: श्री हनुमान जन्मोत्सव पर भजनों की स्वरलहरियों के साथ हुई अमृत वर्षा
Mon, Apr 22, 2024
आगरा। प्राचीन दक्षिणमुखी श्रीसंकट मोचन हनुमान मंदिर, माल रोड, आगरा पर तीन दिवसीय श्री हनुमान महाजन्मोत्सव की खुशियां बाबा के दरबार में भक्तो ने मनाई
श्री संकट मोचन हनुमान महाजन्ममोहत्सव की शुभ बेला पर सुरेंद्र प्रकाश भारद्वाज (गुरुजी) योगेश प्रकाश भारद्वाज के सानिध्य में भक्तों द्वारा पूजा अर्चना की। सभी भक्तगण परिवार सहित श्री अखंड रामायण पाठ के समापन पर उपस्थित रहे। पाठ के समापन तत्पश्चात प्रसिद्ध भजन गायक बलवीर सिंह बल्लो ने श्रीराम वीर बजरंगी की महिमा का गुणगान भजनों की स्वरलहरियो की अमृत वर्षा से भिगोया। प्रभु के भक्तो ने बाबा के दरबार में झूमते नाचते अपनी उपस्तिथि दी।
भजन, कीजो केसरी के लाल मेरा छोटा सा यह काम,,,, मेरे घर राम आए हैं मेरे घर राम आए हैं,,,,, सियाराम जानकी रहते हैं मेरे सीने में,,,,,आदि भजनों पर भक्त झूमते नजर आए।
सबका कल्याण करने वाले बाबा श्रीसंकट मोचन हनुमान जी का भव्य सजा फूल बंगला रंगबिरंगी रोशनी अदभुद दृश्य भक्तो का उमड़ा सैलाब बारी बारी भक्तो ने दर्शन कर बाबा का आशीर्वाद लिया। बाबा वीर बजरंगी की जयजयकार के उद्घोष के साथ भक्तों ने प्रसादी भंडारे का प्रसाद पाया। सुरेंद्र प्रकाश भारद्वाज (गुरु जी) योगेश प्रकाश भारद्वाज द्वारा सभी भक्तो को शुभकामना दी।
इस अवसर पर समाजसेवी श्याम भोजवानी, अमूल्य कक्कड़, पंडित अवधेश शास्त्री, माधव भारद्वाज, अमित कपूर, गोपाल शुक्ला, राम निवास गुप्ता, मनीष, पंकज, मनोज गुप्ता, अमित बघेल, उमेश, जगदीश, गोपाल आदि भक्त उपस्थित रहे।
: टीबी का मरीज होने पर परिवार के सदस्य व संपर्क में आने वालों की कराएं जांच - मुख्य चिकित्सा अधिकारी
Mon, Apr 22, 2024
आगरा। देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहा है। उपचार के साथ-साथ टीबी के संक्रमण को रोकने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने टीबी के मरीज के परिवार के सदस्यों से भी टीबी की जांच करने के लिए अपील की है। सीएमओ ने कहा कि टीबी का इलाज संभव है, बस जरूरी है कि इसका जल्द से जल्द पता लगा लिया जाए और तुरंत इसका इलाज शुरू कर दिया जाए। घर में यदि टीबी मरीज है तो निकट सम्पर्की जांच कराएं ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि देश को टीबी मुक्त तभी किया जा सकता है, जब टीबी मरीजों को स्वस्थ होने में मदद की जाए और उसके संक्रमण को फैलने से रोका जाए। उन्होंने बताया कि हमें यह भी समझना बेहद जरूरी है कि टीबी के बैक्टीरिया हवा के जरिये संक्रमित व्यक्ति के ड्रॉपलेट्स से फैलते हैं। अगर टीबी मरीज मास्क का इस्तेमाल करता है तो उससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। साथ ही तीन सप्ताह तक लगातार दवाई लेने के बाद भी वह दूसरों को संक्रमित नहीं कर सकता है। यदि आपके घर में कोई टीबी रोगी है तो उसके खाँसने से, छींकने से, थूकने से और यदि रोगी के बहुत नजदीक रहते हैं तो आपको भी टीबी की आशंका है। इसलिए बचाव का बेहद ध्यान रखें ।
टीपीटी से रुक जायेगी टीबी
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि अगर निकट सम्पर्की में भी जांच के दौरान टीबी मिलती है तो आपका तुरंत यथावत इलाज शुरू हो जायेगा और यदि नहीं है तो भी आपको टीबी रोकथाम की दवाई दी जायेगी जिससे आपका टीबी से बचाव हो जाएगा। यह बचाव की दवा आपको 6 महीने तक लेना होगा और इसे एक बार शुरू किया तो जैसे टीबी की दवाई नहीं छोड़ सकते उसी प्रकार इसे भी नहीं छोड़ सकते। इस प्रकार के ट्रीटमेंट को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट कहते हैं या फिर टीपीटी या टीबी रोकथाम इलाज। इसी क्रम में जो पांच साल या उससे कम उम्र के बच्चे हैं उनके लिए विशेषतः यह जानना आवश्यक है कि उनका भी टीपीटी यानी टीबी रोकथाम इलाज भी इसी प्रकार से होता लेकिन इस के लिए आपककी एक बार जांच हो जाए तो डॉक्टर से मिलने होगा वे ही बच्चे की आयु और वजन आदि का हिसाब लगाकर बच्चों की दवाई की मात्रा तय करते हैं।
डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि यदि आप में पहले से टीबी के लक्षण मौजूद हैं जैसे कि लगातार आपका वजन घट रहा है, भूख नहीं लग रही है, खांसी ठीक नहीं हो रही, खांसी में खून आ रहा है, सीने में दर्द रहता है, सांस लेने में परेशानी होती है, रात को पसीना आता है, बुखार रहता है, शरीर में दर्द और थकान रहती है, तो फिर आपके बलगम की जाँच होगी यदि जाँच से पता चलता है कि आपको टीबी है तो आपकी टीबी की दवाई शुरू कर दी जाएगी और यदि पता लगता है कि आपको टीबी नहीं है तो आपका टीबी रोकथाम इलाज शुरू हो जायेगा। यदि आपको कोई भी ऐसे लक्षण नहीं है तो फिर आपको चेस्ट यानी छाती का एक्स-रे करना होगा। एक्स-रे की जाँच में यदि पता चलता है कि आपको टीबी है तो फिर आपका टीबी का इलाज होगा। टीबी रोकथाम का इलाज (टीपीटी) जाँच के लिए किसी भी सरकारी अस्पताल में जा सकते या फिर घर के नजदीक हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में जा सकते हैं। वहां फार्म आदि भरने में आपकी मदद के लिए कोई रहेगा। इलाज संबंधित किसी भी समस्या के निदान के लिए और ज्यादा जानकारी के लिए स्वास्थ्य कर्मियों से आप बात कर सकते हैं। आप प्रण करलें कि स्वयं को और घर में रहने वाले हर व्यक्ति को टीबी से बचाना है और आप को टीबी है तो उसका पूरा इलाज करना है ।
: जीवन की संवेदनाओं की बनावट है वन कन्या
Mon, Apr 22, 2024
ताराचंद मिश्र की काव्य संग्रह पुस्तक वन कन्या का विमोचन होटल ऑरेन्ज में हुआ, वरिष्ठ कवियों ने सराहा
आगरा। वयोवृद्ध जीवन की संवेदनाओं की ऐसी बनावट है वन कन्या जो वर्तमान समय के असंवेदनशील परिवेश की सफलताओं के एक पड़ाव पर पहुंचकर जीवन के सार्थक तत्व की तलाश में है। यादों से शुरु हुई इस संग्रह की कविताएं जीवन के विचित्र चित्रों के सहारे जीवन के सहज स्वीकार को पाठक के सामने रखती हैं। ताराचन्द्र मिश्र की कविता संग्रह वन कन्या के बारे में अतिथियों ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि वन कन्या में समाज की सरलता और गरल शून्य होने का बोध समाज को किसी भी प्रकार के लांक्षन से मुक्त कर निश्चल मन का उदाहरण देता है।
ताराचंद मिश्र द्वारा रचित वन कन्या काव्य संग्रह का विमोचन प्रतापपुरा स्थित होटल ऑरेन्ज में मुख्य अतिथि उप्र हिन्दी संस्थान के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. सोम ठाकुर, नागरी प्रचारिणी सभा के सभापति डॉ. खुशी राम शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मधु भारद्वाज, आचार्य भूपाल सिंह, आचार्य चंद्रशेखर शर्मा ने किया। ताराचंद मिश्र को शुभकामनाएं दीं और काव्य पाठ भी किया। कहा कि वन कन्या में किसी भी प्रकार की राजनीतिक लांक्षन और आकांक्षा नहीं है। इन कवितों ने नित्य प्रति के छोटे-छोटे अनुभव एक बड़ा कैनवास बनाते हैं। हिन्दी क्षेत्र के सामान्य सांस्कृतिक सरोकार इन कवितों में द्खाई देते हैं। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। नूतन ग्रवाल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। संचालन नूतन अग्रवाल ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपेन्द्र सिंह, राहुल कुमार मिश्रा सुशील यादल, मंजुल गर्ग, नीरज तिवारी संजय अग्रवाल, हर्ष शर्मा, रवि गुप्ता, नवीन खंडेलवाल, हेमन्त राय आदि उपस्थित थे।