: वाइल्डरनेस से भरपूर है बेरा के शहंशाओं का आशियाना- हरविजय सिंह बहिया
Tue, Mar 12, 2024
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा और छांव फाउंडेशन आगरा के द्वारा फतेहाबाद रोड स्थित शिरोस हैंग आउट कैफे पर 11 मार्च 2024 को
‘संवाद‘
कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मोटर स्पोर्ट्स क्षेत्र में नाम कमाने वाले हरविजय सिंह वाहिया को आमंत्रित कर
‘‘वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी’’
और उनके नये अभियान तेंदुए का अध्ययन करने और अनुभवों पर पुस्तक लिखने आदि के विषय में विस्तार से चर्चा की गयी।
बेहद फुर्तीला होता है तेंदुआ
हरविजय सिंह वाहिया ने बताया कि चालाक और फुर्तीले तेंदुए के स्वच्छंद आचरण का अध्ययन और फोटोग्राफी सहज नहीं है, कई साल के लगातार अध्ययन क्रम के बाद अब वह जान सके हैं कि तेंदुए का वन जीव के रूप में स्वाभाविक आचरण, उसकी क्या जरूरतें हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें तेंदुए की प्राकृतिक रूप में मौजूदगी वाले आगरा के निकट बेरा (राजस्थान के पाली जिले की बाली तहसील) के जंगलों में लगातार घूमना पडा तमाम असुरक्षित स्थितियों का सामना करना पड़ा, जिनमें से ज्यादातर जिंदगी के लिये अपने आप में चुनौती रहीं।
उन्होंने कहा कि तेंदुए के इस अध्ययन अभियान में केवल कैमरे के साथ कई कई दिन तक सडक विहीन उस जंगल में खूब भटके। उनके लिये हर पल आत्मबल बढ़ाने और प्रकृति की महिमा का अहसास वाला था। तेंदुआ एक निहायत फुर्तीला और अपनी असुरक्षा को भांप तत्काल पैंतरे बदलते रहने वाला वन्य जीव है। इसलिये उसे कैमरे में कैद करना कभी आसान नहीं रहा। खुली जीप का कुशल और ट्रिकी चालन तथा कैमरे को किसी भी पल के लिये तैयार रखना इस अध्ययन अभियान में नियमित रहा। सुबह चार बजे से जंगल में निकल जाने और सड़क शून्य स्थितियों में भटकना अपने आप में एक ऐसा अनुभव है, जिसके रोमांच का अनुभव अपने आप में एक यादगार है।
वाइल्डरनेस से भरपूर है बेरा के शहंशाओं का आशियाना
संवाद के दौरान वाहियाजी ने बेरा गांव के जंगलों के बनाये विडियो और खींचे गये फोटोग्राफ का भी प्रदर्शन किया। मल्टी मीडिया पर किया गया यह प्रदर्शन उन सभी के लिये अत्यधिक प्रेरक रहा जो कि जंगल और वन्य जीवों से लगाव रखते हैं। उनका वाइल्ड लाइफ से लगाव 5 साल की उम्र से है, उन्होने अपने अफ्रीका प्रवास के समय हाथी, बाबून और कई जानवरों का सामना किया है।
प्रदर्शन के दौरान ही अपनी भावी योजना के बारे में बताते हुए कहा कि वह शीघ्र ही तेदुओं के रोमांच भरे अभियान को एक किताब के रूप में सामने लायेंगे। फोटोज से भरपूरता वाली यह किताब हालांकि आत्म संतुष्टि के लिये ही लिख रहे हैं, लेकिन अगर फोटोग्राफी और वन्यजीव क्षेत्र से जुड़े अध्ययनकर्ताओं के उपयोग में भी यह आ सके तो उन्हे खुशी होगी और वह अपने प्रयास को भविष्य के लिये अधिक प्रेरक मानेंगे। तेंदुओं के जीवन को निकटता से देखना उनके लिए उन तमाम सटीक जानकारियों से रू ब रू करवाने वाला रहा है, जो कि विपरीत स्थितियों में तमाम वन्यजीवों के लिए उनकी जिंदगी का हिस्सा होते हैं। रेबारी जनजाति और लेपर्ड बड़े आराम से रहते हैं, रेबारी पुरुष लाल पगड़ी पहनते हैं, उनको ट्रिबूत देने के लिए श्री वाहिया ने भी लाल टोपी पहनना शुरू किया है।
कोविड 19 की आपदा को बनाया अवसर
हरविजय सिंह वाहिया आगरा वालों के लिये नये नहीं हैं, मोटर स्पोर्ट्स क्षेत्र में तो उनकी इंटरनेशनल पहचान है। वह कुछ न कुछ ऐसा नया करते रहते हैं जो उनके लिए भले ही स्वंत सुखाय ही हो किंतु युवाओं के लिये तो सकारात्मक दिशा में सक्रियता के प्रेरक ही होता है। कई साल तक चले कोरोना काल की हताशा के माहौल में वाहियाजी ने फोटोग्राफी का अध्ययन किया और दक्षता हासिल की। हालांकि इससे पूर्व भी वह भरतपुर की केवलादेव बर्ड सेंचुरी और कीठम स्थित सूर सरोवर बर्ड सेंचुरी जा कर चिडियों के फोटोग्राफ करते रहे थे। अपने अध्ययन और शौक को पूरा करने के लिये उन्होंने फोटोग्राफी संबंधित साहित्य मंगवाया साथ ही आधुनिक उपकरण भी खरीदे। स्थापित मित्र फोटों ग्राफरों के सुझाव पर मंगवाए इन उपकरणों में से कई तो ऐसे हैं जो कि आगरा में बहुत कम फोटोग्राफरों के पास होंगे।
प्रकृति को कैमरे में कैद करने का शौक
कोरोना काल समाप्त हो जाने के बाद उनके फोटोजं की उत्कर्षता को फोटोग्राफी और मीडिया जगत में ख्याति मिली। वाहियाजी की हमेशा कुछ नया और अद्वितीय करने की प्रवृत्ति रही है, शायद यही कारण रहा होगा कि उन्होंने अपनी फोटोग्राफी और अध्ययन को कुछ समय से तेंदुओं के अध्ययन पर केंद्रित किया हुआ है। राजस्थान के पाली जिले की बाली तहसील के बेरा स्थित गांव में तेंदुओं की वन्यजीव के रूप में मौजूदगी है, वे यहां के वन क्षेत्र में स्वच्छाचरण करते हैं, उनकी जीवन शैली पूरी तरह से प्राकृतिक है, चूंकि तेंदुओं पर देश में बहुत कम शोध और मौलिक काम हुआ है। यह कमी शायद वाहियाजी के अध्ययन अभियान के किताब के रूप में आने के बाद दूर हो जायेगी।
फोटोग्राफी क्षेत्र में भी अपेक्षायें
सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के सेक्रेटरी और छांव फाऊंडेशन के एडवाजरी बोर्ड के मेम्बर अनिल शर्मा ने कहा कि हरविजय सिंह वाहिया को अपने बीच पाकर हम अभिभूत हैं। कार रैलियों में भाग लेकर उन्होंने आगरा का नाम रोशन किया है। मोटर रैली क्षेत्र में उनकी अंतर्राष्ट्रीय पहचान है। अब वह वन्यजीव अध्ययन कर किताबें लिखने के कार्य में जुड़े हुए हैं, निश्चित रूप से आने वाले वक्त में वह जंगल, वन्यजीव क्षेत्र के लेखक के रूप में भी स्थापित नाम होंगे। यही नहीं उनके फोटोग्राफ देश विदेश की प्रदर्शनियों में विशिष्ट आकर्षण होंगे।
एसिड पीड़िताओं के लिये प्रेरक
छांव फाउंडेशन के डायरेक्टर आशीष शुक्ला ने कहा कि हरविजय सिंह वाहिया हमेशा सक्रिय रहते हैं। उनके बारे में अक्सर मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारियां सामने आती रहती हैं। हर्ष का विषय है कि आज वह स्वयं अपने साहसिक अभियानों के बारे मे बताने के लिये हम सब के बीच मौजूद हैं। निश्चित रूप से ‘एसिड सर्वाइवर ‘युवतियों के लिये भी उनके शौक और साहसिक अभियान प्रेरक हैं। उन्होने कहा कि यह संगोष्ठी ज्ञानवर्धक होने के साथ साथ ही एसिड पीड़ितों की सामाजिक सरोकारों से संवाद शून्यता को समाप्त करने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन ‘आगरा को बेहतर बनाने’ के अभियान में अहम भूमिका हो सकती है और इसके लिये संवाद का आयोजन निश्चित रूप में महत्वपूर्ण अवसर होता है।
संवाद में ब्रिग विनोद दत्ता, महेश शर्मा, सुधीर नारायण, असलम सलीमी, राम मोहन कपूर, डॉ मधु भारद्वाज, देविका बहिया, गोपाल सिंह, आशीष भाटिया, अनिल शुक्ला, अखिलेश दुबे, वत्सला प्रभाकर, शीला बहल, हर्षदीप उप्पल, विक्रम शुक्ल, अजय कक्कर, वेदपाल धार, डॉ प्रियम अंकित, प्रीति कुमारी, सुदेश कुमार, स्वाति मिश्रा, वेद त्रिपाठी, प्रोफ आशीष कुमार, वंदना तिवारी, बी के शर्मा, मनोज तेंगुरिया, मीना कुमार, एम के सक्सेना, प्रवीण शर्मा, मनीषा शुक्ल, कवि अनिल कुमार शर्मा, शाहीन मजाज खान, आरजे अर्जुन, अंटिनिए एरुम आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनिल शर्मा ने किया और आशीष शुक्ल ने धन्यवाद दिया।
: चौधरी साहब को सिर्फ भाजपा ने दिया हमेशा सम्मान: राजकुमार चाहर
Sun, Mar 10, 2024
आगरा। एनडीए गठबंधन में शामिल होने के बाद राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता उत्साहित नजर आ रहे हैं। रविवार को इसकी बानगी साफ दिखाई। फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत रोहता नहर स्थित मैरीगोल्ड मैरिज होम में राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता सम्मेलन में सांसद एवं किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष महेश जाटव की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन के दौरान चौधरी चरण सिंह के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया।
सम्मेलन में राजकुमार चाहर ने कहा कि एनडीए गठबंधन में शामिल होने के बाद राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं को भाजपा परिवार की तरफ से छोटे भाई की तरह पूरा सम्मान मिलेगा। कार्यकर्ताओं का स्वाभिमान सर्वोपरि होता है, और यही नीति भाजपा की पहचान है। राष्ट्रीय लोकदल की नीतियां सदैव चौधरी चरण सिंह से प्रभावित रही हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के पिता चौधरी अजीत सिंह ने अपने पिता के आदर्शों कर चलकर मुकाम स्थापित किया, आज चौधरी जयंत सिंह भी सही जगह पर आकर राजनीति में प्रमुख चेहरे बन रहे हैं। चौधरी चरण सिंह को भाजपा ने हमेशा सम्मान दिया। उनकी नीतियों का अनुसरण किया। उनको भारतरत्न भी भाजपा सरकार में ही मिला है, जबकि विपक्षी पार्टियां उनके नाम कर राजनीतिक रोटियां सेंकती रही।
राष्ट्रीय लोकदल के बृज क्षेत्र अध्यक्ष बृजेश चाहर, प्रदेश प्रवक्ता कप्तान सिंह चाहर समेत अन्य वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि राजकुमार चाहर की जीत, पिछली जीत से बड़ी होगी। राजकुमार चाहर ने अपने संसदीय कार्यकाल में विकास की सौगातें दी गई हैं। सींगना में आलू अनुसंधान केंद्र की स्थापना से लेकर हर घर नल योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं सांसद चाहर की मेहनत का नतीजा हैं। किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पार्टी का पक्ष किसानों के समक्ष मजबूती से रखा है। आगामी दिनों में राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता प्रत्येक बूथ पर जाकर गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में कार्य करेंगे। राजकुमार चाहर की जीत इस बार 8 लाख वोटों से अधिक होगी।
सम्मेलन का संचालन रामवीर सिंह नरवार ने किया। इस मौके पर भाजपा नेता उपेंद्र सिंह,चौधरी गोपीचंद, भूदेव प्रधान, बाबूलाल प्रधान, मानव चौधरी, नेत्रपाल सिंह, मयंक खिरवार, एकता लोधी, उद्घोष राणा, केपी चाहर, पुरूषोत्तम त्यागी, टीकम सिंह, हरदम पहलवान, अमित चौधरी, अशोक चाहर, रनवीर सिंह, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
: आसाराम बापू के भक्तों ने निकाली विशाल न्याय यात्रा
Sun, Mar 10, 2024
महिला उत्थान मण्डल व योग वेदान्त सेवा समिति सहित कई विभिन्न हिंदू संगठनों के लोग निकले
केंद्रीय राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल, सांसद राजकुमार चाहर, राज्य सभा सदस्य नवीन जैन एवं आगरा शहर के माननीय विधायकों को ज्ञापन सौंपे
बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण आसाराम बापू को बेल देने व इलाज की अनुमति की उठाई मांग
आगरा। आज आसाराम बापू के श्रृद्धालू सड़कों पर थे। महिला उत्थान मण्डल व योग वेदान्त सेवा समिति सहित विभिन्न संगठनों ने दीवानी चैराहे से सुभाष पार्क तक विशाल न्याय यात्रा का आयोजन किया। जिसमें अलीगढ़, सादाबाद, फिरोजाबाद, मैनपुरी आदि क्षेत्रों के हिंदू संगठनों ने भाग लिया। दीवानी चैराहे से प्रारम्भ हुई यात्रा का समापन सुभाष पार्क पर हुआ, जहां सभा का आयोजन कर संतश्री आसाराम बापू की बेल व उनके इलाज की अनुमति की मांग की गई।
यात्रा का शुभारम्भ आसाराम बापू की शिष्या साधिका रेखा दीदी ने आसाराम बापू की तस्वीर पर माल्यार्पण व आरती कर किया। वाहनों पर सवार श्रद्धालु हाथों में अपनी मांग की पट्टिकाएं पकड़े व आसाराम बापू के जयकारे लगाते हुए निकले। विशाल न्याय यात्रा के माध्यम से बापू के श्रद्धालुओ ने बापू के लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कोर्ट से बेल देने की मांग की या फिर आयुर्वेद से, प्राकृतिक चिकित्सा, यौगिक चिकित्सा से इलाज कराने की अनुमति देने की बात कही। 86 वर्षीय वयोवृद्ध संत बापू आसारामजी को एक भी ठोस सबूत के बिना केवल एक आरोप के आधार पर आजीवन कारावास की सजा दी गयी है। उनके शरीर में कई गम्भीर समस्याएँ उत्पन्न हुई हैं और दिनों दिन बढ़ रही हैं। पिछले 3 महीनों में बापूजी को कई बार आपातकाल की स्थिति में जोधपुर के एम्स अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त होने पर भी उन्हें आज तक एक दिन की क्या एक घंटे की भी बेल या पेरोल नहीं मिली है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से महिला मण्डल आगरा, साध्वी रेखा बहन, अध्यक्ष रचना गुगलानी, उपाध्यक्षा दिया सेवकानी, अंजू शर्मा, सुनीता सिंह, नीलम सिंह, उमा मल्होत्रा, दीपिका ओबेराय, प्रिया ओबेराय, नीलम पाण्डेय एवं हरनारायण गर्ग, जीवतराम वासवानी, राजकुमार सारस्वत, राजेश चतुर्वेदी, जी. डी. खंडेलवाल, सुधीर यादव, सुनील शर्मा, उदय सिंह राना, किशन गुप्ता, अनिल मैनपुरी, ब्रजेश कटारिया, आश्रम से वेंकट अरावलाजी, नेतराम,परमेश्वर, अजय, प्रकाश तथा राजकुमार भाई आदि उपस्थित थे।