्ट संयोजन दर्शकों को 17वीं शताब्दी की मराठा भूमि में ले गया।
दर्शकों की भावनात्मक सहभागिता
खचाखक भरे परिसर में दर्शकों की उपस्थिति और उत्साह ने यह सिद्ध किया कि ‘जाणता राजा’ केवल एक मंचीय प्रस्तुति नहीं, बल्कि राष्ट्रगौरव की अनुभूति है। हर प्रसंग पर उमड़ता उत्साह और जयघोष यह दर्शाते रहे कि इतिहास जब मंच पर जीवंत होता है, तो वह पीढ़ियों को जोड़ता है।
सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण
‘जाणता राजा’ महा नाट्य ने यह संदेश दिया कि शिवाजी महाराज का जीवन केवल युद्धों की कथा नहीं, बल्कि धर्म, नीति और स्वराज की आदर्श परंपरा है। यह प्रस्तुति भारतीय संस्कृति की उस अटूट ज्योति का प्रतीक है जो युगों से प्रज्वलित है और आगे भी मार्गदर्शन करती रहेगी।
: शरद पूर्णिमा पर महारास देखने को ठहर गए थे चंद्रमा
Wed, Oct 8, 2025
धवल पोशाक में श्रीहरि और जगमगाते दीपों की श्रंखला से जगमगाया श्रीजगन्नाथ मंदिर
यशोदा दामोदर महोत्सव के रूप में मनेगा कार्तिक उत्सव,
राधा रानी के प्रिय कार्तिक माह में प्रतिदिन दीपों से जगमगाएगा श्रीजगन्नाथ मंदिर
कार्तिक मास दीपदान महोत्सव के प्रथम दिन श्वेत पोशाक में भक्तों को दिए दर्शन
आगरा। शरद पूर्णिमा के दिन ही भगवान माता यशोदा से चंद्रमा पाने की जिद पर मचले थे। आज ही यशोदा मैया ने थाली में चंद्रमा दिखाकर श्रीकृष्ण भगवान को बच्चों की तरह बहलाया था। वहीं महारास का परमानन्द ब्रजवासियों को शरद पूर्णिमा के दिन ही मिला था। जिसे देखने के लिए चंद्रमा भी ठहर गए थे। श्रीहरि की अन्य लीलाएं भी कार्तिक माह में हुई थीं। राधारानी के प्रिय कार्तिक मास दीपदान महोत्सव का शुभारम्भ आज श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कान, कमला नगर) में भक्तिभाव के साथ किया गया। मंगला आरती, संकीर्तन पर 2100 दीपदान के साथ आज सम्पूर्ण मंदिर जगमगा रहा था। आज श्रीहरि ने बहन सुभद्रा व भाई बलराम संग धवल पोशाक में श्रद्धालुओं को दर्शन दिए।
प्रातः 4.30 बजे मंगला आरती के साथ आज कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में कार्तिक मास दीपदान महोत्सव का शुभारम्भ हुआ। जिसमें भक्तों ने दामोदराष्टकम, दीपदान कर तुलसी मैया की आरती की। हरे रामा हरे कृष्णा… संकीर्तन और भगवान के अलौकिक दर्शन ने हर भक्त को भक्ति के सरोबर में डुबकी लगवाई। इस्कान आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप ने बताया कि कार्तिक मास में प्रतिदिन दामोदराष्टम व गोपीगीत होगा। प्रतिदिन 2100 दीप मंदिर परिसर में प्रज्ज्लित कर दीपदान किया जाएगा। भगवान के विभिन्न वेश और गोपाष्टमी, बैकुण्ठ चतुर्दशी, दीपावली, देवउत्थान एकादशी सहित विभिन्न उत्सव भक्तिभाव के साथ मनाए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, आशु मित्तल, संजीव मित्तल, संजीव बंसल, शैलेश बंसल, राजेश उपाध्याय, संजय कुकरैजा, ओमप्रकाश अग्रवाल, शैलेन्द्र, नितेश अग्रवाल, अदिति गौरांगी आदि उपस्थित थे।
10 वर्ष बाद नए सिंहासन पर विराजन हुए भगवान जगन्नाथ
आज शरद पूर्णिमा के अवसर पर भगवान जगन्नाथ बहन सुभद्रा व भाई बलराम संग नए सिंहासन पर विराजमान हुए। श्वेत पोशक धारण किए भगवान के अलौकिक दर्शक को हर भक्त उत्सुक था। मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने बताया कि 10 वर्ष बाद भगवान को शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर नए सिंहासन पर विराजमान किया गया है।
पूरे माह होंगे यशोदा दामोदर के दर्शन
त्रैता युग में दीपावली के दिन श्रीराम अयोध्या वापस आए थे, परन्तु द्वापर युग में दीपावली के दिन यशोदा माता ने भगवान को ओखल से बांध दिया था। यह ऐसी लीला है जिसे कोई देख भी नहीं सका। भक्ति के कारण श्रीहरि माता से प्रेमवश बंधे थे। इसी भक्ति को नमन करने के लिए कार्तिक माह में प्रतिदिन यशोदा-दामोदर के दर्शन होते हैं। श्रीकृष्ण की सभी लीलाएं कार्तिक माह में हुई। गौचारण गिर्राज धरण, महारास, कालिया नाग मर्दन, इंद्र दमन, गोवर्धन पूजा, समुन्द्र मंथन सभी लीलाए कार्तिक मास में हुई। श्रीकृष्ण का जन्म भादों में परन्तु नामकरण कार्तिक माह में ही हुआ था।